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प्रदेश में अव्वल कोरिया: e-KYC में शानदार प्रदर्शन, गांवों के विकास को मिली गति

कोरिया. ग्रामीण विकास को नई गति देने के उद्देश्य से लागू की गई वीबीजी रामजी योजना के तहत कोरिया जिले ने तकनीकी पारदर्शिता की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले में मनरेगा के अंतर्गत पंजीकृत सभी श्रमिकों का ई-केवाईसी कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही कोरिया प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जिसने निर्धारित समय में यह लक्ष्य हासिल किया है। कलेक्टर चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन और पंचायत अमले के समन्वित प्रयासों से जिले की सभी ग्राम पंचायतों के पंजीकृत श्रमिक परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित ई-केवाईसी कार्य पूरा किया गया। उल्लेखनीय है कि प्रदेश स्तर पर अभी औसत ई-केवाईसी लगभग 92 प्रतिशत है, जबकि कोरिया जिले ने 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर नई मिसाल पेश की है। ‘G RAM G’ के विरोध में कांग्रेस शून्यकाल में लाई स्थगन प्रस्ताव रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में मंगलवार को मनरेगा को ‘जी राम जी’ किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव लाई. आसंदी के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने से नाराज विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार करते हुए सदन से निकले. विधानसभा शून्यकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जी राम जी की तुलना में पहले के मनरेगा को बेहतर बताते हुए स्थगन को ग्राह्य कर चर्चा कराने की मांग की. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि सदन विपक्ष की राजनीति का अड्डा नहीं, ये सदन कांग्रेस का राजनीति का मंच नहीं, ये जनता का मंच है. सदन का समय कीमती है. कल ही इन्होंने बता दिया था कि इस मुद्दे पर सदन में नहीं रहेंगे. इसके साथ ही पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हो गई. पक्ष-विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि जनता के मुद्दे पर राजनीति करनी हो तो हम करेंगे. आखिरकार सत्ता पक्ष और विपक्ष के हंगामे के बीच आसंदी ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट स्थगित कर दी. 5 मिनट के बाद सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई. नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने स्थगन सूचना पर बोलते हुए कहा कि मामला सिर्फ नीति बदलने का नहीं है, नियत का भी है. गरीबों से जुड़ा हुआ मामला है. इस पर स्थगन प्रस्ताव ग्राह्य कर चर्चा होनी चाहिए. कवासी लखमा और विपक्ष के अन्य कई सदस्यों ने कहा कि गरीबों से जुड़ा मामला है, इस पर चर्चा होनी चाहिए. लेकिन आसंदी के स्थगन प्रस्ताव को अग्राह्य किए जाने पर विपक्षी सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया.

e-KYC अनिवार्य: 30 सितंबर डेडलाइन, छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों की सैलरी रुकने का खतरा

रायपुर  प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों ने अब तक केवायसी (नो योर कस्टमर) अपडेट नहीं कराया है। वित्त विभाग ने इस संबंध में सख्त रुख अपनाते हुए अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की है। तय समय-सीमा में अपडेट नहीं कराने पर संबंधित कर्मचारियों की सैलरी रुक सकती है। वित्त विभाग की ओर से सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की केवायसी अपडेट कराकर उसकी जानकारी समय पर संबंधित ट्रेजरी कार्यालय को भेजें। साथ ही सभी कर्मचारियों से समय रहते केवायसी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई है, ताकि सैलरी भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए। गौरतलब है कि केवायसी अपडेट करने के लिए कर्मचारियों को पहले 24 अप्रैल तक का समय दिया गया था। इसके बाद कोष एवं लेखा संचालनालय ने 15 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी थी। बावजूद इसके अब तक सिर्फ 35 से 40 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही प्रक्रिया पूरी की है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय रहते केवायसी नहीं कराए जाने पर संबंधित कर्मियों के वेतन भुगतान में रुकावट आ सकती है। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे इस कार्य को प्राथमिकता से पूर्ण कराएं। प्रदेश के सभी जिलों में बनेगा मॉडल स्कूल प्रदेश के सभी जिलों में माडल स्कूल बनेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जिला शिक्षा अधिकारियों से 19 दिन के भीतर सूची मंगाई है। गुरुवार को मंत्रालय में मंत्री यादव ने समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने माडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। माडल स्कूल स्थापित करने योग्य स्कूलों की जानकारी 10 दिन में संचालनालय को प्रस्तुत की जाए। शिक्षा मंत्री ने कहा डीएवी, इग्नाइट और पीएमश्री विद्यालयों को माडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव रेणु जी पिल्ले, स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा संजीव झा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।