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राज्यमंत्री टेटवाल बोले: डिग्री के साथ जरूरी है व्यवहारिक कौशल और कार्य अनुभव

डिग्री के साथ व्यवहारिक कौशल और कार्य स्थल का अनुभव जरूरी:राज्यमंत्री  टेटवाल फिक्की सेंट्रल इंडिया एड स्किल्स समिट में प्रशिक्षण संस्थानों के ट्रेनर्स एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भोपाल  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास और रोजगार सृजन देश और प्रदेश की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तेजी से बदलते आर्थिक और तकनीकी परिवेश में युवाओं को केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, तकनीकी ज्ञान और कार्यस्थल का अनुभव देना आवश्यक है, जिससे वे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढाल सकें। राज्यमंत्री  टेटवाल कोर्टयार्ड मैरियट में आयोजित FICCI सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स एजुकेशन समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है और राज्य सरकार इन पहलों को प्रदेश की आवश्यकताओं के अनुसार जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से आगे बढ़ा रही है। समिट के दौरान शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग जगत के बीच समन्वय को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। चर्चा के दौरान यह सामने आया कि उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, परिणामोन्मुख और रोजगार से जुड़ा बनाना समय की आवश्यकता है, जिससे प्रशिक्षण पूर्ण करते ही युवाओं को कार्यस्थल के लिए तैयार किया जा सके। राज्यमंत्री  टेटवाल ने बताया कि मध्यप्रदेश में कौशल विकास को सुदृढ़ करने के लिए संस्थागत स्तर पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड, संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, सरकारी आईटीआई, पॉलिटेक्निक और निजी प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीकों से युक्त और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को बढ़ावा देकर उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच व्यावहारिक साझेदारी विकसित की जा रही है, जिससे युवाओं को वास्तविक कार्य अनुभव प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि युवा संगम मेलों और रोजगार से जुड़े कौशल कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को वेतन आधारित रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रोजगार कार्यालयों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से सशक्त कर उद्योगों और युवाओं के बीच सीधा और प्रभावी समन्वय स्थापित किया गया है, जिससे रोजगार की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ बनी है। मंत्री  टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और एमएसएमई क्षेत्रों में हो रहे निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार की संभावनाएँ बन रही हैं। ऐसे में शैक्षणिक और प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों के साथ मिलकर कौशल आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने की आवश्यकता है, ताकि प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की दूरी को कम किया जा सके। समिट के दौरान समावेशी कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया। महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, जनजातीय समुदायों और पहली पीढ़ी के शिक्षार्थियों को कौशल प्रशिक्षण से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। फिक्की सेंट्रल इंडिया एड-स्किल्स एजुकेशन समिट में हुए संवाद, सहभागिता और विचार-विमर्श को मध्यप्रदेश में कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।  

हर घर जले स्वदेशी का दीप : सारंगपुर में राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने दिया वोकल फॉर लोकल का संदेश

राजगढ़ (सारंगपुर). दीपावली पर्व पर सारंगपुर नगर से प्रदेशवासियों के लिए एक प्रेरक संदेश दिया गया है। प्रदेश सरकार के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने शुक्रवार को स्थानीय बाजार में पहुंचकर मिट्टी के दीये, सजावटी सामग्री और स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की। इस अवसर पर उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भी दीपावली पर स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करें और स्थानीय दुकानदारों से ही खरीदारी करें, ताकि (हर दीप जले स्वदेशी का) का संकल्प साकार हो सके। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया (वोकल फॉर लोकल) अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि वोकल फॉर लोकल केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का संकल्प है। यह हर भारतीय को प्रेरित करता है कि वह स्वदेशी उत्पादों को अपनाए और देश के स्थानीय उद्योगों से सशक्त बनाए। इस दौरान श्री टेटवाल ने कहा कि दीपावली हमारी खुशियों का पर्व है और इस खुशियों में हमें स्थानीय दुकानदारों की शामिल करना ये भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे स्थानीय व्यापारी सिर्फ व्यवसायी नहीं, बल्कि समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। वे हर त्यौहार, हर संकट और हर खुशी में हमारे साथ खड़े रहते हैं। अब समय है कि हम भी उनकी दीपावली को उजियारा में परिवर्तित करें। मंत्री ने सारंगपुर के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने आसपास के बाजारों से दीये, सजावट सामग्री और उपहार जैसी वस्तुएँ खरीदें। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सारंगपुर जैसे नगरों में भी स्वदेशी उत्पादों की पहचान बननी चाहिए, ताकि हर घर स्वदेशी, हर मन स्वदेशी का संदेश पूरे प्रदेश में फैल सके। इस अवसर पर नगर के प्रमुख नागरिकों और व्यापारियों ने मंत्री श्री टेटवाल का स्वागत किया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष महेश पुष्पद, कमल राठौर, दिनेश शर्मा, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।

मंत्री टेटवाल: प्रदेश के 18 हजार युवाओं को हर साल जीवन कौशल शिक्षा प्रशिक्षण

भोपाल कौशल विकास राज्य एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कौशल विकास संचालनालय में कौशल विकास विभाग एवं यूएनएफपीए की साझेदारी पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया। राज्य मंत्री टेटवाल ने कहा कि कौशल विकास केवल तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के व्यक्तिगत निर्माण, संर्वांगीण विकास के लिए जीवन कौशल अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 18 हजार युवाओं को हर वर्ष जीवन कौशल शिक्ष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि जीवन कौशल शिक्षा का इस वृहद स्तर पर क्रियान्वयन मध्यप्रदेश के लिए अनूठी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास युवाओं को रोजगार के साथ जीवन में सफल होने के लिए भी तैयार कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष कंट्री की प्रतिनिधि सुएंड्रिया एम. वोज़्नार ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के प्रयासों और सहयोग की सराहना करती हूँ। उन्होंने कहा कि कौशल विकास संचालनालय के साथ मिलकर किये जा रहे कार्यक्रम युवाओं को न केवल रोजगारपरक कौशल प्रदान कर रहे हैं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से सुदृढ़, आत्मविश्वासी और सामाजिक रूप से जागरूक भी बना रहे हैं। इस अवसर पर कौशल विकास संचालनालय द्वारा यूएनएफपीए के तकनीकी सहयोग से संचालित महत्वपूर्ण कार्यक्रम जीवन कौशल शिक्षा (जीवन तरंग), मानसिक स्वास्थ्य एवं सजगता कार्यशाला एवं डिजिटल स्टोरीटेलिंग कार्यशाला से संबंधित प्रशिक्षण अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर कार्यक्रम की उपलब्धियों, विस्तार योजनाओं तथा प्रशिक्षकों के अनुभवों को भी साझा किया गया। यह साझेदारी मध्यप्रदेश को कौशल विकास के क्षेत्र में एक अग्रणी मॉडल के रूप में स्थापित करेगी।