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अडानी का अमेरिकी कोर्ट में बयान: ‘गड़बड़ी नहीं साबित हुई, केस रद्द किया जाए’

 नई दिल्ली अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने अमेरिका में सिक्योरिटीज धोखाधड़ी का केस रद्द करने की मांग की है. गौतम अडानी की ओर से अमेरिका की कोर्ट में प्री-मोशन पत्र दाखिल कर यह दलील दी गई है कि इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी साबित नहीं होती है और यह अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में भी नहीं आता है. इसलिए अमेरिकन सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की ओर से दायर सिक्योरिटीज धोखाधड़ी के मुकदमे को खारिज किया जाए।  उद्योगपति गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी की ओर इसे लेकर कोर्ट में 30 अप्रैल को औपचारिक अर्जी दाखिल की जानी है. इससे पहले, प्री-मोशन पत्र दायर कर दिया गया है. अडानी के वकीलों ने इस पत्र के जरिये कहा है कि साल 2021 में अडानी ग्रुप की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) की बॉन्ड बिक्री को लेकर अमेरिकन कमीशन के आरोप कानूनी तौर पर दोषपूर्ण हैं।  गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मामले में व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र लागू नहीं होता, क्योंकि दोनों का अमेरिका से संबंध नहीं था और ना ही वह बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल ही थे. 75 करोड़ डॉलर के यह बॉन्ड अमेरिका के बाहर बिक्री किए गए थे. बॉन्ड्स की यह बिक्री रूल 144 ए और रेगुलेशन एस के तहत छूट का उपयोग करते हुए गैर-अमेरिकी अंडरराइटरों को की गई थी, बाद में इसका एक हिस्सा योग्य इंस्टीट्यूशनल बॉयर्स को दोबारा बेचा गया था।  याचिकाकर्ता के वकीलों ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकन एक्सचेंज की शिकायत में यह नहीं बताया गया है कि गौतम अडानी ने बॉन्ड जारी करने की मंजूरी दी थी, मुख्य बैठकों में शामिल हुए थे या अमेरिकी निवेशकों को लक्ष्य कर किसी गतिविधि के निर्देश दिए थे. यह मामला अमेरिका की सीमा से बाहर का है. संबंधित सिक्योरिटीज अमेरिका में लिस्टेड नहीं हैं. इसे जारी करने वाली कंपनी भारत की है और यह पूरा काम भी भारत में ही हुआ है. अमेरिकी सिक्योरिटीज कानून लागू करने की जरूरी शर्त है घरेलू लेनदेन. अमेरिकी सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन यह साबित करने में फेल रहा है।  अडानी ग्रुप के वकीलों ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया है और कहा है कि सिक्योरिटीज एक्सचेंज कमीशन ने किसी निवेशक को नुकसान होने के आरोप नहीं लगाए हैं. यह बॉन्ड 2024 में मैच्योर हो गए थे और ब्याज सहित इनका भुगतान भी कर दिया गया था. अडानी ग्रुप ने रिश्त के आरोप खारिज करते हुए कोर्ट में कहा है कि ये आरोप साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं हैं. ग्रुप की ओर से यह भी कहा गया है कि भ्रष्टाचार रोधी नीतियां और कॉर्पोरेट प्रतिष्ठा के जिन बयानों का अमेरिकन एसईसी हवाला दे रही है, वे सामान्य कॉर्पोरेट आशावाद है. निवेशक इन पर कानूनी तरीके से भरोसा नहीं कर सकता।  गौतम अडानी और सागर अडानी की ओर से कोर्ट में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ी तो वे खुद भी प्री-मोशन कॉन्फ्रेंस में उपस्थित होने के लिए तैयार हैं. अमेरिकन सिक्योरिटी एक्सचेंज कमीशन ने नवंबर, 2024 में अडानी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. अमेरिकन एजेंसी का आरोप था कि निवेशकों को गुमराह किया गया. अमेरिकी एजेंसी ने यह केस अमेरिकी सिक्योरिटीज कानूनों के तहत दर्ज किया है।   

देवघर के बाबाधाम में अडानी ग्रुप चेयरमैन गौतम अडानी की पूजा-अर्चना, देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

