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छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय हुआ मौसम, अवदाब के प्रभाव से रायपुर सहित कई इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगने के बाद झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है. नदी-नाले उफान पर हैं. बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश हुई है. फिलहाल मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है. आज यानी 7 जुलाई को झारखण्ड और ओडिशा के पास बने अवदाब के कारण मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है. मौसम विभाग ने जानकारी दी कि सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा हुई. इस दौरान अधिकतम तापमान पेंड्रा रोड में 30.8 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है.  इन इलाकों में जमकर बसरे बादल मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पहले दिन 15 सेंटीमीटर वर्षा के बाद दूसरे दिन रायपुर में 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. वहीं बलौदा बाजार में 20 सेंटीमीटर, राजिम में 18, लवन में 17, गिधौरी टुंड्रा, भाटापारा में 16-16, बलौदा, गोबरा नवापारा, बिलाईगढ़ में 15-15, राजनांदगांव, भटगांव, अकलतरा, पौड़ी उपरोड़ा, तिल्दा, चंद्रपुर, खरोरा में 14-14, पिथौरा, रायगढ़, सिमगा में 13-13, तमनार, सोनाखान, मगरलोड, मस्तूरी, भैसमा, बोदरी, पथरिया में 12 12, डभरा, मरीं बंगला देवरी, मंदिरहसौद, सीपत, बिल्हा, तखतपुर, पाली, बम्हनीडीह, कोरबा, बोराई, पलारी, सकरी, सारंगढ़, सुहेला, अड़भार, पामगढ़ में 11-11, बरमकेला, सरसीवा, धारासींव, शिवरीनारायण, सरायपाली, कसडोल, नवागढ़, लोरमी में 10-10, थानखमरिया, पुसौर, सरिया, दर्री, बसना, जांजगीर, डोंगरगढ़, मालखरौदा, पिपरिया, भोथिया, मैनपुर, खैरागढ़ में9-9, कुरूद, धमतरी, कुकरेल, साजा, बिलासपुर, आरंग, बेलारगांव, डौंडीलोहारा, रायपुर शहर, चांपा, मुंगेली, सक्ती, दाढ़ी में 8-8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?  राजधानी रायपुर में आज आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. वहीं बादल के गरजने-चकमने के साथ ही वर्ष और तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आपसास दर्ज हो सकता है.   मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में आज बारिश के आसार  प्रदेश के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों के अधिकांश इलाकों में आज मौसम विभाग ने हल्की से माध्यम बारिश होने की संभावना जताई है. एक-दो स्थानों में भारी वर्षा और बिजली गिरने की चेतवानी है. दो दिन बाद भी इसी तरह का मौसम बने रहने के आसार हैं.

पंजाब में बारिश का कहर! चंडीगढ़ समेत कई शहरों में भारी बरसात, गुरदासपुर में बांध टूटने से खेत जलमग्न

चंडीगढ़ शुक्रवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में बारिश के दौरान छाता ओढ़कर साइकिल से गुजरता एक व्यक्ति। गुरदासपुर में बांध टूटने से पानी खेतों में चला गया।पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून लगातार सक्रिय है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने ट्राईसिटी (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) में अगले 3 घंटों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और रूपनगर।  विभाग के मुताबिक, 9 जुलाई तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चल सकती है। आज पंजाब के ज्यादातर जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान चंडीगढ़ के साथ गुरदासपुर, पठानकोट, फरीदकोट, मोहाली, पटियाला और अमृतसर में में बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। शुक्रवार को गुरदासपुर में भारी बारिश हुई, जिससे बहरामपुर में धुसी बांध टूट गया। इसका पानी गांव मुगलानिचक के खेतों में भर गया। हालांकि, अब पानी निकलने लगा है और हालात सामान्य हो रहे हैं। यह बांध पिछले साल आई बाढ़ में टूटा था, जिसे विभाग ने पक्के तौर पर ठीक नहीं किया था। सीटीईटी कॉलेज के हॉल का एक हिस्सा ढहा चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित सीटीईटी कॉलेज के मल्टीपर्पज हॉल का एक हिस्सा शुक्रवार को ढह गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, क्योंकि भवन को पहले ही असुरक्षित घोषित कर उपयोग के लिए बंद कर दिया गया था। पिछले 24 घंटे में इन जिलों में हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के माझा क्षेत्र और आसपास के जिलों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। इसमें गुरदासपुर में 48.2 मिमी, पठानकोट में 27.2 मिमी, फरीदकोट में 10.4 मिमी मोहाली में 8.5 मिमी, पटियाला में 6.1 मिमी, चंडीगढ़ में 4.6 मिमी और अमृतसर में 2.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बठिंडा रहा सबसे ठंडा दिन और रात दोनों के तापमान में कमी दर्ज की गई है। दिन के समय पंजाब का सबसे अधिक तापमान सामराला (लुधियाना) में 36.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात के समय बठिंडा पंजाब का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, गरज-चमक और बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। इसके अलावा भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की भी सलाह दी गई है। अगले कुछ दिनों तक पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

