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मौसम अपडेट: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी बरसेंगे बादल

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दिन 24 घंटे बारिश होने की संभावना है। साथ ही, तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक भी होगी। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी। लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी। सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। यह बारिश दिनभर रुक-रुक कर जारी रह सकती है। इससे पहले आज दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तूफान देखने को मिल सकता है। वहीं 7 अक्टूबर को एनसीआर में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दिन मध्यम बारिश हो सकती है। 8 और 9 अक्टूबर से मौसम धीरे-धीरे साफ होना शुरू होगा। 8 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बदला रहेगा। 9 अक्टूबर को मुख्य रूप से साफ मौसम की संभावना जताई गई है। इन दिनों अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आज यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर-भारत के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश की संभावना बन रही हैं। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती है। तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर मौसम प्रणालियां लगातार सक्रिय हो रही हैं। नए बुलेटिन के अनुसार, 2 अक्टूबर से बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बना एक गहरा दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और शाम तक दक्षिणी ओडिशा तट पर गोपालपुर के पास पहुंच गया है। शनिवार को तिरुवल्लुर, चेन्नई, चैंगलपट्टू, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, तिरुवन्नामलाई, कृष्णागिरी, धर्मपुरी और रामनाथपुरम के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की उम्मीद है। राजस्थान में भी जमकर बरस सकते हैं बादल राजस्थान में मॉनसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार, 5 अक्टूबर से बारिश और तेज हो सकती है। विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को राजस्थान के सभी जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। राज्य के 21 जिलों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह बारिश पिछले तीन दिनों से हो रही है और अगले तीन दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।

आज झारखंड में तेज़ बारिश की संभावना, नागरिक रहें सतर्क

  रांची मौसम विभाग ने झारखंड में आज से 5 अक्टूबर तक भारी से भारी वर्षा की संभावना को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। इस अवधि में राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है, क्योंकि तेज हवाओं के साथ वज्रपात भी हो सकता है। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण यह वर्षा प्रणाली सक्रिय हो रही है। समुद्र तल से 9.6 किलोमीटर ऊंचाई तक फैले इस चक्रवाती परिसंचरण के अगले 12 घंटे में अवदाब में तब्दील होने की संभावना है। यह सिस्टम 3 अक्टूबर की सुबह दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर आंध्र प्रदेश तटों को पार कर सकता है, जिसके प्रभाव से झारखंड में भी भारी वर्षा होने की संभावना बढ़ गई है। 2 अक्टूबर को पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिलों में भारी वर्षा होगी। आज धनबाद, बोकारो, रामगढ़, रांची, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भारी वर्षा देखी जा सकती है। वहीं चतरा, गढ़वा और पलामू में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। आज दुमका, गोड्डा, पाकुर, साहिबगंज, चतरा, गढ़वा और पलामू जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने ऑरेंज और येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की है। नारंगी चेतावनी वाले क्षेत्रों में भूस्खलन, आपूर्ति एवं परिवहन बाधित होने, फसल और वृक्षों को नुकसान, साथ ही जीवन एवं संपत्ति के नुकसान का जोखिम रहता है। पीले रंग के क्षेत्रों में फसलों को मामूली क्षति और जलजमाव की आशंका है। मौसम विभाग ने सावधानी के तौर पर नदी में मछली पकड़ने और कैंपिंग से बचने, छप्पर वाले मकानों को मजबूत बनाने, भूस्खलन या निचली घाटियों से तुरंत दूर चलने एवं खड़ी ढलानों के पास घर न बनाने की सलाह दी है।