देवघर झारखंड के देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने रविवार को भोले बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर उन्हें पहले प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोचार के बीच उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और सहयोगियों द्वारा संकल्प कराया गया। इसके बाद पूरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन्हें गर्भगृह में ले जाकर भगवान भोले की पूजा कराई गई। गौतम अडानी करीब सात मिनट तक गर्भगृह में रहे और इस दौरान उन्होंने झारखंड और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की। पूजा के बाद उन्हें बाबा भोले का प्रतीक चिन्ह जिला खेल पदाधिकारी एवं बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार ने भेंट किया। गोड्डा सांसद निशिकांत दूब से भी अडाणी ने उनके आवास पर मुलाकात की है। निशिकांत दूबे ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा 'अपने देवघर आवास पर अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी जी का स्वागत किया।' अडानी ने कहा, 'मन की शांति के लिए बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना मेरी बहुत पुरानी इच्छा थी। यहां पूजा कर मैं बहुत खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं।' पूजा-अर्चना के बाद गौतम अडानी पीरपैंती स्थित अडानी पावर लिमिटेड के 2,400 मेगावाट कोयला आधारित (सुपर क्रिटिकल) ताप विद्युत परियोजना स्थल का दौरा करेंगे। परियोजना में 800 मेगावाट की तीन इकाइयां शामिल हैं और यह लगभग 21,400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ बिहार का प्रमुख ऊर्जा प्रोजेक्ट है।

भारत को अपनी विकास राह खुद तय करनी होगी: गौतम अदाणी

धनबाद  आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शताब्दी समारोह के मौके पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। उन्होंने अपने भाषण में संस्थान के छात्रों से कहा कि आज जब वैश्विक गठबंधन टूट रहे हैं और देश अपने हितों को सर्वोपरि मान रहे हैं, ऐसे समय में भारत को अपनी विकास की राह खुद तय करनी होगी। उन्होंने कहा, "भारत की संप्रभुता अब दो स्तंभों पर निर्भर करती है—हमारे पैरों के नीचे की संपदा और वह ऊर्जा जो विकास को गति देती है।" 'नैरेटिव कॉलोनाइजेशन' से सतर्क रहने की जरूरत अपने भाषण में गौतम अदाणी ने चेताया कि "नैरेटिव कॉलोनाइजेशन" से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "जिन देशों ने ऐतिहासिक रूप से सबसे ज्यादा कार्बन उत्सर्जन किया है, वे अब भारत को यह बताना चाहते हैं कि उसे कैसे विकसित होना चाहिए, जबकि भारत की प्रति व्यक्ति उत्सर्जन दर दुनिया में सबसे कम है।" उन्होंने देश को दूरसे स्वतंत्रता संग्राम के लिए तैयार रहने की बात कही। उन्होंने कहा, "भारत को बाहरी दबावों के आगे नहीं झुकना चाहिए, जो हमारे सपनों को अवैध ठहराते हैं। यह समय भारत के लिए आर्थिक और संसाधन स्वतंत्रता का 'दूसरा स्वतंत्रता संग्राम' है।" उन्होंने कहा, "लोग खनन को पुरानी अर्थव्यवस्था कह सकते हैं। लेकिन इसके बिना, कोई नई अर्थव्यवस्था नहीं है।" आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ऐतिहासिक भूमिका गौतम अदाणी ने इस मौके पर आईएसएम धनबाद के स्वर्णिम इतिहास को भी सराहा। उन्होंने कहा, "आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की स्थापना देश की दूरदृष्टि का परिणाम थी। ब्रिटिश शासन के दौरान भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस संस्थान की स्थापना की सिफारिश की थी, ताकि भारत खनन और भूविज्ञान में अपनी क्षमताएं विकसित कर सके।" अदाणी ग्रुप की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि ग्रुप ने ऑस्ट्रेलिया के कारमाइकल प्रोजेक्ट को कई चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक संचालित किया और गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित किया। गौतम अदाणी ने दिया छात्रों को तोहफा इस मौके पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में नया 'अदाणी 3S माइनिंग एक्सीलेंस सेंटर' शुरू करने की घोषणा की। यह माइनिंग एक्सिलेंस सेंटर TEXMiN के साथ साझेदारी में विकसित किया जाएगा, जिसमें मेटावर्स लैब, ड्रोन बेड़े, भूकंपीय सेंसिंग सिस्टम और सटीक खनन प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। इसके गौतम अदाणी ने छात्रों के लिए पेड इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा भी की। इसके तहत हर साल तीसरे वर्ष के 50 छात्रों को पेड इंटर्नशिप प्रदान की जाएंगी। इसके बाद, इनमें से कम से कम 25% छात्रों को अदाणी समूह के लिए रोजगार-पूर्व प्रस्ताव प्राप्त मिलेंगे। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, "निर्भीक होकर सपने देखें, लगातार प्रयास करें, इनोवेशन को अपनाएं और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।"