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हौसलों की सवारी: गीता दीदी ई-रिक्शा से गढ़ रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी

रायपुर ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय पहुंचाकर स्वावलंबन की मिसाल बनीं गीता दीदी कभी घरेलू कार्यों तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाएं अब स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर सशक्त कदम बढ़ा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ योजना ने महिलाओं को संगठित कर उनके आर्थिक विकास की मजबूत नींव रखी है। कलेक्टर मती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले में बिहान से जुड़ी महिलाओं को पारंपरिक कार्यों से आगे बढ़ाकर नए व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। इसी पहल का प्रेरक उदाहरण है ग्राम पंचायत रटगा की गीता दीदी, जो अब ई-रिक्शा से बच्चों को विद्यालय पहुंचाकर स्वावलंबन की राह पर अग्रसर हैं। बिहान से जुड़कर मिली नई दिशा बैकुंठपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रटगा की 14 महिलाओं ने वर्ष 2018 में ‘जय मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह’ का गठन किया। समूह की अध्यक्ष चुनी गईं गीता दीदी ने वर्ष 2020 में पौधों की सुरक्षा हेतु ट्री-गार्ड निर्माण कार्य शुरू किया। लगभग 50 हजार रुपये की सामूहिक लागत से शुरू हुए इस कार्य से समूह ने तीन लाख रुपये की आय अर्जित की, जिससे आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। वर्ष 2021 में गीता दीदी ने समूह के माध्यम से बैंक से व्यक्तिगत ऋण प्राप्त कर 70 हजार रुपये की लागत से किराना दुकान शुरू की। इससे उनके परिवार की दैनिक आय सुनिश्चित हुई और आर्थिक स्थिति में सुधार आया। गत वर्ष कलेक्टर मती चंदन त्रिपाठी द्वारा बिहान से जुड़ी महिलाओं को नए व्यवसायों से जोड़ने की पहल की गई। ई-रिक्शा संचालन के विकल्प को गीता दीदी ने उत्साहपूर्वक स्वीकार किया। मुख्यमंत्री के हाथों मिली ई-रिक्शा की चाबी गत 17 फरवरी को कोरिया महोत्सव के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के हाथों गीता दीदी को ई-रिक्शा की चाबी प्रदान की गई। इसके पश्चात उन्होंने अपने गांव में अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को विद्यालय पहुंचाने की सेवा प्रारंभ की। शुरुआत में ही उन्हें 5600 रुपये की अग्रिम राशि प्राप्त हुई और अब वे नियमित रूप से ग्राम पंचायत रटगा एवं आश्रित ग्राम दुधनियां के बच्चों को विद्यालय पहुंचा रही हैं।

हरियाणा के पानीपत में ट्रैफिक नियम में बदलाव: ई-रिक्शा व ऑटो पर ऑड-ईवन, यूनियन नाराज

पानीपत  पानीपत प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां पर ऑटो व ई-रिक्शा के लिए ऑड-ईवन नियम लागू किया गया है। प्रशासन ने 7 दिन के ट्रायल के बाद 8 सितंबर से ऑड ईवन नियम नियमित रूप से लागू करने का फैसला लिया है पानीपत: पानीपत प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां पर ऑटो व ई-रिक्शा के लिए ऑड-ईवन नियम लागू किया गया है। प्रशासन ने 7 दिन के ट्रायल के बाद 8 सितंबर से ऑड ईवन नियम नियमित रूप से लागू करने का फैसला लिया है। इससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो गया, वाहन चालक कम समय में गंतव्य पर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 4632 ई-रिक्शा और 3414 ऑटो रजिस्टर्ड हैं, जिन्हें 4 अंक का एक कोड जारी किया है। जबकि 15 हजार के आसपास ऑटो-ई-रिक्शा चल रहे थे। जिनकी वजह से शहर की सड़कों पर जाम लगा रहा था। 10 मिनट के सफर को पूरा करने में 30 से 45 मिनट तक लगते थे। ऑटो यूनियन के प्रधान नरेश डाहर ने 10 सितंबर तक प्रशासन को नियम वापस लेने का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि प्रशासन ऑड-ईवन के बजाय रूट निर्धारित करे। डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी और नगर निगम कमिश्नर पंकज कुमार का कहना है कि यातायात सुचारू रहे इसलिए नियम पूर्णतया लागू रखने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था दो बार फेल हो चुकी है, इस कारण इस बार पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी की जाएगी। जीटी रोड पर नांगल खेड़ी और टोल प्लाजा पर नाके लगाए जाएंगे। सनौली रोड पर बबैल नाका, गोहना रोड पर पुराना शुगर मिल और असंध रोड पर गाबा ढाबा पर नाकेबंदी की जाएगी। वहीं 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। शहर में करीब आठ हजार ऑटो व ई-रिक्शा प्रतिदिन दौड़ते हैं। जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है।  

यात्रियों के लिए राहत! इंदौर में ई-रिक्शा का न्यूनतम किराया ₹10 फिक्स

इंदौर इंदौर में आठ हजार से ज्यादा ई रिक्शा सड़कों पर चल रहे है और रिक्शा चालक मनमाना किराया ले रहे है। इस पर लगाम लगाने की तैयारी अब हो रही है। संभागायुक्त दीपक सिंह ने ई रिक्शा के किराए को लेकर आदेश जारी किए है। ई रिक्शा चालक दो किलोमीटर तक प्रति यात्री दस रुपये तक किराया ले सकेंगे। दो किलोमीटर के बाद प्रति किलोमीटर के लिए पांच रुपये देना होंगे। यह दरें शुक्रवार से लागू की गई है। इससे ज्यादा किराया अब रिक्शा चालक नहीं ले सकते है।  क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा ने कहा कि ई रिक्शा चालकों द्वारा मनमाना किराया लेने की शिकायतें प्राप्त हो रही थी। अब हमने किराया तय किया है। उससे अधिक किराया लेने पर रिक्शा चालकों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने किया कि इंदौर में ई रिक्शा चार या उससे अधिक बैठक क्षमता वाले संचालित हो रहे है। रुट भी तय नहीं,ट्रैफिक मे भी बाधक  प्रशासन ने ई रिक्शा के रुट तय करने की कवायद भी की थी, लेकिन अभी तक रुट नहीं बनाए गए। इंदौर में कई रुटों पर ई रिक्शा संचालित हो रहे। उनके स्टैंड भी नहीं है। इस कारण वे कही भी खड़े हो जाते है। चौराहों पर लेफ्ट टर्न पर भी कई बार ई रिक्शा खड़े नजर आते है। इंदौर में चार किलोमीटर के 80 से 100 रुपये तक ई रिक्शा चालक किराया वसूलते है। मनमाने किराए को लेकर कई बार यात्रियों के साथ बदसलूकी भी की जाती है। कई ई रिक्शा अटाला बेचने, सब्जी बेचने के उपयोग में भी आ रहे है।