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मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के तृतीय चरण का सीएम साय ने वर्चुअल किया शुभारंभ

बीजापुर. मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के तृतीय चरण का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ करते हुए बीजापुर जिले को दो नई बस सेवाओं की सौगात दी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण एवं सुदूर अंचलों में आवागमन को सुगम बनाते हुए परिवहन सुविधाओं का विस्तार करना है। शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर जिलेवासियों एवं दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को बस सेवा प्रारंभ होने पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सेवा ग्रामीण अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। तृतीय चरण के अंतर्गत बीजापुर जिले में जिन बस मार्गों पर संचालन प्रारंभ किया गया, उनमें कचलारम से जगदलपुर (तोयनार-धनोरा मार्ग होते हुए), कोतापाल-बीजापुर-नैमेड, भैरमगढ़-गीदम (एक फेरा वापसी) प्रतिदिन कुल 190 किलोमीटर, तथा पामेड़ से बीजापुर (कोण्डापल्ली-तर्रेम-बासागुड़ा-आवापल्ली मार्ग होते हुए) कुल 104 किलोमीटर शामिल हैं। वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान सीईओ जिला पंचायत नम्रता चौबे ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारीगण एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। ग्रामीण बस सेवा के प्रारंभ होने से बीजापुर जिले के सुदूर एवं आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ एवं नियमित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

फैक्ट्री दुर्घटना पर सीएम साय का बयान, घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश

रायपुर बलौदाबाजार जिले के बकुलाही स्थित आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। सीएम ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो एवं उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। सीएम ने हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गणतंत्र दिवस पर सीएम साय जिले में करेंगे ध्वजारोहण

बिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासन की फ्लैगशीप योजनाओं, आगामी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों एवं जनदर्शन के लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में पहली बार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा ध्वजारोहण किया जाना संभावित है। कलेक्टर ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह को गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। बैठक में एसएसपी  रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल, वनमण्डलाधिकारी श्री नीरज सिंह, सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन, एडीएम कलेक्टर  शिवकुमार बनर्जी, मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस पर जिले के विकास कार्यों एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे आम नागरिकों को जिले की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए। कलेक्टर ने बताया कि वंदे मातरम अभियान का द्वितीय चरण प्रारंभ है, जिसके अंतर्गत जिले में विभिन्न राष्ट्रभक्ति गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में सामूहिक वंदे मातरम गायन किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने चावल उत्सव का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने जनदर्शन एवं समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों का जल्द निराकरण करें।

राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर CM साय बोले- ‘युवा उद्यमियों को संसाधन और अवसर देकर सक्षम बना रही सरकार’

रायपुर. CM साय ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की शुभकामनाएं दी। सीएम साय ने कहा, आज स्टार्टअप इंडिया की 10वीं वर्षगांठ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वर्ष 2016 में शुरू हुए इस अभियान ने भारत को नवाचार और उद्यमशीलता की वैश्विक शक्ति के तौर पर स्थापित किया है। आज भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है और देश में 2 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स युवा शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक हैं। डबल इंजन सरकार छत्तीसगढ़ के युवा उद्यमियों को संसाधन, प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाने हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है। राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के रूप में मनाया जा रहा यह अवसर भारत की उद्यमशील सोच, नवाचार संस्कृति और आत्मनिर्भर भविष्य का उत्सव है। सभी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

मुख्यमंत्री साय बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित ले रहे उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित योजनाओं की रूपरेखा बनाने में लगे हैं. जानकारी के अनुसार इस बैठक का केंद्र बिंदु बस्तर में शांति और विकास तथा शासन की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुँचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता में रखा जा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने मूलभूत सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने पर मंथन किया जा रहा है. बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद हैं.

छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी का सपना होगा साकार, 21 को CM साय करेंगे भूमिपूजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में जल्द ही प्रस्तावित ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का काम शुरू होने जा रहा है. इसका निर्माण नवा रायपुर अटल नगर के माना-तूता में राज्योत्सव स्थल के पास लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में होगा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 जनवरी को निर्माण कार्य का भूमिपूजन करेंगे. इसके बाद निर्माण काम में तेजी आएगी. मुंबई की इंद्रदीप इन्फ्रा इंडिया लिमिटेड कंपनी पीपीपी मॉडल पर फिल्म सिटी का निर्माण करेगी. फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और कंपनी के बीच अनुबंध भी हो चुका है. कंपनी द्वारा 250 करोड़ और केंद्र सरकार द्वारा 150 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा फिल्म सिटी के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा रही है. पर्यटन मंडल के मुताबिक फिल्म सिटी में पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी को स्टूडियो और अन्य अधोसंरचना निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है. फिल्म सिटी में लगभग 400-500 करोड़ रुपए निवेश संभावित है. फिल्म मेकिंग की अपार संभावना नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण से फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे. फिल्म सिटी बनने से आसपास बसाहट, निवेश और अन्य व्यवसायिक गतिविधियों के साथ ही छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों और पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में फिल्म सिटी निर्माण और पर्यटन विकास के लिए राज्य शासन के प्रस्ताव पर केंद्र ने 150 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की है. यहां अधोसंरचना, इंडोर ये सुविधाएं रहेंगी. प्री और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए बनेंगे भवन फिल्म सिटी में फिल्म निर्माण और शूटिंग के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. यहां कई अस्थायी और स्थायी सेट्स बनाए जाएंगे. इनमें स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, जेल, फूड कोर्ट और रेस्टोरेंट आदि शामिल हैं. तालाब, उद्यान, नदी, पर्वत, सहित अन्य लोकेशन विकसित किए जाएंगे. शूटिंग के दौरान फिल्म निर्माताओं और कलाकारों के ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था होगी. इसके अलावा स्टूडियो, प्री प्रोडक्शन और पोस्ट प्रोडक्शन के लिए भी भवन बनेंगे. 21 जनवरी को भूमिपूजन प्रस्तावित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि नवा रायपुर में फिल्म सिटी निर्माण के लिए टेंडर फाइनल हो चुका है. फिल्म सिटी के निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों 21 जनवरी को किया जाना प्रस्तावित है. आउटडोर शूटिंग, कन्वेंशन सेंटर आदि का निर्माण भी किया जाएगा.

मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन आज, शाम को गोवा दौरे पर जाएंगे साय

रायपुर. छत्तीसगढ़ में आज का दिन राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियों से भरपूर रहने वाला है. मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन से लेकर मुख्यमंत्री के गोवा दौरे, कांग्रेस नेता सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ आगमन, नगर निगम की अहम बैठक और शहर में होने वाले विभिन्न सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रमों तक कई महत्वपूर्ण आयोजन आज के एजेंडे में शामिल हैं. इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर, योग कक्षा, निःशुल्क कोचिंग और आगामी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं. आज मुख्यमंत्री निवास में जनदर्शन रायपुर. मुख्यमंत्री निवास में आज जनदर्शन का आयोजन किया जाएगा. दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले जनदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आम जनता से सीधे संवाद करेंगे. इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा सके. आज दो दिवसीय गोवा दौरे पर रवाना होंगे मुख्यमंत्री जनदर्शन के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम दो दिवसीय गोवा दौरे पर जाएंगे. वे शाम करीब 6 बजे रायपुर से गोवा के लिए रवाना होंगे. गोवा में आयोजित आदि लोकोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे. कार्यक्रम कल सुबह 11 बजे आयोजित होगा.

छत्तीसगढ़ को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री साय का 15 वर्षीय विज़न, बिलासपुर को बनाया जाएगा ग्रोथ हब

रायपुर  छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने आज यह स्पष्ट संदेश दे दिया कि आने वाले दशक में बिलासपुर राज्य का अगला ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास के लिए एक बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया है। बैठक में जिस प्रकार केंद्र और राज्य के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी दर्ज हुई, उसने यह साबित कर दिया कि बिलासपुर का विकास केवल स्थानीय मुद्दा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिकता का विषय बन चुका है। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल , विधायक सुशांत शुक्ला, विधायक धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह तथा विभिन्न विभागों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण सभी एक ही मंच पर उपस्थित थे। इस संयुक्त उपस्थिति ने यह शक्तिशाली संदेश दिया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर दोनों स्तरों के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान और क्रियान्वयन में गति लाने के लिए राजनीतिक तथा प्रशासनिक इच्छा-शक्ति पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10–15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने केवल वर्तमान समस्याओं पर नहीं, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन पर व्यापक चर्चा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं छोड़ा गया। यही संदेश यह स्थापित करता है कि सरकार केवल घोषणाएँ नहीं कर रही, बल्कि बारीकी से जमीन पर लागू होने योग्य योजना बना रही है। इस दृष्टिकोण ने मुख्यमंत्री की छवि एक दूरदर्शी शहरी विकास नेता के रूप में और सुदृढ़ की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी संकेत दिया कि बिलासपुर को सिर्फ एक बड़े शहर के रूप में नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के नए आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब विकसित किया जाएगा। लॉजिस्टिक सपोर्ट, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत का प्रमुख शहरी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ आधुनिक नगरीय सुविधाएं, स्वच्छता व्यवस्था, सस्टेनेबल शहरी ढांचा और रोजगार सृजन के नए अवसर साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। इससे न केवल बिलासपुर, बल्कि पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र को नई आर्थिक दिशा मिलेगी। बैठक में जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी ने समावेशी राजनीति का स्पष्ट संदेश दिया। विधायक, महापौर और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने यह स्थापित किया कि बिलासपुर का विकास किसी एक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि शहर के भविष्य का सामूहिक संकल्प है। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि विकास के प्रश्न पर दलगत राजनीति को पीछे छोड़ दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। इससे यह संदेश गया कि बिलासपुर विकास रोडमैप केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सरकार ने आवश्यक बजट प्रावधान और दीर्घकालिक निवेश योजना के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। केंद्र और राज्य समन्वय के इस मॉडल ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की शहरी विकास योजनाएं अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ चुकी हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, हाउसिंग, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, जिससे बिलासपुर को विशेष लाभ मिलेगा। बैठक के बाद मीडिया में प्रमुखता से यह संदेश उभरा कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से यहाँ विकास की नई लहर उत्पन्न होने जा रही है। बिलासपुर के विकास का यह अभियान प्रदेश की समग्र राजनीति में भी महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। शहरी विकास, रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना पर केंद्रित यह एजेंडा डबल इंजन सरकार की विकासोन्मुखी राजनीति की पहचान बनेगा। आज की बैठक ने यह स्थापित कर दिया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिलासपुर का विकास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एक मजबूत राजनीतिक संकल्प है। डबल इंजन सरकार की ताकत के साथ बिलासपुर अब राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

आदिवासी अंचलों तक पहुंचेगी सेहत की सौगात, मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट को किया रवाना

रायपुर दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी। मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।

‘महतारी गौरव वर्ष’ पर आधारित 2026 का शासकीय कैलेंडर जारी, CM साय ने किया लॉन्च

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। बता दें कि कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पांच प्रमुख शक्तिपीठ मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है। शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत और आयुक्त जनसंपर्क रवि मित्तल उपस्थित थे।