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यूपी डायलॉग’ में जुटे 100+ युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा

‘यूपी डायलॉग’ में जुटे 100 से ज्यादा युवा, उत्तर प्रदेश के एक दशक के बदलाव पर हुई चर्चा प्रदेश की अर्थव्यवस्था और एक्सप्रेसवे नेटवर्क पर हुई चर्चा – विशेषज्ञों ने कहा, ‘2017 में ₹52 हजार थी प्रति व्यक्ति आय, अब ₹1.20 लाख’ – जनजातीय समाज और युवाओं के लिए चल रही योजनाओं पर भी चर्चा लखनऊ, लखनऊ के हजरतगंज स्थित एसेंस बैंक्वेट में फ्रेंड्स ऑफ यूपी की ओर से यूपी डायलॉग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम 'उत्तर प्रदेश का एक दशक' रही। इसमें ‘फ्रेंड्स ऑफ योगी’ के 100 से ज्यादा युवा वॉलंटियर्स शामिल हुए। इस दौरान पिछले दस वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलाव और आने वाले समय में प्रदेश के विकास को लेकर चर्चा हुई। कार्यक्रम में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल, प्रोफेसर अमित कुशवाह और पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। इस दौरान युवाओं ने वक्ताओं से कई मुद्दों पर सवाल पूछे और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर अपने सुझाव भी दिए। आर्थिक बदलाव और एक्सप्रेसवे पर हुई चर्चा प्रोफेसर एम.के. अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक स्थिति में आए बदलावों पर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश की जीडीपी में लगातार दो अंकों की बढ़ोतरी हुई है। उत्तर प्रदेश से होने वाले निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने प्रदेश में लिंगानुपात बेहतर होने की बात भी कही। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में केवल एक एक्सप्रेसवे था, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर दस हो गई है। उन्होंने दावा किया कि देश के करीब 60 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। ‘₹52 हजार से बढ़कर ₹1.20 लाख हुई प्रति व्यक्ति आय’ पॉलिटिकल एनालिस्ट शशांक शेखर सिंह ने कहा कि 2017 के मुकाबले उत्तर प्रदेश की आर्थिक और वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस की स्थिति में है। उनके मुताबिक वर्ष 2017 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 52 हजार रुपये थी, जो 2026 में बढ़कर करीब 1.20 लाख रुपये हो गई है। उन्होंने जनजातीय समाज के लिए किए जा रहे कामों का भी जिक्र किया। सिंह ने बताया कि 65 गांवों में लोगों को जमीन का मालिकाना हक दिया गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों तक घर, बिजली और दूसरी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। वहीं, अभ्युदय योजना के जरिए युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास में युवाओं की भागीदारी बेहद जरूरी है। युवाओं से प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर जागरूक रहने और अपने सुझाव सामने रखने की अपील भी की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना अनुकरणीय राज्य

लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिला ‘एग्जेम्प्लर’ अवार्ड मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश बना अनुकरणीय राज्य लॉजिस्टिक्स एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा उत्तर प्रदेश नई दिल्ली/लखनऊ लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने देश में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स – लीड्स (LEADS) 2025* रैंकिंग में लैंडलॉक्ड राज्यों में सर्वोच्च “एग्जेम्प्लर (Exemplar)” पुरस्कार प्राप्त किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश देश का सर्वश्रेष्ठ एवं अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाला लैंडलॉक्ड (चारों ओर भूमि से घिरा) राज्य बनकर उभरा है। पिछले तीन साल (2022 से 2024) तक लगातार “अचीवर” रहने के बाद, इस साल शीर्ष पायदान पर राज्य की यह छलांग यहां के बेहतरीन कनेक्टिविटी नेटवर्क और प्रभावी नीतिगत सुधारों का सीधा परिणाम है। यह सम्मान बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित लीड्स 2025 रिपोर्ट एवं LEAPS (Logistics Excellence, Advancements & Performance Shield) 2025 पुरस्कार समारोह के दौरान प्रदान किया गया। उत्तर प्रदेश की ओर से यह पुरस्कार इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने प्राप्त किया। वर्ष 2018 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईटी) द्वारा शुरू की गई ‘लीड्स' पहल राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क है। इस रैंकिंग में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, सेवाएं, नियामकीय व्यवस्था तथा परिचालन दक्षता जैसे महत्वपूर्ण मानकों का मूल्यांकन किया जाता है। इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ ने इस सफलता पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राज्य की 'वन ट्रिलियन डॉलर' अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाया गया है। 'उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति 2022' के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश का लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है। राज्य सरकार ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान विकसित किए हैं, जिनका उद्देश्य एकीकृत एवं कुशल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है। इन पहलों से परिवहन लागत में कमी, अंतिम छोर तक बेहतर कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन दक्षता में सुधार सुनिश्चित हो रहा है। उत्तर प्रदेश लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग सुविधाओं, ग्रामीण गोदामों और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश एवं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को बढ़ावा देकर लॉजिस्टिक्स विकास को गति दे रहा है। एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर और आगामी हवाई अड्डों के आसपास रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं, जिससे उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है।

9 वर्षों में 14 लाख युवाओं को विभिन्न विधाओं में कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ाया गया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा, तकनीकी दक्षता और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। योगी सरकार ने कौशल विकास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे रोजगार, उद्योग और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए प्रदेश के लाखों युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है। प्रदेश सरकार की नीतियों का परिणाम है कि पिछले 9 वर्षों में लगभग 14 लाख युवाओं को विभिन्न विधाओं में कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य सेवाएं, ऑटोमोबाइल, निर्माण, फैशन डिजाइनिंग, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, कृषि आधारित उद्योगों समेत कई क्षेत्रों को शामिल किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं में से 7.50 लाख से अधिक को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता मिली। “प्रोजेक्ट प्रवीण” के अंतर्गत अब तक 1.35 लाख को कौशल प्रशिक्षण योगी सरकार ने युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आधुनिक तकनीक और बाजार की मांग से जोड़ा है। इसी क्रम में संचालित “प्रोजेक्ट प्रवीण” योजना युवाओं के बीच काफी प्रभावी साबित हुई है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 1.35 लाख विद्यार्थियों को विभिन्न आधुनिक एवं तकनीकी क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है, ताकि वे डिग्री के साथ रोजगार के लिए भी पूरी तरह तैयार हों। 188 रोजगार मेलों से लगभग 4.40 लाख युवाओं को रोजगार प्रदेश सरकार ने रोजगार के अवसरों को युवाओं तक सीधे पहुंचाने के लिए मंडल और जनपद स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों का आयोजन भी किया। पिछले 9 वर्षों में आयोजित 188 वृहद रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 4.40 लाख युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ। इन मेलों में देश की प्रतिष्ठित कंपनियों, औद्योगिक संस्थानों और निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भाग लिया। इससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हुए और पलायन में भी कमी आई। “स्किल कैपिटल” के रूप में पहचान मजबूत कर रहा यूपी योगी सरकार का फोकस केवल नौकरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और मार्केट लिंकिंग उपलब्ध कराई जा रही है। यही कारण है कि प्रदेश में स्टार्टअप, एमएसएमई और स्थानीय उद्योगों से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश देश की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला राज्य है और यदि इस युवा शक्ति को कौशल और रोजगार से जोड़ा जाए तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकती है। योगी सरकार की नीतियों ने इसी सोच को जमीन पर उतारने का कार्य किया है। कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्योगों के विस्तार के समन्वय से उत्तर प्रदेश तेजी से “स्किल कैपिटल” के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

यूपी में मौसम का कहर: 5 दिन तक बारिश के साथ तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

उतर प्रदेश उत्तर भारत में कई राज्यों में बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। उत्तराखंड समेत तमाम राज्यों में तेज बारिश से मौसम बदला हुआ नजर आ रहा। उत्तर प्रदेश में पांच दिनों तक यानी कि तीन से सात मई और दिल्ली में तीन से पांच मई तक बारिश, आंधी, बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि तीन से पांच मई के दौरान उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं जिनकी स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है के साथ काफी भारी बारिश होने वाली है। इसमें से कुछ जगहों पर बहुत भारी बरसात होगी। इसके अलावा, तीन से पांच मई के दौरान उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में छिटपुट से बिखरी हुई गरज, बारिश, बिजली कड़कने और 60 की स्पीड से हवाएं, व ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इस हफ्ते के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे में छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय में तीन और चार मई को, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में तीन से पांच मई के दौरान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में पांच से सात मई के दौरान, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में छह मई को बिजली गिरने की चेतावनी है। यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हर जगह होगी बारिश उत्तर भारत के लिए मौसम विभाग ने कहा, 'तीन से पांच मई के दौरान, जम्मू कश्मीर में, तीन से सात मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, तीन से आठ मई के दौरान उत्तराखंड में गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी होने वाली है। तीन से छह मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में बारिश, बिजली कड़कने की संभावना है। इसके अलावा, 50 की स्पीड से हवाएं भी चलेंगी। तीन से सात मई के दौरान उत्तर प्रदेश में, तीन मई और पांच से सात मई के दौरान राजस्थान में गरज, बिजली कड़कने और आंधी के साथ मध्यम स्तर की बारिश होगी। चार मई को राजस्थान में, चार और पांच मई को पंजाब हरियाणा, चंडीगढ़ में गरज के साथ तेज हवाओं जिनकी स्पीड 70 किमी तक हो सकती है, की संभावना है। तीन और चार मई को जम्मू कश्मीर, तीन से पांच मई के दौरान हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में, तीन और चार मई को उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं ओले गिरने वाले हैं। बिहार-झारखंड में भी बारिश का अलर्ट चार मई को राजस्थान में धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना है। इसके अलावा, चार मई को उत्तराखंड में भारी बारिश होगी। पूर्वी भारत के लिए IMD के अनुसार, छह और सात मई को पश्चिम बंगाल, सिक्किम में गरज, बिजली और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी। छह से नौ मई के दौरान बिहार, ओडिशा, तीन, छह और सात मई को झारखंड में गरज, बिजली और तेज हवाओं की संभावना है। तीन से पांच मई के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार और ओडिशा में, चार और पांच मई को झारखंड में तूफानी हवाओं के साथ आंधी चलने की संभावना है।  