आसमान से फुहार: बिहार में बारिश के संकेत, जानें अगले दिनों का मौसम

पटना बिहार के सभी जिलों में आज यानी शुक्रवार को भी बारिश और वज्रपात के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के अधिकांश भागों में एक या दो स्थानों पर मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवा के साथ बक्सर, भोजपुर, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, बांका, जमुई, जहानाबाद, शेखपुरा, पटना, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद में एक या दो स्थानों पर बारिश का यलो का अलर्ट जारी किया है। वहीं पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद और नवादा में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इधर, गयाजी, कैमूर और पश्चिमी चंपारण में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटे में पटना, बक्सर, समस्तीपुर, पूर्णिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। आज सुबह से ही कई जिलों में बारिश हो रही है। कुछ जिलों धूप छांव का खेल जारी है। अगले 48 घंटे में तीन डिग्री तक गिर सकता है अधिकतम तापमान मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ रेखा के कारण भारी वर्षा की संभावनाएं बनी हुई हैं। तीन अक्टूबर को एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इस कारण बिहार के अधिकांश हिस्सों में लगातार हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना है। तीन, चार और पांच अक्टूबर को पूरे बिहार में अधिकतम स्थानों पर बारिश होगी। वहीं छह से आठ अक्टूबर के बीच वर्षा की तीव्रता धीरे-धीरे घटकर कुछ स्थानों तक सीमित हो जाएगी। अगले 48 घंटे में राज्य के अधिकांश इलाकों में अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री तक कमी होने का पूर्वानुमान हैं। तीन अक्टूबर     गया, कैमूर और पश्चिम चंपारण में अत्यंत भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है     पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, नवादा में भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।     अधिकांश जिलों में तेज हवा चलने और वज्रपात के आसार हैं। चार अक्टूबर     गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में अत्यंत भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।     सीवान, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज में भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पांच अक्टूबर     पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, मधुबनी, अररिया, किशनगंज, भागलपुर, बांका, जमुई में अति भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। छह अक्टूबर     पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तर, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों  तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है।

मौसम विभाग का अलर्ट: अगले दो दिन 16 जिलों में झमाझम बारिश का अनुमान

इंदौर  मध्यप्रदेश से विदा हो रहा मानसून जमकर बरस रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक लो प्रेशर एरिया सक्रिय है। इसके अलावा एक ट्रफ भी गुजर रही है और एक पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभावी हो रहा है। इसका असर 3 और 4 अक्टूबर से ज्यादा देखने को मिल सकता है। इस कारण प्रदेश के इंदौर, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश(Heavy Rain) का अलर्ट है। 3 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 3 अक्टूबर को एमपी के बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है।   4 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, 4 अक्टूबर को एमपी के हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भारी बारिश(Heavy Rain)का यलो अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं प्रदेश के बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है। इन जिलों से विदा हुआ मानसून अब तक एमपी के 12 जिलों से मानसून की विदाई हो चुकी है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। वहीं राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा।   अक्टूबर में ऐसा रह सकता है मौसम का मिजाज अक्टूबर माह मौसम का संक्रमण काल कहलाता है, इसलिए इस माह में मौसम मिला जुला रहने की संभावना है। विंड पैटर्न में बार-बार बदलाव होगा। ऐसे में पूरे माह तापमान का उतार चढ़ाव बना रहेगा। ऐसे में सेहत के प्रति सावधानी बरतने की ज्यादा जरूरत होती है। क्योंकि यह मौसम का संक्रमणकाल होता है।

मौसम का बदलाव: यूपी में दो दिन भारी बारिश, जानें किन राज्यों में होगी ओलावृष्टि

नई दिल्ली  मॉनसून का सीजन लगभग खत्म हो चुका है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से उत्तर भारत में मौसम में बदलाव आने वाला है। चार और पांच अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पांच और छह अक्टूबर को जम्मू, कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में ओले गिरने वाले हैं। इसके अलावा, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर के संभावित दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से 2-5 अक्टूबर के दौरान पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। पांच से सात अक्टूबर के दौरान एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। जिसका सबसे ज्यादा असर छह अक्टूबर को देखने को मिलेगा। पूर्व और मध्य भारत की बात करें तो एक से छह अक्टूबर तक उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, एक से चार अक्टूबर तक गंगीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, दो से चार अक्टूबर तक झारखंड, एक से तीन अक्टूबर तक ओडिशा, तीन से चार अक्टूबर को पश्चिम मध्य प्रदेश, एक, तीन और चार अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में कई इलाकों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। दो और तीन अक्टूबर को गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, तीन अक्टूबर को झारखंड, ओडिशा, एक, तीन और चार अक्टूबर को उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तीन से पांच अक्टूबर तक बिहार में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दो अक्टूबर को ओडिशा में कुछ स्थानों में बहुत भारी बारिश होगी। उत्तर पूर्व भारत की बात करें तो अगले तीन से चार दिनों तक इलाके में कुछ जगह पर भारी बारिश की संभावना है। एक से तीन अक्टूबर तक असम, मेघालय में और एक अक्टूबर को त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो दो से चार अक्टूबर तक तमिलनाडु में कुछ स्थानों से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी बारिश होगी। एक और दो अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो एक से चार अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में छिटपुट बारिश की संभावना है। उसके बाद पांच से सात अक्टूबर के दौरान गरज और बिजली के साथ व्यापाक से व्यापाक बारिश हो सकती है। तीन से छह अक्टूबर को पूर्वी उत्तर में, छह और सात अक्टूबर को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, एक, पांच और छह अक्टूबर को राजस्थान में छिपटुट भारी बारिश होगी। चार और पांच को पूर्वी उत्तर प्रदेश, छह को जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और छह और सात अक्टूबर को उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश की संभावना है।  

