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स्ट्रॉन्ग मौसम प्रणाली का प्रभाव: 24 घंटे में MP के पूर्वी जिलों में 4.5 इंच तक बारिश का खतरा

भोपाल   अरब सागर में बने डिप्रेशन (अवदाब) और बंगाल की खाड़ी में सक्रिय डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) के साथ देश के उत्तरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) प्रभावी है। इन तीनों मौसमी प्रणालियों का संयुक्त असर अब मध्य प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं के चलते दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया। उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अरब सागर में उठे 'मोंथा' चक्रवात का प्रभाव भी प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है। हवा की रफ्तार बढ़ने से ठंडक में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गुरुवार को भी सिस्टम का असर रहेगा। खासकर पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में सिस्टम स्ट्रॉन्ग होगा। 12 जिले- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना में हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी का असर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हवा की रफ्तार आम दिनों की तुलना में अधिक रहेगी। पूर्वी और दक्षिणी जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी सिस्टम का असर जारी रहेगा। खासकर पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में यह सिस्टम और अधिक सक्रिय रहेगा। अगले 24 घंटे में इन 12 जिलों-सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में 2.5 से 4.5 इंच तक बारिश की संभावना है। वहीं, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, जबलपुर, कटनी और पन्ना जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी का असर बना रहेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हवाएं आम दिनों की तुलना में तेज गति से चलने की संभावना है। 2 नवंबर तक बना रहेगा बारिश का दौर हालांकि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रदेश में बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। 30 अक्टूबर को सबसे अधिक वर्षा गतिविधि रहने की उम्मीद है। इस बार कड़ाके की सर्दी के आसार मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, नवंबर से सर्दी का दौर शुरू होकर जनवरी के अंत तक चरम पर रहेगा। इस बार फरवरी तक ठंडक बनी रहने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि यह सर्दी 2010 के बाद की सबसे तीव्र ठंड साबित हो सकती है। सर्दियों के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा भी देखने को मिल सकती है। 'मोंथा' तूफान का भी असर, हवा की रफ्तार बढ़ी, पारा लुढ़का इधर, तूफान 'मोंथा' का असर भी प्रदेश में देखने को मिल रहा है। कई शहरों में हवा की रफ्तार बढ़ गई है। इस वजह से ठंड का असर भी बढ़ा है। बुधवार को दिन के तापमान की बात करें तो 20 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 26 डिग्री से नीचे रहा। भोपाल में 25.2 डिग्री, इंदौर में 25.1 डिग्री, उज्जैन में 23 डिग्री, जबलपुर में 28.8 और ग्वालियर में पारा 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, बैतूल में 26.5 डिग्री, दतिया-गुना में 25.6 डिग्री, धार में 24.9 डिग्री, पचमढ़ी में 24 डिग्री, रायसेन में 27.4 डिग्री, रतलाम में 24.6 डिग्री, श्योपुर में 24.4 डिग्री, शिवपुरी में 24 डिग्री रहा। पूर्वी हिस्से के छिंदवाड़ा, दमोह, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और बालाघाट में पारा 28 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इधर, रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है। आगे यह अलर्ट…2 नवंबर तक बारिश का दौर बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 31 अक्टूबर, 1-2 नवंबर को भी प्रदेश में बारिश का दौर बना रहेगा। 30 अक्टूबर को बारिश की ज्यादा एक्टिविटी रहेगी। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। लेकिन इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश भी देखने को मिल सकती है। पूरे एमपी से विदा हो चुका मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिलों में 'बहुत ज्यादा' बारिश दर्ज की गई। ओवरऑल सबसे ज्यादा बारिश वाला जिला गुना है। जहां पूरे सीजन में 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में 216.3% बारिश हुई। शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच (81.1%) ही बारिश हुई है। मानसूनी सीजन में मौसम विभाग ने प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया। इंदौर, ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर संभाग के 50 जिलों में बारिश का कोटा फुल रहा। वहीं, भोपाल, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग के 4 जिले- उज्जैन, शाजापुर, बैतूल और सीहोर में 81.1 से 98.6 प्रतिशत बारिश हुई। इन जिलों में कोटा पूरा नहीं हो पाया। इनमें से 3 जिले उज्जैन, सीहोर और बैतूल में आंकड़ा 94% से ज्यादा ही है। इस वजह से ये सामान्य बारिश के आसपास है, लेकिन शाजापुर 'बारिश की भारी कमी' की कैटेगरी में है। यहां कोटे का 81 प्रतिशत पानी ही गिरा।  

