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जंगल बचाने की मुहिम तेज, कई जगहों पर मिला अवैध कब्जा

नरसिंहपुर जिले के वन क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध बसाहट और वन भूमि के दुरुपयोग की मिल रही शिकायतों के बाद अब वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के निर्देश पर जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में वन सीमा रेखाओं का सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मानचित्र के साथ जंगलों में पहुंचकर सीमाओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान यह देखा जा रहा है कि किन-किन स्थानों पर वन भूमि का दुरुपयोग हो रहा है और कहां अतिक्रमण किया गया है। बताया जा रहा है कि करेली और गाडरवारा वन परिक्षेत्र में यह अभियान तेज गति से चल रहा है। सत्यापन के दौरान कई स्थानों पर वन भूमि के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार जांच के दौरान कुछ स्थानों पर वन क्षेत्र के भीतर विद्युत ट्रांसफार्मर लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। अब इसकी विस्तृत जांच कर विद्युत वितरण कंपनी से पत्राचार किया जाएगा कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि बिना अनुमति के स्थापना पाई जाती है तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में सघन वन क्षेत्र होने के बावजूद कई स्थानों पर वन भूमि का उपयोग खेती सहित अन्य कार्यों में किया जा रहा है। वन विभाग समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी करता रहा है, लेकिन अब व्यापक स्तर पर सीमा सत्यापन के जरिए स्थिति स्पष्ट करने और सख्ती से नियंत्रण करने की तैयारी है। वनभूमि के दुरुपयोग से यह नुकसान वन क्षेत्र घटने से जैव विविधता पर सीधा असर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित पर्यावरण संतुलन बिगडऩे का खतरा भूजल स्तर और जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका वनक्षेत्र की सीमा लाइन का सत्यापन कार्य निरंतर चल रहा है। जहां भी अतिक्रमण मिल रहा है उसे हटाने के पूर्व संबंधितों को नोटिस दिए जा रहे हैं। कुछ जगह वनभूमि में ट्रांसफार्मर मिलने की जानकारी सामने आई है, आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी। सुनील वर्मा, एसडीओ गाडरवारा वन विभाग

एक्सटॉर्शन गैंग्स पर कार्रवाई तेज: डोजियर बनेगा, अवैध संपत्तियों पर चलेगा बुलडोज़र

जयपुर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार शर्मा ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जयपुर व जोधपुर पुलिस आयुक्त, सभी रेंज आईजी, पुलिस अधीक्षक और जीआरपी अधिकारी मौजूद रहे। संगठित अपराध व वसूली गैंग पर कड़ी कार्रवाई के आदेश डीजीपी शर्मा ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में अपराधों में गिरावट दर्ज हुई है, लेकिन अब संगठित अपराध पर निर्णायक प्रहार की जरूरत है। उन्होंने धमकी देकर वसूली करने वाली गैंगों का पूरा डोजियर तैयार कर कठोर कार्रवाई करने और नए आपराधिक कानूनों के तहत उनकी संपत्तियां जब्त करने के निर्देश दिए। नशा तस्करी पर जीरो टॉलरेंस डीजीपी ने प्रदेश में नशे का अवैध कारोबार समाप्त करने के लिए NDPS और BNS की धाराओं का पूर्ण उपयोग करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित जिले अपने क्षेत्र में नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करें। अपराध व कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक में जनवरी से अक्टूबर 2025 तक अपराध स्थिति, नियंत्रण उपायों व उपलब्धियों की समीक्षा की गई। डीजीपी ने साइबर अपराध, अवैध हथियार, सड़क दुर्घटनाओं में कमी और फोर-सिक्स लेन ड्राइविंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आतंकवाद को समर्थन देने वालों पर सख्ती डीजीपी शर्मा ने कहा कि देश में हाल की घटनाओं को देखते हुए राजस्थान में पूरी सतर्कता बरती जाए। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकियों को समर्थन देने वाली कोई भी गतिविधि बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी कानून व्यवस्था संबंधी घटना पर तुरंत डीजी लॉ एंड ऑर्डर और शीर्ष अधिकारियों को जानकारी देने को कहा गया, ताकि समय पर आवश्यक मार्गदर्शन मिल सके। डीजीपी ने लंबित न्यायालयीन प्रकरणों में समय पर जवाब पेश करने के निर्देश दिए और ई-साक्ष्य व ई-सम्मन प्रणाली को शीर्ष प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सीसीटीवी का दायरा बढ़ाने को कहा डीजीपी शर्मा ने कहा कि मार्च तक प्रदेश में टूरिस्ट सीजन है ऐसे में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं व सहयोग देने के लिए पुलिस की तरफ से प्रतिबद्धता दिखाई जाये। उन्होंने सीसीटीवी कवरेज को बढ़ाने के लिए शहरी क्षेत्र, बॉर्डर एरिया, व महत्वपूर्ण सड़कों पर अधिक से अधिक कैमरा लगवाने की कार्ययोजना और उस पर कार्य करने पर बल दिया।  राष्ट्रीय राजमार्गों पर लेन सिस्टम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और तेज रफ्तार, ड्रंक ड्राइविंग व अवैध पार्किंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 10,000 कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में तेजी बैठक में बताया गया कि 2025 की कांस्टेबल भर्ती के 10,000 पदों हेतु लिखित परीक्षा परिणाम जल्द जारी किया जाएगा और पीईटी/पीएसटी की तैयारी शुरू कर दी गई है। बैठक का समापन एडीजी अपराध हवासिंह द्वारा राज्यभर में अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर कार्रवाई की प्रतिबद्धता जताते हुए किया गया।