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बिहार में सियासी हलचल तेज, RJD का JDU को साथ आने का न्योता ठुकराया

पटना
नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) को लालू एवं तेजस्वी यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से गठबंधन सरकार बनाने का न्योता मिला है। राजद के वरीय नेता एवं विधायक भाई वीरेंद्र ने जदयू से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़ने को कहा है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर नीतीश पहले ही स्टैंड ले चुके हैं। जदयू और राजद समाजवादी दल हैं, इनकी राजनीति एक ही है। इसलिए भाजपा का साथ छोड़कर जदयू को राजद के साथ आना चाहिए और बिहार में नई सरकार बनानी चाहिए।

भाई वीरेंद्र ने मंगलवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि एनडीए सरकार 'नागपुर' से चल रही है। उन्होंने कहा, "यह बिहार है। यहां नागपुर का नहीं चलेगा। बिहार में यूसीसी लागू नहीं करने देंगे। नीतीश कुमार भी स्टैंड ले चुके हैं। उनसे कहेंगे कि वैसे लोगों (भाजपा) को छोड़िए, इधर आइए और हम मिलकर सरकार बनाएं। भाजपा को लात मारकर आएं।

बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने देंगे- वीरेंद्र
यूसीसी का विरोध करते हुए राजद विधायक ने कहा कि यूसीसी को बिल्कुल भी लागू नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि भारत धर्म निरपेक्ष देश है। सभी धर्मों को मानने का अधिकार मिला हुआ है। संविधान में भी इसका उल्लेख है।

समाजवाद का हवाला
भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ कुछ ऐसे लोग लगे हैं, जिन्होंने उन्हें बर्बाद कर दी दिया और आगे और बर्बाद कर देंगे। उन्होंने नीतीश से कहा, “हम सामाजिक न्याय के लोग हैं, जिस राजनीति में आप हैं, उसमें हम भी हैं। आप हमारे साथ आइए और भाजपा को लात मारिए।”

जदयू ने ठुकराया राजद का ऑफर
दूसरी ओर, जदयू ने राजद का ऑफर ठुकरा दिया है। बिहार के डिप्टी सीएम और जदयू के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने राजद विधायक भाई वीरेंद्र के प्रस्ताव पर पलटवार भी किया है। उन्होंने कहा कि हम लोग राजद के सुझावों पर नहीं चलते हैं। राजद क्या चाहती है, उससे हमें कोई मतलब नहीं है। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि जदयू को सिर्फ हमारी सोच और हमारे गठबंधन के दलों की सोच से मतलब है।

दो बार राजद के साथ बिहार में सरकार बना चुकी है जदयू
जदयू और राजद के बीच पहले भी दो बार गठबंधन हो चुका है। पहली बार 2015 से 2017 के बीच राजद, जदयू और कांग्रेस के महागठबंधन वाली सरकार रही थी। इसके बाद, फिर से अगस्त 2022 से जनवरी 2024 के बीच दोनों दलों के गठबंधन की सरकार बिहार में रही। महागठबंधन सरकार में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे और राजद के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम रहे थे। इसके बाद जदयू ने महागठबंधन का साथ छोड़ एनडीए में वापसी कर ली थी।

यूसीसी पर जदयू का सस्पेंस
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी कानून लागू करने के ऐलान के बाद एनडीए में घमासान तेज है। नीतीश की पार्टी ने फिलहाल इस पर खुलकर समर्थन नहीं दिया है और ना ही विरोध किया है। जदयू ने सस्पेंस बनाते हुए ड्राफ्ट आने के बाद

जदयू के पूर्व मंत्री एवं विधायक श्याम रजक ने एक दिन पहले बिहार में इस कानून को लागू नहीं करने की बात कह दी थी। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात कर इस मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने कहा कि यूसीसी का ड्राफ्ट में प्रावधानों को देखने के बाद ही जदयू इस पर विचार-विमर्श करेगी।

बिहार विधानसभा की मौजूदा स्थिति-
एनडीए के पास कुल 201 विधायक
    भाजपा- 88
    जदयू- 85
    लोजपा आर- 19
    हम- 5
    रालोमो- 4

महागठबंधन में कुल 35 विधायक
    राजद- 25
    कांग्रेस- 6
    सीपीआई माले- 2
    सीपीआई- 1
    आईआईपी- 1

अन्य 7 विधायक
    AIMIM- 5
    बसपा- 1
    जन सुराज-1

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