यूपी की प्रशासनिक दक्षता को मिली मान्यता, मिशन कर्मयोगी में दूसरे स्थान पर रहा राज्य

प्रशासनिक दक्षता में यूपी को बड़ी उपलब्धि, मिशन कर्मयोगी में बड़े राज्यों में यूपी को दूसरा पुरस्कार केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों व यूटी के बीच असाधारण प्रदर्शन किया यूपी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से तैयार हुआ कर्मयोगी कार्यबल नई दिल्ली/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश को सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच असाधारण प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके अलावा प्रदेश ने मिशन कर्मयोगी के तहत ‘साधना सप्ताह’ के दौरान 5 लाख से अधिक कर्मचारियों वाले प्रदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में दूसरा पुरस्कार हासिल किया है। नई दिल्ली में एक प्रतिष्ठित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के इस शानदार प्रदर्शन के लिए एम. देवराज, प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) उत्तर प्रदेश को सम्मानित किया। यह उपलब्धि सशक्त, कुशल और भविष्य के लिए तैयार उत्तर प्रदेश के निर्माण में मिशन कर्मयोगी की ठोस भूमिका का प्रमाण है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को भी दर्शाती है, जिसके तहत राज्य में नागरिक-केंद्रित, भविष्य के लिए तैयार और डिजिटली सशक्त ‘कर्मयोगी’ कार्यबल तैयार किया गया है। उत्तर प्रदेश को मिली इस सफलता के पैमाने भी ऐतिहासिक हैं। iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर 21.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को जोड़ा गया। इसके साथ ही राज्य में रिकॉर्ड 1.25 करोड़ कोर्स पूरे किए गए, जो सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक हैं। कौशल विकास के क्षेत्र में भी योगी सरकार के खाते में जबरदस्त उपलब्धि दर्ज की गई। राज्य ने 10 लाख एआई दक्ष बैज और 16,000 कर्मयोगी उत्कर्ष बैज अर्जित किए, जो यूपी में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल को दर्शाते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने क्षमता निर्माण में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फ्रंटलाइन कर्मचारियों (समूह सी एवं डी) तक,  शासन में हर स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित की।

