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जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप मामले में छिंदवाड़ा पुलिस की कामयाबी, सप्लायर 3 दिन की रिमांड पर

छिंदवाड़ा  छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में 24 बच्चों की जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से मौत हो गई थी. कफ सिरप में जिस केमिकल की ज्यादा मात्रा मिलाने से वह जानलेवा हो गया था, उसे सफ्लाई करने वाले व्यक्ति को SIT की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. उसे परासिया कोर्ट में पेश करने के बाद पूछताछ के लिए 3 दिन की रिमांड पर लिया है. श्रेसन कंपनी को डायथिलीन ग्लाइकॉल का सफ्लायर गिरफ्तार छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप कोल्ड ड्रिंक से 24 बच्चों की मौत को लेकर पुलिस ने एसआईटी की टीम गठित की थी. एसआईटी के प्रभारी जितेंद्र सिंह जाट ने बताया कि, ''अब तक इस मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. श्रेशन कंपनी का कोल्ड्रिफ सिरप जिसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा अधिक पाई गई थी, जिसकी वजह से बच्चों की किडनी खराब हो रही थी. इस केमिकल को सप्लाई करने वाले व्यक्ति को भी टीम ने गिरफ्तार कर परासिया कोर्ट में पेश किया है. जहां से पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड ली गई है.'' मेडिकल दुकानों में नहीं हो रहा नियमों का पालन, 8 के लाइसेंस सस्पेंड जहरीले कफ सिरप से हुई बच्चों की मौत के बाद जिला औषधि एवं खाद्य विभाग भी लगातार मेडिकल दुकानों पर जांच कर कार्रवाई कर रहा है. इसके चलते परासिया की 7 मेडिकल दुकान और छिंदवाड़ा की एक दुकान पर नियम का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. दुकानदारों ने सही समय पर उचित कारण नहीं बता पाया इसलिए आठ मेडिकल दुकानों के अलग-अलग दिनों के लिए लाइसेंस सस्पेंड भी किए गए हैं. 1). दिनेश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 2). गुप्ता मेडिकल स्टोर 15 दिन के लिए निलंबित छिदवाडा 3). हरसोरिया मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के लिए निलंबित 4). कैलाश मेडिकल स्टोर परासिया सात दिवस के लिए निलंबित 5). न्यू सिटी मेडिकल स्टोर परासिया 10 दिन के लिए निलंबित 6). निलेश मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए 7). राय मेडिकल स्टोर परासिया 12 दिन के निलंबित 8). सुमित मेडिकल स्टोर परासिया 7 दिन के लिए सस्पेंड किए गए हैं. छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल में 24 बच्चों की मौत कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद हो गई थी. सिरप पीने के बाद बच्चों की किडनी फेल हो गई थी. जांच में पाया गया कि बच्चों को दिए गए सिरप में जहरीला पदार्थ मिला हुआ था. इस मामले में सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के मालिक, उस सिरप को प्रिसक्राइव करने वाले डॉक्टर, मेडिकल स्टोर में बेचने वाले फार्मासिस्ट, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सहित 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. 