मौसम विभाग की चेतावनी: झारखंड में मोंथा तूफान से भारी बारिश के आसार

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बीते मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के प्रभाव के कारण 31 अक्टूबर तक झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है। आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि चक्रवाती तूफान ‘मोंथा' मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। थाई भाषा में ‘मोंथा' का अर्थ सुगंधित फूल होता है। तूफान सुबह साढ़े पांच बजे मछलीपत्तनम से 190 किमी दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा से 270 किमी दक्षिण-पूर्व में तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से 340 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में केंद्रित था। बुलेटिन में कहा गया है, ‘इसके उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और शाम और रात के दौरान भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में मछलीपत्तनम और कलिंगापत्तनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 90-100 किमी प्रति घंटा होगी और हवाएं 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।' मौसम वैज्ञानिकों ने झारखंड के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बुधवार को चतरा, गढ़वा, लातेहार और पलामू के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज और 31 अक्टूबर को गिरिडीह, कोडरमा, लोहरदगा, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, रांची, खूंटी, गुमला, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की आशंका है।  

मौसम अलर्ट: श्योपुर, मुरैना समेत मध्यप्रदेश के 11 जिलों में चार दिन तक बारिश जारी

भोपाल  राजधानी भोपाल में मोंथा तूफान का असर देखा जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों ने मध्य प्रदेश में तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने के चलते कुल 11 जिलों में भारी बारिश का अनुमान किया है. मंगलवार को मोंथा तूफान के असर से सात जिलों में बारिश हुई थी, जिससे भोपाल और इंदौर शहर अछूता नहीं था. रिपोर्ट के मुताबिक मोंथा तूपान का असर मंगलवार को मध्य प्रदेश में देखा गया, जब तीन अलग-अलग सिस्टम एक्टिव होने से कुल सात जिलों में जमकर बारिश हुई. मोंथा तूफान का ही असर कहेंगे कि मौसम वैज्ञानिकों ने बुधवार को श्योपुर, मुरैना समेत 11 जिलों में बुधवार को भारी बारिश का अलर्ट भेजा है.  मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट मौसम विभाग ने (29 अक्टूबर) के लिए श्योपुर, मुरैना, बुरहानपुर, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, वर्तमान सिस्टम के प्रभाव से अगले चार दिन तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर बने सिस्टम की वजह से नमी लगातार आ रही है, जिससे बादल छाए रहेंगे और मौसम ठंडा रहेगा। अगले चार दिनों तक मध्य प्रदेश में है बारिश के आसार मोंथा तूफान के असर से मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. जिन 11 जिलों में बारिश का अनुमान किया गया है, उन जिलों में बारिश के चलते दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को कड़ाके वाली ठंड का एहसास होगा.   छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान का असर बढ़ने की संभावना मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में चक्रवातीय तूफान मोंथा के असर से कई जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी है. इनमें दक्षिण छत्तीसगढ़ के पांच जिलों क्रमशः नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले शामिल हैं, जहां रेड अलर्ट जारी किया गया है. भोपाल-इंदौर में चली तेज आंधी 28 अक्टूबर को ग्वालियर, रतलाम, धार, बैतूल, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा, मुरैना और उमरिया में अच्छी बारिश हुई। वहीं राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और शाम को तेज आंधी चली। रतलाम में