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निकाय चुनाव में पंजाब में तेज वोटिंग, अब तक 45.60 फीसदी मतदान दर्ज

लुधियाना. पंजाब में 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के चुनावों के लिए मतदान का काम सुबह 8 बजे से जारी है। दोपहर 2 बजे तक राज्य भर में 45.60 % वोटिंग हुई है। भीषण गर्मी के बीच मतदाता पोलिंग बूथ पर अपने वोट का इस्तेमाल करने के लिए पहुंच रहे हैं। इन चुनावों में राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ कुल 7,555 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। रूपनगर में दोपहर 2 बजे तक 48.39% हुई वोटिंग श्री आनंदपुर साहिब: 59.52% मोरिंडा: 48.61% नंगल: 44.80% रूपनगर: 45.10% श्री चमकौर साहिब: 53.20% कीरतपुर साहिब: 69.36% जिला लुधियाना के रायकोट में कांग्रेस उम्मदीवर जगदेव सिंह जग्गा पर बूथ में जानलेवा हमला हो गया। हालत गंभीर होने के लचते PGI रेफर कर दिया गया है। जग्गा के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। बरनाला नगर निगम चुनावों के लिए आज 48 वार्डों में मतदान शुरू हो गया है। शहर के 50 वार्डों में से 48 वार्डों में वोटिंग हो रही है, जबकि 2 वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। इस बार चुनाव EVM की बजाय बैलेट पेपर के जरिए करवाए जा रहे हैं। 48 वार्डों में 95 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां 84,858 मतदाता 177 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। समराला म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव समराला में 15 में से 12 वार्ड के लिए वोटिंग जारी है। शहर के 3 वार्ड 1, 4 और 12 में सभी विरोधी उम्मीदवारों के नॉमिनेशन कैंसिल होने की वजह से AAP उम्मीदवार बिना चुनाव लड़े ही यहां से जीत चुके हैं। समराला में म्युनिसिपल काउंसिल चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए समराला के कुल 12 वार्ड में वोटिंग होगी, जहां 8,792 पुरुष वोटर, 8,372 महिला वोटर और तीन अन्य समेत कुल 17,167 वोटर चुनाव में हिस्सा लेंगे। नगर परिषद चुनाव के लिए शुरू हुई वोटिंग में आसानी से, शांति से और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूरे इंतज़ाम किए गए हैं। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पोलिंग स्टेशनों और संवेदनशील जगहों पर काफ़ी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं। किस पार्टी के कितने उम्मीदवार इन चुनावों में कुल 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें ‘आप’ के 1,802 उम्मीदवार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1,550, शिरोमणि अकाली दल के 1,251, भाजपा के 1,316, बसपा के 96 और 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि 13 उम्मीदवार अन्य पार्टियों से संबंध रखते हैं। इस संबंध में पंजाब सरकार ने 26 मई को सभी सरकारी दफ्तरों, शैक्षणिक संस्थानों और अदालतों में छुट्टी घोषित की है। वहीं पंजीकृत दुकानों और व्यावसायिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए विशेष छूट दी गई है।

संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर, निकाय चुनाव के लिए पंजाब में 75 हजार जवान तैनात

चंडीगढ़. पंजाब में नगर निगम, नगर कौंसिल को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। राज्य चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए इस बार 75 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की है। चुनाव को लेकर प्रदेश भर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और कई स्थानों पर तनावपूर्ण घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जानकारी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान करीब 35 हजार पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया जाएगा। ये कर्मचारी मतदान केंद्रों, संवेदनशील इलाकों, नामांकन केंद्रों और मतगणना स्थलों पर सुरक्षा संभालेंगे। इसके अलावा करीब 35,500 कर्मचारी सीधे चुनाव ड्यूटी में लगाए जाएंगे, जो मतदान दलों की आवाजाही, बूथ प्रबंधन और चुनावी सामग्री की निगरानी करेंगे। राज्य स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम निकाय चुनाव इस बार निकाय चुनाव को राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सेमिफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिअद ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। कई शहरों में टिकट वितरण को लेकर दलों के भीतर असंतोष भी सामने आया है, जिससे निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है और मुकाबला रोचक बन गया है। राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न निकायों में 10,809 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें नगर निगमों में 2,154, नगर कौंसिलों में 7,334 और नगर पंचायतों में 1,321 उम्मीदवार शामिल हैं। सबसे अधिक मुकाबला नगर कौंसिल क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां कई वार्डों में सीधी टक्कर बन चुकी है। हाल के दिनों में कुछ जिलों से नामांकन के दौरान तनाव और विरोध की घटनाएं भी सामने आई हैं। फिरोजपुर के मुदकी में विपक्षी दलों ने उम्मीदवारों को धमकाने और नामांकन से रोकने के आरोप लगाए हैं, जबकि देरा बाबा नानक में कांग्रेसी नेता के घर पर फायरिंग के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया। संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार  इन घटनाओं को देखते हुए आयोग ने जिला प्रशासन को संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार करने और अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ फ्लैग मार्च, नाकेबंदी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त भी कराई जाएगी, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। 19 में को नामांकन वापस लिए जाएंगे।