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54 हजार 923 ग्रामों एवं 425 नगरीय निकायों में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण

भोपाल  मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (House Listing Operation-HLO) का फील्ड कार्य 30 मई 2026 को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। राज्यभर में 01 मई 2026 से प्रारंभ हुए इस व्यापक अभियान के दौरान प्रत्येक ग्राम एवं नगरीय क्षेत्र में प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर मकानों तथा उनमें निवासरत परिवारों से निर्धारित जानकारी संकलित की गई। इस चरण में भारत सरकार द्वारा अधिसूचित 33 प्रश्नों के माध्यम से मकानों की स्थिति, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों संबंधी जानकारी मोबाइल एप के जरिए डिजिटल रूप से एकत्रित की गई। जनगणना 2027 की यह प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल माध्यमों पर आधारित रही, जिसके अंतर्गत फील्ड कार्य की सतत मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से की गई। इससे कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित हुई। सचिव गृह एवं नोडल अधिकारी जनगणना कार्य मती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में यह कार्य 55 जिलों, 425 नगरीय निकायों तथा 449 तहसीलों के अंतर्गत 54 हजार 923 ग्रामों में संपादित किया गया। मकान सूचीकरण ब्लॉकों में 1 लाख 44 हजार से अधिक प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों द्वारा कार्य किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 15 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक रिजर्व के रूप में तैनात किए गए थे। निर्धारित समयसीमा में पूरे प्रदेश में मकानों की गणना का कार्य पूर्ण होना प्रशासनिक समन्वय एवं जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। जनगणना के दौरान संकलित की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियमावली, 1990 के प्रावधानों के तहत पूर्णतः गोपनीय रहेंगी। इन आंकड़ों का उपयोग केवल नीति-निर्माण, विकास योजनाओं के निर्माण तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु किया जाएगा। भारत सरकार द्वारा संपूर्ण जनगणना प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित समय पर संबंधित आंकड़े जारी किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण के पूर्व राज्य में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया संचालित की गई थी। इस अवधि में प्रदेश के 7 लाख से अधिक परिवारों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की, जो नागरिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण है। जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या की गणना (Population Enumeration-PE) का कार्य फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा। इस चरण में परिवारों के सभी सदस्यों से निर्धारित सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्रित की जाएगी। जनगणना अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन, जनगणना अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, प्रगणकों एवं प्रदेशवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया द्वारा जनजागरूकता और प्रचार-प्रसार में निभाई गई सक्रिय भूमिका से जनसहभागिता को व्यापक बल मिला। निदेशक जनगणना कार्य, मध्यप्रदेश  संजीव वास्तव एवं सचिव गृह एवं नोडल अधिकारी जनगणना कार्य मती शिल्पा गुप्ता ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के सफल एवं समयबद्ध संपादन पर प्रदेश के सभी नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि फरवरी 2027 में आयोजित होने वाले जनगणना के द्वितीय चरण में भी प्रदेशवासियों का इसी प्रकार सक्रिय एवं सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा, जिससे इस राष्ट्रीय महत्व के अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सकेगा।  

पहले चरण के बिहार चुनाव: सीटों की संख्या, नामांकन तिथि और सभी अहम डिटेल्स

पटना बिहार में दो चरणों में चुनाव होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसकी घोषणा कर दी है।। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा। पहले चरण में 121 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। पहले चरण के लिए 10 अक्टूबर दिन शुक्रवार को गजट नोटिफिकेशन जारी होगा। वहीं, 17 अक्टूबर, दिन शुक्रवार नामांकन की आखिरी तारीख होगी। 18 अक्टूबर, दिन शनिवार को को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। वहीं, 20 अक्टूबर, सोमवार उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की आखिरी तारीख होगी। पहले चरण में इन जिलों में वोटिंग बिहार में चुनाव के पहले चरण में कुल 18 जिलों में वोटिंग होगी। इन जिलों में गोपालगंज, सीवान, बक्सर, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय और भोजपुर जिले शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार, राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7.42 करोड़ है, जिनमें पुरुष मतदाता 3.92 करोड़ और महिला मतदाता 3.50 करोड़ हैं। कुमार ने बताया कि 14 लाख मतदाता बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान कर सकेंगे। बिहार की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है।