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अमेरिकी हमले के चलते दुबई में फंसी बठिंडा की कॉलेज प्रिंसिपल

बठिंडा. दुबई में जारी तनावपूर्ण हालात ने पंजाब के बठिंडा की एक शिक्षिका परिवार की छुट्टियों को भय और अनिश्चितता में बदल दिया है। इजराइल और इरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच दुबई में हुए हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। इस अचानक फैसले ने सैकड़ों यात्रियों की तरह ग्रीन एवेन्य कॉलोनी निवासी एसडी गर्ल्स कॉलेज की प्रिंसिपल नीरू गर्ग और उनके परिवार को भी वहीं फंसा दिया। नीरू गर्ग अपने पति प्रवीण गर्ग के साथ पांच दिन पहले दुबई घूमने गई थीं। उनकी वापसी शनिवार को अमृतसर के लिए तय थी, लेकिन एयरपोर्ट पहुंचते ही उन्हें बताया गया कि उड़ानें रद कर दी गई हैं और संबंधित एयरलाइन उनसे संपर्क करेगी। घंटों इंतजार के बाद भी कोई सूचना नहीं मिली। परेशान और असमंजस में घिरी नीरू गर्ग ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई। वीडियो में उनका दर्द साफ झलकता है। उन्होंने बताया कि एयरलाइन कार्यालय के चक्कर काटने के बावजूद उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। स्टाफ ने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पूरे दिन की भागदौड़ के बाद वे और उनका परिवार थककर चूर हो गए। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। अचानक बढ़े सुरक्षा खतरे और फ्लाइट्स बंद होने से दुबई में होटल के किराए आसमान छूने लगे। एयरपोर्ट से करीब 20 किलोमीटर दूर एक होटल में उन्हें ठहरना पड़ा, जहां भारी रकम चुकानी पड़ी। अब स्थिति यह है कि उनके पास नकद पैसे लगभग खत्म हो चुके हैं और होटल प्रबंधन कमरे खाली करने का दबाव बना रहा है। नीरू गर्ग बीपी की मरीज हैं। तनाव और अनिश्चितता के बीच उनकी दवाइयां भी समाप्त हो चुकी हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है। परिवार और रिश्तेदार बठिंडा से लगातार संपर्क में हैं, दिलासा दे रहे हैं, लेकिन जमीनी मदद अब तक नहीं पहुंची। उनके दो बेटे विदेश में रहते हैं एक कनाडा और दूसरा अमेरिका में वे भी लगातार हालात जानने की कोशिश कर रहे हैं, पर दूरी बेबसी बढ़ा रही है। कॉलेज प्रबंधन भी उनके संपर्क में है। प्रधान एडवोकेट संजय गोयल ने बताया कि फिलहाल वे दुबई में एक परिचित डाक्टर के घर अस्थायी रूप से ठहरी हैं, लेकिन आर्थिक और चिकित्सीय जरूरतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। नीरू गर्ग ने बताया कि उनकी कैबिनेट मंत्री डा. रवजोत सिंह से भी बात हुई है, जिन्होंने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। उनकी अपील साफ है कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर फंसे भारतीयों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करे। इस कठिन घड़ी में नीरू गर्ग और उनके जैसे अनेक परिवारों की उम्मीदें अब भारत सरकार की त्वरित कार्रवाई पर टिकी हैं। नीरू गर्ग ने वीडियो में बताया कि जब वे एयरपोर्ट पहुंचीं तो वहां मौजूद एयरलाइन स्टाफ ने यह कहकर उन्हें लौटा दिया कि संबंधित एयरलाइन उनसे संपर्क करेगी। लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दुबई एयरपोर्ट अथारिटी का व्यवहार भी यात्रियों के प्रति संतोषजनक नहीं रहा। नीरू गर्ग ने बताया कि वे इंडिगो एयरलाइंस के कार्यालय भी गईं, लेकिन वहां से भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली और स्टाफ कार्यालय छोड़कर चला गया। इस कारण वे और उनका परिवार पूरे दिन परेशान होते रहे। एक पूरा दिन बीत जाने के बावजूद न तो एयरलाइन की ओर से और न ही किसी सरकारी एजेंसी की ओर से उनसे कोई संपर्क किया गया। चंडीगढ़ से अबू धाबी और दुबई जाने वाली फ्लाइट्स कैंसिल शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अबू धाबी और दुबई जाने वाली कई फ्लाइट्स को मौजूदा तनावपूर्ण हालातों के कारण रद्द कर दिया गया है। खास तौर पर इंडिगो द्वारा रविवार और सोमवार को फ्लाइट्स कैंसिल करने की पुष्टि की है। एयरलाइंस द्वारा पैसेंजर्स को सलाह दी जा रही हैं कि एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अपनी फ्लाइट्स का स्टेटस चेक कर लें। मौजूदा इंटरनेशनल हालात को देखते हुए चंडीगढ़ से अबू धाबी और दुबई जाने वाली फ्लाइट्स पर असर पड़ा है। जानकारी के मुताबिक रविवार को दुबई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट आखिरी समय में कैंसिल कर दी गई। इसके अलावा सोमवार को अबू धाबी जाने वाली फ्लाइट भी कैंसिल करने की बात सामने आ रही है।

इंदौर: एग्जाम से बचने के लिए छात्रों ने फैलाई मौत की अफवाह, प्रिंसिपल के घर पहुंचा स्टाफ

 इंदौर  134 साल पुराने प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में छात्रों ने परीक्षा स्थगित करवाने के लिए प्राचार्य अनामिका जैन की मौत की झूठी खबर फैला दी। कॉलेज प्रबंधन, कर्मचारी, स्टाफ प्राचार्य के घर पहुंच गया। जांच हुई तो पता चला कॉलेज में सीसीई की ऑनलाइन परीक्षा है और उसको निरस्त करवाने के किए इस तरह से संदेश वायरल किए गए हैं। भवरकुआं पुलिस ने बुधवार देर रात इस मामले में कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र मयंक कछावा और हिमांशु जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। परीक्षा कैंसल करवाने के लिए प्रिंसीपल के निधन की झूठी अफवाह फैलाने का मामला शहर के सबसे प्रतिष्ठित शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय में सामने आने के बाद विद्यार्थी हैरान हैं। परीक्षा से बचने के लिए दो छात्र इस हद तक पहुंच गए कि मौत की झूठी खबर फैला दी। पुलिस के साथ अब कॉलेज प्रबंधन भी इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है। जानकारी के मुताबिक दोनों छात्रों ने परीक्षा कैंसल करवाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। सोशल मीडिया पर यह सूचना मिलते ही कॉलेज का स्टाफ और शिक्षक चौक गए। वे सभी प्राचार्य के घर पहुंच गए। इसके साथ ही विद्या‍र्थी भी इस सूचना को लेकर शोक में डूब गए थे।