करीब 3 इंच, ग्वालियर में 2.5 इंच, जबकि शिवपुरी में 1.5 इंच बारिश दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर का दिन का तापमान 25 साल में सबसे कम 19.5°C तक पहुंच गया। मंगलवार को 9 जिलों में पानी गिरा सिस्टम की एक्टिविटी होने की वजह से मंगलवार को बैतूल, धार, रतलाम, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, रीवा और उमरिया में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी का असर देखने को मिला। बारिश की वजह से कई जिलों में फसलों को नुकसान भी पहुंचा है। बता दें कि मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है, लेकिन बारिश का दौर जारी है। 29, 30 और 31 अक्टूबर को भी तेज बारिश हो सकती है। 30 अक्टूबर को सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।   अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के दो सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर में बना डिप्रेशन तेजी से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है, जबकि बंगाल की खाड़ी में बना तूफान ‘मोंथा’ आंध्र प्रदेश तट को पार कर चुका है। इन दोनों सिस्टम्स से मिलने वाली नमी की वजह से मध्य प्रदेश के ऊपर ट्रफ लाइन एक्टिव है, जिससे लगातार बारिश हो रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले 48 घंटे तक बादल और गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 30 और 31 अक्टूबर को कैसा रहेगा मौसम 30 अक्टूबर (गुरुवार) को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है। ऑरेंज अलर्ट: सतना, रीवा, सीधी, शहडोल, अनूपपुर और सिंगरौली में 4 से 8 इंच तक वर्षा संभव। येलो अलर्ट: पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, झाबुआ, अलीराजपुर और बड़वानी। 31 अक्टूबर (शुक्रवार) को भी कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहेगा। भारी बारिश का अलर्ट: झाबुआ, अलीराजपुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल। मौसम विभाग का कहना है कि, 1 नवंबर तक प्रदेश का मौसम ऐसा ही रहेगा और 2 नवंबर से बादल छंटने लगेंगे। इसके बाद धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगेगी। 25 साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन लगातार बारिश और बादलों की वजह से ग्वालियर का तापमान 19.5°C तक गिर गया, जो अक्टूबर महीने में 25 सालों का सबसे ठंडा दिन रहा। श्योपुर में भी तापमान 13.3°C तक लुढ़क गया। वहीं खंडवा में अधिकतम तापमान 31.5°C दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, नवंबर से फरवरी तक इस बार ठंड सामान्य से ज्यादा रहेगी। 2010 के बाद की सबसे ठंडी सर्दी इस बार महसूस की जा सकती है। ‘ला-नीना’ की परिस्थितियां बनने से सर्दियों के दौरान भी सामान्य से ज्यादा बारिश और तेज ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। नवंबर-जनवरी में पड़ेगी कड़ाके की सर्दी मौसम विभाग के अनुसार, नवंबर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाता है, जो जनवरी तक रहता है। इस बार फरवरी तक ठंड का असर रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आने वाले सर्दियों के मौसम में 2010 के बाद सबसे भीषण ठंड का एहसास हो सकता है। सर्दियों के दौरान इस बार सामान्य से ज्यादा बारिश देखने को मिल सकती है, उत्तर-पश्चिम भारत के इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अधिक संख्या में प्रभावित करेंगे। मौसम विभाग ने भी जल्द ही ला-नीना परिस्थितियां विकसित होने की पुष्टि की है। पूरे एमपी से विदा हो चुका है मानसून मौसम विभाग के अनुसार, पूरे मध्य प्रदेश से मानसून विदा हो गया है। इस साल मानसून 3 महीने 28 दिन एक्टिव रहा। 16 जून को प्रदेश में मानसून की एंट्री हुई थी और 13 अक्टूबर को वापसी हुई। इसके बावजूद बारिश का दौर बना हुआ है। अक्टूबर का आखिरी सप्ताह भी बारिश वाला ही रहेगा। इसके बाद ठंड का असर शुरू हो जाएगा। इस बार प्रदेश में मानसून की 'हैप्पी एंडिंग' रही। भोपाल, ग्वालियर … Read more

