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सीतापुर में मिड-डे मील का राशन न पहुंचाने पर परिवहन ठेकेदार पर एफआईआर के निर्देश

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने सरकारी खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में लापरवाही के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सीतापुर में सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था के तहत मिड-डे मील का राशन संबंधित उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) तक नहीं पहुंचाए जाने के मामले में खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी सीतापुर को संबंधित परिवहन ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी होगी तय सरकार ने कार्रवाई का दायरा केवल परिवहन ठेकेदार तक सीमित नहीं रखा है। पूरे प्रकरण में पर्यवेक्षण और अनुश्रवण के स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आए, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे साफ है कि योगी सरकार सरकारी योजनाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही को लेकर जवाबदेही तय करने में पीछे नहीं हट रही है। प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश सिंगल स्टेज परिवहन व्यवस्था की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए नियमित अनुश्रवण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। योगी सरकार की प्राथमिकता खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ निर्धारित समय पर पात्र लाभार्थियों तक निर्बाध रूप से पहुंच सके। जनता और बच्चों के हक के राशन से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप भ्रष्टाचार, लापरवाही अथवा शासकीय खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता और बच्चों के हक के राशन में गड़बड़ी अत्यंत गंभीर विषय है। खाद्यान्न को निर्धारित स्थान तक समय से पहुंचाना संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जिम्मेदारी तय होगी और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

आईटीआई प्रवेश अभियान को जनआंदोलन बनाने के निर्देश, हर प्रशिक्षणार्थी को रोजगार से जोड़ने पर जोर

भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने प्रदेश के सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के संयुक्त संचालकों, प्राचार्यों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर आगामी प्रवेश सत्र, प्रशिक्षण गुणवत्ता, परीक्षाओं की तैयारियों तथा रोजगार एवं प्लेसमेंट गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संचालक कौशल विकास संचालनालय  बसंत कुर्रे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमपीएसएसडीईजीबी  गिरीश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में मंत्री  टेटवाल ने एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के उन प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावकों से संवाद किया, जिनका चयन प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह एसआरएफ लिमिटेड की अंतर्राष्ट्रीय इकाई में हुआ है। जुलाई 2024 बैच के तीन प्रशिक्षणार्थी वर्तमान में कंपनी की हंगरी स्थित इकाई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मंत्री  टेटवाल ने इसे मध्यप्रदेश की कौशल विकास व्यवस्था की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने चयनित प्रशिक्षणार्थियों एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष संचालित “चलो आईटीआई अभियान” के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे और उपलब्ध सीटों पर 95 प्रतिशत से अधिक प्रवेश सुनिश्चित हुए थे। इस वर्ष प्रदेश के आईटीआई संस्थानों में लगभग 55 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं तथा लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का है। इसको भी शत-प्रतिशत प्राप्त किया जाए। मंत्री  टेटवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई में उपलब्ध रोजगार, स्वरोजगार, अप्रेंटिसशिप एवं उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी युवाओं और अभिभावकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। साथ ही सफल प्रशिक्षणार्थियों की प्रेरक कहानियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा तकनीकी एवं कौशल शिक्षा की ओर आकर्षित हों। बैठक में आगामी एनसीवीटी एवं एससीवीटी परीक्षाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री  टेटवाल ने प्रशिक्षण अधिकारियों से कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तथा परीक्षा पूर्ण होने के बाद प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को रोजगार, अप्रेंटिसशिप, उच्च शिक्षा अथवा ग्लोबल स्किल्स पार्क जैसी उन्नत प्रशिक्षण व्यवस्थाओं से जोड़ने के लिए संस्थागत स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर एवं रोजगार सक्षम बनाना है और इस दिशा में सभी संस्थानों को परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी।