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बड़ी कार्रवाई: गैस एजेंसी में अनियमितता मिली, 961 सिलेंडर किए गए जब्त

दुर्ग. जिले के एक और गैस एजेंसी में जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आई है. खाद्य महकमा की टीम ने गोल्डन गैस एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जहां गड़बड़ी सामने आने पर कुल 961 नग खाली एवं भरा हुआ रसोई गैस सिलेंडर जप्त किए गए हैं. गौरतलब है कई गैस एजेंसियों में बुकिंग के बाद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें आ रही है. जिसके मद्देनजर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय, नवा रायपुर से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में जिले में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों तथा पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है. इसी कड़ी में पद्मनाभपुर स्थित गोल्डन भारत गैस की भी निरंतर शिकायतें खाद्य महकमा को मिल रही थी . प्राप्त शिकायत पर खाद्य विभाग के जांच दल द्वारा जांच की गई. खाद्य नियंत्रक अनुराग सिंह भदौरिया से मिली जानकारी के मुताबिक गोल्डन गैस एजेंसी एक भागीदार फर्म है जिसके 2 भागीदार मोहन लाल धुव्र एवं अंशुमन मढरिया है. जांच में भौतिक सत्यापन में स्टाक में अंतर पाया गया इसके आधार पर घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किग्रा) खाली 838 एवं भरे 48 नग, व्यावसायिक सिलेंडर (19 किग्रा) खाली 63 नग तथा 5 किग्रा सिलेंडर 22 नग (खाली) भागीदार अंशुमन मढरिया से जप्त किया गया. भदौरिया का कहना है कि प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जिले में एलपीजी गैस तथा पेट्रोल- डीजल की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. इसके लिए विभाग द्वारा लगातार जांच की कार्रवाई जारी है आगे भी निरंतर जांच जारी रहेगा.

गैस माफिया पर शिकंजा: दुर्ग में 599 सिलेंडर जब्त, खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

दुर्ग. घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति एवं वितरण को निर्बाध रूप से बनाये रखने के लिए जिले में निरंतर छापेमारी की कार्रवाई की जा रही है. जांच के क्रम में ग्राम पंचायत रसमड़ा के बोरई इंडस्ट्रीयल ग्रोथ सेंटर में स्थित पापुशा गैसेस प्रा. लि. की आकस्मिक जांच जिला खाद्य कार्यालय के अधिकारियों द्वारा की गई. उक्त सेंटर में कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा 2 विभिन्न ब्रांडों गो गैस एवं गैस प्वाइंट के नाम से गैस सिलेंडरों की सप्लाई डीलर के माध्यम से उपभोक्ताओं को की जाती है. सार्वजनिक वितरण प्रणाली से भिन्न समानांतर विपणन प्रणाली के रूप में पापुशा गैसेस प्रा. लि. तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा कार्य किया जाना पाया गया. खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया से मिली जानकारी अनुसार फर्म की जांच में कुल 599 गैस सिलेंडर पाए गए. गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग के लिए 03 बुलेट भी पाए गए, जिसमें 2841 कि.ग्रा. एलपीजी भंडारित होना पाया गया. जांच के समय फर्म में विभिन्न सिलेंडरों में पेंटिंग का काम किया जा रहा था तथा सिलेंडरों के नेट वेट, टेयर वेट तथा सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट अंकित की जा रही थी. मांगे जाने पर उक्त कार्य से संबंधित कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया. फर्म द्वारा प्रस्तुत स्टाक पंजी तथा भौतिक सत्यापन में अंतर पाया गया. फर्म के मैनेजर द्वारा जानकारी दी गई कि अतुल रबर को डीलर के रूप में उनके द्वारा सप्लाई की जाती है किन्तु उक्त डीलर वैधता अथवा करार किये जाने आदि के संबंध में कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया. इस प्रकार उक्त फर्म का समानांतर विपणनकर्ता के रूप में कार्य करना पाया गया किन्तु फर्म द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया. फर्म द्वारा कलेक्टर दुर्ग को किसी प्रकार की जानकारी नही दी जा रही है. इस प्रकार पापुशा गैस प्रा.लि. रसमड़ा तथा कान्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश 2000 की विभिन्न कंडिकाओं जैसे- एलपीजी के विक्रय का अप्राधिकृत कारोबार करने, द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस उपस्करों के कब्जा, कार्यस्थल पर स्टाक और कीमत को प्रदर्शित नही करने, रजिस्टर का सही लेखा नहीं रखने, रेटिंग प्रमाण पत्र प्रस्तुत नही करना आदि का उल्लंघन पाये जाने पर 599 नग गैस सिलेंडर तथा 2841 किग्रा एलपीजी जब्त किया गया.