Punjab Weather: पठानकोट में 5 घंटे की बारिश से जलभराव, चंडीगढ़ भी भीगा; 2-3 दिन में मानसून की एंट्री

चंडीगढ़  पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर और मोहाली में बारिश हुई। इसके साथ ही चंडीगढ़ में बूंदाबांदी हुई। पठानकोट में बारिश के कारण स्कूल खुलने के पहले दिन ही कई बच्चे सुबह से नहीं पहुंच पाए। जबकि मोहाली और जांलधर में ठंडी हवांए चली।पठानकोट में करीब 5 घंटे हुए बारिश के बाद शहर में सड़कों पर करीब 3 से 4 फीट तक जगह-जगह पानी भर गया। इसक अलावा खड्डी नाला उफान पर आ गया, जिससे पानी पुल के ऊपर से जाने लगा। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूरे पंजाब और चंडीगढ़ में यलो अलर्ट जारी किया है। 2-3 दिन में मानसून आने की संभावना है। चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी में 12 बजे तक बारिश का अलर्ट है। पठानकोट में 5 घंटे की मूसलाधार बारिश से थमा जनजीवन मानसून की पहली जोरदार दस्तक ने पठानकोट शहर को पूरी तरह से जलमग्न कर दिया है। आज तड़के सुबह 2 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक लगातार 5 घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगम के विकास के दावों की पोल खोल कर रख दी। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाला 'खड्डी नाला' उफान पर है। मनवाल, सिउंटी सहित जिले के 100 से अधिक गांवों को शहर से जोड़ने वाले रास्तों से गुजरते खड्डी नाला ने रास्ते बंद कर दिए। जिसके चलते लोग समय पर कामों पर नहीं पहुंच पाए। वहीं, शहर में पढ़ने वाले स्कूलों तक नहीं पहुंच पाए। शहर के गांधी चौक, अंदरूण बाजार में बरसात का पानी लोगों की दुकानों में घुसने से भारी नुक्सान हुआ है। लोगों ने बरसात से पहले शहर की निकासी के प्रबंध दरुस्त ना करने पर नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई है। पहले ही दिन स्कूल बंद जैसे हालात गर्मियों की छुट्टियों के बाद आज स्कूल खुलने का पहला दिन था। बच्चे नए उत्साह के साथ स्कूलों के लिए तैयार हुए थे, लेकिन इस मूसलाधार बारिश ने उनके उत्साह पर पानी फेर दिया। सुबह के समय सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी जमा होने के कारण अधिकांश स्कूली बसें अपने गंतव्य (स्कूलों और बच्चों के घरों) तक नहीं पहुंच पाईं। जलभराव के चलते शहर के लगभग सभी स्कूलों में बच्चों की हाजिरी नामात्र दर्ज की गई। कई अभिभावकों को जलभराव के कारण रास्ते से ही बच्चों को लेकर घर लौटना पड़ा। पॉश कॉलोनियों से लेकर मुख्य चौकों तक भारी जलभराव बारिश का सबसे भयानक रूप शहर की सड़कों और रिहायशी इलाकों में देखने को मिला। शहर के मुख्य मार्गों समेत कई प्रमुख कॉलोनियां पानी में डूब गईं। बाउलियां रोड और गांधी चौक: यहां सड़कों पर कई फीट पानी जमा होने से गाड़ियां आधी डूब गईं। वडैहरा मोहल्ला और टीचर कॉलोनी: इन क्षेत्रों में जल निकासी ठप होने से पानी गलियों को पार कर लोगों के घरों के कमरों तक पहुंच गया। पॉश एरिया प्रताप नगर: शहर के इस पॉश इलाके में भी प्रशासनिक नाकामी साफ दिखी, जहां सड़कों पर नाले का गंदा पानी तैरता नजर आया। वहीं औसत अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इसके बावजूद पंजाब का औसत तापमान अब भी सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। मंगलवार को फरीदकोट राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। 30 जून को हिमाचल तक पहुंचा मानसून: मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 जून मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष भागों, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंड के अधिकांश क्षेत्रों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़त दर्ज की है। 2-3 दिनों में पंजाब-चंडीगढ़ तक पहुंचेगा: अगले 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पूरे दमन एवं दीव, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू-कश्मीर तथा हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट: मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब में 2 से 4 जुलाई तथा 6 जुलाई को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में 2 से 6 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

