ह्यूमन बम हमले की धमकी से लुधियाना में हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
लुधियाना. महानगर में एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिलने से सनसनी फैल गई है। बुधवार को नगर निगम (MC) और डिप्टी कमिश्नर (DC) दफ्तर की आधिकारिक ईमेल आई.डी. पर आए एक धमकी भरे मेल के बाद प्रशासनिक हलकों और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस बार शातिर ईमेल भेजने वाले ने किसी लावारिस बैग या टाइमर बम की नहीं, बल्कि 'ह्यूमन बम' (मानव बम) के जरिए इन दफ्तरों को उड़ाने की खौफनाक धमकी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईमेल भेजने वाले सिरफिरे ने लुधियाना मेयर के दफ्तर, नगर निगम कार्यालय, डी.सी. दफ्तर और शहर के व्यस्त रेलवे ट्रैक पर बम धमाके करने की चेतावनी दी है। जैसे ही इसकी भनक उच्च अधिकारियों को लगी, तुरंत पुलिस के आला अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। चंडीगढ़ और दिल्ली तक की खुफिया एजेंसियां अलर्ट, खंगाले जा रहे डिजिटल फुटप्रिंट्स धमकी भरे ईमेल की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम की टीमें और देश की खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गई हैं। इस मेल के ओरिजिन (कहाँ से भेजा गया) का पता लगाने और भेजने वाले शातिर को बेनकाब करने के लिए हाई-लेवल जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी पहलुओं, आई.पी. एड्रेस (IP Address) और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। सर्च ऑपरेशन में नहीं मिला कुछ संदिग्ध, एडिशनल DCP बोले- घबराएं नहीं मामले की पुष्टि करते हुए एडिशनल डी.सी.पी. (ADCP) देव सिंह ने बताया कि बम की धमकी वाला ईमेल मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीमों और बम निरोधक दस्ते ने तुरंत दोनों दफ्तरों के परिसरों की सघन चेकिंग की। पूरे इलाके को खंगालने के बाद पुलिस को वहां कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने जनता से अपील की है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। पहले भी आ चुकी हैं फर्जी धमकियां, सिंगर दिलजीत दोसांझ का घर भी था निशाने पर काबिलेगौर है कि लुधियाना में बम धमाकों की धमकी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे करीब तीन हफ्ते पहले भी एक ऐसा ही फर्जी ईमेल आया था, जिसमें लुधियाना के मेयर दफ्तर और मशहूर पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ के घर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि, लुधियाना में पिछले समय के दौरान आए ऐसे सभी बम थ्रेट ईमेल महज एक 'होक्स' (अफ़वाह या फर्जी कॉल) ही साबित हुए हैं। पुलिस का मानना है कि यह किसी शरारती तत्व का काम है, जिसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।