कफ सिरप कांड में बड़ी कार्रवाई, बच्चों की मौत के आरोपी रंगनाथन की गिरफ्तारी

भोपाल / चेन्नई जानलेवा 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीसन मेडिकल्स (SRESAN MEDICALS) के मालिक रंगनाथन (RANGANATHAN) को हिरासत में ले लिया है. यह कार्रवाई उस दिल दहला देने वाली घटना के बाद हुई है, जिसमें कथित रूप से दूषित कोल्ड्रिफ (Coldrif) कफ सिरप पीने से मध्य प्रदेश में 21 बच्चों की मौत हो गई थी. हिरासत में लिए जाने के बाद रंगनाथन से इस पूरे मामले के संबंध में पूछताछ की जा रही है. इससे पहले, मध्य प्रदेश पुलिस ने इस गंभीर मामले को देखते हुए श्रीसन फार्मास्युटिकल कंपनी के फरार मालिकों पर इनाम घोषित किया था. पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद करने वाले व्यक्ति को 20,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की थी. इसके साथ ही, कंपनी के फरार मालिकों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष एसआईटी (SIT) टीम का भी गठन किया गया था, जिसका परिणाम रंगनाथन की हिरासत के रूप में सामने आया है. गोद में दम तोड़ गए मासूम 21 बच्चों की मौत की इस भयावह त्रासदी के बाद कंपनी के मालिक रंगनाथन को चेन्नई में मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस सिरप के कारण कई राज्यों में बच्चों की मौत की खबरें सामने आ रही हैं, जिसने स्वास्थ्य और नियामक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, कोल्ड्रिफ सीरप में मिलावट की पुष्टि हुई है, जो बच्चों के लिए घातक साबित हुई। मध्य प्रदेश में यह सीरप बड़े पैमाने पर वितरित किया गया था और इसके सेवन के बाद कई बच्चों की हालत बिगड़ गई। पीड़ित परिवारों का गुस्सा और दुख साफ देखा जा सकता है, क्योंकि उन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया। छिंदवाड़ा एसपी ने दी जानकारी छिंदवाड़ा के एसपी अजय पांडे ने बताया कि श्रीसन फार्मा के मालिक एस रंगनाथन को कल रात गिरफ्तार कर लिया गया। रंगनाथन की हिरासत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने Sresan फार्मा के खिलाफ जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सीरप के निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप यह जानलेवा उत्पाद बाजार में पहुंचा। फैक्ट्री से दस्तावेज जब्त मध्य प्रदेश पुलिस ने चेन्नई में कंपनी के कार्यालय पर छापेमारी की और कई दस्तावेज जब्त किए। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। साथ ही, सीरप के वितरण नेटवर्क और उन दवा दुकानों की भी जांच की जा रही है, जिन्होंने इस उत्पाद को बेचा। लोगों से अपील की गई है कि वे कोल्ड्रिफ सिरप का इस्तेमाल तुरंत बंद करें और अपने बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएं। मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा आरोप मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बुधवार को कहा कि राज्य में 21 बच्चों की मौत दूषित कफ सिरप पीने से हुई है और इसके लिए तमिलनाडु सरकार की गंभीर लापरवाही जिम्मेदार है. पटेल ने कहा, “यह तमिलनाडु सरकार की जिम्मेदारी थी कि राज्य से बाहर भेजी जाने वाली दवाओं की जांच करे. मध्य प्रदेश सरकार भी राज्य में आने वाली दवाओं की रैंडम जांच करती है, लेकिन यह सिरप संयोगवश उस सैंपलिंग में शामिल नहीं हो पाया.” पको बता दें कि तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने कहा था कि 3 अक्टूबर को दवा नियंत्रक द्वारा लिए गए सैंपल की लैब रिपोर्ट में Coldrif कफ सिरप को मिलावटी (contaminated) घोषित किया गया है. रिपोर्ट सामने आने के बाद कंपनी को तुरंत उत्पादन बंद करने के आदेश जारी किए गए थे. यह फैक्ट्री कांचीपुरम जिले के सुंगुवरचत्रम क्षेत्र में स्थित है और पिछले 14 वर्षों से Coldrif सिरप का निर्माण कर रही थी. यह कंपनी अपने उत्पादों की आपूर्ति कई राज्यों को करती रही है. 

बच्चों की मौत के मामले के बाद पंजाब में कोल्डरिफ सिरप बैन, सरकार ने लिया कड़ा फैसला

