samacharsecretary.com

गंगरेल नौकायान उत्सव: धमतरी में आयोजित महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप ने रचा इतिहास

गंगरेल नौकायान उत्सव: महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का भव्य आयोजन, धमतरी में रचा गया इतिहास गंगरेल नौकायान उत्सव’ से धमतरी को मिली नई पहचान, 52 टीमों ने दिखाया दम महानदी की लहरों पर दौड़ी रफ्तार, गंगरेल बोट चैंपियनशिप सफलतापूर्वक संपन्न जल, खेल और संस्कृति का संगम: गंगरेल में भव्य नौकायान प्रतियोगिता आयोजित धमतरी आज का दिन धमतरी जिले के लिए ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार गंगरेल बांध की शांत एवं मनमोहक जलधारा पर ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ के अंतर्गत भव्य महानदी रिवर बोट चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। मचान हाट प्वाइंट से गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स प्वाइंट तक 1000 मीटर की चुनौतीपूर्ण दूरी में आयोजित इस रोमांचक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने अद्भुत गति, संतुलन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर उत्साह, रोमांच और जनसहभागिता का अद्वितीय संगम देखने को मिला। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में धमतरी सहित समीपवर्ती जिलों कांकेर एवं बालोद की कुल 52 टीमों ने भाग लिया, जिससे यह आयोजन क्षेत्रीय स्तर पर एक बड़े खेल महोत्सव के रूप में उभरकर सामने आया। प्रतियोगिता का शुभारंभ विधायक श्री ओमकार साहू, महापौर श्री रामू रोहरा एवं पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गजेन्द्र ठाकुर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। महिला सहभागिता ने बढ़ाया गौरव इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता ग्रामीण अंचलों की महिला प्रतिभागियों की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। ग्राम तिर्रा की श्रीमती चयन बाई, श्रीमती सुमन एवं श्रीमती दिनेश्वरी निधार ने पारंपरिक लकड़ी की नाव के साथ प्रतियोगिता में भाग लेकर न केवल प्रतिस्पर्धा को रोमांचक बनाया, बल्कि महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायक संदेश भी दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद उनका आत्मविश्वास और साहस सभी के लिए अनुकरणीय रहा। प्रतियोगिता के परिणाम प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए—     •    प्रथम स्थान: बोट क्रमांक 04 (रोमार निषाद तिरी एवं जीतु निषाद)     •    द्वितीय स्थान: बोट क्रमांक 1 सत्वंत मंडावी एवं  मिथलेश मंडावी,कोलियारी)     •    तृतीय स्थान: बोट क्रमांक 10 (कोमल निषाद एवं महेश्वर कुरेटरी, तिर्रा) इसके अतिरिक्त—     •    वेशभूषा पुरस्कार: बोट क्रमांक 06 (पवनबाई निषाद एवं देवनबती निषाद,तिर्रा)     •    सजावट पुरस्कार: बोट क्रमांक 08 (रामनारायण नेताम एवं रिशीराम निषाद, सटी यारा) विजेताओं को अतिथियों द्वारा ट्रॉफी एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए गए—     •    प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,000     •    द्वितीय पुरस्कार: ₹50,000     •    तृतीय पुरस्कार: ₹25,000 साथ ही बोट सजावट एवं वेशभूषा के लिए ₹11,000 के विशेष पुरस्कार भी प्रदान किए गए। जिला प्रशासन द्वारा महिला प्रतिभागियों को प्रोत्साहित करते हुए ₹15,000, ₹10,000 एवं ₹5,000 के सांत्वना पुरस्कार की भी घोषणा की गई। विधायक श्री ओमकार साहू ने कहा कि यह आयोजन क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा एवं जल पर्यटन को नई पहचान प्रदान करेगा। महापौर श्री रामू रोहरा ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण पहल बताते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ युवाओं में खेल एवं साहसिक गतिविधियों के प्रति रुचि विकसित होगी। अन्य प्रमुख गतिविधियाँ कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 8 मछुआ समितियों को आइस बॉक्स वितरित किए गए, जिससे मत्स्य व्यवसाय को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। साथ ही जल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वॉटर एंबुलेंस का शुभारंभ भी किया गया। पर्यटन और विकास की नई दिशा ‘गंगरेल नौकायान उत्सव’ धमतरी जिले में पर्यटन, संस्कृति एवं खेल गतिविधियों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। यह आयोजन न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि गंगरेल क्षेत्र को राज्य के प्रमुख पर्यटन एवं एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

