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मुख्यमंत्री ने की “समर्थ उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047” महाअभियान की शुरुआत

– हमें कैसा भारत और यूपी चाहिए ये विजन में होना चाहिए, उसी तरह से हमें अपने युवाओं को तैयार करना होगा – सीएम योगी – बीते आठ वर्षों में हमने यूपी की निराशा को उत्साह में बदला- मुख्यमंत्री – देश में सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश की है- सीएम योगी – बीते आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी- सीएम योगी – सभी प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करने और अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा- मुख्यमंत्री – 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था- सीएम – 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था, लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया- मुख्यमंत्री – यूपी 8 वर्ष में बीमारू से ग्रोथ इंजन बन सकता है, तो 2047 में विकसित उत्तर प्रदेश का लक्ष्य हासिल करेगा- सीएम योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता का आह्वान करते हुए कहा कि भारत और यूपी का भविष्य कैसा हो, यह हमें तय करना है। हमें अपने युवाओं को तैयार करना है, क्योंकि हम जिस मनोदशा में जिएंगे, उसी दिशा में आगे बढ़ेंगे। हमें कैसा भारत और उत्तर प्रदेश चाहिए, यह हमारे विजन में होना चाहिए। सीएम योगी लोक भवन सभागार में "समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047" अभियान के शुभारंभ के अवसर पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘समर्थ उत्तर प्रदेश’ पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल प्रदेशवासियों को अपने सुझाव देने का मंच प्रदान करेगा, जो 12 प्रमुख सेक्टरों- कृषि, पशुधन संरक्षण, औद्योगिक विकास, आईटी-टेक्नोलॉजी, पर्यटन, नगर व ग्राम्य विकास, आधारभूत संरचना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा व सुशासन- पर केंद्रित विजन डॉक्यूमेंट का हिस्सा बनेंगे। विजन डॉक्यूमेंट "अर्थ शक्ति, सृजन शक्ति और जीवन शक्ति" थीम पर आधारित है। कार्यशाला में प्रशासन, पुलिस, वन सेवा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि क्षेत्रों से सेवानिवृत्त 400 से अधिक अधिकारियों और प्रबुद्धजनों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला की शुरुआत में 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और विजन@2047 पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई। प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करना महत्वपूर्ण- सीएम योगी कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि  "विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश” शताब्दी संकल्प अभियान के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार निरंतर प्रयत्नशील है। इस अभियान में 25 करोड़ जनता को भागीदार बनाना है। आप सभी प्रबुद्धजनों का सहयोग युवाओं को जागरूक करने और आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा। रिटायर्ड होने का मतलब टायर्ड होना नहीं है। आपका अनुभव इस अभियान को गति देगा। 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था- सीएम उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 16वीं-17वीं शताब्दी में भारत वैश्विक जीडीपी में 25% हिस्सा रखता था, जो 1947 तक 2% रह गया। 2014 में भारत 11वीं अर्थव्यवस्था था, लेकिन आज चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2027 तक तीसरी बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। अगर यही गति रही, तो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य संभव है। बीते आठ वर्षों में हमने यूपी की निराशा को उत्साह में बदला- सीएम योगी उत्तर प्रदेश के संदर्भ में सीएम ने कहा कि 1947 और 1960 तक यूपी का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान 14% था, लेकिन 2016-17 तक यह 8% हो गया और यूपी आठवीं अर्थव्यवस्था बन गया। बीते आठ वर्षों में हमने निराशा को उत्साह में बदला। आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रकृति और परमात्मा की कृपा से यूपी के पास सब कुछ है, बस संकल्प की जरूरत है। जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा- सीएम योगी सीएम ने प्रख्यात वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु का जिक्र करते हुए कहा कि जैसी मनोदशा होगी, वैसा विकास होगा। बसु ने दो पौधों पर प्रयोग किया, एक को प्रेरित किया, तो वह बड़ा वृक्ष बना, जबकि दूसरे को धिक्कारा, तो वह मुरझा गया। उन्होंने कहा कि यह जीव मात्र पर लागू होता है। मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है। यूपी और भारत की स्थिति भी यही थी। नकारात्मकता से निराशा बढ़ी, लेकिन अब उत्साह का माहौल है। 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने कहा कि 2016-17 से पहले यूपी बीमारू कहलाता था, लेकिन अब सकारात्मक बदलाव आया है। जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर इस वर्ष 35 लाख करोड़ होने जा रही है। प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। कोविड काल में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना से एमएसएमई को बढ़ावा मिला, जिससे निर्यात 2 लाख करोड़ तक पहुंचा। कोविड में 1 करोड़ लोगों को रहने-खाने की व्यवस्था दी गई, जिसमें 40 लाख यूपी के कारीगर थे। एक भावुक किस्सा साझा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान एक गरीब व्यक्ति ने खाली डिब्बा दिखाकर उन्हें धन्यवाद दिया, जो कोविड के समय में यूपी में मिले भोजन का था। उन्होंने कहा कि यह सेवा का भाव है, जो लोगों के मन में विश्वास जगाता है। सीएम योगी ने बताई अभियान की रूपरेखा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभियान का पहला चरण प्रबुद्धजनों के साथ अकादमिक संस्थानों में गोष्ठियों से शुरू होगा।  

राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, गोरखपुर तीसरे और जाैनपुर चौथे स्थान पर     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और आजमगढ़ तीसरे स्थान पर      पिछले दस माह से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा अगस्त माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले दस माह से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 19,178 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की अगस्त माह की रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में पूरे प्रदेश में कुल 3,69,293 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 19,178 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 10,693 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरे, गोरखपुर 9,560 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जाैनपुर ने 8,779 मामले निस्तारित कर चौथा और बाराबंकी ने 8,615 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 612 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की अगस्त माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 612 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 244.80 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 379 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 350 के सापेक्ष 400 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर आजमगढ़ है। इसी तरह अगस्त में मऊ के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 91 मामलों का निस्तारण कर 303.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और मऊ प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं बुलंदशहर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 79 मामले निस्तारित किये गये। वहीं जाैनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 68 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में बुलंदशहर दूसरे और जौनपुर तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 208 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 30 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 211 मामलों का निस्तारण कर 422 प्रतिशत हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि 105 मामले निस्तारित कर आजमगढ़ दूसरे और 80 मामले निस्तारित कर झांसी तीसरे स्थान पर है।  

कमजोरों के हक छीनने वालों पर योगी सरकार का डंडा, किसी को नहीं मिलेगी ढील

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद रविवार सुबह जनता दर्शन में आए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने ध्यान से उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निस्तारण तत्परता और संवेदनशीलता से किया जाए। 'सरकार हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है' सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘समस्याओं के निस्तारण में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और संतुष्टिपरक होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सरकार जनता की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में आए लोगों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मिले और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। 'सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी' सीएम योगी ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की और सभी को आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति की समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले या कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा न जाए। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर भी आए थे। मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी।  

एटा में सीमेंट प्लांट का उद्घाटन, CM योगी बोले- नीति स्पष्ट होने पर मिलते हैं विकास के नतीजे

एटा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटा में सीमेंट प्लांट का सीएम योगी ने उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि आज एटा की पहचान न सिर्फ सीमेंट और पावर प्लांट से है, बल्कि अपने परंपरागत उद्यम जलेसर के घंटा और घुंघरू से भी है। देवस्थान की पूजा और संगीत की महफिल, दोनों जलेसर के बिना अधूरी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में यूपी को भी विकसित करना होगा। विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई विधानसभा और विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई, सेक्टर और थीम तय किए गए। अब विशेषज्ञ हर जिले में जाकर युवाओं को तैयार करेंगे और जनता के सुझावों से रोडमैप बनेगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सीमेंट सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी निभा रहा है। अकेले एटा यूनिट ने अब तक 183 शहीद परिवारों को मुफ्त सीमेंट उपलब्ध कराया है। जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे किए  सीएम योगी ने कहा कि जब भारतीय जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए, तो यह तभी संभव हुआ जब पूरा देश एकजुट खड़ा रहा। श्री सीमेंट का योगदान इसी राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर और एटा के बाद, चित्रकूट में श्री सीमेंट ने 40 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाया है। सरकार ने उन्हें ओपन एक्सेस की सुविधा दी है ताकि वहां बनी बिजली का उपयोग यहीं हो सके। औद्योगिक नीति के तहत किए गए सभी वायदे समय पर पूरे कर रही सरकार  सीएम ने श्री सीमेंट को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार अपनी औद्योगिक नीति के तहत किए गए सभी वायदे समय पर पूरे करेगी। एटा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, चार-लेन कनेक्टिविटी और लोक कल्याणकारी योजनाओं के साथ विकास की नई बुलंदियों पर पहुंचेगा।  इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री विधानपरिषद के सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक सत्यपाल सिंह राठौर, संजीव कुमार दिवाकर, वीरेंद्र सिंह लोधी, विपिन कुमार डेविड, आशीष यादव, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरि मोहन बांगड़ और मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज अखौरी उपस्थित रहे। सीएम योगी ने प्लांट परिसर में पौधारोपण किया योगी आदित्यनाथ ने एटा में श्री सीमेंट के प्लांट के उद्घाटन से पूर्व पूरे प्लांट की विजिट की। इस दौरान उन्होंने प्लांट में मशीनरी और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें साइट मैप के माध्यम से भी पूरे प्लांट के विषय में जानकारी दी गई। इस दौरान सीएम योगी ने प्लांट परिसर में पौधारोपण भी किया।   

सीएम योगी का बड़ा फैसला: लेखपाल की रिपोर्ट पर नहीं होगा अंतिम निर्णय

लखनऊ  यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजस्व मामलों की जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब इन मामलों में लेखपाल की रिपोर्ट को अंतिम नहीं माना जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान आने वाली शिकायतों के मद्देनजर लेखपाल स्तर की जांच पर रोक लगा दी गई है। अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं,नायब तहसीलदार करेंगे। अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट देंगे। अंतिम निर्णय और समाधान उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर पर होगा। जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर रूप अपनाते हुए सीएम कार्यालय ने यह निर्णय लिया है। अब किसी रिपोर्ट से नहीं सुनवाई से न्याय होगा। राजस्व मामलों की जांच की प्रक्रिया में किए गए इस महत्वपूर्ण बदलाव से उम्मीद है कि इन मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी। पहले ऐसी शिकायतों की जांच लेखपाल करते थे। अब लेखपाल की बजाए नायब तहसीलदार ऐसे मामलों की जांच करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद राजस्व मामलों की जांच में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर नकेल कसना है। कहा जा रहा है कि ऐसे मामलों को लेकर आए दिन शिकायतें आ रही थीं। ऐसी कुछ शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में भी पहुंंची थीं। ऐसी शिकायतों पर सीएम योगी ने पूर्व में भी अधिकारियों को अधिक सतर्कता बरतने और जनता की शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से हल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि शिकायतकर्ताओं की समस्या के समाधान के बाद उनका फीडबैक भी लिया जाए। सीएम जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान अक्सर अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि जांच प्रक्रिया में बदलाव से जांच में जवाबदेही बढ़ेगी। इससे शिकायतों का निपटारा अधिक गुणवत्तापूर्ण ढंग से होगा।