मुंबई में मूसलाधार बारिश का कहर, अंधेरी सबवे बंद, ठाणे सहित कई क्षेत्रों में IMD की चेतावनी

मुंबई  मुंबई में मॉनसून पूरी तरह एक्टिव है. पिछले कई दिनों से लगातार मुंबई में दिन की शुरुआत बारिश के साथ हो रही है. बारिश से हुए जलभराव के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ी है. हालांकि, लोकल ट्रेन सामान्य रूप से चल रही हैं. भारत मौसम विभाग (IMD) ने अंधेरी, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और मुंबई के कई हिस्सों में बारिश को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।  मुंबई में जारी बारिश की वजह से कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ रही है. सड़कें तालाब बन गई हैं और कई इलाकों में जलभराव की वजह से ट्रैफिक ठप है. वहीं, कुछ जगहों पर बारिश की वजह से सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार सुस्त है।  लोगों को घरों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अंधेरी सबवे, मालाड, जोगेश्वरी, कुरला, मुलुंड और कांजुरमार्ग जैसे इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने जलभराव वाले इलाकों से बचने की सलाह दी है।  वहीं, अंधेरी सबवे (अंडरपास) में फिर इतना पानी भर गया है कि आज सुबह 8 बजे के करीब उसे यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. बता दें कि अंधेरी सबवे मुंबई का एक ऐसा रास्ता है जो पूर्व और पश्चिम को जोड़ता है. हर रोज हजारों गाड़ियां और लोग यहां से गुजरते हैं लेकिन मॉनसून की बारिश में अंधेरी सबवे में इतना जलजमाव होता है कि इसे बंद करना पड़ता है।  मौसम विभाग ने बुधवार, 1 जुलाई को भी मुंबई समेत महाराष्ट्र के अधिकतर इलाकों में मध्यम से बारिश की अनुमान जताया है. आसमान में बादल छाए हैं और कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो रही है. IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम की यही स्थिति बनी रह सकती है।  1 जुलाई के लिए मुंबई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।    बता दें कि मुंबई में इस बार मॉनसून सामान्य तारीख से 13 दिन देर से आया, लेकिन अब पूरी तरह एक्टिव है. शहर के जलाशयों में पानी की भरपाई हो रही है, जो अच्छी खबर है लेकिन भारी बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है. मौसम की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में 5 से 6 जुलाई तक मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। 

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, 50 जिलों में अलर्ट जारी; खरगोन में गाज गिरने से 2 की मौत, बैतूल में मिले 2 शव

