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सीएम साय की दिल्ली यात्रा पूरी, नक्सलवाद पर केंद्र की कार्रवाई को कहा धन्यवाद

रायपुर. दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई. नक्सलवाद की समाप्ति के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. 4 दशकों के नक्सलवाद से बस्तर मुक्त हुआ है, वहां अब विकास कार्य किस तरह किए जाएंगे, इसकी जानकारी प्रधानमंत्री को दी. मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात हुई. वहीं असम के चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा की बहुत अच्छी स्थिति रहेगी. असम में सरकार बनेगी. भाजपा के लिए अच्छी स्थिति है. बता दें कि मुख्यमंत्री साय अपने दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के दौरान बस्तर के समग्र विकास का एक विस्तृत और दूरदर्शी ब्लूप्रिंट सौंपा है. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री को मानसून के बाद बस्तर आने का आमंत्रण दिया, जहां उनकी मौजूदगी में कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण प्रस्तावित है. 

बस्तर के विकास पर फोकस: CM साय आज PM और गृह मंत्री से करेंगे मुलाकात, पेश करेंगे रोडमैप

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार की रात नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। यह दौरा महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि बस्तर के भविष्य की नींव रखने वाली बैठक के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री साय 7 अप्रैल की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। इसी दिन वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी भेंट करेंगे। दोनों बैठकों में बस्तर के व्यापक विकास का खाका पेश किया जाएगा। इस बार की बैठक का केंद्रबिंदु ‘पोस्ट-माओइस्ट सीनारियो’ है। वर्षों की सुरक्षा कार्रवाइयों के बाद बस्तर में माओवाद का प्रभाव काफी हद तक सिमट चुका है और अब सरकार की नजर इस क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर टिकी है। मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के समक्ष बस्तर के विकास का एक विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करेंगे, जिसमें बुनियादी ढांचे के विस्तार से लेकर निवेश, रोजगार और आदिवासी समाज के समावेशी विकास तक की पूरी रूपरेखा शामिल होगी। क्या होगा प्रेजेंटेशन में? मुख्यमंत्री अपनी प्रस्तुति में इन बिंदुओं पर केंद्र सरकार का ध्यान खींचेंगे – बस्तर में सड़क, बिजली और संचार जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार  नए उद्योगों की स्थापना और निवेशकों को आकर्षित करने की योजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के ठोस अवसर आदिवासी क्षेत्रों का समावेशी और संतुलित विकास केंद्र की नजर बस्तर पर गौरतलब है कि अब केंद्र सरकार का पूरा ध्यान बस्तर की ओर मुड़ चुका है। सुरक्षा मोर्चे पर मिली सफलताओं के बाद यह माना जा रहा है कि बस्तर अब बदलाव के एक नए दौर में प्रवेश करने को तैयार है। मुख्यमंत्री साय के इस दौरे को उस बदलाव की औपचारिक शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

जशपुर में मुख्यमंत्री साय की मौजूदगी, भाजपा स्थापना दिवस व श्रीराम कथा में करेंगे शिरकत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। इसके अलावा वे आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में भाजपा स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर में रायपुर से जशपुर के लिए रवाना होंगे। जशपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे प्रभु श्री रामकथा रसपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद वे शाम 5:35 बजे जशपुर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। रायपुर पहुंचने के बाद शाम 6:30 बजे वे जिला भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। भाजपा का 47वां स्थापना दिवस आज, प्रदेशभर में होंगे कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी का 47वां स्थापना दिवस आज मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। सुबह 8:00 बजे भाजपा जिला कार्यालय में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें महिला मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा की विशेष भागीदारी रहेगी। इसके बाद सुबह 9 बजे जिला कार्यालय स्थित एकात्म परिसर में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं, प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में सुबह 11:00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होकर ध्वजारोहण करेंगे। इसके बाद शाम 5:00 बजे जिला कार्यालय एकात्म परिसर में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे।

