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‘कर संग्रहण अभियान’- ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का आधार

मात्र 26 दिनों में बुरहानपुर 3.75 करोड़ से अधिक का जमा हुआ टैक्स भोपाल सफलता की कहानी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘‘विकसित भारत का संकल्प वर्ष 2047’’ तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसी संकल्प की सिद्धी के लिये प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पंचायतों के समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता और प्रगति के लिये प्रयास सुनिश्चित किये जा रहे है। बुरहानपुर जिले के गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ से ग्राम पंचायतों को सशक्त किया जा रहा है। पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ते कदम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ के माध्यम से बुरहानपुर जिले में मात्र 26 दिनों में 3.75 करोड़ रुपये से अधिक का ‘‘कर’’ संग्रहण किया जा चुका है। यह पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। शासन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा गांवों में विकास कार्यों के लिए स्थानीय संसाधनों को सुदृढ़ करना है। अभियान में संपत्ति कर, जल कर, प्रकाश कर एवं सफाई कर सहित अन्य करों की प्रभावी वसूली की जा रही है। संगठित प्रयासों से मिली सफलता जिले में ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ 18 दिसम्बर, 2025 से प्रारंभ होकर 17 जनवरी, 2026 तक संचालित है। अभियान का महत्व ग्रामीणों में समय पर टैक्स भरने के प्रति जन-जागरूकता लाना है। 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित अभियान को सफल बनाने के लिए अभियान की सफलता के लिये बुरहानपुर जिले की सभी 167 ग्राम पंचायतों में विशेष टीमें गठित की गईं। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों, सहायक नोडल अधिकारियों एवं ग्राम प्रभारियों ने निरंतर निगरानी और समन्वयता के साथ कार्य किया। ग्राम स्तर पर लगातार बैठकों, चौपालों एवं जागरूकता गतिविधियों से ग्रामीणों को ‘‘कर’’ भुगतान के महत्व से अवगत कराया गया। कर दाताओं को किया सम्मानित, नाम भी किये अंकित अभियान की सफलता में दीवार लेखन कार्य ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीवारों पर अंकित प्रेरक स्लोगनों के माध्यम से आमजनों में जागरूकता का विस्तार किया गया, साथ ही टैक्स जमा करने वाले करदाताओं को सम्मानित भी किया गया। ग्रामीणों को प्रेरित करने के उद्देश्य से कर दाताओं के नाम पंचायत कार्यालयों एवं मुख्य दीवारों पर अंकित किए गए, जिससे अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ। पंचायतों में होगा विकास अभियान में जनपद पंचायत बुरहानपुर की 77 ग्राम पंचायतों में लगभग 245.95 लाख रुपये तथा जनपद पंचायत खकनार की 90 ग्राम पंचायतों में करीबन 130.83 लाख रुपये का टैक्स ग्रामीणों द्वारा जमा किया गया। ‘‘कर संग्रहण अभियान’’ अंतर्गत ग्रामीणजनों ने सहभागिता करते हुए आगे आकर बकाया ‘‘करो’’ का भुगतान कर जागरूक नागरिक होने की भूमिका निभाई। जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से ग्रामीणों में बढ़ी जागरूकता अभियान की सफलता में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता महत्वपूर्ण रही। नेपानगर विधायक सुश्री मंजू दादू एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम मार्को ने स्वयं टैक्स जमा कर ग्रामीणों को प्रेरित किया। इससे ग्रामीणों को सकारात्मक संदेश मिला एवं ‘‘कर’’ भुगतान को लेकर जागरूकता बढ़ी। जनपद पंचायत बुरहानपुर की ग्राम पंचायत जैनाबाद, लोनी, झिरी एवं मोहम्मदपुरा तथा जनपद पंचायत खकनार की ग्राम पंचायत लोखंडिया, दाहिन्दा, देड़त लाई एवं अम्बाडा रैयत में सभी के सहयोग से अधिकतम ‘‘कर’’ राशि जमा हुई। बुरहानपुर की जैनाबाद ग्राम पंचायत में 17 लाख 87 हजार रूपये से अधिक तथा खकनार की लोखंडिया ग्राम पंचायत में 8 लाख 75 हजार रूपये टैक्स जमा हुआ, जो जिले में सबसे अधिक टैक्स जमा करवाने वाली ग्राम पंचायतों में अग्रणी है। विकास कार्यों को मिलेगी नई गति संग्रहित कर राशि का उपयोग गांवों में मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा। यह अभियान ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सफल और विकासात्मक पहल है।  

ग्राम पंचायतों में भी बनेगा आधार, 1000 ग्राम पंचायतों में आधार सेवा केंद्रों की स्थापना का कार्य आरंभ