लगातार बारिश से चित्तौड़गढ़ में बाढ़ जैसे हालात, घोसुण्डा बांध के दरवाजे खोले गए

चित्तौड़गढ़ चित्तौड़गढ़ जिले में रविवार देर रात से शुरू हुई बरसात का दौर मंगलवार दोपहर तक लगातार जारी रहा। लगातार हो रही बारिश ने मावठ का अहसास करा दिया है। चित्तौड़गढ़ मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में हुई जोरदार बारिश से खेतों में पानी भर गया, वहीं तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले 48 घंटे से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। लगातार हो रही बारिश से जलाशयों में पानी की भारी आवक हुई है। घोसुण्डा बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं, जिससे बेड़च नदी में तेज बहाव हो गया है। वहीं गंभीरी नदी में भी पानी की आवक बढ़ गई है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में गंगरार में सर्वाधिक 114 मिमी वर्षा दर्ज की गई। बड़ीसादड़ी में 105 मिमी, डूंगला में 88 मिमी, वागन बांध पर 100 मिमी, गंभीरी बांध पर 92 मिमी, बस्सी बांध पर 89 मिमी, चित्तौड़गढ़ में 68 मिमी, कपासन में 58 मिमी और भूपालसागर में 61 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। इस बरसात से जिले के कई तालाबों में पानी की आवक तेज हो गई है। खास बात यह है कि मानसून में सूखे पड़े तालाब अब छलकने लगे हैं। ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी मावठ की बरसात से मौसम में ठंडक घुल गई है और तापमान में करीब 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। लोग छातों और रेनकोट में नजर आए, जबकि कई जगह लोग अलाव जलाकर ठंड से राहत लेते दिखे। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर तक येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने तेज हवाएं चलने, बिजली कड़कने और मेघ गर्जना की संभावना भी जताई है। किसानों को दोहरा नुकसान, अफीम की फसल पर खतरा लगातार दो दिन से हो रही बेमौसम बरसात ने खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर डाला है। मवेशियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं जिले की प्रमुख नगदी फसल अफीम पर भी इसका विपरीत असर देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि कई किसानों ने दिवाली के आसपास बुवाई कर दी थी, जो अब बारिश से खराब हो गई है। अब बुवाई के लिए कम से कम पखवाड़ेभर का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। खेतों में पानी भर जाने से अफीम की फसल देरी से तैयार होगी। कृषि उप निदेशक शंकरलाल जाट ने बताया कि इस बरसात का किसानों पर अच्छा और बुरा दोनों असर पड़ेगा। जिन क्षेत्रों में गेहूं, चना और सरसों की बुवाई हो चुकी है, वहां सिंचाई की जरूरत नहीं पड़ेगी, लेकिन जहां बुवाई बाकी है, वहां किसानों को कुछ दिन इंतजार करना होगा। बेगूं क्षेत्र में फसलों को नुकसान, औसत से अधिक बारिश बेगूं क्षेत्र में बेमौसम बरसात ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। खरीफ और रबी दोनों फसलों पर असर पड़ा है। खरीफ की फसलें खलिहान में पड़ी होने से भीगकर खराब हो गईं, जबकि रबी की बुवाई शुरू नहीं हो पाई है। मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहराया है। अब तक बेगूं क्षेत्र में 1091 मिमी वर्षा हो चुकी है, जो औसत से 300 मिमी अधिक है। कपासन में छलका गुलाब सागर, खुश हुए ग्रामीण कपासन क्षेत्र में मानसून के दौरान कम वर्षा से तालाब खाली पड़े थे, जिसके चलते ग्रामीणों ने आंदोलन तक किया था। लेकिन इस मावठ की बारिश से अब गुलाब सागर तालाब छलक गया है, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। राजेश्वर तालाब में भी पानी की भारी आवक हुई है और दोवनी पुलिया पर पानी बहने लगा है। बरसात से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।  

