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पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अवैध खाद से लदा मिनी ट्रक पकड़ा; लाखों का माल बरामद

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में अवैध खाद परिवहन के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस ने 280 बोरा अवैध DAP खाद से भरे एक मेटाडोर को पकड़ा है। जब्त खाद की कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है। यह पूरा मामला देवभोग थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान अवैध DAP खाद से भरे मेटाडोर को पकड़ा। पुलिस ने मेटाडोर के अंदर से 280 खाद का बोरा जब्त किया, जिसकी कीमत 3.50 लाख रुपए आंकी गई है। वाहन चालक ने किया खुलासा वाहन चालक ने बताया कि उसने 8 हजार के किराए पर उरमाल के एक लाइसेंसी व्यापारी के कहने पर यह अवैध परिवहन कर रहा था। खाद को ओडिसा सीनापाली से जांगड़ा ले जाया जा रहा था, जहां एक मक्का कारोबारी को दिया जाता। पुलिस ने जब्त 280 बोरा डीएपी खाद को आगे की कार्रवाई के लिए कृषि विभाग के सुपुर्द कर दिया है। मुनाफाखोरी के लिए खाद का कलाबाजारी दरअसल, इस बार युद्ध के चलते रासायनिक खाद का उत्पादन प्रभावित हुआ है,सरकारी सप्लाई भी घट गया है।ऐसे में कुछ कारोबारी मुनाफाखोरी के लिए नियम को ताक में रख कर खाद के कलाबाजारी को अंजाम दे रहे है।

कृषि विभाग की सख्ती, खाद की 1500 बोरियां जब्त, दो दुकानों पर गिरी गाज

धमतरी. धमतरी जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद की कालाबाजारी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में जांच के लिए पहुंची. निरीक्षण के दौरान मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री और कम्प्यूटराइज्ड बिल नहीं देने की शिकायत सही पाई गई. अनियमितता की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया. साथ ही दुकान में रखी 859 बोरी रासायनिक उर्वरक भी जब्त कर ली गई. मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. अन्य प्रतिष्ठानों पर भी हुई कार्रवाई नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी और जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई. दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. कुरूद विकासखंड के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने के साथ ही मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी. इस गंभीर अनियमितता पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं. कृषि विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से कालाबाजारी करने वाले प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है. वहीं प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें.