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‘कपड़ा नहीं तो क्या हुआ, वर्दी तो है’: 6 कॉन्स्टेबल की रील्स पर विवाद, नोटिस जारी

रीवा खाकी पर इन दिनों रील बनाने की ऐसी सनक सवार है कि वर्दी की गरिमा और अनुशासन का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। ताजा मामला रीवा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से सामने आया है, जहां पुलिस आरक्षक प्रशिक्षण ले रहे 6 नव आरक्षकों ने वर्दी में फूहड़ रील (Viral Police Reel) बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। रील में आरक्षकों ने वर्दी का रौब दिखाते हुए कहा, शक्ल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है। हमारे पास पैसा नहीं तो क्या हुआ, मंथली तो आता है। हमारे पास कपड़ा नहीं तो क्या, वर्दी तो है ना। आरक्षकों द्वारा यह रील सोशल मीडिया पर डालते ही वायरल हो गई। इसके बाद लोगों ने वर्दी की गरिमा, अनुशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। रीवा के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से यहां पर ट्रेनिंग ले रहें 6 नव आरक्षकों का एक वीडियो सोशल मीडिया में सर्कुलेट हुआ. वीडियो पर एसपी की नजर जा पड़ी, जिसके बाद इन नव आरक्षकों को भी रील का रियल खामियाजा भुगतना पडा. 6 नव आरक्षकों को कारण बताओ नोटिस रीवा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे 6 नव आरक्षकों का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से सर्कुलेट हो रहा है. वीडियो में 6 नव आरक्षकों ने एक साथ मिलकर एक रील तैयार बनाई. बाद में जिसे सोशल मीडिया पोस्ट किया. देखते ही देखते रील सर्कुलेट हो गई और हजारों लोगों ने उसे देखा. वीडियो PTS एसपी के पास पहुंचा, अधिकारियों ने इस कृत्य को अनुशासनहीनता माना. इसके बाद एसपी ने कार्रवाई करते हुए प्रशिक्षण ले रहे सभी नव आरक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. रील सर्कुलेट होने के बाद एसपी ने लिया एक्शन रील मे सभी 6 नव आरक्षक एक साथ दिखाई दे रहें हैं उनके द्वारा मस्ती भरे अंदाज मे एक वीडियो रिकॉर्ड किया गया. जिसमे कहा गया की" "शक्ल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है न" "हमारे पास पैसा नहीं है तो क्या हुआ, मंथली तो आता है न" "हमारे पास कपड़े नहीं तो क्या हुआ वर्दी तो हैं न" वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशिक्षण सेंटर मे पदस्थ PTS एसपी सुरेन्द्र कुमार जैन ने एक्शन लेते हुए सभी 6 नव आरक्षकों को नोटिस जारी करते हुए पत्र जारी किया है. पुलिस मुख्यालय से जारी हो चुके है सख्त निर्देश विभाग की ओर से जारी किए गए पत्र में उल्लेख किया गया की." समय-समय पर पुलिस मुख्यालय भोपाल से सोशल मीडिया में शासकीय कार्य के अतिरिक्त किसी भी प्रकार के वीडियो वर्दी में वायरल नहीं करने के निर्देश प्रसारित किये गये हैं. इस संबंध में प्रशिक्षण के दौरान आंतरिक व बाह्य प्रशिक्षकों द्वारा भी समय-समय पर आप सबको अवगत कराया गया है, वर्दी में रील्स न बनाये जाने के संबंध में निर्देशित भी किया गया है. वीडियो में नवआरक्षक बोले, "हमारे पास पैसा नहीं है तो क्या हुआ सख्त निर्देशों के बाद भी इसका पालन नहीं किया गया. दिनांक 25 फरवरी 2026 को समय 03:04 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' ( ट्विटर) पर बने "मटियामेट ग्रुप" में आपके द्वारा उक्त निर्देशों का उल्लंघन करते हुए विभाग की छवि धूमिल करने वाली रील प्रदर्शित की गई है. रील में ग्रुप के सदस्यों द्वारा वर्दी में एक्टिंग करते हुए कहा जा रहा है कि "शक्ल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है न. हमारे पास पैसा नहीं है तो क्या हुआ, मंथली तो आता है न. हमारे पास कपड़े नहीं है तो क्या हुआ, वर्दी तो है ना" रील को 25 फरवरी 2026 को रात 08:04 बजे तक तकरीबन 5,010 लोगों द्वारा देखा जा चुका है. साथ ही पुलिस विभाग के प्रति निगेटिव कमेंट भी किए जा रहे हैं. पुलिस विभाग की क्षवि को धूमिल कर रहे रील में बोले गए शब्द PTS एसपी के द्वारा जारी किए गए पत्र में यह भी जिक्र किया गया कि रील में बोले गए शब्द व सभी सदस्यों का अभिनव पुलिस विभाग जैसे अनुशासित विभाग के लिए प्रतिकूल है. साथ ही यह विभाग की क्षवि को भी धूमिल कर रहा है. आज ही स्पष्ट करें की क्यों न आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए. 25 फरवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पुलिस प्रशिक्षण शाला से सभी 6 नव आरक्षकों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. उसी दिनांक को जवाब भी मांगा गया था. सभी 6 नव आरक्षकों को PTS एसपी ने जारी किया नोटिस     नव आरक्षक 1108 (चेस्ट नंबर 301) अनिल कड़ोदिया पदस्थापना जिला देवास     नव आरक्षक 4943 (चेस्ट नंबर 313 ) आनंद कुलवरे पदस्थापना जिला इंदौर     नव आरक्षक 1706 (चेस्ट नंबर 316) प्रदीप यादव पदस्थापना जिला उज्जैन     नव आरक्षक 788 (चेस्ट नंबर 317) राज कुमार सैन्धव पदस्थापना जिला उज्जैन     नव आरक्षक 677 ( चेस्ट नंबर 318 ) गोनू सतबाढ़िया पदस्थापना जिला उज्जैन     नव आरक्षक 692 (चेस्ट नंबर 320 ) सुरजीत गर्ग पदस्थापना जिला विदिशा

रीवा : पत्नी बोली- फ्लोर खून से सन गया, तो धो दिया; हेडकांस्टेबल की बर्बरता का सच सामने आया

रीवा  एक ऐसा मामला जिसने रीवा पुलिस विभाग और पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। हेड कॉन्स्टेबल राजीव वर्मा पर अपनी पत्नी सावित्री बर्मन के खिलाफ गंभीर घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के आरोप लगे हैं। आरोप है कि दीपावली से ठीक पहले, राजीव ने सावित्री को जानवरों जैसी बर्बरता से पीटा और दो बार गर्भपात भी कराया। इसके साथ ही, उसने घर के सीसीटीवी फुटेज को डिलीट कर सबूत मिटाने की कोशिश की। आखिर क्यों पीड़िता ने पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराई? सावित्री बर्मन ने बताया कि पति राजीव वर्मा ने आए दिन उसे डंडों और बेल्ट से पीटा। गंभीर चोट लगने के बावजूद उसे अस्पताल जाने नहीं दिया। पीड़िता ने कई बार मदद की गुहार लगाई, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। डर और चोट से जूझते हुए उसने आखिरकार 22 अक्टूबर को एसपी के पास जाकर पूरी कहानी बताई। क्या सच में पुलिसकर्मी ने पत्नी को बांधकर पीटा? सावित्री के अनुसार, दीपावली से एक दिन पहले ही राजीव ने उन्हें और उनके परिवार को धमकाया। घर में पूजन सामग्री नहीं थी और उसने पूजन के लिए सामान मांगने पर सावित्री को बेरहमी से पीटा। उसने गाल पर चांटे मारे, पीठ और कमर पर डंडों से हमला किया और पैरों में इतनी मार की कि चलना मुश्किल हो गया। सिर पर डंडा लगने से खून बहने लगा। दीपावली के एक दिन पहले डंडे से पीटा पीड़िता ने बताया- दीपावली के एक दिन पहले पति राजीव वर्मा, मेरी सास के साथ सतना शहर स्थित अपने घर जा रहे थे। घर में दीपावली के लिए न तो कोई पूजन सामग्री थी और न ही राशन। मैंने कहा कि मुझे भी अपने साथ सतना ले चलिए। भले फिर वहां से पन्ना अपने मायके चली जाऊंगी। यदि साथ नहीं ले जाना चाहते तो यहीं पर पूजन और खाने-पीने की सामग्री की व्यवस्था कर दो। इतना सुनते ही राजीव आगबबूला हो गया। उसने कहा कि इस घर में पूजा पाठ करना या मुझसे इस तरह की बात करना तेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। तूने इतनी बात करने की हिम्मत कैसे की। इतना कहकर मुझे पीटने लगा। पहले गाल पर चांटे मारे और फिर डंडे पीठ पर बरसाए। इसके बाद कमर पर ऐसे डंडे मारे, जैसे पुलिस किसी अपराधी को मारती है। पीड़िता बोली- धोखा देकर गर्भ को नष्ट कराया सावित्री बोली- राजीव आदमी के वेश में दरिंदा है। उसने मेरे पेट में पल रहे ढाई माह के गर्भ को भी नहीं छोड़ा। झूठ बोलकर गलत दवाइयां खिलाईं। मेरा गर्भ नष्ट करवा दिया। यह बात अभी अक्टूबर माह की ही है। इसके पहले भी जब शादी के कुछ महीनों बाद मैं गर्भवती हुई तो उसने इसी तरह धोखा देकर मेरे गर्भ को नष्ट करवा दिया था। एक औरत के लिए मां बनना बहुत बड़ी बात होती है, पर इसने मुझसे वह सम्मान भी दो बार छीन लिया। उसे लात भी मारनी होती थी तो पेट पर मारता था। इसे पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भले माफ कर दें, लेकिन भगवान कभी माफ नहीं करेंगे। इतना ही नहीं, बाल खींचे और फिर पैरों में भी इतनी बुरी तरह मारा कि मैं चल तक न पाऊं। अचानक सिर पर डंडा मारा, जिससे सिर फट गया और खून की धार निकलने लगी। कुछ ही देर में मैं बेहोश हो गई। पति ने मुझे जिस तरीके से पीटा, वैसा सलूक तो कोई जानवर के साथ भी नहीं करता है। क्यों हुआ दो बार गर्भपात? सावित्री ने बताया कि राजीव ने दो बार धोखे से उसका गर्भपात करवाया। पहली बार जब शादी के कुछ महीने बाद वह गर्भवती हुई और दूसरी बार अभी अक्टूबर में। राजीव ने उसे गलत दवाइयां देकर गर्भ नष्ट करवा दिया। पीड़िता ने कहा, "एक औरत के लिए मां बनना बहुत बड़ी बात होती है, पर इसने मुझसे वह सम्मान भी दो बार छीन लिया।" CCTV फुटेज और खून से सने फ्लोर की कहानी राजीव ने घर में हॉल से लेकर कमरे तक सीसीटीवी कैमरे लगवाए, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सावित्री ने बताया कि मारपीट के समय फर्श खून से सना था। राजीव ने सीसीटीवी मेमोरी कार्ड निकालकर फुटेज डिलीट कर दिए और फर्श को साफ कर दिया। क्या पुलिस विभाग अब कार्रवाई करेगा? सावित्री ने बताया कि FIR दर्ज होने के बाद भी विभाग ने राजीव वर्मा के निलंबन या सेवा से पृथक करने का कोई आदेश नहीं दिया। पीड़िता का कहना है कि यदि वह पुलिसकर्मी नहीं होता, तो क्या यह सब होता? सावित्री ने डर के साथ कहा, "शायद कल मेरी हत्या के बाद ही पुलिस जागेगी,"  क्या डर से महिला ने शहर छोड़ दिया? सावित्री ने पुलिस में FIR दर्ज कराने के बाद डर के मारे रातों-रात पन्ना अपने मायके चली गई। उसने बताया कि राजीव धमकाते थे कि अगर शिकायत की तो परिवार को भी नुकसान होगा। कई दिनों तक उसे बंधक बनाकर भूखा रखा गया। क्या सावित्री को न्याय मिलेगा? सावित्री का कहना है कि राजीव ने शादी से पहले एक टीचर से शादी की थी और तलाक के बाद यह बात छिपाई। उसने धमकाया कि अगर वह शिकायत करेगी, तो परिवार को नुकसान होगा। पीड़िता अब पन्ना अपने मायके में सुरक्षित है। न्यायालय ने पहले भी उसके पक्ष में फैसला दिया था और उसे 7 हजार रुपए महीना खर्चा देने का आदेश दिया गया था। राजीव का पक्ष: क्या पत्नी ने भी कुछ गलत किया? राजीव वर्मा का दावा है कि सावित्री का पहले अफेयर था। उन्होंने कहा कि शादी के समय इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी गई। उनका आरोप है कि पत्नी उनके माता-पिता के साथ गलत व्यवहार करती थी। पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया एडिशनल SP आरती सिंह ने कहा कि मामले की विभागीय जांच जारी है, FIR दर्ज हो चुकी है। अभी तक राजीव वर्मा का निलंबन नहीं हुआ। सावित्री का कहना है कि विभाग शायद महिला को न्याय देने में गंभीर