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किसान कल्याण के संकल्प को मजबूत करता निर्णय या समृद्ध किसान, सशक्त मध्यप्रदेश

भोपाल  मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि किसान कल्याण उसकी नीतियों और निर्णयों का मूल आधार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीदी पर प्रति क्विंटल 40 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय किसानों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय के बाद किसानों को गेहूं का मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा, जो उनकी मेहनत के उचित सम्मान और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। मध्यप्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में सरकार की यह जिम्मेदारी होती है कि वह किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उपाय भी सुनिश्चित करे। गेहूं खरीदी पर बोनस की घोषणा इसी सोच का परिणाम है, जो यह दर्शाती है कि राज्य सरकार किसानों की आवश्यकताओं और चुनौतियों को गंभीरता से समझती है। प्रदेश सरकार ने गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च करने का निर्णय भी लिया है, जिससे अधिक से अधिक किसान इस व्यवस्था का लाभ उठा सकें। यह निर्णय प्रशासनिक संवेदनशीलता और किसान-हितैषी दृष्टिकोण का परिचायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी उसी दिशा में ठोस कदम बढ़ाते हुए किसानों को बेहतर मूल्य, सुविधाएं और अवसर प्रदान करने का प्रयास कर रही है। स्पष्ट है कि यदि किसान सशक्त होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे। किसानों के परिश्रम को सम्मान और उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए ऐसे निर्णय न केवल सराहनीय हैं, बल्कि कृषि क्षेत्र को स्थायी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होंगे। जयपाल सिंह चावड़ा लेखक (मध्यप्रदेश भाजपा किसान मोर्चे के अध्यक्ष है)

1101 ट्रैक्टरों की ऐतिहासिक रैली के साथ कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खुद ट्रैक्टर चलाकर दिया संवेदनशील नेतृत्व का संदेश ट्रेक्टर चलाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव बने किसान भोपाल कृषक कल्याण वर्ष-2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल से रविवार को कृषक कल्याण वर्ष 2026 का भव्य एवं गरिमापूर्ण शुभारंभ किया। उन्होंने शुभारंभ अवसर पर किसानों की ऐतिहासिक 1101 ट्रेक्टरों की रैली का नेतृत्व किया। विशाल संख्या में ट्रैक्टरों की अनुशासित सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। ट्रेक्टर रैली में किसानों के उत्साह को देखकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह ट्रैक्टर रैली केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि किसानों की एकजुटता, आत्मविश्वास और प्रदेश सरकार की किसान-हितैषी सोच का सशक्त प्रतीक है। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसानों के हित में निरंतर और ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में भावुक एवं प्रेरक क्षण तब आया, जब मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं ट्रैक्टर की कमान संभाली। ट्रैक्टर चालक से आग्रह कर ट्रैक्टर पर बैठना और उसे चलाना मुख्यमंत्री की सहजत और किसानों के श्रम के प्रति सम्मान को दर्शाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस सादगी और आत्मीयता ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविमोर कर दिया। किसानों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किसान बने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र किसान, नारी, युवा और गरीब हैं। इन चारों वर्गों के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार योजनाओं और कार्यक्रमों का निर्धारण कर रही है, ताकि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की घोषणा की। डनहोंने कहा कि इस दौरान किसानों के हितों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कृषक कल्याण वर्ष के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार के 16 विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे, जिससे कृषि से जुड़े सभी आयाम—उत्पादन, लागत, विपणन, आय और कल्याण एक साथ सुदृढ़ हो सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 16 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, जो राज्य की कृषि क्षमता और नीतिगत प्रयासों की सफलता दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि किसानों की आमदनी में वृद्धि और कृषि लागत में कमी लाने के लिए ठोस एवं व्यावहारिक उपायों को धरातल पर उतारना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष 2026 के संकल्प की पूर्ति का यह पहला दिन है। पूरे वर्ष विकास एवं मंगल कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएंगे। सरकार का प्रयास रहेगा कि किसान समृद्ध हों, कृषि टिकाऊ बने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिले।