samacharsecretary.com

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज की स्थापना की

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर में सूर्य उपासना कर ब्रह्मध्वज स्थापित किया “सम्राट विक्रमादित्य” पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति का हुआ मंचन मंदसौर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विक्रम संवत् 2083 के शुभारंभ के अवसर पर मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मंदिर परिसर (आराधना हॉल) में प्कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सूर्य उपासना कर विधिवत ब्रह्मध्वज की स्थापना की। भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान पशुपतिनाथ की आरती में भाग लिया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर , जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, संत महेशमणि चैतन्य महाराज, सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशासनिक अधिकारियों में कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग सहित बड़ी संख्या में नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने वर्ष प्रतिपदा की सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से आमजन को भारतीय संस्कृति एवं इतिहास की समृद्ध विरासत से परिचित होने का अवसर मिलता है। उन्होंने सभी के लिए नववर्ष को मंगलमय, सुखद एवं प्रदेश व देश के लिए कल्याणकारी होने की कामना की। कार्यक्रम की शुरुआत सूर्य उपासना से हुई, जिसके पश्चात ब्रह्मध्वज स्थापित किया गया। यह आयोजन भारतीय नववर्ष वर्ष प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग एवं मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से “सम्राट विक्रमादित्य” विषय पर भव्य नाट्य प्रस्तुति का मंचन किया गया, जिसे उज्जैन की परिष्कृती सामाजिक सांस्कृतिक संस्था द्वारा प्रस्तुत किया गया। नाट्य प्रस्तुति में विक्रमादित्य के जीवन, बेताल पच्चीसी, 32 पुतली सिंहासन, शकों पर विजय, नवरत्न, उनकी वीरता एवं न्यायप्रियता का प्रभावशाली मंचन किया गया। इस दौरान “भारत का नववर्ष विक्रम संवत्” विषयक पुस्तिका का वितरण भी किया गया, जिससे आमजन भारतीय परंपराओं एवं नववर्ष के ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें।

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान की शुरुआत की

उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से जल गंगा जल संवर्धन अभियान का किया शुभारंभ मंदिर परिसर में प्याऊ का लोकार्पण, जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर दिया जोर मंदसौर  उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने आज भगवान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर से “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंदिर परिसर में आमजन की सुविधा के लिए निर्मित प्याऊ का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन, पत्रकार उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। “जल गंगा जल संवर्धन अभियान” के माध्यम से जिले में जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जाएंगे। यह अभियान 30 जून 2026 तक संचालित होगा। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत तालाबों, नदियों, कुओं, बावड़ियों सहित अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साथ ही इन जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, गहरीकरण एवं मरम्मत के कार्य भी सुनिश्चित किए जाएंगे, जिससे वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान केवल शासन का नहीं, बल्कि जन-जन का अभियान है। इसमें आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं शासकीय विभागों की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी से अपील की कि जल संरक्षण के इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखें। इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में शुरू की गई प्याऊ व्यवस्था की सराहना की और कहा कि इससे श्रद्धालुओं एवं आमजन को गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा, जो एक सराहनीय पहल है।