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नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की बड़ी जीत, धमतरी में 9 इनामी नक्सलियों ने IG के समक्ष डाले हथियार

धमतरी जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को आज एक बड़ी और निर्णायक सफलता मिली है। आईजी अमरेश मिश्रा और धमतरी एसपी सूरज सिंह परिहार के समक्ष आज एक साथ 9 सक्रिय हार्डकोर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में 05 महिला और 04 पुरुष नक्सली शामिल हैं। ये सभी लंबे समय से सीतानदी क्षेत्र सहित नगरी, मैनपुर और गोबरा इलाकों में सक्रिय थे और कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली प्रतिबंधित संगठन ओडिशा स्टेट कमेटी के धमतरी–गरियाबंद–नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़े हुए थे और संगठन में डीवीसीएम, एसीएम, एसडीके एरिया कमेटी कमांडर एवं डिप्टी कमांडर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। इन सभी नक्सलियों पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने बड़ी संख्या में हथियार और सामग्री भी सुरक्षा बलों को सौंपी। इन नक्सलियों ने किया सरेंडर     ज्योति उर्फ जैनी उर्फ रेखा डीव्हीसीएम सीतानदी एरिया कमेटी सचिव, 08 लाख के इनामी     उषा उर्फ बालम्मा डीव्हीसीएम टेक्निकल (डीजीएन), 08 लाख के इनामी     रामदास मरकाम उर्फ आयता उर्फ हिमांशु, पूर्व गोबरा एलोएस कमांडर / वर्तमान नगरी एसीएम, 05 लाख के इनामी     रोनी उर्फ उमा सीतानदी एरिया कमेटी कमांडर, 05 लाख के इनामी     निरंजन उर्फ पोदिया सीनापाली एससीएम टेक्निकल (डीजीएन), 05 लाख के इनामी     सिंधु उर्फ सोमड़ी एसीएम, 05 लाख के इनामी     रीना उर्फ चिरो एसीएम सीनापाली एरिया कमेटी / एलजीएस, 05 लाख के इनामी     अमीला उर्फ सन्नी एसीएम / मैनपुर एलजीएस, 05 लाख के इनामी     लक्ष्मी पूनेम उर्फ आरती उषा की बॉडी गार्ड, 01 लाख के ईनामी नक्सलियों ने सौंपा ये हथियार     इंसास राइफल – 02     एसएलआर राइफल – 02     कार्बाइन – 01     भरमार बंदूक – 01     कुल राउंड – 67     मैगजीन – 11     वॉकी-टॉकी (रेडियो सेट) – 01     अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री पुलिस दबाव और पुनर्वास नीति का दिखा असर धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य पुलिस बल और सीआरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे निरंतर नक्सल विरोधी अभियानों, बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन नक्सलियों ने हिंसा और विनाश का रास्ता छोड़ने का फैसला किया। पुलिस द्वारा दूरस्थ नक्सल प्रभावित गांवों में पोस्टर, बैनर, पाम्फलेट, आत्मसमर्पित नक्सलियों की अपील और सिविक एक्शन कार्यक्रमों के जरिए लगातार संदेश पहुंचाया जा रहा था। युवाओं को जोड़ने के लिए खेल प्रतियोगिताएं भी कराई गईं, जिसका सकारात्मक असर दिखा। खोखली विचारधारा से हुआ मोहभंग आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि संगठन की खोखली विचारधारा, जंगलों में लगातार कठिन जीवन, शासन की पुनर्वास सुविधाएं और पहले आत्मसमर्पण कर चुके साथियों के सुरक्षित व खुशहाल जीवन से प्रेरित होकर उन्होंने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। नगरी एरिया कमेटी, सीतानदी एरिया कमेटी, मैनपुर एलजीएस और गोबरा एलओएस के इन सक्रिय नक्सलियों के आत्मसमर्पण में धमतरी पुलिस, डीआरजी, राज्य बलों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई और रणनीति की अहम भूमिका रही। आईजी अमरेश मिश्रा ने कहा, जिले को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा। अन्य सक्रिय माओवादियों से भी आत्मसमर्पण की अपील की जा रही है।

50 वर्षों बाद धमतरी के आदिवासी अंचल में रबी खेती की वापसी

35 एकड़ में रागी उत्पादन से बदली खेती की तस्वीर रायपुर, धमतरी जिले के वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल उच्चहन क्षेत्र में कृषि के इतिहास में एक नई इबारत जुड़ गई है। गंगरेल बांध के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्राम डांगीमांचा और खिड़कीटोला में लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजना के तहत इन दोनों गांवों में कुल 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है।      विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्चहन क्षेत्र में रागी की खेती की पहल को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में पोषणयुक्त लघु धान्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति और बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती का विस्तार करते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने की योजना है।      विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के बाद आज आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, संबंधित विभागीय अधिकारी, 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे। कृषक पाठशाला में रागी फसल की उन्नत खेती से जुड़ी SMI पद्धति, बीज उत्पादन, फसल एवं पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण तथा उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही रागी के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।      कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।

धमतरी में बड़ी कामयाबी: 5 लाख की इनामी नक्सली भूमिका ने पुलिस के सामने डाला हथियार

धमतरी  नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत धमतरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय 5 लाख रुपए की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता उर्फ लता उर्फ सोमारी ने पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। वह नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में कार्यरत थी। छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमावर्ती इलाकों में संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती थी। आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के अनुरूप भूमिका को 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी गई। वहीं पुनर्वास का लाभ भी दिया जाएगा। मूलतः ग्राम पुसनार, थाना गंगालूर जिला बीजापुर की रहने वाली 37 वर्षीय भूमिका पर शासन ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। लंबे समय तक माओवादी संगठन से जुड़े रहने के अनुभवों ने भूमिका को भीतर से तोड़ दिया था। संगठन के भीतर भेदभावपूर्ण व्यवहार, हिंसा पर आधारित विचारधारा और पारिवारिक व दांपत्य जीवन से लगातार वंचित रहना उसके लिए मानसिक बोझ बन चुका था। इन्हीं परिस्थितियों से क्षुब्ध होकर उसने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया। 2005 से माओवादी संगठन में रही सक्रिय पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही। प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद वह वर्ष 2010 तक प्लाटून-01 में शामिल रही। इसके पश्चात उसे ओडिशा राज्य कमेटी में भेजा गया, जहां विभिन्न इकाइयों में कार्य करते हुए वर्ष 2011 से 2019 तक वह शीर्ष माओवादी नेता सीसीएम संग्राम की सुरक्षा में तैनात रही। वर्ष 2019 से 2023 के बीच उसने सीनापाली एरिया कमेटी में एरिया कमेटी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई, जबकि सितंबर 2023 में उसे गोबरा एलओएस कमांडर बनाया गया। इन घटनाओं में शामिल थी भूमिका संगठन में लगातार घटती संख्या के चलते हाल के समय में भूमिका नगरी एवं सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी। अपने लंबे नक्सली जीवन के दौरान वह कई गंभीर मुठभेड़ों में शामिल रही। वर्ष 2010 में ओडिशा के पड़कीपाली क्षेत्र में हुई मुठभेड़, जिसमें आठ नक्सली मारे गए, से लेकर बीजापुर, गरियाबंद और धमतरी के जंगलों में हुई अनेक घटनाओं में उसका नाम सामने आता रहा। वर्ष 2018 में बीजापुर के तिमेनार जंगल में मुठभेड़, वर्ष 2023 में गरियाबंद के ताराझार जंगल, वर्ष 2024 में धमतरी के एकावरी जंगल और वर्ष 2025 में मांदागिरी जंगल में हुई मुठभेड़ों में भी उसकी संलिप्तता रही। उसके विरुद्ध विभिन्न धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।