हर पीड़ित को मिलेगा न्याय: उत्तर प्रदेश में 14566 हेल्पलाइन बनी सहारा

हर पीड़ित तक न्याय: उत्तर प्रदेश में 14566 नंबर हेल्पलाइन बनी सहारा समाज कल्याण विभाग की सख्ती से एक साल में 100% शिकायतों का हुआ निस्तारण शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही योगी सरकार   लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित 14566 नंबर अत्याचार एवं उत्पीड़न हेल्पलाइन प्रदेश के पीड़ितों के लिए मजबूत सहारा बनकर उभरी है। योगी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी पीड़ित को न्याय से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से कुल 553 शिकायतें दर्ज की गईं। उल्लेखनीय बात यह है कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया गया।  सभी शिकायतों का हुआ निस्तारण विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक कुल 628 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें अप्रैल में 45, मई में 37, जून और जुलाई में 65-65, अगस्त में 57, सितंबर में 80, अक्टूबर में 79, नवंबर में 40, दिसंबर में 35, जनवरी में 37, फरवरी में 48 और मार्च में 40 शिकायतें शामिल हैं। जांच के दौरान 75 शिकायतें दो बार दर्ज पाई गईं, जिन्हें अलग कर दिया गया। इसके बाद शेष सभी मामलों में संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर कार्रवाई सुनिश्चित कराई गई। संबंधित जिले को किया जाता है प्रेषित, कार्रवाई के बाद लिया जाता है फीडबैक समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता का विशेष ध्यान रखा गया है। हेल्पलाइन पर कॉल आते ही शिकायत को ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाता है और संबंधित जिले को तत्काल प्रेषित किया जाता है। इसके साथ ही उसकी एक प्रति समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी भेजी जाती है, जिससे हर स्तर पर निगरानी बनी रहे। कार्रवाई पूरी होने के बाद पीड़ित- पीड़िताओं से फीडबैक लेकर यह सुनिश्चित किया जाता है कि उसे वास्तविक न्याय मिला है या नहीं। बेझिझक 14566 पर दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत  विभाग के अधिकारी ने अपील करते हुए कहा है कि प्रदेश के किसी भी जिले में यदि किसी व्यक्ति के साथ अत्याचार या उत्पीड़न की घटना होती है, तो वह बिना किसी झिझक के 14566  नंबर हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकता है। सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और जवाबदेह बनाया है, जिससे शिकायतों का निस्तारण तेजी से और प्रभावी ढंग से हो सके। योगी सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सुशासन केवल दावों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी दिखाई दे रहा है।

यूपी में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को मिली राहत राशि

यूपी में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत राशि वितरित 21 जनपदों में ओलावृष्टि से 244.23 हेक्टेयर फसल की हुई क्षति प्रभावित 286 किसानों को योगी सरकार ने दी ₹13.34 लाख से अधिक की सहायता 17 जनपदों में अतिवृष्टि से 4053.11 हेक्टेयर फसल का हुआ नुकसान प्रभावित 9992 किसानों को सरकार की ओर से मिली ₹4.47 करोड़ से अधिक की राहत लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बीते दिनों खराब मौसम, आंधी और बारिश के चलते किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। इसका संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत कार्यों को तेज करने और लगातार निगरानी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ओलावृष्टि के कारण प्रदेश के 21 जनपदों में कुल 244.23 हेक्टेयर फसल क्षतिग्रस्त हुई है। इस आपदा से प्रभावित 286 किसानों को अब तक ₹13,34,217 की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं, अतिवृष्टि (अधिक वर्षा) के चलते स्थिति अधिक गंभीर रही। प्रदेश के 17 जनपदों में 4053.11 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान कुल 14,207 किसान प्रभावित हुए, जिनमें से 9,992 किसानों को अब तक ₹4,47,24,779 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा, बीते दिनों (15 मार्च 2026 से 22 मार्च 2026 तक ) हुई बेमौसम भारी वर्षा से जनपद सहारनपुर के 5 गांवों में 11 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई, जिसमें 44 किसान प्रभावित हुए हैं। जनपद ललितपुर की 3 तहसीलों में 1650.75 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल क्षति दर्ज की गई है, जिसमें कुल 3142 किसान प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा फसल क्षति का आकलन तेजी से कराया जा रहा है और पात्र किसानों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शेष प्रभावित किसानों को भी शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपनी आर्थिक स्थिति संभाल सकें और आगामी फसल की तैयारी कर सकें। राज्य सरकार की इस त्वरित राहत व्यवस्था से किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी प्रभावित किसान सहायता से वंचित न रह जाए।

पी के डेयरी उत्पादों का निर्यात 10% बढ़ा, अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज

यूपी के डेयरी उत्पादों के निर्यात में 10% की अभूतपूर्व वृद्धि योगी सरकार की नीतियों का असर, पशुपालन व डेयरी सेक्टर के निर्यात में उल्लेखनीय सुधार 444.10 करोड़ से बढ़कर अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 489.24 करोड़ रुपये पहुंचा निर्यात डेयरी, अंडे और प्राकृतिक शहद समेत उत्पादों की बढ़ती मांग से निर्यात को मिली गति डेयरी प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रहा बढ़ावा पशुपालकों की आय में इजाफा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती लखनऊ पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए योगी सरकार के कदमों का असर निर्यात में वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है। उत्तर प्रदेश के डेयरी और संबंधित पशु-आधारित उत्पादों के निर्यात में विगत एक से डेढ़ वर्ष में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार “डेयरी उत्पाद, अंडे, प्राकृतिक शहद और खाद्य उत्पाद” श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2023 से नवंबर 2024 के दौरान 444.10 करोड़ रुपये था, जो अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच बढ़कर 489.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस प्रकार इस श्रेणी में 10.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो करीब 45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को दर्शाती है। निर्यात को मिल रही नई गति यह श्रेणी केवल डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंडे, प्राकृतिक शहद और अन्य खाद्य पशु-आधारित उत्पाद भी शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग ने उत्तर प्रदेश के निर्यात को नई गति दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, दूध, घी, पनीर, मक्खन, मिल्क पाउडर के साथ-साथ शहद और अंडों की गुणवत्ता में सुधार तथा प्रोसेसिंग सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत हुई है। बेहतर पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। योगी सरकार की पहल से मिला बढ़ावा सीएम योगी के निर्देश पर राज्य में पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रहीं हैं। डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट्स के विस्तार, कोल्ड चेन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु, प्रशिक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दुग्ध सहकारी समितियों और निजी डेयरी इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण स्तर पर संग्रहण और विपणन तंत्र मजबूत हुआ है। अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत डेयरी और संबद्ध उत्पादों के निर्यात में आई यह वृद्धि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। इससे बड़ी संख्या में जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर इसी तरह ध्यान दिया जाता रहा, तो उत्तर प्रदेश आने वाले समय में इस श्रेणी के निर्यात में और बड़ी छलांग लगा सकता है।

टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 के तहत चलाया गया ‘नो टोबैको प्लेज’ अभियान, यूपी लगातार दूसरे वर्ष प्रथम

लखनऊ,  तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने और युवाओं को तंबाकू के सेवन से दूर रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ने एक बार फिर देश में पहला स्थान हासिल किया। केंद्र सरकार के टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 के तहत आयोजित ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ अभियान में वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में सबसे ज्यादा भागीदारी दर्ज की । इस सूची में उत्तर प्रदेश के बाद हरियाणा दूसरे, राजस्थान तीसरे और दिल्ली चौथे स्थान पर रही। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण के इस अभियान में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशों के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्ष 2024-25 में भी टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 2.0 के दौरान ऑनलाइन ‘नो टोबैको प्लेज’ में देश में शीर्ष स्थान हासिल किया था। लगातार दूसरे वर्ष यह उपलब्धि राज्य के युवाओं, स्कूलों, स्वास्थ्य विभाग और तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की टीम के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है। टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0 की शुरुआत 09 अक्टूबर 2025 से हुई थी। यह राष्ट्रीय अभियान शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से संचालित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें तंबाकू का उपयोग न करने की शपथ लेने के लिए प्रेरित करना और तंबाकू मुक्त पीढ़ी का निर्माण करना है। इस अभियान के तहत स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम, शिक्षकों का प्रशिक्षण, तंबाकू मुक्त संस्थानों की घोषणा और ऑनलाइन शपथ जैसी कई गतिविधियां आयोजित की गईं। उत्तर प्रदेश में इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया गया। एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी कर ऑनलाइन शपथ ली। इसके अलावा लोगों को तंबाकू की लत छोड़ने में सहायता देने के लिए भी विभिन्न सेवाएं संचालित की गईं। केंद्र सरकार के तंबाकू मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि मील का पत्थर साबित हो रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा उत्तर प्रदेश

यूपी के गोरखपुर और रामपुर जिले में स्थापित हो रही ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं गोरखपुर में टोरेंट पॉवर का 0.5 मेगावाट ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट, 9 किलोग्राम प्रति घंटा उत्पादन क्षमता रामपुर में जीरो फ्रूटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट, 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा उत्पादन क्षमता लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ और वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के गोरखपुर और रामपुर जनपदों में ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। यूपी नेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बताया कि गोरखपुर में टोरेंट पॉवर द्वारा 0.5 मेगावाट क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना की उत्पादन क्षमता लगभग 9 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। यह पायलट प्रोजेक्ट प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक के उपयोग और उसके व्यावसायिक विस्तार की संभावनाओं को परखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसी तरह रामपुर जिले में जीरो फ्रूटप्रिंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन परियोजना स्थापित की जा रही है। इस संयंत्र की उत्पादन क्षमता लगभग 22.5 किलोग्राम प्रति घंटा होगी। इस परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ ही क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का स्वच्छ ईंधन माना जाता है। इसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पानी की इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से तैयार किया जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन लगभग शून्य होता है। इसका उपयोग परिवहन, उद्योग और ऊर्जा भंडारण जैसे क्षेत्रों में किया जा सकता है। इन जनपदों में स्थापित हो रही ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा निवेश बढ़ेगा और आने वाले समय में ग्रीन हाइड्रोजन से जुड़े उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।