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खेतों में खड़े बिजली के खंभे हटाए जाएंगे, अंडरग्राउंड तार और स्मार्ट ट्रांसफार्मर लगेंगे; सीएम मान करेंगे प्रोजेक्ट का शुभारंभ

जालंधर  पंजाब के खेतों में लगे बिजली के खंभों को अब हटा दिया जाएगा। उनकी जगह अंडरग्राउंड तारें बिछाई जाएंगी। यहां लगे बड़े ट्रांसफार्मर भी हटेंगे और इनके बदले में छोटे आकार के स्मार्ट ट्रांसफार्मर इंस्टॉल किए जाएंगे। किसानों को राहत देने, कृषि कार्यों के लिए बिजली आपूर्ति को सुचारू व निर्बाध बनाने और खेतों में लगे खंभों व तारों की वजह से होने वाले विवादों को निपटाने के मकसद से पंजाब सरकार ने यह फैसला लिया है। इस परियोजना की शुरुआत मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव सतोज से बतौर पायलट प्रोजेक्ट की जाएगी।  पंजाब में 13236 ग्राम पंचायतें मौजूद हैं और यहां खेतिहर जमीनों पर तीन लाख से अधिक खंभे मौजूद हैं। दरअसल, सिंचाई के लिए किसानों द्वारा लगाई गई मोटरों तक बिजली पहुंचाने के लिए खंभों की मदद से ही तारों का जाल खेतों में फैला हुआ है। इसी बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के लिए खेतों में काफी संख्या में ट्रांसफार्मर भी मौजूद हैं। इस योजना के तहत पंजाब स्टेट पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अफसरों ने गांव सतोज का दौरा कर लिया है। गांव में करीब दो हजार एकड़ खेतीहर जमीन हैं, जहां सिंचाई के लिए लगभग 400 मोटरें और 800 से अधिक खंभे लगे हैं। इस वजह से बनाई योजना इन तारों के ढीले होने के चलते स्पार्किंग की वजह से अक्सर खेतों में कई दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कभी तारों की चिंगारियां पकी हुई फसलों को जलाकर रखा कर देती हैं, तो कहीं खेतों में काम कर रही कंबाइन मशीनें इन तारों से टकरा जाती हैं। इसके अतिरिक्त खेतों से गुजरती तारें और खंभों को खड़ा करने के लिए लगाई गई सपोर्ट (खिच) भी किसानों के बीच आपसी विवाद का बड़ा कारण बन जाती हैं। ऐसे भी कई विवाद सामने आए हैं। दूसरा, बड़े आकार के ट्रांसफार्मरों से खेतों में काफी जगह भी घिर जाती है, जहां किसान फसल नहीं लगा पाते। ढीली तारों की वजह से ट्रांसमिशन लॉस भी काफी रहता है। बिना खंभों के सुंदर लगेंगे खेत : मान पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह बहुत महत्वाकांक्षी योजना है। सभी गांवों से खंभे और तारें हटा दी जाएंगी। तारें अंडरग्राउंड होंगे और छोटे आकार वाले ट्रांसफार्मर लगेंगे। बिना खंभों के गांव सुंदर दिखेंगे। सीएम ने कहा, इसके अलावा इन खंभों, ट्रांसफार्मरों और तारों की वजह से होने वाले नुकसान व विवाद भी खत्म हो जाएंगे जबकि बिजली आपूर्ति और बेहतर होगी। इसी माह उनके गांव सतोज से इस योजना की शुरुआत होगी। इस बारे में जल्द बिजली अफसरों संग बैठक करेंगे।  

हरियाणा में सुरक्षा पर फोकस: CM सैनी ने सड़क किनारे बिजली के खंभों को लेकर लिया बड़ा एक्शन

चंडीगढ़. हरियाणा में आए दिन होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार ने अब बिजली के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों के बिल्कुल साथ सटे बिजली के खंभे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। चंडीगढ़ में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि नए खंभे लगाते समय सड़क के किनारे से कम से कम 3 फीट की दूरी सुनिश्चित की जाए। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि वाहन चालकों को पर्याप्त जगह मिल सके और अनियंत्रित होने की स्थिति में गाड़ियां सीधे खंभों से न टकराएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने केवल नए नियमों की बात नहीं की, बल्कि सड़कों के किनारे खड़े पुराने और खतरनाक खंभों को लेकर भी सख्त लहजे में बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो खंभे जर्जर हो चुके हैं या जिनका अब कोई उपयोग नहीं रह गया है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। अक्सर देखा गया है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद पुराने खंभे बीच रास्ते या बिल्कुल किनारे रह जाते हैं, जो रात के अंधेरे में जानलेवा साबित होते हैं। अब ऐसे सभी 'ब्लैक स्पॉट्स' को चिन्हित कर सफाई अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक अहम पहलू संसाधनों की बर्बादी को लेकर भी उठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि हटाए गए खंभों का प्रॉपर स्टॉक रिकॉर्ड बनाया जाए। सीएम का विजन साफ है कि जो खंभे हटाए जा रहे हैं, अगर वे ठीक हालत में हैं तो उन्हें बेकार छोड़ने के बजाय किसी अन्य उपयोगी जगह पर लगाया जाए। लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की मौजूदगी में सीएम ने विभागों के बीच आपसी तालमेल (Inter-departmental coordination) की कमी पर भी चुटकी ली और कहा कि जनहित की योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियों का असली मकसद आम आदमी का जीवन सरल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित न रखें, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता के साथ जमीन पर उतारें। सड़कों को बाधा मुक्त बनाने का यह मिशन न केवल प्रदेश के विकास को गति देगा, बल्कि कीमती जानों को बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।