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मंगल कार्बन प्लांट हादसा: जोरदार विस्फोट में 9 माह का बच्चा समेत 8 मजदूर गंभीर रूप से घायल

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया. टायर रिसाइक्लिंग के दौरान बॉयलर में हुए जोरदार धमाके ने प्लांट परिसर को दहला दिया. इस दर्दनाक हादसे में 8 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें एक 9 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. यह पूरा मामला खरसिया थाना क्षेत्र के बानीपाथर का है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनी गई. टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान अचानक हुए इस ब्लास्ट से निकली गर्म गैस और आग ने आसपास काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया. वहां मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक 8 लोग बुरी तरह झुलस चुके थे. अस्पताल में मची चीख-पुकार हादसे के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों की स्थिति बेहद चिंताजनक है. कई मजदूर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं. विशेष रूप से 9 महीने के मासूम की स्थिति बेहद चिंताजनक है. टायर गलाने के दौरान तकनीकी गड़बड़ी की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट में पुराने टायरों को गलाकर कार्बन बनाने (रिसाइक्लिंग) का काम चल रहा था. आशंका जताई जा रही है कि बॉयलर के भीतर दबाव (Pressure) अधिक बढ़ने या किसी तकनीकी खामी की वजह से यह विस्फोट हुआ. पुलिस और तकनीकी टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर यह ब्लास्ट कैसे हुआ. सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने प्लांट परिसर को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि:     क्या प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन किया जा रहा था?     खतरनाक रिसाइक्लिंग प्लांट परिसर के भीतर 9 माह का मासूम बच्चा कैसे मौजूद था?     क्या मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे? मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहा कि जांच के बाद यदि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

रतलाम: हथियारों की दुकान में विस्फोट, तीन घायल—इंदौर रेफर

रतलाम, मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में गणतंत्र दिवस के दिन एक बड़े हादसे के तहत एक बंदूक की दुकान में धमाका होने से तीन लोग बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें इंदौर रेफर किया गया है। शहर के चांदनी चौक क्षेत्र में कल शाम हुए इस हादसे से अफरातफरी हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंची। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार विस्फोट एक बंदूक की दुकान के अंदर हुआ, जिसमें दुकानदार सहित तीन लोग गंभीर तरह से झुलस गए। तीनों को पहले जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया था। जहां तीनों की हालत गंभीर होने से उन्हें मेडिकल कॉलेज बाद में इंदौर रेफर किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक लेब के अधिकारी विस्फोट के कारणों का पता करने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि स्थानीय लक्कड़पीठा रोड स्थित इस दुकान में वेल्डिंग के दौरान विस्फोट हुआ। बंदूक की दुकान में बारूद होने से आग भभक उठी और तीन लोग गंभीर झुलस गए। हादसा इतना भयानक था कि झुलसे लोग रोड पर आ गए। गंभीर घायलों की पहचान दुकान मालिक यूसुफ अली, वेल्डिंग कारीगर शेख रफीउद्दीन, उसके साथी नाज़िर के रूप में हुई है। पुलिस को मौके से खाली कारतूस और बारूद मिला है। पुलिस ने दुकान के अंदर से बड़ी मात्रा में रखी बंदूकें एवं सामग्री को जब्त कर लिया है। अधिकारी विस्फोट की विस्तृत जानकारी में जुटे हुए है।  

Desh News: नौगाम में सैंपलिंग के दौरान विस्फोट को DGP ने बताया महज हादसा

नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर के नौगाम थाने में विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया है कि यह सिर्फ एक हादसा था और इस मामले में कोई और अनुमान लगाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस इस मामले की भी जांच करेगी। डीजीपी ने कहा कि यह धमका सैंपलिंग के दौरान हुआ जिसमें मामले की जांच कर रहे एसआई इसरार समेत 9 लोगों की जान चली गई। डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया, जब्त की गई सामग्री पुलिस स्टेशन में ओपन एरिया में रखी गई थी। एसएफएल की टीम इसके सैंपलिंग में लगी थी। कुछ सैंपल फॉरेंसिक लैब भेजे गए थे सैंपलिंग की प्रक्रिया दो दिन से चल रही थी। अस्थायी और संवेदनशीलता की वजह से सैंपलिंग की प्रक्रिया बहुत सावधानी से की जा रही थी। इसके बाद भी दुर्भाग्य से 11 बजकर 20 मिनट के बाद एक हादसा हुआ और विस्फोट हो गया। इस घटना में कोई और अनुमान बेकार है। इसमें 9 लोगों की मौत हुई है। इसमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों में, एसआई के अलावा तीन एसएफएल टीम के सदस्य. दो फोटोग्राफर, दो रेवेन्यू ऑफिसर और एक टेलर शामिल है। डीजीपी ने बताया कि 27 पुलिसकर्मी, दो राजस्व अधिकारी और तीन नागरिक हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने बताया, पुलिस स्टेशन को भी नुकसान पहुंचा है और आसपास की इमारतें भी डैमेज हुई हैं। इसके कारण का पता लगाया जा रहा है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और फरीदाबाद पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में फरीदाबाद से आठ गिरफ्तारियां हुई थीं। वहीं डॉ. मुजम्मिल के पास से 300 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री जब्त की गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट भी शामिल था। जम्मू-कश्मीर पुलिस इस विस्फोटक को लेकर नौगाम गई थी। वहीं इसकी जांच की जा रही थी। डॉ. उमर भी इन आतंकियों के साथ ही था और लालकिले के सामने वही विस्फोटक लेकर पहुंचा था। विस्फोट में उसकी मौत हो गई थी। डॉ. उमर की मां के डीएनए जांच से इसकी पुष्टि हुई है।