चंडीगढ़  पंजाब सरकार के फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (ड्रग्स विंग) ने कोल्डरिफ सिरप की बिक्री, वितरण और उपयोग पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। विभाग ने यह कदम उस रिपोर्ट के बाद उठाया है जिसमें उक्त दवा को नॉन-स्टैंडर्ड क्वालिटी घोषित किया गया है। यह रिपोर्ट मध्य प्रदेश ड्रग्स टेस्टिंग लैबोरेटरी द्वारा 4 अक्तूबर 2025 को जारी की गई थी। जांच में पाया गया कि यह सिरप डाइइथिलीन ग्लाइकोल की अत्यधिक मात्रा (46.28%) के कारण मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह सिरप स्रेसन फार्मास्युटिकल्स कांचीपुरम तमिलनाडु द्वारा मई 2025 में निर्मित और अप्रैल 2027 तक वैध बताया गया था। विभाग के अनुसार यह दवा मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की हालिया मौतों से जुड़ी बताई जा रही है, जिसके चलते पंजाब में इसे तुरंत प्रतिबंधित किया गया है। आदेश में सभी रिटेलर्स, डिस्ट्रीब्यूटर्स, अस्पतालों और मेडिकल प्रैक्टिशनरों को निर्देश दिया गया है कि वे इस सिरप को न खरीदें, न बेचें और न ही उपयोग करें। अगर राज्य में इस उत्पाद का कोई भी स्टॉक पाया जाता है, तो उसकी जानकारी drugcontrol.fda@punjab.gov.in पर रिपोर्ट करने के लिए बोला गया है। पंजाब के संयुक्त आयुक्त (ड्रग्स) ने यह आदेश जारी गए किए हैं और इसकी प्रति स्वास्थ्य मंत्री व संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है। सरकारी ऑर्डर में ये बातें लिखीं…     मध्य प्रदेश में परीक्षण के दौरान खतरनाक पाई गई: ऑर्डर में कहा गया है कि मध्य प्रदेश की खाद्य एवं औषधि प्रशासन की औषधि परीक्षण प्रयोगशाला ने 4 अक्टूबर 2025 को एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कोल्ड्रिफ सिरप नाम की दवा अच्छी गुणवत्ता वाली नहीं पाई गई है।     तमिलनाडु में बनी, इसमें जहरीले रसायन की पुष्टि: कोल्ड्रिफ सिरप का बैच नंबर SR-13 श्रीसन फार्मास्युटिकल्स, कांचीपुरम (तमिलनाडु) ने तैयार किया है। यह मई 2025 में बना और अप्रैल 2027 में खत्म होगा। इस सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल (46.28% w/v) की मिलावट पाई गई है, जो जहर के समान हानिकारक रसायन है और इससे सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है।     सिरप की मौजूदगी की सूचना देने के लिए ईमेल एड्रेस जारी: ऑर्डर के आखिर में लिखा है कि यह सिरप (कोल्ड्रिफ) मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बच्चों की मौत से जुड़ी है, इसलिए पंजाब में इस दवा की बिक्री, वितरण और इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगा दी गई है। पंजाब के सभी मेडिकल स्टोर, डिस्ट्रीब्यूटर, डॉक्टर और अस्पताल इस दवा को न बेचें, न खरीदें और न ही इस्तेमाल करें। अगर कहीं यह सिरप मौजूद है, तो उसकी जानकारी तुरंत पंजाब खाद्य एवं औषधि प्रशासन (दवा शाखा) को ईमेल drugscontrol.fda@punjals.gov.in पर दें। तमिलनाडु में बनने वाली कोल्ड्रिफ सिरप में 48% जहर कांचीपुरम जिले के सुंगुवर्चत्रम में स्थित श्रीसन फार्मास्यूटिकल की यूनिट से कोल्ड्रिफ सिरप (बैच नंबर SR-13) जब्त किया गया। जांच में पता चला कि इसमें नॉन-फार्माकॉपिया ग्रेड प्रोपीलीन ग्लाइकॉल का इस्तेमाल हुआ, जो संभवतः डायथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) और एथिलीन ग्लाइकॉल से दूषित था। दोनों ही केमिकल किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले जहरीले पदार्थ हैं। जैसे ही सैंपल चेन्नई की सरकारी ड्रग्स टेस्टिंग लैब में भेजे गए, वहां से 24 घंटे में रिपोर्ट दी गई। इसमें पाया गया कि कोल्ड्रिफ सिरप का यह बैच 48.6% w/v DEG से जहरीला और ‘Not of Standard Quality’ है। जबकि अन्य चार दवाओं (रेस्पोलाइट D, GL, ST और हेप्सैंडिन सिरप) को स्टैंडर्ड क्वालिटी का पाया गया। जांच रिपोर्ट के बाद तमिलनाडु सरकार का एक्शन     पूरे राज्य में कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री-वितरण पर तुरंत रोक लगाई गई।     सभी ड्रग इंस्पेक्टर्स को थोक और रिटेल दुकानों से स्टॉक फ्रीज करने का आदेश दिया।     ओडिशा और पुडुचेरी के अधिकारियों को भी अलर्ट किया गया।     कंपनी को स्टॉप प्रोडक्शन ऑर्डर जारी कर दिया गया।     मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस कैंसिल करने के लिए शो-कॉज नोटिस भी भेजा गया।