भोपाल, चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग में झमाझम बारिश की चेतावनी, IMD अलर्ट जारी

भोपाल  सर्दी की शुरुआत में छाए बादलों का बरसना जारी है। सोमवार को प्रदेश के श्योपुर और शिवपुरी में बादल जमकर बरसे। श्योपुर में शाम साढ़े पांच बजे तक 56 मिलीमीटर और शिवपुरी में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा प्रदेश के चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी कहीं तेज-कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, एक-दो दिन बाद प्रदेश के छह जिलों में अलग-अलग जगह बनीं मौसम प्रणालियों के असर से भारी वर्षा हो सकती है। उधर, इस बदले मौसम का असर अधिकतम और न्यूनतम तापमान पर भी साफ नजर आ रहा है। सबसे कम तापमान श्योपुर में प्रदेश में दिन के तापमान में सबसे अधिक गिरावट श्योपुर में दर्ज हुई। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 11.4 डिग्री सेल्सियस कम रहकर 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं रात के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बारिश के पांच सिस्टम बने हुए हैं। इनमें से तीन सिस्टम काफी मजबूत हैं, जिनमें बंगाल की खाड़ी में चक्रवात, अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र और एक पश्चिमी विक्षोभ का होना शामिल हैं। इन सिस्टम की वजह से हवाओं के साथ नमी के साथ प्रदेश में बादल आ रहे हैं। भारी बारिश का अलर्ट इसके असर से 29 और 30 अक्टूबर को खासतौर पर प्रदेश के छह जिलों सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उधर, राजधानी की बात करें तो यहां हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अगले चौबीस घंटों के दौरान चंबल-ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में कहीं तेज और कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। चार बड़े शहरों में तापमान की स्थिति (डिग्री सेल्सियस में): भोपाल — अधिकतम 30.4, न्यूनतम 20.4 इंदौर — अधिकतम 29.8, न्यूनतम 20.2 ग्वालियर — अधिकतम 23.4, न्यूनतम 21.6 जबलपुर — अधिकतम 31.8, न्यूनतम 20.5   

मौसम विभाग का अलर्ट: राजस्थान के 17 जिले भीगेंगे, 7 में भारी बारिश का खतरा

जयपुर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान का मौसम बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इसका सबसे अधिक असर सोमवार और मंगलवार को देखने को मिलेगा, जिसके चलते कई इलाकों में तेज से भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने आज सोमवार को उदयपुर और कोटा संभाग के 6 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि 17 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन सिस्टम अब मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल गया है और आज यह चक्रवात का रूप ले लेगा। यह चक्रवात 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों से टकराएगा। इसके अलावा, मध्य-पूर्वी अरब सागर में भी एक डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम की वजह से भारत के कई राज्यों में नमी (मॉइश्चर) की आपूर्ति बढ़ी है, जिसका असर राजस्थान तक पहुंच रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि 30 अक्टूबर तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहेगा। बारिश का हाल पिछले 24 घंटों में सिस्टम के असर से कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कई जिलों और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। झालावाड़ के मनोहरथाना में 16 मिमी, रायपुर में 1 मिमी, जबकि उदयपुर जिले के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई।  बूंदी, चित्तोड़गढ़, डूंगरपुर, कोटा, उदयपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर में आज अति भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विभाग की तात्कालिक चेतावनी जयपुर मौसम केंद्र ने आज सुबह साढ़े छह बजे यह अलर्ट जारी किया है। इसमें कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, टोंक, बारां, अजमेर, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, करौली, उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, जालौर, दौसा, जयपुर, धौलपुर, भरतपुर, पाली, सिरोही जिले और आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा / आकाशीय बिजली / तेज सतही हवा (अधिकतम हवा की गति 20-30 kmph) की संभावना जताई गई है। तापमान में गिरावट मौसम में बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला। रविवार को बादलों और कम धूप के कारण उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारां, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर और भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। सबसे कम अधिकतम तापमान डूंगरपुर में 27.7°C दर्ज किया गया।  

मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट, अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश के आसार

रायपुर प्रदेश में पिछले 24 घंटों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं सरगुजा संभाग में कुछ स्थानों पर रिमझिम बरसात का दौर जारी रहा। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को राजधानी रायपुर में 8.4 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम 22.5 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से क्रमशः 1.6 डिग्री और 1.4 डिग्री कम रहा। अगले 48 घंटों तक प्रदेश में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इसका सबसे अधिक असर सरगुजा संभाग के जिलों पर पड़ेगा। रायपुर शहर के लिए विभाग ने बताया है कि मंगलवार को आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा, साथ ही बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान लगभग 31डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने का अनुमान है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अगले एक दो दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रह सकता है। 7 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ गर्जन की संभावना है। आठ अक्टूबर को बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है। नौ अक्टूबर से बादल तो रहेंगे पर बारिश नहीं होगी। मौसम शांत रहेगा, हवा हल्की चलेगी। दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी। प्रमुख बारिश आंकड़े (मिमी में) नारायणपुर – 60, फरसगांव – 60, हरदी बाजार – 50, मुंगेली – 40, विनोरा – 40, माना रायपुर – 40, देवभोग – 40, सकोला – 40, कुकरेल – 40, मंपदर हसौद – 30, अंमतरढ़ चौकी – 30, खरोरा – 30, रायपुर शहर – 30, महासमुंद – 30, चारामा – 30, मरवाही – 30 मिमी। तापमान की स्थिति प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 31.8 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम 21.0 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री और पेण्ड्रारोड में 30.6 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी में निम्नदाब के कारण बदली परिस्थितियां मौसम विशेषज्ञ अब्दुल सिराज खान का कहना है कि अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां इस साल कम होने के संकेत मिले थे, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब का क्षेत्र बनने से परिस्थितियां बदल गई। यही कारण है कि इन दिनों मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय है।

मूसलाधार बारिश से नेपाल में त्रासदी, बाढ़ और भूस्खलन ने मचाई तबाही

नई दिल्ली पड़ोसी देश नेपाल में कुदरत का कहर देखने को मिला है। पूर्वी नेपाल के इलम में पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 42 लोगों की जान गई है। इसके साथ ही कई फ्लाइट को डायवर्ट किया गया है। दरअसल,रविवार सुबह तक सूर्योदय नगर पालिका में भूस्खलन में कम से कम 5 लोग, मंगसेबुंग नगर पालिका में 3 और इलम नगर पालिका में 6 लोगों की मौत की खबर है। इस आपका के बाद प्रशासन राहत के कामों में लग गया है।   बढ़ सकती है मृतकों की संख्या वहीं,एसएसपी पोखरेल ने समाचार एजेंसी एएनआई से फोन पर बातचीत में कहा कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। वर्तमान में नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी तक हमारे पास केवल नुकसान और क्षति का प्रारंभिक विवरण है। प्रभावित इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों के तीनों स्तरों (जिसमें नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस शामिल है) को तैनात किया गया है। भारी बारिश और आगे भी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इस बीच नदियां उफान पर हैं। काठमांडू घाटी के बाढ़ के मैदानों से निवासियों को निकालने के लिए उन्हें तैनात किया गया है। नदियों के किनारे तलाशी अभियान जारी सुरक्षा एजेंसियों ने शनिवार को घाटी से होकर गुजरने वाली सभी प्रमुख नदियों के किनारे बसी बस्तियों में तलाशी अभियान चलाया। एजेंसियों ने घर-घर में जाकर तलाशी ली, निवासियों को बाहर निकलने में मदद की और उनके सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में मदद की। इन नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने बागमती, हनुमंते, मनोहरा, धोबी खोला, बिष्णुमती, नक्खू और बल्खू नदियों में जलस्तर बढ़ने की जानकारी दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बाढ़ सड़क किनारे के इलाकों तक पहुंच सकती है और बस्तियों में घुस सकती है। निवासियों और वाहन चालकों से बाढ़ के खतरे के कारण नदी के किनारे यात्रा करने से बचने का आग्रह किया गया है। 