मध्य प्रदेश में बारिश का दौर तेज, आज 30 जिलों में झमाझम के आसार, इंदौर में पहले ही खुला मौसम का पिटारा

भोपाल   राजस्थान, गुजरात एवं पंजाब से भले ही मानसून की विदाई शुरू हो गई है, लेकिन मध्य प्रदेश में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक प्रदेश से सितंबर माह में मानसून के वापस होने की संभावना कम ही है। वर्तमान में तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं। इसके प्रभाव से बुधवार देर शाम इंदौर में झमाझम बारिश हुई। गुरुवार-शुक्रवार को भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, रीवा संभाग के जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के 30 जिलों भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज और मैहर में आज बारिश के आसार हैं। बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक सिवनी में 43, रीवा में 41, टीकमगढ़ में 32, सतना में 21, छिंदवाड़ा में 16, पचमढ़ी में तीन, सीधी में दो, नौगांव एवं खजुराहो में एक मिलीमीटर बारिश हुई। बता दें कि सामान्य तौर पर 21 सितंबर के आसपास मानसून की विदाई शुरू हो जाती है। एमपी से लेकर बंगाल की खाड़ी तक बनी है द्रोणिका मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। दक्षिण-पश्चिमी विदर्भ पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक प्रभावी चक्रवात सक्रिय है। इसके अतिरिक्त मध्य प्रदेश के मध्य से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जो पूर्वी विदर्भ, तेलंगाना से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश से होकर जा रही है। सितंबर में नहीं होगी मानसून की विदाई मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अलग-अलग स्थानों पर बनी मौसम प्रणालियों के असर से लगातार नमी आने का सिलसिला बना हुआ है। इस वजह से बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में 25 सितंबर को एक कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से सितंबर माह में मानसून के वापस जाने की संभावना कम ही दिख रही है।

मौसम का कहर: यूपी में तीन दिन तक बरसेंगे बादल, पड़ोसी राज्यों का हाल भी जानें

नई दिल्ली  देशभर में मॉनसून का दूसरा फेज चल रहा है। आने वाले दिनों में मॉनसून की वापसी होने लगेगी, इससे पहले जमकर बारिश हो रही है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम भारत तक भारी बरसात हो रही है। उत्तर प्रदेश में 11-13 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण पश्चिम राजस्थान पर दबाव की वजह से आठ सितंबर तक राजस्थान और गुजरात में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। सात सितंबर को उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र व कच्छ में असाधारण रूप से भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत के मौसम की बात करें तो सात सितंबर को जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, मध्य महाराष्ट्र में हल्की से मध्यम बारिश के साथ, सात, 8 और 13 सितंबर को उत्तराखंड, 12 और 13 सितंबर को उत्तर प्रदेश, 11-13 तारीख के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने वाली है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो 7, 8, 10 और 13 सितंबर को ओडिशा में कुछ जगहों पर भारी बारिश, 11-12 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बरसात की संभावना है। सात तारीख को पश्चिमी मध्य प्रदेश, 7, 8, 13 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश, 11 और 12 सितंबर को विदर्भ, सात और 10-13 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़, 7-13 सितंबर के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, 9-11 सितंबर के दौरान बिहार में अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने वाली है। इसके अलावा, पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो 7, 10, 11 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, सात और 10 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में भारी बारिश की संभावना है। 11-13 सितंबर के दौरान असम, मेघालय, अरुााचल प्रदेश, 12, 13 सितंबर को नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।  