हर ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में बन रहा आधार सेवा केंद्र नया आधार बनवाने से लेकर आधार अपडेट और प्रमाणीकरण की सुविधा होगी सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ेंगे ग्रामीण, ग्राम पंचायत सहायक करेंगे संचालन आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर उत्तर प्रदेश का एक बड़ा कदम लखनऊ,  ग्रामीणों को आधार सेवाओं के लिए अब ब्लॉक और शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उत्तर प्रदेश में आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए योगी सरकार ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही आधार सेवाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू कर दी है। इसके तहत प्रदेश की 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आधार सेवा केंद्र स्थापित करने का काम प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए आवश्यक उपकरण लगाए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से नया आधार बनवाने से लेकर आधार अपडेट और प्रमाणीकरण तक की सुविधाएं सीधे गांव में ही मिल सकेंगी। अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा संचालन पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि हर ग्राम पंचायत के ग्राम सचिवालय में आधार सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों का संचालन ग्राम पंचायत सहायक करेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और जिम्मेदारी दोनों को बढ़ावा मिलेगा। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए यूआईडीएआई (UIDAI) ने पंचायती राज विभाग को रजिस्ट्रार आईडी और इंपैनलमेंट एजेंसी (ईए) आईडी भी निर्गत कर दी है, जिससे आधार सेवाओं का संचालन पूरी तरह अधिकृत और पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। आधार से जुड़ी सेवाओं में होने वाली परेशानियां समाप्त होंगी इस नई व्यवस्था से आधार नामांकन, अपडेट और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सरल और सुगम होगी। इससे ग्रामीणों का सीधा जुड़ाव सरकारी योजनाओं से सुनिश्चित होगा। साथ ही आधार से जुड़ी सेवाओं में होने वाली परेशानियां समाप्त होंगी। पायलट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में लागू करने की योजना है। गांव-गांव विकास की सोच होगी साकार पंचायती राज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल न केवल डिजिटल सशक्तिकरण को मजबूती देगी, बल्कि गांवों में ही आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराकर शासन की गांव-गांव विकास की सोच को भी साकार करेगी। अभी 1000 ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर आधार सेवा केंद्रों की स्थापना शुरू की जा रही है, जिसे हर ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किया जाएगा। यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद ग्राम सचिवालय में ही नया आधार बनवाने और अपडेट करवाने की हर सुविधा मिलने लगेगी।

मध्य प्रदेश में ग्राम पंचायतों को मिला नया अधिकार, विकसित करेंगी आवासीय कॉलोनी

विदिशा  मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतें भी शहरों में गृह निर्माण मंडल और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों की तरह आधुनिक आवासीय कालोनियां विकसित करेंगी। शुरुआत विदिशा जिले से हो रही है। स्थानीय प्रशासन ने जिले की 12 ग्राम पंचायतों के 14 गांवों को इसके लिए चिन्हित किया है। इन गांवों में कॉलोनी बनाने के लिए पंचायतों को जमीन आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गांवों में आधुनिक आवासीय कालोनियों का विचार जिला प्रशासन का है। तय हुआ कि एकीकृत टाउनशिप नीति के तहत शहरी क्षेत्रों से लगे गांवों में भी इस तरह की सुविधा विकसित की जाए। उसके बाद जिला पंचायत ने जनपद पंचायतों से ऐसे गांवों के नाम मांगे थे, जहां शासकीय भूमि उपलब्ध हो, गांव शहरी सीमा से सटे हों और क्षेत्रफल व आबादी के लिहाज से बड़े हों। इस मापदंड पर 13 गांवों की सूची बनाई गई है, जहां कालोनियां विकसित की जानी है। विदिशा से प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है इन गांवों को दो एकड़ से पांच एकड़ तक की जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए आवंटित की गई है। जिन गांवों में ये कालोनियां बननी हैं, उनकी नजदीकी कस्बे से दूरी 500 मीटर से 10 किमी तक है। यहां कॉलोनियों के विकास की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को दी गई है। विदिशा से यह प्रायोगिक परियोजना शुरू हो रही है, जिसमें ग्राम पंचायत प्लाट बेचेंगी। उसपर भवन निर्माण खरीददार ही करेंगे। इस योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियां भी हैं। पिपलधार ग्राम पंचायत की सरपंच केसर बाई रामराज सिंह यादव का कहना है कि उनके गांव पट्टन में 0.65 हेक्टेयर जमीन कॉलोनी के लिए आवंटित हुई है। गांव बड़ा है, इस योजना से लोगों को काफी फायदा होगा, लेकिन जो जमीन आवंटित है उसके बड़े हिस्से पर अतिक्रमण है। उसे हटाना हमारे लिए बड़ी चुनौती होगा। 2000 वर्गफीट तक के भूखंड होंगे योजना के मुताबिक इन ग्रामीण कालोनियों में भूखंड का आकार 800 वर्गफीट से लेकर दो हजार वर्गफीट तक होगा। उनकी कीमत ग्राम पंचायत तय करेगी। योजनाबद्ध विकास होगा इनका विकास योजनाबद्ध होगा। सबसे पहले सड़कों का निर्माण होगा। इसके साथ ही बिजली, पानी और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसकी निगरानी जिला एवं जनपद पंचायतें करेंगी। शुरुआती विकास पंचायत के बजट से होगा और बाद में प्लाट बिकने पर विकास कार्यों की गति बढ़ाई जाएगी। इन 14 गांवों में बनेगी पहली कॉलोनी गंज पंचायत का पठारी बासौदा, ग्यारसपुर विकासखंड का खुजराहर, सिरोंज का बगरोदा, चौड़ाखेड़ी पंचायत का कमरिया, नटेरन का रुसल्ली, पट्टन और डंगरवाड़ा, कुरवाई का मेहलुआ चौराहा और पठारी, लटेरी का मुरवास तथा विदिशा विकासखंड का ढोलखेड़ी, रंगई, करैयाहवेली और आमखेड़ा हवेली। कॉलोनियों में सभी सुविधाएं दी जाएंगी     पंचायतों में कॉलोनियां बनाने के लिए शहर से सटी और बड़ी पंचायतों का चयन किया गया है। यहां शहरों की तरह बिजली, सड़क और पानी जैसी सभी सुविधाएं दी जाएंगी। भूमि आवंटित कर दी गई है और अब लेआउट डिजाइन पर काम शुरू कर दिया गया है। – ओपी सनोडिया, सीईओ, जिला पंचायत, विदिशा