मौसम अपडेट: इन जिलों में आज होगी झमाझम बारिश, सावधान रहें

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उमरिया में 15, रीवा में नौ, भोपाल में छह, सतना में चार, बैतूल एवं दतिया में तीन और सीधी में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 34 डिग्री सेल्सियस तापमान श्योपुर में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को भी रीवा, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। हालांकि एक सप्ताह बाद मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। कब होगा मौसम साफ मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे पश्चिमी झारखंड, दक्षिणी बिहार एवं दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना है। इसके रविवार तक बिहार में पहुंचने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली से लेकर विदर्भ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। अरब सागर में बना गहरा अवदाब चक्रवाती तूफान शक्ति में परिवर्तित हो गया है। यह पश्चिम-मध्य अरब सागर की तरफ बढ़ रहा है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इस तरह की स्थिति तीन-चार दिन तक बनी रह सकती है। उसके बाद मौसम के साफ होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में बना तूफान काफी दूर जा रहा है। उधर, गहरा कम दबाव का क्षेत्र भी बिहार की तरफ बढ़ रहा है। इस वजह से अब धीरे-धीरे वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। हालांकि अभी तीन-चार दिन तक बादल बने रहने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा भी हो सकती है। 10 अक्टूबर के आसपास राजस्थान में एक प्रति चक्रवात के बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से 10 अक्टूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। इंदौर में 24 घंटे में चार इंच से अधिक वर्षा उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक इंदौर में 114.6 (4.48 इंच), सीधी में 68.2, रीवा में 40, सतना में 27, जबलपुर में 19.8, उज्जैन में 10.6 मिमी. वर्षा हुई।

मौसम विभाग की चेतावनी: आज फिर तगड़ी बारिश और तूफ़ानी हवा का कहर

नई दिल्ली देश के विभिन्न हिस्सों में आज और कल जोरदार बारिश होने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, ओडिशा के आंतरिक हिस्सों में नया निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। यह झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के आसपास मौजूद है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के बिहार में 5 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार काफी तेज रहने की आशंका है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी आज भारी बारिश की चेतावनी है। वहीं, चक्रवात शक्ति के प्रभाव से कोंकण, गोवा, सौराष्ट्र, कच्छ और गुजरात में 8 और 9 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखा रहा है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी के प्रवाह के कारण 5 से 7 अक्टूबर तक भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। नई दिल्ली में रविवार के लिए आंधी-तूफान राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में रविवार के लिए आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। कुछ जगहों पर भारी बरसात भी हो सकती है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने का अलर्ट जारी किया गया है। हवाओं की तेज रफ्तार के चलते कुछ जगहों पर नुकसान भी पहंचने की आशंका है। आईएमडी के अनुसार, शनिवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 0.7 डिग्री कम था और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस रहा जो औसत से 2.3 डिग्री अधिक था। शाम साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 64 प्रतिशत था। आईएमडी ने रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई है। दिल्ली में शाम छह बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 114 रहा, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट आईएमडी ने सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमाचल प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव होने की चेतावनी दी है। 9 अक्टूबर तक भारी बारिश जारी रह सकती है। कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं। राज्य में 5 और 6 अक्टूबर को कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी दी गई है। सबसे तीव्र मौसम गतिविधियां 6 अक्टूबर को होने के आसार हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, ओलावृष्टि और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम में 7 अक्टूबर को और बदलाव आएगा, जब ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। उस दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।