जशपुर दौरे पर सीएम साय: श्रीरामकथा रसपान में होंगे शामिल

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने गृह जिला जशपुर के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे रायपुर से कुनकुरी रवाना होंगे। इसके बाद वे दोपहर 3 बजे सालिया टोली स्टेडियम में आयोजित प्रभु श्री रामकथा रसपान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे कुनकुरी से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे और शाम 6 बजे तक रायपुर लौट आएंगे। आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक आदिम जाति विकास विभाग की समीक्षा बैठक 6 अप्रैल को आयोजित की जाएगी। यह बैठक प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में होगी। बैठक का आयोजन सुबह 11 बजे नया रायपुर में किया जाएगा, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही वित्तीय प्रबंधन को और मजबूत बनाने पर फोकस रहेगा। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 की योजनाओं की स्थिति का आकलन के साथ वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट प्रावधानों पर भी चर्चा होगी। रायपुर में आज सन टू ह्यूमन साधना सत्र सन टू ह्यूमन फाउंडेशन द्वारा ‘सन टू ह्यूमन’ साधना सत्र का आयोजन किया जा रहा है। यह सत्र रायपुर के झूलेलाल गार्डन (कटोरातालाब) में आयोजित होगा। यह साधना सत्र प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक संचालित किया जाएगा। सामूहिक रांदल माता पूजा श्री गुजराती ब्रह्म समाज महिला मंडल द्वारा सामूहिक रांदल माता पूजा का आयोजन आज किया जा रहा है। यह आयोजन न्यू टिम्बर मार्केट, त्रिमूर्ति नगर स्थित दया भवन में संपन्न होगा। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे से होगी। झूलेलाल मंदिर का स्थापना दिवस झूलेलाल मंदिर भोईपारा में मंदिर का स्थापना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन का आयोजन श्रीराम मंडली एवं श्रीराम युवा मंडली द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत सुबह 10 बजे से पूजा-अर्चना शुरू होगी, जिसके बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

नक्सल मुद्दे पर संसद में चर्चा तेज, मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के विकास पर रखी बात

रायपुर. देश को नक्सलवाद से मुक्त करने के प्रयासों पर आज लोकसभा में महत्वपूर्ण चर्चा होने जा रही है। यह बहस ऐसे समय में हो रही है, जब केंद्र सरकार ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 26 की समयसीमा तय की है और इस डेडलाइन के खत्म होने में अब केवल एक दिन शेष है। इसको लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा छत्तीसगढ़ का ही ज्यादा जिक्र होगा। भारी मात्रा में नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में ही बचा हुआ था। चार दशक से ज्यादा से नक्सलवाद विकास में बड़ा रोड़ा बना हुआ था। उसको समाप्त करने में सफल हो रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए बहुत अच्छा है। बता दें कि लोकसभा सचिवालय ने इस विषय को नियम 193 के तहत सूचीबद्ध किया है। इस नियम के अंतर्गत अल्पकालिक चर्चा होती है, जिसमें मतदान नहीं कराया जाता, लेकिन सरकार के लिए जवाब देना अनिवार्य होता है। माना जा रहा है कि इस चर्चा में छत्तीसगढ़ का विशेष रूप से जिक्र होगा, क्योंकि देश में लंबे समय तक नक्सलवाद का सबसे अधिक प्रभाव यहीं रहा है। वायु सेवा विस्तार पर सीएम साय का बयान इसके साथ ही सीएम साय ने प्रदेश में वायु सेवाओं के विस्तार को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर से दिल्ली और कोलकाता के लिए नई फ्लाइट सेवा शुरू हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बीती रात बिलासपुर में नाइट लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा का भी शुभारंभ शुरू हो गया है। सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वायु सेवा में वृद्धि हो रही है।

छत्तीसगढ़ में आज CM साय का व्यस्त कार्यक्रम, सूरजपुर और बिलासपुर में शामिल होंगे समारोह में

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर, सूरजपुर और बिलासपुर के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से “मन की बात” सुनेंगे। इसके बाद वे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से सूरजपुर के लिए रवाना होंगे। सूरजपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री भारत माता कर्मा चौक में भक्त माता कर्मा की पूजा-अर्चना और माल्यार्पण करेंगे। वे “भक्त माता कर्मा जयंती महोत्सव 2026” कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 5:30 बजे बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। बिलासपुर के इंदिरा सेतु कूदूदण्ड में वे अटल परिसर एवं विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन करेंगे। शाम 7:40 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर के राजा रघुराज सिंह स्टेडियम में आयोजित स्व. लखीराम अग्रवाल टी-20 ड्यूज बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पहुंचकर “नाइट लैंडिंग एवं डिपार्चर शुभारंभ” कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद रात 9:45 बजे मुख्यमंत्री बिलासपुर से रायपुर के लिए रवाना होंगे और रायपुर पहुंचेंगे।

