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मध्यप्रदेश में 15 अप्रैल से शुरू होगी गर्मी, लू भी चलेगी; पहले हफ्ते आंधी-बारिश, अगले 4 दिन अलर्ट

भोपाल  मध्य प्रदेश में अप्रैल की शुरुआत तो बारिश और ओले के साथ हुई है. राज्य में कई जिलों में मंगलवार की रात आंधी-बारिश के साथ हुई थी. इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है और तापमान भी गिरा है, लेकिन जल्दी ही मौसम बदलने की संभावना है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 15 अप्रैल से राज्य में भीषण गर्मी पड़ने वाली है. सबसे ज्यादा ग्वालियर-चंबल संभाग तपेगा, जबकि इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग भी गर्मी की चपेट में रहेंगे. फिलहाल 4 अप्रैल तक कई जिलों में बारिश जैसा मौसम बने रहने की संभावना है।  4 अप्रैल तक रहेगा बारिश का मौसम अप्रैल माह की शुरुआत हालांकि तेज आंधी और बारिश के साथ हो रही है. मौसम विभाग ने भोपाल में 1 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में मौसम अलर्ट जारी किया है. 29 जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।  ग्वालियर-चंबल सबसे ज्यादा प्रभावित आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहेगा। इसके अलावा इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग के शहरों में भी तापमान तेजी से बढ़ेगा। महीने के आखिरी सप्ताह तक कई जिलों में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यहां दिख रहा गर्मी का असर बदलते मौसम के बीच गर्मी ने भी दस्तक दे दी है। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। खजुराहो, दमोह, रतलाम और नौगांव में भी पारा 39 डिग्री के आसपास बना हुआ है। बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में तापमान 36 से 37 डिग्री के बीच दर्ज किया गया। मौसम सिस्टम की वजह से बदलाव प्रदेश में इस समय चक्रवाती सिस्टम और ट्रफ सक्रिय हैं, साथ ही पश्चिमी विक्षोभ का असर भी देखने को मिलेगा। इसी वजह से शुरुआती दिनों में मौसम बदलेगा, लेकिन सिस्टम हटते ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी।मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंचता है और सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा रहता है, तब हीट वेव की स्थिति बनती है। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के कई हिस्सों में यही हालात बनने की संभावना है। बार-बार बदलता रहा मौसम इस साल फरवरी और मार्च में मौसम ने कई बार करवट ली। कई जिलों में ओले और बारिश से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च के आखिर तक भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहा, जिससे गर्मी की शुरुआत टल गई थी। अब अप्रैल में मौसम का यह उतार-चढ़ाव खत्म होकर तेज गर्मी में बदलने वाला है।  इनमें इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, भोपाल समेत प्रमुख जिले शामिल हैं. 12 जिलों में ओले गिरने की संभावना है. 41 से ज्यादा जिलों में आंधी के साथ बारिश हो सकती है. धार जिले के कुक्षी और मनावर क्षेत्र में बुधवार तड़के ओले गिर चुके हैं. कई जिलों में रात के समय अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलीं।  40 के पार पहुंचेगा पारा 4 अप्रैल के बाद मौसम साफ होने के साथ तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी. 15 अप्रैल के आसपास ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में दिन का तापमान 42-44 डिग्री तक पहुंच सकता है. अन्य संभागों में भी तापमान 40 डिग्री के पार जाने की संभावना है. यह मौसम परिवर्तन अप्रैल के पहले सप्ताह में बारिश और आंधी के रूप में राहत देगा, लेकिन उसके बाद में लू (Heatwave) और भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा।  दिन में गर्मी का असर भी… नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री पार आंधी, बारिश और ओलों के बीच गर्मी का असर भी दिखा। मंगलवार को नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। खजुराहो में 39.2 डिग्री, रतलाम-नौगांव में 39 डिग्री, दमोह में 39.1 डिग्री और खरगोन, रायसेन-उमरिया में 38 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में भोपाल और जबलपुर में 37 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर-ग्वालियर में 36.6 डिग्री और उज्जैन में 36 डिग्री रहा। अप्रैल में तेज गर्मी का ट्रेंड, हीट वेव भी चलेगी वर्तमान में प्रदेश में साइक्लोनिक सकुर्लेशन और ट्रफ सक्रिय हैं। 2 अप्रैल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी सक्रिय होगा। इससे 4 अप्रैल तक कहीं आंधी और कहीं बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम लौटेगा और गर्मी का दौर शुरू होगा। दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ेगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव-खजुराहो में तापमान 44-45 डिग्री तक जा सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी बढ़ोतरी होगी। अप्रैल में दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे भीषण गर्मी पड़ती है। अलग-अलग इलाकों में हीट वेव का आधार अलग मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, तापमान सामान्य से 5°C ज्यादा होने पर हीट वेव मानी जाती है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों के लिए इसका आधार अलग होता है।     मैदानी इलाका- अधिकतम तापमान 40°C से ऊपर हो। मध्यप्रदेश में ज्यादातर मैदानी इलाका है, इसलिए 40 डिग्री के ऊपर हीट वेव की स्थिति बनती है।     सीवियर हीट वेव में तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री अधिक रहता है। ग्वालियर-चंबल, उज्जैन और सागर संभाग में ऐसी स्थिति बनती है।

