samacharsecretary.com

बोर्ड के अंग्रेजी विषय की परीक्षा में 269 परीक्षार्थी रहे गैरहाजिर

अंबिकापुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित हाई स्कूल सर्टिफिकेट मुख्य परीक्षा अंतर्गत जिले के परीक्षा केन्द्र में अंग्रेजी विषय की परीक्षा शांतिपूर्ण व सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा के दौरान कलेक्टर अजीत वसंत और जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश झा द्वारा संयुक्त रूप से शासकीय बहुउद्देश्यीय उमावि तथा शासकीय कन्या शिक्षा परिसर परीक्षा केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान परीक्षा व्यवस्था, गोपनीय सामग्री की सुरक्षा व परीक्षार्थियों की बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया गया। कलेक्टर ने सभी परीक्षा केन्द्रों में सुचारू रूप से संचालित करने व सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश। इसके अतिरिक्त गठित उड़नदस्ता दल द्वारा शासकीय कन्या मणीपुर, सेजेस गांधीनगर उदारी, कुन्दीकला, बालक लुण्ड्रा, पडौली बालक सीतापुर, कन्या सीतापुर, सेजेस बतौली, बेलजोरा, बटईकेला, कुन्नी तथा अरगोती पुहपुटरा परीक्षा केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। सभी केन्द्रों में परीक्षा शांतिपूर्वक व निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित होती पाई गई। परीक्षा में कुल 9664 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 9395 परीक्षार्थी उपस्थित रहे तथा 269 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।

प्रदेश में बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा में 17 लाख से अधिक परीक्षार्थी हुए शामिल

साक्षरता के लिये चल रहा है उल्लास नवभारत कार्यक्रम भोपाल  प्रदेश में 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के असाक्षर व्यक्तियों के लिए बुनियादी साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा शनिवार को आयोजित की गई। इस परीक्षा में लगभग 17 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत कराई गई, जिसका उद्देश्य वयस्कों को पढ़ना-लिखना और अंकगणित का बुनियादी ज्ञान उपलब्ध कराना है। परीक्षा के लिए जिलों और ब्लॉक स्तर पर विशेष केंद्र बनाए गए थे। प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में प्रौढ़ शिक्षा के लिए वर्ष-2022 से उल्लास- नवभारत साक्षरता कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम वर्ष-2022 से वर्ष-2027 तक के लिये तैयार किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य साक्षरता मिशन के अनुसार इस मूल्यांकन परीक्षा से यह आकलन किया जाएगा कि कितने शिक्षार्थी बुनियादी साक्षरता प्राप्त कर चुके हैं। परीक्षा में मुख्य रूप से पढ़ने, लिखने और संख्यात्मक ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इस पहल से लाखों लोग साक्षर बनकर न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन में आत्मनिर्भर होंगे, बल्कि समाज और राज्य के विकास में भी सक्रिय योगदान देंगे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहां वयस्क साक्षरता कार्यक्रम को व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। पठन पाठन सामग्री प्रदेश के परिदृश्य को ध्यान में रखकर राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा "अक्षर पोथी" नाम से प्रवेशिका बनाई गई है। यह प्रवेशिका सीखने की परिष्कृत गति एवं विषय वस्तु पर आधारित है। इस प्रवेशिका में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता के साथ महत्वपूर्ण जीवन कौशल जैसे, वित्तीय, कानूनी, डिजिटल साक्षरता, आपदा प्रबंधन, वाणिज्यिक कौशल, मतदाता पंजीकरण, आधार जैसे विभिन्न फार्म को भरने के तरीके पर जागरूकता एवं कौशल शामिल है। अक्षर पोथी प्रवेशिका को एजूकेशन पोर्टल पर अपलोड करने के साथ साक्षरता कार्यक्रम के सभी व्हाट्सअप ग्रुप और यू-ट्यूब चेनल के माध्यम से भेजा गया है।