भोपाल मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है।मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के बड़े हिस्से में आज और आने वाले दिनों में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 50 जिलों में मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की चेतावनी जारी की है। आज भारी बारिश की संभावना मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है। आज भारी बारिश की संभावना मानसून पहले ही पहुंच चुके कुछ जिलों में आज मूसलाधार बारिश हो सकती है। बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में 4 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं, वज्रपात और आंधी का भी खतरा है। खरगोन में दो अलग-अलग घटनाओं में बारिश के बीच आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मजदूर राधेश्याम (30) और गृहिणी केनू (30) की मौत हो गई। केनू का 3 साल का एक बेटा है। वहीं, बैतूल के चिचोली में चंपा नदी उफान पर है। इसके रपटे पर सोमवार रात सिप्लाई निवासी राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक समेत बह गए। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में दोनों के शव मिले। छिंदवाड़ा-सिवनी में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, आज बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच तक पानी गिर सकता है। इनके अलावा 50 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं। इन जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और आलीराजपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है। अभी एक ही जगह पर ठहरा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी। 15 जिले अलीराजपुर, इंदौर, धार, हरदा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में मानसून के पहुंचने की आधिकारिक घोषणा भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद मानसून एक जगह पर ठहर गया। इस वजह से दिन-रात गर्मी का असर भी बढ़ा है। खासकर उत्तरी हिस्से जैसे ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा संभाग के शहरों में पारे में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। फिलहाल आगे बढ़ने के संकेत नहीं प्रदेश में पिछले छह दिनों से बारिश हो रही है। कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इससे प्रदेश की ओवरऑल बारिश के आंकड़े में भी सुधार आया है। 1 जून से अब तक औसत 124.2 मिमी (5 इंच) बारिश होना थी। 75.7 मिमी (3) इंच पानी गिरा है, जो सामान्य से कम है। पूर्वी हिस्से में औसत से 68 प्रतिशत पानी कम गिरा है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत 11% बारिश ही कम हुई है। अलीराजपुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम करीब 2 मिमी बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। इस तरह ओवरऑल 39 प्रतिशत पानी कम गिरा है। इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश     कम बारिश वाले जिले- अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा।     ज्यादा बारिश वाले जिले- भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर। इनमें भोपाल में 6 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है।

फिर बदलेगा उत्तर प्रदेश का मौसम, बारिश–कोहरा–गर्मी का तिहरा असर; कई जिलों में चेतावनी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम तेजी से बदल रहा है। अब धीरे-धीरे सर्दी जा रही है और गर्मी आ रही है। सुबह के समय प्रदेश में घना कोहरा छाया रहता है और लोगों को ठंड का एहसास होता है, लेकिन धूप निकलते ही तापमान में बढ़ोतरी हो जाती है। इसी बीच मौसम विभाग ने एक ताजा अनुमान जारी किया और आने वाले दिनों में मौसम कुछ ऐसा रहने वाला है… बारिश होगी या नहीं? मौसम विभाग के मुताबिक, 22 फरवरी को राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि सुबह के समय पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की गई है। दिन में मौसम साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी, जिससे तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी। इन जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग के मुताबिक गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, मिर्जापुर, गोंडा और बहराइच में सुबह के समय हल्का से घना कोहरा छा सकता है। कोहरे की वजह से दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों, खासकर वाहन चालकों को सावधानी बरतने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कब बढ़ेगी गर्मी? मौसम विभाग के अनुसार, अभी प्रदेश में सुबह और शाम के समय में लोगों को ठंड का एहसास होता है। सुबह के समय घना कोहरा भी छाया रहता है। लेकिन, धूप निकलते ही मौसम साफ हो जाता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। महीने की शुरुआत के मुकाबले दिन और रात दोनों के तापमान में करीब 6 से 7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि फरवरी के अंत में ही गर्मी की आहट महसूस होने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों में तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद तापमान फिर बढ़ने लगेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा।  

मध्यप्रदेश में बिगड़ेगा मौसम: तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से खतरे की आशंका

भोपाल मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने उत्तरी मध्य प्रदेश के 8 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में हो सकती है बारिश मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो फरवरी महीने में यह तीसरी बार बारिश का दौर होगा। इससे पहले माह की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे भी कराया था। पश्चिम विक्षोभ के कारण MP में बदलेगा मौसम… मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि फिलहाल एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, लेकिन उसका असर मुख्य रूप से पहाड़ी राज्यों में दिखाई दे रहा है, जहां बर्फबारी हो रही है। 16 फरवरी से एक नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकांश शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। न्यूनतम तापमान पचमढ़ी का.. ताजा आंकड़ों के अनुसार पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 14.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 15.7 डिग्री और जबलपुर में 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कटनी, सतना, शहडोल, छतरपुर और रीवा के कुछ इलाकों में पारा 10 से 11 डिग्री के बीच रहा। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन में बादल छा सकते हैं। 17 फरवरी को हल्का कोहरा रहेगा। बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रहेंगे।

हरियाणा में फिर होगी झमाझम बारिश और मुसीबत बढ़ाएंगे ओले

हिसार/पानीपत. पहाड़ों पर बर्फबारी के बीच सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने हरियाणा में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदल दिया। रात से शुरू हुई वर्षा और तेज हवा ने दिन-रात के तापमान के फासले को समेट दिया। सुबह 10 बजे तक अधिकतर जिलों में घने बादल छाने से कई बार अंधेरा छाया। वहीं, न्यूनतम तापमान में 5–6 डिग्री का उछाल आया, जबकि अधिकतम तापमान 8–12 डिग्री तक लुढ़क गया। सिरसा, भिवानी और फरीदाबाद के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा, वहीं अधिकांश जिलों में वर्षा रबी फसलों के लिए राहत बनकर आई। मौसम विभाग ने आगे भी बारिश, ठंडी हवाओं और कोहरे की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। आगे कैसा रहेगा मौसम भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे। 27–28 जनवरी को एक और बड़ा पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा को प्रभावित कर सकता है। कैथल (गुहला), कुरुक्षेत्र (पिहोवा, शाहबाद) और अंबाला में आंधी-ओलावृष्टि को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया। नमी बढ़ने से कई इलाकों में घना कोहरा छाने की चेतावनी, यलो अलर्ट प्रभावी। जिलों में ऐसे रहे हालात सिरसा: नाथूसरी चौपटा के 13 गांवों में भारी ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों और चने की फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है। हालांकि, अन्य क्षेत्रों में 8 एमएम वर्षा से फसलों को लाभ भी मिला है। 27 जनवरी तक वर्षा जारी रहने की संभावना है। यमुनानगर: जिले में 20 एमएम वर्षा और तूफान ने भारी तबाही मचाई है। रादौर में लोहे का शेड बिजली लाइन पर गिरा और अमादलपुर में एक प्लाईवुड फैक्ट्री की 110 फीट ऊंची चिमनी गिर गई। शहर के आधे हिस्सों में बिजली आपूर्ति ठप रही, 200 पोल को नुकसान पहुंचा है। अंबाला: जिले में 42.2 एमएम की रिकॉर्ड वर्षा और तूफान के कारण 55 बिजली के पोल टूट गए और 17 ट्रांसफार्मर गिर गए। अधिकतम तापमान में 12 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई। बिजली का ढांचा चरमराने से कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी। चरखी दादरी: वीरवार रात से जारी रुक-रुक कर बारिश से किसानों को करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक का फायदा हुआ है क्योंकि उनकी एक सिंचाई बच गई। हालांकि, 7 फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप होने से तीन लाख लोगों को कई घंटों तक बिजली संकट झेलना पड़ा। जींद: जिले में औसतन 13.7 एमएम वर्षा हुई है, जिसके कारण गणतंत्र दिवस समारोह की रिहर्सल का स्थान पुलिस लाइन से बदलकर अनाज मंडी करना पड़ा। जलालपुर में हल्की ओलावृष्टि हुई, लेकिन फसलों को नुकसान नहीं है। नरवाना में सर्वाधिक 20 एमएम बारिश दर्ज की गई। फतेहाबाद: जिले में करीब 10 घंटे तक हुई 16 एमएम वर्षा से रबी फसलों को संजीवनी मिली है। टोहाना और जाखल में 25-25 एमएम बारिश के कारण बाजारों और सड़कों पर भारी जलभराव हुआ। वसंत पंचमी पर वर्षा और ठंडी हवाओं से ठिठुरन में काफी बढ़ोतरी हुई है। कैथल: शुक्रवार को हुई 35 एमएम वर्षा के कारण बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और लोग घरों में कैद रहे। किसानों के अनुसार यह वर्षा गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद है। 25 जनवरी तक तेज हवाके साथ बूंदाबांदी की चेतावनी है। करनाल: जिले में 20.4 एमएम वर्षा और 8 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली ठंडी हवाओं ने कंपकंपी बढ़ा दी है। शाम को नमी की मात्रा 98 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे घने कोहरे के आसार हैं। पानीपत: कुल 18.2 एमएम वर्षा होने से प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ और एक्यूआई 204 दर्ज किया गया। दिन भर ठिठुरन रही। वर्षा के कारण शहर के निचले इलाकों में जलजमाव देखा गया। रोहतक: शहर में 5 एमएम वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान गिर गया और ठंड बढ़ गई। कृषि वैज्ञानिकों ने इसे फसलों के लिए अच्छा बताया है, लेकिन शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया।