सीएम साय की दो टूक चेतावनी: अफीम उगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, चाहे कोई भी हो

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अफीम की अवैध खेती, विदेश नीति और नक्सलियों के आत्मसमर्पण जैसे मुद्दों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कहीं भी अफीम की खेती बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी। सीएम साय ने कहा कि जब दुर्ग जिले में अफीम की खेती का मामला सामने आया था, तभी सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए थे। कई जगहों पर पुलिस ने कार्रवाई कर खेती को चिन्हांकित भी किया है। उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे कितने भी बड़े रसूखदार क्यों न हों, सरकार कार्रवाई जरूर करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर कलेक्टरों की बैठक भी ली गई थी और उनसे जांच रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विदेश नीति पर विपक्ष को जवाब विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताने पर सीएम साय ने पलटवार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी देश के मजबूत नेता हैं और उनकी विदेश नीति प्रभावी है। उन्होंने कहा कि भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए रास्ते खुले हैं और गैस व तेल की आपूर्ति भी सुगम हुई है। बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत नक्सलियों के सरेंडर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का स्पष्ट संकल्प है कि देश से नक्सलवाद खत्म किया जाएगा। 31 मार्च की समय सीमा के बीच लगातार नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं और पापाराव जैसे बड़े नक्सलियों का सरेंडर होना सकारात्मक संकेत है। सीएम साय ने इसे राज्य और देश के लिए अच्छी खबर बताते हुए कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।

CM साय का सख्त रुख: रोप-वे हादसे की जांच के बाद जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिला स्थित प्रसिद्ध खल्लारी मंदिर में आज सुबह हुए रोप-वे हादसे को दुखद बताया. उन्होंने कहा कि घटना की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा और बलौदाबाजार जिले के दौर पर रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कवर्धा में लोधी समाज द्वारा अवंति बाई की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें शामिल होंगे. इसके अलावा बलौदाबाजार में गोंडवाना समाज की ओर से आयोजित आदर्श विवाह समारोह में शामिल होंगे. वहीं शाम को केरल के दौरे को लेकर कहा कि कल (केरल विधानसभा चुनाव के लिए) बीजेपी प्रत्याशियों का नामांकन है. उसमें शामिल होने जा रहे हैं. विधानसभा में पारित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को लेकर मिल रही लोगों से बधाई पर कहा कि कल हम सरगुजा गए थे, वहां अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने मुलाकात के दौरान विधेयक का स्वागत किया. रायपुर में भी सीएम हाउस पहुंचे लोगों ने धन्यवाद दिया.  एक मौत, 17 श्रद्धालु घायल हादसे में एक महिला की मौत हो गई है जबकि 17 श्रद्धालु घायल हुए हैं। नीचे वाली ट्राली में 9 लोग और ऊपर वाली ट्राली में 8 लोग सवार थे। मौके पर मौजूद लोगों और मंदिर प्रबंधन व पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल महासमुंद भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर रोप-वे सेवा को तत्काल बंद कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी को हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाया स्थानीय लोगों ने रोप-वे की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रशासन ने मामले में जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञात हो कि नवरात्र जारी है और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ है।

सहयोग से संपन्न हुआ बजट सत्र, CM साय बोले- सभी का आभार

रायपुर. विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मंत्रीगण एवं विधायकगण ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और सफल सत्र के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही यह सत्र सार्थक और सफल बन पाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल दायित्व है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया जो एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा संबंध राज्य की आंतरिक सुरक्षा, शांति और समृद्धि से है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं और यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परिणामकारी रहा। सत्र के दौरान माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सम्पन्न हुए। उन्होंने कहा कि इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हुए, जो युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सत्र के दौरान सदन के सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही अस्वस्थता के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लगातार डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर रखी।मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने सत्र के सफल संचालन के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकगण, विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष धन्यवाद दिया। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंत में मुख्यमंत्री साय ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

नक्सलवाद पर CM साय का बड़ा बयान: NDC अधिकारियों संग चर्चा में ‘डबल इंजन’ की सफलता का जिक्र

