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कोडीन सिरप की तस्करी पर पुलिस का एक्शन, चार गिरफ्तार, 800 नग बरामद

भिलाई नगर. पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस टीम को सफलता मिली है। दवा कंपनी के प्रतिनिधि की आड़ में प्रतिबंधित कोडीन युक्त सिरप की तस्करी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश पुलिस ने किया है। कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख रुपये का मशरुका जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, 8 (ख), 27 (क) और 29 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने पत्रवार्ता में बताया कि 23 अप्रैल को चौकी स्मृतिनगर क्षेत्र के जुनवानी – खम्हरिया रोड पर संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही चौकी स्मृति नगर और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने त्वरित घेराबंदी कर एक सेण्ट्रो कार सीजी 07-8595 को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 7 कार्टून में भरी 800 बोतल प्रतिबंधित कोडीन युक्त केडीफोस टी सिरप बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वे फर्जी ड्रग लाइसेंस बनाकर गुजरात की कंपनी से ई- कुरियर के जरिए सिरप मंगवाते थे और स्थानीय स्तर पर ऊंचे दाम पर बेचते थे । पुलिस ने इस मामले में आरोपियों योगेश शर्मा ( 41 वर्ष), कादम्बरी नगर, दुर्ग, उमेश कुमार यादव (42 वर्ष), पदुम नगर, चरोदा, महावीर जैन उर्फ रोहित (38 वर्ष), पोलसाय पारा दुर्ग, सतीश मेश्राम (40 वर्ष), शंकर नगर, दुर्ग निवासी को गिरफ्तार किया है। असली लाइसेंस में की थी हेराफेरी पुलिस ने बताया कि जांच मे सामने आया है कि मुख्य आरोपी योगेश शर्मा ने एक असली ड्रग लाइसेंस मे एडिटिंग कर अपने नाम से फर्जी लाइसेंस तैयार किया था। इसके साथ ही फर्जी लेटरपैड और सील बनवाकर पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। इस अवैध कारोबार के जरिए आरोपी युवाओं में नशे की लत फैलाकर भारी मुनाफा कमा रहे थे। 800 नग नशीली सिरप की गई जब्त विजय अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 800 नग नशीली सिरप (कीमत 2,08,800 रुपए), एक एक्टिवा (30,000 रुपए) एक सेण्ट्रो कार (1,00,000 रुपए), 4 मोबाइल फोन (1,60,000 रुपए) तथा नगद 1,200 रुपए जब्त किए हैं।

सीमा पार से ड्रग्स तस्करी नाकाम: पंजाब पुलिस ने एंटी-ड्रोन सिस्टम से कसा शिकंजा

अमृतसर. पंजाब के बॉर्डर जिलों के गांव पाक तस्करों के निशाने पर हैं, जहां से भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ हथियार  तस्करी की जा रही है। वर्ष 2025 में ही इंडो-पाक बॉर्डर से 1.16 लाख किलो ड्रग्स की तस्करी की गई है। पंजाब पुलिस एंटी ड्रोन सिस्टम से इस तस्करी को कम करने में जुटी हुई है, जिससे ड्रग्स तस्करी के अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं। इससे बरामदी की मात्रा भी बढ़ गई है जो नशे के कारोबार में बड़ी चोट है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन के जरिये सीमा पार से ड्रग्स गिराने के मामलों में तेजी आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले तस्करी के प्रमुख मार्ग बनते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 47,475 किलो और 2024 में 46,227 किलो ड्रग्स बरामद की गई थी लेकिन 2025 में इसमें भारी उछाल आया और आंकड़ा 1.16 लाख किलो तक पहुंच गया। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक सीमावर्ती जिलों में ड्रोन के जरिये तस्करी के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अन्य राज्यों में भी तस्करी के मामले गंभीर  जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2024 में 5,708 किलो और 2025 में 4,491 किलो ड्रग्स पकड़ी गई। गुजरात में 2024 में 20,971 किलो और 2025 में 22,758 किलो बरामद हुई। राजस्थान में कुल बरामदगी ज्यादा होने के बावजूद वहां मामलों में कमी दर्ज की गई है जबकि पंजाब में हालात तेजी से बिगड़े हैं। ड्रग्स के साथ हथियार और जाली नोट भी बरामद एनसीबी की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पंजाब सीमा से ड्रग्स के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद और जाली नोटों की तस्करी भी बढ़ी है। सीमावर्ती इलाकों से एके-47, एके-56 राइफल, आरडीएक्स और विदेशी हथियार बरामद किए जा रहे हैं, जो सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। एंटी-ड्रोन सिस्टम सरकार ने बढ़ाई निगरानी पंजाब सरकार ने ड्रोन तस्करी पर रोक के लिए तरनतारन से एंटी-ड्रोन सिस्टम की शुरुआत की है। 51.41 करोड़ रुपये से नौ अत्याधुनिक सिस्टम लगाए गए हैं जो ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन की लोकेशन ट्रैक कर रियल-टाइम अलर्ट देते हैं। इससे तशा तस्करी के अधिक मामले पकड़ में आ रहे हैं जिससे तस्करी को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकार की तरफ से युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान भी चलाया जा रहा है जिससे भी तस्करी पर रोक लगाने में काफी हद तक मदद मिल रही है।