MP Weather Update: मालवा-निमाड़ अंचल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, प्रशासन सतर्क

भोपाल बारिश के सीजन के ढाई माह बीतने के बाद भी मालवा-निमाड़ क्षेत्र का कंठ प्यासा रह गया था। किसान आसमान ताक-ताक रहे थे। इसी दौरान अगस्त के अंतिम सप्ताह से अब तक इंद्र देवता मेहरबान रहे। मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भी पर्याप्त बारिश (Rain in MP) हुई। उधर, भोपाल का बड़ा तालाब भी लबालब हो गया है। इसके चलते शनिवार को भदभदा के गेट खोल दिए गए। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को भी मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तेज बारिश (MP Ka Mausam) होने की संभावना है। शनिवार को सुबह साढ़े आठ से शाम साढ़े पांच बजे तक बैतूल में नौ, गुना में छह, भोपाल में पांच, नर्मदापुरम में चार, पचमढ़ी एवं रतलाम में तीन, मलाजखंड में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। ऐसा है मौसम का हाल मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में गहरा कम दबाव का क्षेत्र दक्षिणी राजस्थान के मध्य में बना हुआ है। रविवार को इसके दक्षिणी राजस्थान और उससे लगे गुजरात पहुंचकर अवदाब के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। मानसून द्रोणिका जैसलमेर से गहरे कम दबाव के क्षेत्र से गुना, दमोह, पेंड्रा रोड, संबलपुर, गोपालपुर से होकर बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। एक अन्य द्रोणिका राजस्थान पर बने गहरे कम दबाव के क्षेत्र से होकर झारखंड तक बनी हुई है, जो मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि गहरे कम दबाव के क्षेत्र के अवदाब में परिवर्तित होने से राजस्थान और गुजरात से लगे मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश का सिलसिला रविवार-सोमवार को भी बना रह सकता है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। प्रदेश के शेष क्षेत्रों में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। रतलाम में 24 घंटे में सर्वाधिक 128 मिमी बारिश 24 घंटों के दौरान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे से शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक रतलाम में 128 मिमी (5.3 इंच), उज्जैन में 63.4, इंदौर में 47.4, सीधी में 38.6, खंडवा एवं शिवपुरी में 26, ग्वालियर में 20.3, खरगोन में 16, रायसेन में 8.6, नर्मदापुरम में 8.4, भोपाल एवं श्योपुर में 5.2, गुना में पांच मिमी. बारिश हुई।

बारिश से तबाही, राजस्थान में बाढ़ और हादसे, 13 जिलों में सतर्कता

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बनने के बाद प्रदेश में लगातार बरसात का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक बारिश के आसार जताए हैं। 3 सितंबर को झालावाड़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, बारां, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा और अलवर में यलो अलर्ट रहेगा। लगातार हो रही बरसात से प्रदेश के कई जिलों में हादसे सामने आए हैं। जालोर, सिरोही, दौसा, जोधपुर और प्रतापगढ़ सहित कई जगहों पर हालात बिगड़े। दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में नालावास डैम टूटने से जयपुर के कई गांव डूब गए। कोटखावदा और चाकसू तहसील के पांच से ज्यादा गांव पानी से प्रभावित हुए। सैकड़ों लोग बांध के पानी में फंस गए। प्रतापगढ़ में भीषण बरसात के बीच एक शिक्षक पुलिया से माही नदी में गिर गया। वहीं, सवाई माधोपुर में बांध पर स्टंट कर रहा युवक बह गया। जोधपुर के तिंवरी इलाके में मंगलवार सुबह एक मकान अचानक ढह गया। पाली जिले के सोजत-बिलाड़ा स्टेट हाईवे पर मंडला गांव के पास नदी का पानी सड़क पर चढ़ गया और एक ट्रक फंस गया। उधर, जालोर के आहोर क्षेत्र में सोमवार शाम तीन बाइक सवार एक बरसाती नाले में बह गए। इनमें से दो लोगों को बचा लिया गया, जबकि एक युवक की तलाश जारी है। लालसोट के नालावास डैम के टूटने के बाद हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने। बांध का पानी तेजी से गांवों में घुस गया, जिससे खेत-खलिहान जलमग्न हो गए। कई घरों में पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू किया। प्रभावित गांवों में हालात बिगड़ते देख पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर भारी बरसात दर्ज की गई। दौसा जिले के नांगल राजावतान में 53 मिमी, रामगढ़ पचवारा में 50, राहुवास में 31 और लवाण में 30 मिमी बारिश हुई। भरतपुर के सीकरी और नदबई में 29-29 मिमी, नागौर के नावां में 35, जयपुर के तूंगा में 34, करौली के सपोटरा में 30, अलवर के तिजारा में 25, गोविंदगढ़ में 32 और बहरोड़ में 29 मिमी बरसात दर्ज की गई। बारां जिले के शाहबाद में 33, सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में 34 और तलवाड़ा में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सबसे ज्यादा बरसात हुई है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मानसून ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, जयपुर, दतिया, सीधी और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अलावा एक अन्य ट्रफ पंजाब, हरियाणा और नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान से गुजर रही है। इसी कारण प्रदेश में बरसात का दौर तेज हुआ है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर लो-प्रेशर सिस्टम बना है, जिसके चलते राजस्थान में सात सितंबर तक लगातार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान नदियों-नालों और बांधों के उफान पर आने की संभावना है, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। भारी बारिश और हादसों के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नदियों और बांधों के पास जाने से मना किया गया है। कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है और राहत-बचाव दल अलर्ट पर हैं। ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से बिजली व्यवस्था और यातायात भी प्रभावित हुआ है। बारिश से एक ओर जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रही बरसात अब लोगों के लिए आफत बन गई है। आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज बना रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

मध्य प्रदेश में बारिश का कोटा फुल, 17 जिलों में जारी है मूसलाधार बारिश

 भोपाल  मध्य प्रदेश में दो स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने की वजह से लगातार तेज बारिश का दौर चल रहा है। सोमवार को प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, खरगोन, खंडवा, हरदा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल में सुबह से ही बारिश का दौर जारी है। 2 और 3 सितंबर को भी तेज बारिश की चेतावनी है। वहीं, 4 सितंबर को ग्वालियर-चंबल में तेज बारिश का अलर्ट है।  इंदौर और उज्जैन संभाग में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट है। मध्य प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है यहां 37.8 डिग्री पानी गिर चुका है। इसलिए हो रही प्रदेश में तेज बारिश मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया- प्रदेश के बीचोंबीच से एक मानसून टर्फ गुजर रही है। वहीं, रविवार को तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की एक्टिविटी भी बनी रही। इस वजह से कई जिलों में तेज बारिश का दौर रहा। सोमवार को भी सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। रतलाम में 1 इंच से ज्यादा बारिश मध्यप्रदेश में रविवार को बारिश का दौर जारी रहा। 18 से अधिक जिलों में पानी गिरा। रतलाम में सबसे ज्यादा 1 इंच पानी गिर गया। गुना में पौन इंच और पचमढ़ी में आधा इंच बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, शाजापुर, उज्जैन, छतरपुर, दतिया, मुरैना, रायसेन, विदिशा, सीहोर, बैतूल, गुना, पचमढ़ी, रतलाम, छिंदवाड़ा, सतना, सीधी में भी बारिश का दौर जारी रहा। प्रदेश में बारिश का कोटा पूरा मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 37.1 इंच बारिश हो चुकी है। शनिवार-रविवार की रात में हुई बारिश से आंकड़ा बढ़ गया। पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस बार बारिश के मामले में गुना सबसे बेहतर है। यहां 55.4 इंच बारिश हो चुकी है। गुना में 24 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। मंडला में 54 इंच बारिश हो चुकी है। श्योपुर में साढ़े 51 इंच, अशोकनगर में 51.1 इंच और रायसेन में 50.5 इंच पानी गिरा है। वहीं, सबसे कम बारिश वाले 5 जिले इंदौर और उज्जैन संभाग के हैं। शाजापुर में सबसे कम 21 इंच बारिश हुई है। इंदौर में