samacharsecretary.com

इश्क बना कत्ल की वजह: पत्नी ने प्रेमी संग रची साजिश, पुलिस ने एक दिन में सुलझाया मामला

बालोतरा राजस्थान के बालोतरा जिले के गिड़ा थाना क्षेत्र के मलवा गोयलान गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत का मामला महज 24 घंटे के भीतर हत्या में बदल गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के बाद सामने आया कि युवक की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रचकर की थी। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चार साल पहले हुई थी मृतक की शादी मृतक की पहचान महेंद्र कुमार मेघवाल के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब चार साल पहले बागूंडी निवासी अनु के साथ हुई थी। शुरुआती तौर पर मामला संदिग्ध मौत का लग रहा था, लेकिन मृतक के गले पर मिले निशानों और परिजनों के शक ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया। सुबह तक नहीं जागा युवक, परिजनों को हुआ शक घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। परिवार के अनुसार, शनिवार सुबह जब महेंद्र काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को चिंता हुई। जब वे कमरे में पहुंचे तो महेंद्र चारपाई पर मृत अवस्था में पड़ा मिला। उसके गले पर स्पष्ट चोट के निशान थे, जिससे मामला सामान्य मौत न लगकर हत्या का प्रतीत हुआ। तुरंत इसकी सूचना गिड़ा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा था विवाद जांच के दौरान सामने आया कि महेंद्र और उसकी पत्नी अनु देवी के बीच शादी के बाद से ही अक्सर विवाद होता रहता था। कई बार परिवार और समाज के लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों के बीच समझौता भी करवाया, लेकिन आपसी मतभेद खत्म नहीं हुए। आए दिन होने वाले झगड़ों ने रिश्ते को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था। झगड़े के बाद रची गई हत्या की साजिश पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह बेहद चौंकाने वाला था। शुक्रवार रात भी पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। इसी दौरान अनु देवी ने अपने प्रेमी अमराराम (निवासी तिलवाड़ा) को फोन कर घर बुला लिया। अमराराम सरकारी विद्यालय में तृतीय श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। प्रेमी के घर पहुंचने के बाद दोनों ने मिलकर महेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना को अंजाम दिया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर महेंद्र का गला दबाया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने 24 घंटे में किया पर्दाफाश गिड़ा थाना अधिकारी दलपत सिंह चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों, मौके के हालात और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तेजी से केस को सुलझाया। पूछताछ में अनु देवी और अमराराम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इलाके में फैली सनसनी घटना के खुलासे के बाद मलवा गोयलान सहित आसपास के क्षेत्रों में सनसनी फैल गई है। एक पत्नी द्वारा अपने ही पति की हत्या की साजिश रचने और उसमें एक सरकारी शिक्षक की संलिप्तता ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। थानाधिकारी दलपत सिंह चौधरी के अनुसार, 'मृतक के भाई की रिपोर्ट पर हत्या का मामला दर्ज किया गया था। जांच में आपसी अनबन के चलते हत्या का मामला सामने आया। आरोपी महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।'

प्रेमी और दोस्तों के साथ मिलकर नवविवाहिता ने की पति की हत्या

श्रीगंगा नगर. इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड को लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि राजस्थान के श्रीगंगानगर से ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आ गया है। जहां एक महिला ने शादी के तीन महीने बाद ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की निर्मम हत्या कर दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। रावला थाना पुलिस ने आशीष सांसी हत्या मामले में मृतक की पत्नी अंजू उर्फ अंजली, प्रेमी संजय उर्फ संजू सहित चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार, मफलर और अन्य सामान की बरामदगी को लेकर पूछताछ में जुटी हुई है। सोनम की तरह अंजली ने रची साजिश सोनम की तरह ही श्रीगंगानगर में अंजली ने खौफनाक साजिश रची। सोनम शादी के 10 दिन बाद ही पति राजा रघुवंशी के साथ हनीमून पर गई थी, जहां पर उसने प्रेमी राज के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की थी। वैसे ही राजस्थान में अंजली ने शादी के तीन महीने बाद पति आशीष की हत्या की प्लानिंग बनाई। पति को विश्वास में लेकर वह शाम के समय घूमने के लिए गई। जहां पर अंजली ने अपने प्रेमी संजय के साथ मिलकर पति आशीष की हत्या कर दी। अंजली के चाचा बोले- भतीजी के मिले फांसी की सजा आशीष के परिजनों के साथ-साथ अंजली के चाचा ने सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। अंजली के चाचा रवि कुमार का कहना है कि हमारी औलाद की वजह से एक परिवार बिखर गया। हमें अंदाजा तक नहीं था कि अंजली ऐसा कदम उठाएगी। तीन महीने पहले ही उसकी आशीष से शादी हुई थी। भतीजी सहित हत्या के सभी आरोपियों को फांसी दी जाए। चाचा रवि ने कहा कि इस हत्याकांड के बाद से ही अंजली की मां व अन्य रिश्तेदार आशीष के घर पर ही हैं। अंजली के पिता की 12 साल पहले मौत हो गई थी। ऐसे में उसकी मां ने ही उसे पढ़ाया। अंजू घर पर रहकर ही एमकॉम की पढ़ाई कर रही थी। लेकिन, भतीजी की करतूत से पूरा परिवार शर्मिंदा है। ऐसे हुआ था चौंकाने वाला खुलासा पुलिस ने अंजली की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि प्रेमी संजय से उसकी लगातार बात हो रही थी। दोनों लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में थे। पुलिस ने संजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो चौंकाने वाला सच सामने आया। पूछताछ में सामने आया कि कुछ दिन पहले ही अंजली ने पीहर सादुलशहर में संजय के साथ मिलकर पति की हत्या की प्लानिंग बनाई थी। योजना के तहत अंजली दोबारा ससुराल लौटी और रोज की तरह पति के साथ रात में घूमने जाने लगी। 30 जनवरी की रात अंजली ने आशीष को बहाने से सूनसान सड़क पर ले जाकर पहले से झाड़ियों में छिपे आरोपियों को इशारा किया। इसके बाद आरोपियों ने डंडों से सिर पर वार कर उसे बेहोश किया और मफलर से गला घोंटकर हत्या कर दी। थाने में दर्ज हुई थी ये रिपोर्ट 31 जनवरी को रावला थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक चक एक केएलएम निवासी बजीरचंद ने बताया था कि 30 जनवरी की रात उसका भतीजा आशीष अपनी पत्नी के साथ घूमने निकला। तभी अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर घायल हो गया। जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। लेकिन, जब पुलिस ने जांच शुरू की तो मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और गला घोंटने के निशान मिलने पर स्पष्ट हुआ कि आशीष की हत्या हुई है।

पति रास्ते में बना रोड़ा, पत्नी ने प्रेमी संग की हत्या — अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास

सूरजपुर छत्तीसगढ़ में सूरजपुर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने पति की हत्या मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को कठोर सजा सुनाई है. अवैध संबंध के शक गहराने पर आए दिन विवाद होने के कारण वारदात को अंजाम दिया गया था. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है.   दरअसल, सूरजपुर थाना के ग्राम नमदगिरी में साल 2024 के 3 जनवरी को सुनील देवांगन के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. जिसमें बताया गया था कि वह 2 जनवरी (2024) को शाम 7 बजे घुमने निकला लेकिन वापन नहीं लौटा. अगली सुबह खेत में लाश मिली. शार्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 04/2024 धारा 302 भादवि. का पंजीबद्ध कर जांच शुरू की. पुलिस की जांच में डॉग स्क्वाड की सहायता ली गई, जिसमें डॉग मास्टर ने मृतक सुनील देवांगन के कमरे और उसकी पत्नी लक्ष्मी देवांगन की ओर संकेत किया. मुखबिरों से भी मिली जानकारी मृतक की पत्नी लक्ष्मी देवांगन और रामकुमार के बीच संबंध होने की बात सामने आई. इस लीड पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई. लक्ष्मी देवांगन से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म स्वीकार किया. उसने पुलिस को बताया कि उसका रामकुमार से संबंध था और जब उसके पति सुनील को इस बात का शक हुआ. उसके और पति के बीच झगड़ा होने लगा. इसके बाद लक्ष्मी और रामकुमार ने मिलकर सुनील की हत्या की साजिश रची और गमछे से उसका गला दबाकर उसकी जान ले ली. हत्या के बाद दोनों ने शव को कुछ दूरी पर स्थित खेत में ले जाकर लिटा दिया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय, सूरजपुर में प्रस्तुत किया गया. जहां से दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुना दी है.