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2026 Holiday List: जानें किस-किस तारीख को रहेंगे स्कूल, काॅलेज और ऑफिस बंद

रांची वर्ष 2026 के लिए सरकारी छुट्टियों का कैलेंडर जारी हो गया है। इस बार कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि साल भर में 11 ऐसे मौके आने वाले हैं जब उन्हें तीन दिन का लगातार अवकाश मिलने वाला है। यानी 2026 सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘लंबे वीकेंड्स का साल’ कहा जा सकता है। हालांकि सूची में शामिल कई छुट्टियां शनिवार और रविवार को पड़ रही हैं, फिर भी कुल 26 राजपत्रित अवकाश कर्मचारियों को पूरे साल राहत देने वाले हैं। 2026 में मिलने वाली छुट्टियां 26 जनवरी (सोमवार) – गणतंत्र दिवस, 1 फ़रवरी (रविवार) – गुरु रविदास जयंती, 14 फ़रवरी (रविवार) – महाशिवरात्रि, 4 मार्च (बुधवार) – होली, 21 मार्च (शनिवार) – ईद-उल-फितर, 23 मार्च (सोमवार) – भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव शहीदी दिवस, 26 मार्च (वीरवार) – राम नवमी, 31 मार्च (वीरवार) – महावीर जयंती, 3 अप्रैल (शुक्रवार) – गुड फ्राइडे, 8 अप्रैल (बुधवार) – गुरु नाभा दास जी, 14 अप्रैल (वीरवार) – वैसाखी, 14 अप्रैल (वीरवार) – डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, 19 अप्रैल (रविवार) – भगवान परशुराम जयंती, 1 मई (शुक्रवार) – मई दिवस, 27 मई (बुधवार) – ईद-उल-जुहा, 18 जून (वीरवार) – गुरु अर्जन देव जी शहीदी दिवस, 29 जून (सोमवार) – कबीर जयंती, 31 जुलाई (शुक्रवार) – शहीद उधम सिंह बलिदान दिवस, 15 अगस्त (शनिवार) – स्वतंत्रता दिवस, 4 सितंबर (शुक्रवार) – जन्माष्टमी, 2 अक्टूबर (शुक्रवार) – गांधी जयंती, 11 अक्टूबर (रविवार) – महाराजा अग्रसेन जयंती, 20 अक्टूबर (वीरवार) – दशहरा, 26 अक्टूबर (सोमवार) – भगवान वाल्मीकि जयंती, 8 नवंबर (रविवार) – दीपावली, 9 नवंबर (सोमवार) – विश्वकर्मा दिवस, 25 दिसम्बर (क्रिसमस ) कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा कहां? जारी सूची के अनुसार कई छुट्टियां शुक्रवार या सोमवार को पड़ रही हैं, जिससे सरकारी कर्मचारियों को लगातार तीन दिन का अवकाश मिलेगा। इससे कर्मचारियों को यात्रा, परिवार के साथ समय और मानसिक आराम—तीनों का बेहतरीन अवसर मिलने वाला है।  

झारखंड में 48 घंटे की छुट्टी का ऐलान, सभी शिक्षण संस्थान व दफ्तर बंद

रांची  झारखंड में 27 और 28 नवंबर को दो दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है। इस घोषणा के बाद स्कूल, कॉलेज और सरकारी-निजी दफ्तर बंद रहेंगे। प्रशासन ने यह फैसला मुख्य रूप से मौसम की बदलती स्थिति और त्योहारों की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया है। इन दो दिनों में सभी शिक्षण संस्थान और कई कार्यालय बंद रहेंगे ताकि त्योहारों के दौरान भीड़ और ट्रैफिक जाम को कम किया जा सके। यह छुट्टी सामान्य अवकाशों से अलग होती है क्योंकि इसे विशेष परिस्थितियों जैसे मौसम या त्योहार के कारण जल्दी घोषित किया जाता है। स्कूल–कॉलेज बंद का मतलब यह है कि शिक्षण संस्थान इन दो दिनों में पढ़ाई नहीं करेंगे और सभी शैक्षणिक गतिविधियां रोक दी जाएंगी। हालांकि कई जगहों पर ऑनलाइन कक्षाओं और वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि कामकाज प्रभावित न हो। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक और जिम्मेदारी से इस छुट्टी का लाभ उठाएं। जरूरत न होने पर बाहर न निकलें और सामाजिक दूरी का पालन करें ताकि यह अवकाश सभी के लिए सुरक्षित रहे।  

केंद्र सरकार ने MP में नए कॉलेजों को मान्यता देने से पहले काउंसिल के गठन की शर्त रखी

भोपाल  मध्य प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों को तीन वर्ष बाद मान्यता मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउंसिल ने 2023-24 के सत्र के लिए 166 कॉलेजों को मान्यता के लिए चिह्नित किया है, इनमें 22 सरकारी हैं। मान्यता के लिए 32 नए कॉलेजों की तरफ से भी आवेदन आए थे, जिनमें 15 निरीक्षण में उपयुक्त पाए गए हैं, पर अभी यह असमंजस है कि नए कॉलेज खुलेंगे या नहीं। कारण, केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि जब तक हमारी काउंसिल नहीं बन जाती नए कॉलेजों को मान्यता नहीं दी जाए। इस पर बीच का रास्ता निकालकर नए कॉलेजों की मान्यता के संबंध इसी सप्ताह शासन स्तर पर निर्णय होना है। इसके अतिरिक्त 2024-25 के सत्र की मान्यता भी एक माह के भीतर जारी हो जाएगी। इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। बता दें, केंद्र सरकार द्वारा हेल्थ केयर एलाइड साइंस कमीशन के गठन में देरी के चलते मान्यता उलझी हुई थी। कुछ राज्यों में पैरामेडिकल काउंसिल थी और कुछ में नहीं। सभी जगह पाठ्यक्रम भी अलग-अलग चल रहे थे। इसमें एकरूपता लाने के लिए केंद्र ने नेशनल कमीशन फार एलाइड साइंस एंड हेल्थ केयर प्रोफेशनल (एनसीएचपी) बनाया है। इसके बाद राज्यों की काउंसिल और चयन, भर्ती, यूजी और पीजी के लिए चार अलग-अलग बोर्ड बनने थे। कमीशन बनने के बाद राज्यों ने अपनी काउंसिल भंग कर दी, पर केंद्र के रेगुलेशन अभी तक तैयार नहीं हो पाए, इस कारण प्रदेश में शिक्षा सत्र 2023-24 और सत्र 2024-25 की मान्यता नहीं दी गई। मार्च में कैबिनेट ने प्रदेश की पैरामेडिकल काउंसिल को पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया। अब नवंबर से 2025-26 का सत्र भी प्रारंभ होना है। इस तरह इस वर्ष तीन सत्रों के लिए कॉलेजों को मान्यता दी जानी है। केंद्र के रेगुलेशन पर नई काउंसिल बनने के बाद यह होगा लाभ पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रदेश स्तर पर बोर्ड होगा। एक राज्य से डिग्री या डिप्लोमा करने वालों का दूसरे राज्यों में भी पंजीयन हो सकेगा। सभी राज्यों के पाठ्यक्रमों में एकरूपता आ जाएगी।