IMD का बड़ा अपडेट: 1 और 2 दिसंबर को इन राज्यों में होगी भारी बारिश

नई दिल्ली मानसून का सीज़न इस बार बेहद शानदार रहा, जिसने देशभर में न सिर्फ पानी की कमी को दूर किया, बल्कि तापमान को भी ठंडा रखकर लोगों को गर्मी से राहत दी। हालांकि अब मौसम ने करवट बदल ली है। साइक्लोन Ditwah के असर से देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 और 2 दिसंबर को विभिन्न राज्यों में भारी बारिश और तूफ़ानी हवा का अलर्ट जारी किया है। केरल में मौसम का मिज़ाज मानसून की पहली दस्तक हमेशा की तरह केरल में हुई थी और राज्य में बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 1 और 2 दिसंबर को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होगी। लोगों को जलभराव और तेज़ हवाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तमिलनाडु में भी बढ़ी सावधानी तमिलनाडु में मानसून के दौरान हुई अच्छी बारिश का असर अब भी महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने 1 और 2 दिसंबर को कई जिलों में जमकर बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान बिजली गिरने और 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज़ हवा चलने की चेतावनी भी दी गई है। अन्य प्रभावित राज्यों और क्षेत्र तटीय आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, अंडमान-निकोबार, माहे, पुडुचेरी, यनम और रायलसीमा में भी 1 और 2 दिसंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। तेज़ हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राजस्थान और दिल्ली में ठंड बढ़ेगी राजस्थान और दिल्ली में मानसून के बाद कुछ दिनों तक हल्की बारिश रही। अब मौसम विभाग ने इन राज्यों में शीत लहर की संभावना जताई है। खासकर सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने की चेतावनी दी गई है।  IMD ने सभी प्रभावित राज्यों में जनता से आग्रह किया है कि वे भारी बारिश, तेज़ हवाओं और बिजली गिरने के संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहें। इसके अलावा, ड्राइविंग और बाहरी गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।  

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश, 29 जिलों में भीगेंगे लोग

पटना बिहार में आज का मौसम बारिश भरा रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार,  राज्य के 29 जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इन जगहों पर अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना और आसपास का मौसम राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक नीचे चला गया है। “क्या आज बारिश होगी?”  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज शाम तक कई जिलों में बारिश के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। आज का मौसम बिहार पूरी तरह से मॉनसून जैसा बना हुआ है। मोंथा तूफान का असर जारी, तीन दिन से लगातार बारिश मौसम विभाग ने बताया है कि मोंथा तूफान के कारण गंगा किनारे के जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इन जिलों में आज होगी बारिश मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज इन राज्य के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, शेखपुरा, बांका, जमुई, नवादा और गया में बारिश की संभावना है। इन जिलों में तेज हवा, वज्रपात और मेघगर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता, रबी फसल पर असर लगातार बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर कटे हुए धान की फसल खेतों में सड़ने लगी है। रबी फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि खेतों में जलजमाव  की स्थिति बन गई है। इसका असर सरसों, आलू और मक्का की बुआई पर पड़ रहा है। कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि 2 नवंबर को भी बिहार के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। हालांकि दक्षिण बिहार में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है। अगले 48 घंटों में मौसम सामान्य होने की उम्मीद है।