samacharsecretary.com

धार्मिक पहचान दिलाने की पहल: फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की उठी मांग

फतेहगढ़ साहिब. पंजाब के फतेहगढ़ साहिब को पवित्र शहर घोषित करने की मांग उठी है। इस संबंध में बलजीत सिंह भुट्टा ने गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर औपचारिक ज्ञापन सौंपा। उनके साथ शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी मौजूद रहे। भुट्टा ने कहा कि ऐतिहासिक फतेहगढ़ साहिब केवल सिख समुदाय ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने बताया कि यही वह पावन स्थल है, जहां दशम पिता गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस महान शहादत की गवाह इस धरती की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना समय की प्रमुख आवश्यकता है। अन्य पवित्र शहरों की तर्ज पर मिले विशेष व्यवस्थाएं भुट्टा ने मांग की कि जिस प्रकार अमृतसर और आनंदपुर साहिब जैसे धार्मिक नगरों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, उसी तर्ज पर फतेहगढ़ साहिब को भी विशेष दर्जा दिया जाए। भुट्टा ने राज्यपाल से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार को उचित दिशा-निर्देश जारी करें। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़ साहिब को ‘पवित्र शहर’ घोषित करने से यहां आने वाली संगत की भावनाओं का सम्मान होगा और इस ऐतिहासिक स्थल की मर्यादा और अधिक सुदृढ़ हो सकेगी। राज्यपाल ने विचार करने का दिया आश्वासन राज्यपाल कटारिया ने ज्ञापन प्राप्त कर आश्वासन दिया कि इस मांग पर संबंधित स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। फतेहगढ़ साहिब सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में इसे पवित्र शहर का दर्जा देने की मांग को क्षेत्र में व्यापक समर्थन मिल रहा है।

फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा को लेकर कड़ी सुरक्षा, 3400 जवानों के साथ अलर्ट मोड

जालंधर/चंडीगढ़  शहीदी सभा के मद्देनजर पुलिस के विशेष महानिदेशक (स्पैशल डी.जी.पी.) कानून एवं व्यवस्था, अर्पित शुक्ला ने फतेहगढ़ साहिब का दौरा किया और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की, ताकि जिले में आयोजन को सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके। दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अद्वितीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु तीन दिवसीय वार्षिक शहीदी सभा 25 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक फतेहगढ़ साहिब में आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से 6 सैक्टरों में विभाजित किया गया है। देश-विदेश से आने वाली लाखों संगत की सुरक्षा, सुचारू आवागमन और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 6 एसपी रैंक के अधिकारियों तथा 24 डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों की निगरानी में 3400 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इस अवसर पर स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला के साथ डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह और एस.एस.पी. फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल भी उपस्थित थे। स्पैशल डी.जीपी ने शहीदी सभा के पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु तैनात सभी एसपी एवं डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों और पुलिस बल को पूर्ण निष्ठा से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को संगत के साथ अत्यंत विनम्रता एवं सौम्यता से पेश आने तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धा-भावना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए। सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष शांति एवं सुव्यवस्थित ढंग से शहीदी सभा संपन्न कराने के लिए फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा कई नई पहलें लागू की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मत्था टेकने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। स्पैशल डी.जी.पी. ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु कुल 22 पार्किंग स्लॉट निर्धारित किए गए हैं तथा पार्किंग क्षेत्रों से गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब तक शटल बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। निर्बाध यातायात प्रबंधन और संगत को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा गूगल के समन्वय से पार्किंग स्थलों की रियल-टाइम जियो-टैगिंग की गई है और मार्गदर्शन हेतु साइन बोर्ड लगाए गए हैं।   उन्होंने बताया कि संगत की सहायता के लिए छह हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक पुलिस डेस्क, चिकित्सा सहायता तथा अग्निशमन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक एकीकृत कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने कहा कि समाज-विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 6 ड्रोन और 300 सी.सी.टी.वी. कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान सड़क सुरक्षा को बढ़ाने और कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से एक पहल के तहत पुलिस टीमों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर भी लगाए जाएंगे।