रायपुर. राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध राजिम कुंभ (कल्प) 2026 के भव्य आयोजन के लिए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री   राजेश अग्रवाल ने नए मेला मैदान पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को अंतिम निर्देश दिए। उन्होंने 30 जनवरी तक हर हाल में तैयारियां पूर्ण करने का आदेश दिया, ताकि 1 से 15 फरवरी तक निर्बाध आयोजन सुनिश्चित हो। कलेक्टर   बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक   वेदव्रत सिरमौर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री   अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और 30 जनवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। राज्यपाल   रमेन डेका सहित मंत्रीगण शुभारंभ में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने विद्युत, परिवहन, स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया, जिसमें रात्रिकालीन बस परिचालन व त्वरित चिकित्सा सुविधा शामिल है। मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, सख्त कार्रवाई के आदेश राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। उल्लंघन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस व परिवहन विभाग को सतत गश्त, यातायात प्रबंधन व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर फ्लैक्स-रेट सूची अनिवार्य करने के आदेश दिए। शाही स्नान व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फोकस शाही स्नान के लिए नदी तट पर बैरिकेटिंग, भीड़ नियंत्रण व मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को चावल आबंटन व दाल-भात केंद्र संचालन, पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनाती व क्रेन-फायर ब्रिगेड तत्पर रखने को कहा। मेला स्थल पर स्वच्छता, कचरा निस्तारण, धर्मशालाएं व दूरसंचार टावर क्षमता बढ़ाने पर बल दिया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ प्रदेश की आस्था, परंपरा व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पिछली कमियों को सुधारने व लापरवाही न बरतने पर जोर देते हुए सभी को तत्परता बरतने का आह्वान किया। उन्होनें आगे कहा कि यह आयोजन व्यवस्थित व ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा।

रायपुर : डबरी निर्माण से बदली सूरत कुमारी की किस्मत, खेती और मछलीपालन से बढ़ी आमदनी

रायपुर : डबरी निर्माण से बदली सूरत कुमारी की किस्मत, खेती और मछलीपालन से बढ़ी आमदनी बहुफसली खेती से पूरे वर्ष मिल रहा लाभ रायपुर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सरगुजा जिले में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए डबरियों का निर्माण लगातार लाभकारी साबित हो रहा है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम कुम्हरता की सूरत कुमारी भी इसी का सफल उदाहरण हैं, जिन्होंने मनरेगा अंतर्गत अपने खेत में डबरी बनवाकर अपनी आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है। मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण की जानकारी मिलते ही सूरत कुमारी ने रोजगार सहायक से संपर्क कर प्रस्ताव प्रस्तुत किया। वर्ष 2024-25 में उन्हें 2.99 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हुई और उन्होंने 30×30 आकार की डबरी का निर्माण कराया। वर्तमान में डबरी में लगभग छह फीट पानी भरा है, जो सालभर उनकी खेती को सहारा दे रहा है। सूरत कुमारी के पास तीन एकड़ कृषि भूमि है, जहां पहले केवल बारिश के मौसम में धान की खेती हो पाती थी। गर्मी और सर्दी में सिंचाई की सुविधा न होने के कारण खेत खाली पड़े रहते थे। लेकिन डबरी बनने के बाद अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उनकी भूमि पर अब सालभर बहुफसली खेती हो रही है। वे सब्जी, गेहूं, अरहर सहित कई फसलें ले रही हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। डबरी निर्माण से 1231 मानव-दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ, जिससे गांव के कई लोगों को काम मिला। खेती के साथ-साथ सूरत कुमारी ने डबरी में मछलीपालन भी शुरू कर दिया है। उन्होंने इस साल पांच किलो मछली बीज डाला है, जिनकी ग्रोथ संतोषजनक है और इससे उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। सूरत कुमारी बताती हैं कि डबरी निर्माण ने उनकी आजीविका को सुरक्षित और स्थायी बना दिया है। खेती-बाड़ी के साथ-साथ अब मछलीपालन उनकी आय का नया स्रोत बन गया है। उन्होंने शासन की इस योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि अब वे खुद अन्य ग्रामीणों को भी योजना का लाभ लेने प्रेरित कर रही हैं।

40 करोड़ के एक्वा पार्क से भोपाल में नया जल रोमांच, वॉटर टनल और 3D जोन का होगा उद्घाटन

भोपाल  राजधानी भोपाल का आकर्षण जल्द ही और बढ़ जाएगा। यहां एक्वा पार्क के रूप में अत्याधुनिक मछलीघर बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इसका भूमि-पूजन करेंगे। भोपाल के विख्यात मछलीघर को यह नया और भव्य रूप दिया जाएगा। अब यहां मछलियों की नई दुनिया बसेगी। अधिकारियों के अनुसार मछली घर से नए एक्वा पार्क तक का सफर, इतिहास से भविष्य को जोड़ने की कवायद भी होगी। यह अत्याधुनिक एक्वा पार्क करीब 40 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित किया जा रहा है। भोपाल आने वाले पर्यटकों के लिए मछलीघर की खास पहचान रही है। यहां रंग-बिरंगी मछलियों को देखने पूरे प्रदेश से लोग आते थे। नीली रोशनी में तैरती सुनहरी मछलियों को देख टूरिस्ट मंत्र मुग्ध रह जाते थे। समय के साथ मछलीघर अतीत को साथ में समेटे हुए फिर से भोपाल में एक नई पहचान के साथ लौट रहा है। यहां अब देश का सबसे सुंदर और आधुनिक “एक्वा पार्क” बनाया जा रहा है।