 रायपुर छत्तीसगढ़ की हमारी धरती सघन वन, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा के विपुल भंडार, लोक संस्कृति की अमूल्य विरासत और नैसर्गिक सौन्दर्य का अद्भुत संगम है. इस सुंदर धरती के विकास की सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद को हमारे डबल इंजन की सरकार ने अब दूर कर दिया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज के सैन्य और सिविल सेवा अधिकारियों के अध्ययन दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया. इस दौरान उन्होंने देश-विदेश से आए अधिकारियों का स्वागत करते हुए शाल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया. अध्ययन दल का नेतृत्व कर रहे एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा करते हुए राज्य की भौगोलिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक विशेषताओं की सराहना की. उन्होंने मुख्यमंत्री को सैन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किया. मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सघन वनों, खनिज संपदा, समृद्ध लोक संस्कृति और नैसर्गिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है. उन्होंने बताया कि राज्य का लगभग 46 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है, जिसमें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और कैम्पा योजना का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. सीएम साय ने कहा कि राज्य खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है, कोयले से लेकर हीरे तक यहां उपलब्ध हैं. छत्तीसगढ़ वर्तमान में विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में सरप्लस राज्य है, जहां लगभग 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में ऊर्जा क्षेत्र में 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे आने वाले समय में इतनी ही अतिरिक्त उत्पादन क्षमता विकसित होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अब नक्सल समस्या समाप्ति की ओर है. इससे प्रदेश में शांति और विकास की गति और तेज होगी. कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां किसानों के लिए प्रभावी धान खरीदी नीति लागू है. प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है. महिला सशक्तिकरण की दिशा में ‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके तहत 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं को प्रदान की जा चुकी है. इसके अलावा 05 लाख 30 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है. उन्होंने छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति, खान पान, रीति रिवाज परंपरा पर खुलकर बातें की और अपने राजनीतिक और सामाजिक अनुभव भी उनके साथ साझा किए. विदेशी मेहमानों ने कहा- अद्भुत है छत्तीसगढ़, सुंदर स्मृतियों के साथ पूरी हुई यात्रा  अध्ययन दल में शामिल विदेश के सैन्य अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास को “अद्भुत और यादगार” बताते हुए कहा कि राज्य भौगोलिक विविधताओं और उर्वर भूमि से समृद्ध है. उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र की जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य की प्रशंसा की. एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी ने कहा कि स्पष्ट नेतृत्व और सशक्त नीति के कारण प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है. उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों का मनोबल बढ़ा है, जिससे नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्य हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं, जैसे महिला सशक्तिकरण और आवास योजनाओं का जमीनी स्तर पर सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को कुशल नेतृत्व का परिणाम बताया. इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, आईजी ओ पी पाल, अध्ययन दल में आईपीएस अमनदीप सिंह कपूर, म्यांमार कर्नल लू जॉ आंग, ब्रिगेडियर मोहम्मद शाहिद अहमद, जापान के कर्नल उचीनो तोमोफुमी, ब्रिगेडियर कुंवर मान विजय सिंह राणा, सुप्रिया घाघ, ब्रिगेडियर शिशिर थमैय्या, बांग्लादेश के ब्रिगेडियर जनरल फिरदौस आरिफ अहमद, ब्रिगेडियर केतन अरुण मोहिते, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध चौहान, एयर कमोडोर अजय कुमार चौधरी, एयर कमोडोर मूलनाथ गिरीश, डॉ. राजेश कुमार अस्थाना, भूटान के कर्नल समतेन चेनोर, ग्रीस के कर्नल कॉन्सटेंटिनॉस नीरस शामिल है. उल्लेखनीय है कि नेशनल डिफेंस कॉलेज द्वारा प्रतिवर्ष एक साल का कोर्स आयोजित किया जाता है. इस वर्ष 66वां प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें 120 सैन्य और गैर सैन्य अधिकारियों का दल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 15 अधिकारियों का दल आर्थिक सुरक्षा और रणनीति विषय पर अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचा, जिसमें 05 विदेशी सैन्य अधिकारी भी शामिल है. प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने नया रायपुर में शहर की व्यवस्था और प्लान, कृषि और वन विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा, कांकेर के जंगल वारफेयर कॉलेज और कृषि विज्ञान केंद्र का अवलोकन किया. इसके साथ ही बस्तर में सुरक्षा संबंधी विषयों से जुड़ी विशेष चर्चा, सुरक्षाबलों के साहसिक कार्य, पर्यटन स्थल, विभिन्न शासकीय आयोजनों में बस्तर की कला-संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात, कोंडागांव में शिल्पग्राम का भ्रमण किया. अगले दिन उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट और भिलाई के पुलिस थाना का भ्रमण कर कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की.