मार्च में ही गर्मी का कहर: हरियाणा में मई-जून जैसा तापमान, बिजली खपत में उछाल

भिवानी. हरियाणा के तमाम जिलों में मार्च के शुरुआती दिनों में ही इस बार गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अप्रैल-मई जैसी गर्मी का अहसास अभी से होने लगा है। दिन में तेज धूप और रात में बढ़ती गर्मी के कारण घरों में पंखे चलने लगे हैं। यही वजह है कि जिले में बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में प्रतिदिन बिजली की खपत 82 लाख यूनिट तक पहुंच गई है, जो मार्च महीने के लिहाज से काफी अधिक मानी जा रही है। बिजली विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च 2026 में कई दिनों की बिजली खपत पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा रही है। तीन मार्च 2026 को बिजली की खपत 87.29 लाख यूनिट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 64.46 लाख यूनिट थी। चार मार्च को 73.74 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जबकि 2025 में यह 69.09 लाख यूनिट थी। पांच मार्च को 69.31 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई, जो पिछले साल 65.78 लाख यूनिट थी। छह मार्च 2026 को बिजली की खपत 78.34 लाख यूनिट रही, जबकि 2025 में यह 72.46 लाख यूनिट थी। सात मार्च को 79.68 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, हालांकि पिछले वर्ष इस दिन 80.57 लाख यूनिट खपत हुई थी। आठ मार्च को इस वर्ष 79.75 लाख यूनिट बिजली खर्च हुई, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 84.92 लाख यूनिट था। नौ मार्च को बिजली की खपत 80.87 लाख यूनिट रही, जो पिछले साल 82.28 लाख यूनिट थी। इस तरह से बिजली खपत रफ्तार पकड़ने लगी है। कूलर और पंखों की बढ़ने लगी डिमांड दुकानदारों का कहना है इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में बिजली की खपत और बढ़ सकती है। साथ ही पंखे, कूलर और एसी की बिक्री भी तेजी पकड़ने लगी है। कुल मिलाकर मार्च के शुरुआती दिनों में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और इसका सीधा असर बिजली खपत पर साफ दिखाई देने लगा है। मौसम में बदलाव की संभावना बेशक समय से पहले तेज गर्मी ने दस्तक दे दी हो मगर मौसम वैज्ञानिकों की माने तो शनिवार से मौसम में परिवर्तन हो सकता है। प्रदेश में कुछ जगह वर्षा की संभावनाएं जताई जा रही है। जिससे लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद है। मार्च 2025 और 2026 ने में इस प्रकार हुई बिजली खपत तिथि     यूनिट खपत लाख (2026)     यूनिट खपत लाख (2025) 3 मार्च     87.29     64.46 4 मार्च     73.74     69.09 5 मार्च     69.31     65.78 6 मार्च     78.34     72.46 7 मार्च     79.68     80.57 8 मार्च     79.75     84.92 9 मार्च     80.87     82.28 10 मार्च     81.15     81.10 11 मार्च     81.70     80.20 12 मार्च     82.90     81.15 बिजली सुचारू आपूर्ति के जरूरी प्रबंध किए बिजली की सुचारू आपूर्ति के लिए जरूरी प्रबंध किए गए हैं। इस बार गर्मियों में बिजली संकट नही होने दिया जाएगा। उपभोक्ताओं से आग्रह है बिजली की फिजूल खर्ची न करें। हमारा प्रयास है 24 घंटे सप्लाई दी जाए। – विनोद पूनिया, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।

गर्मी से बढ़ी परेशानी! हरियाणा में लगातार बढ़ रहा तापमान, 15 से मौसम बदलेगा

सिरसा. हरियाणा के तमाम जिलों में मौसम में बदलाव के चलते अधिकतम तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। दोपहर के समय तेज गर्मी के चलते अब पछेती गेहूं का दाना प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में 15 व 16 मार्च को बारिश के आसार हैं, जिससे आमजन व किसानों को गर्मी से राहत मिलेगी। सिरसा में बुधवार को अधिकतम तापमान 33 व न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। तेज धूप के कारण गेहूं और सरसों की फसल भी लगातार प्रभावित हो रही है। अगेती गेहूं में अब दाना लगभग बन चुका है, जबकि पछेती गेहूं में दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण दाना बारिक होने की भी आशंका है। गर्मी से गेहूं को बचाने के लिए किसान लगातार सिंचाई कर रहे है, लेकिन चल रही हल्की हवाओं से गेहूं गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग अनुसार, जिले में 14 मार्च तक लगातार मौसम में बदलाव होगा और बादलवाही की स्थिति बनेगी। 15 व 16 मार्च को बादलों की गरज के साथ बारिश होने के आसार है। इस दौरान तेज हवा चलती है तो फसलों को काफी नुकसान होगा और फसलों के गिरने का खतरा बनेगा। अगर तेज हवा या बारिश से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाती है तो इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। औसत उत्पादन में गिरावट होने से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, हल्की बारिश से फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अगेती गेहूं में दाना बन चुका है। पछेती गेहूं में अभी दाना तैयार हो रहा है। गर्मी के कारण पछेती गेहूं का नुकसान होने की आशंका है। किसान गेहूं को गर्मी से बचाने के लिए हल्की सिंचाई करे। जिससे गेहूं में नमी बनी रहेगी। – डॉ. सुखदेव सिंह, कृषि उपनिदेशक सिरसा।

गर्मी का प्रकोप तेज: छत्तीसगढ़ में तापमान बढ़ने के आसार, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है और फिलहाल प्रदेशवासियों को बारिश से राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक क्रमिक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होने की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो आगामी सात दिनों तक इसमें भी किसी बड़े परिवर्तन के संकेत नहीं हैं। यानी दिन में गर्मी बढ़ेगी, जबकि रात का तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा। प्रदेश में पूरे दिन मौसम साफ और शुष्क बना रहा। कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दिन और रात के तापमान में यह अंतर आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक और दोपहर में गर्मी महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वोत्तर बांग्लादेश और उससे सटे मेघालय क्षेत्र से लेकर गंगीय पश्चिम बंगाल, आंतरिक ओडिशा और दक्षिणी छत्तीसगढ़ होते हुए विदर्भ तक एक द्रोणिका (ट्रफ लाइन) समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर बनी हुई है। हालांकि वर्तमान में इस प्रणाली का छत्तीसगढ़ के मौसम पर कोई विशेष प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस सिस्टम की सक्रियता बढ़ती है तो हल्के बादल छाने या आंशिक परिवर्तन की स्थिति बन सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसी कोई संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है। आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क ही रहने के आसार हैं। दिन में धूप तेज रहेगी और दोपहर के समय गर्मी का असर अधिक महसूस किया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, लेकिन दिन चढ़ने के साथ तापमान तेजी से बढ़ेगा। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर महसूस हो सकता है, इसलिए विशेषज्ञों ने दोपहर में अनावश्यक धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है।

गर्मियों का आगाज: मार्च के पहले हफ्ते में गुजरात-महाराष्ट्र में बढ़ेगा तापमान, दिल्ली का मौसम जानें

 नई दिल्ली होली से पहले ही गर्मी बढ़ने लगी है. उत्तर भारत से लेकर पश्चिम तक के राज्यों में अधिकतर तापमान सामान्य से ज्यादा और 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है. इस बीच मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में मार्च के पहले ही हफ्ते में काफी गर्मी पड़ने वाली है. अधिकतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रह सकता है. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 7 दिनों में दिन का तापमान धीरे-धीरे 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. इससे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल-उत्तराखंड के निचले इलाकों में गर्मी बढ़ेगी.बता दें कि कई जगहों पर तापमान पहले से ही सामान्य से 3-5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जा रहा है. इन राज्यों में गर्मी और उमस की चेतावनी     गुजरात में 4 और 5 मार्च को कुछ इलाकों में बहुत गर्म और उमस भरी स्थिति बनी रह सकती है.     वीकेंड तक मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में भी अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री ज्यादा रहने की संभावना है.     महाराष्ट्र में अगले 5 दिनों में तापमान 3-4 डिग्री बढ़ सकता है, जबकि गुजरात में अगले 5 दिनों में 3-5 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है. दक्षिण भारत में तेज गर्मी, उत्तर में बढ़ेगा पारा मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई शहरों जैसे इरोड, सलेम, मदुरै, अनंतपुर और कर्नूल में तापमान पहले ही 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. मध्य भारत में अकोला, अमरावती (विदर्भ) और राजकोट (सौराष्ट्र) में भी पारा 37 डिग्री तक पहुंच गया है. जबकि उत्तर भारत में अभी गर्मी उतनी तेज नहीं हुई है और पंजाब-हरियाणा में तापमान 35 डिग्री के पार नहीं गया है. हालांकि, पश्चिम राजस्थान के बाड़मेर और फलोदी जैसे सीमावर्ती इलाके में पारा 35 डिग्री के करीब पहुंच चुका है. मार्च के दूसरे पखवाड़े में उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है. मार्च के पहले हफ्ते में कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आसमान साफ और मौसम शुष्क रहेगा. मार्च के पहले हफ्ते में तापमान में इजाफा होगा. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मार्च के पहले हफ्ते में ही देश की राजधानी का अधिकतम तापमान बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. अगले एक हफ्ते में बादलों की आवाजाही या बारिश की संभावना नहीं है. हिमालय में राहत की बूंदों के आसार मौसम विभाग के मुताबिक, दो कमजोर पश्चिमी विक्षोभ यानी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbances) के असर से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 3-4 मार्च 2026 को हल्की बारिश या बर्फबारी होने की उम्मीद है. जम्मू-कश्मीर में भी हल्की बर्फबारी या बारिश की संभावना है.    

पंजाब में फरवरी में मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास

लुधियाना. पंजाब में फरवरी के महीने में ही मार्च-अप्रैल वाली गर्मी का एहसास हो रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान लगातार सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। सोमवार को भी अधिकांश जिलों में दिन का तापमान सामान्य से चार से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया, जबकि रात का तापमान सामान्य के आसपास रहा। कुछ जिलों में सामान्य से कम तापमान दर्ज किया गया। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, फरीदकोट में दिन का तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस अधिक था। वहीं पटियाला, चंडीगढ़, रूपनगर और बठिंडा में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। इसी तरह लुधियाना, फिरोजपुर, मोहाली और होशियारपुर में तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा, जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ज्यादा था। पिछले एक सप्ताह से दिन में लगातार तापमान अधिक रहने से गेहूं की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि, अभी गेहूं में बल्लियां पड़नी शुरू हुई है, अगेती गेहूं में बल्लियां पड़ गई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार दिन का तापमान रहने से गेहूं की फसल के जल्दी पकने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे दानों के सिंकुड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में पैदावार में कमी आने की संभावना रहती है। वर्ष 2023 में भी फरवरी मार्च में अधिक तामपान दर्ज किया गया था। लेकिन राहत की बात यह है कि पंजाब में बुधवार व वीरवार को मौसम बदलने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में बादल छाएं रह सकते हैं, कुछ जिलों में बूंदाबांदी, कुछ जिलों में हल्की से सामान्य वर्षा हो सकती है। अगर वर्षा होती है, तो ठंड बढ़ने से गेहूं को लाभ होगा। कुछ दिनों के लिए खेतों में नमी बढ़ जाएगी। 19 फरवरी से मौसम साफ हो जाएगा।

रायपुर में दिन में 33 डिग्री पारा पहुँचने से पसीना छुड़ाने लगी गर्मी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में लोगों को आने वाले दिनों में गर्मी का सामना करना पड़ेगा. मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है. राजधानी का अधिकतम तापमान 33 डिग्री के करीब पहुंच गया, माह के अंतिम दिन पारा 36 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद है. अभी पश्चिम से पूर्व की ओर आने वाली हवा के प्रबल होने की वजह से दिन का पारा चढ़ रहा है. पिछले चौबीस घंटे में रायपुर का न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रिकार्ड किया गया. रायपुर की गर्मी लगातार तीसरे दिन राज्य में सबसे अधिक रही. विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी के अंतिम दिनों तक गर्मी का तेज असर महसूस होने लगता है. अभी दिन में गर्मी का अनुभव बढ़ रहा है और रात में राहत महसूस हो रही है. धीरे-धीरे रात का पारा चढ़ने के बाद यहां से ठंड की पूरी तरह विदाई हो जाएगी. वर्तमान में ठंड का अच्छा प्रभाव अंबिकापुर समेत राज्य के उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्रों में महसूस हो रहा है. वहां से ठंड की विदाई मार्च के अंतिम दिनों में ही होती है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? राजधानी रायपुर में सोमवार को दिन के वक्त हल्की गर्मी का अहसास होगा. सुबह के वक्त धुंध छाए रहने के आसार हैं. दिन में 33 डिग्री सेल्सियस और रात में 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान दर्ज हो सकता है. 

भारत पर गर्मी का कहर, ऑक्सफोर्ड ने दी खौफनाक वॉर्निंग

नईदिल्ली  सूरज आग उगलेगा, सड़कें पिघलने लगेंगी, आपका अपना घर एक ‘भट्टी’ बन जाएगा…ये कोई डरावनी कहानी नहीं, बल्कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वो ताजा रिसर्च है जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. 2026 की इस सबसे खौफनाक रिपोर्ट के अनुसार, 2050 तक दुनिया की 40% आबादी यानी लगभग 4 अरब लोग ऐसी गर्मी झेलने को मजबूर होगी, जिसे सहना इंसानी शरीर के बस ककी बात नहीं होगी. दिल दहलाने वाली बात ये है कि वैज्ञानिकों ने भारत के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है. बताया गया है कि ऐसी गर्मी आने वाली है कि धरती पानी की तरह उबलने लगेगी. भारत में क्या होने वाला है? ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिकों ने भारत के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत, नाइजीरिया और इंडोनेशिया उन देशों में सबसे आगे होंगे जहां गर्मी का सबसे भयानक रूप देखने को मिलेगा. दावा किया जा रहा है कि पारा 45 से 50 डिग्री सेल्सियस को पार करेगा, इंसानों का शरीर अंदरूनी अंगों को ठंडा रखने में नाकाम हो जाएगा. भारत की करोड़ों की आबादी के पास एयर कंडीशनिंग की सुविधा नहीं है. वैज्ञानिकों का दावा है कि आने वाले दशकों में गर्मी से होने वाली मौतों का आंकड़ा सुनामी की तरह बढ़ेगा. 2010 में केवल 1.5 अरब लोग इस खतरे में थे, लेकिन 2050 तक यह संख्या दोगुनी से भी ज्यादा होकर 3.8 अरब पहुंच जाएगी. हम एक ऐसे ग्रह की ओर बढ़ रहे हैं जिसकी पहचान सिर्फ ‘आग और धुआं’ होगी. गैस चेंबर बन जाएंगे ये देश अगर आपको लगता है कि रूस, कनाडा या फिनलैंड जैसे ठंडे देश सुरक्षित हैं, तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं. इन देशों के घर गर्मी सोखने और सर्दी से बचाने के लिए बनाए गए हैं. जैसे ही तापमान बढ़ेगा, ये घर ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो जाएंगे. यहां का ट्रांसपोर्ट और स्वास्थ्य ढांचा भीषण गर्मी के लिए तैयार ही नहीं है. ऑक्सफोर्ड की रिसर्चर राधिका खोसला ने चेतावनी दी है कि 1.5 डिग्री की सीमा पार होते ही शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती सब कुछ तबाह हो जाएगा. खाने का संकट आएगा, फसलें या तो जल जाएंगी या सूख जाएंगी और भूखमरी फैल जाएगी. करोड़ों लोग रहने लायक जगहों की तलाश में घर छोड़ेंगे.