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बर्फीली हवा से बठिंडा में शून्य के करीब पहुंचा तापमान

लुधियाना. वर्षा और पहाड़ों में बर्फबारी के चलते शनिवार को पंजाब के कई जिले अति शीतलहर की चपेट में रहे। जिसके चलते चौबीस घंटे में ही कई जिलों में न्यूनतम तापमान में दस डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ गई। मध्यरात्रि के बाद से कई जिलों में बर्फीली हवाएं चलने से लोग कंपकंपाते हुए दिखे। ठंडी हवाएं गर्म कपड़ों की कई परतों को भेदते हुए शरीर तक पहुंचकर सिहरन पैदा कर रही थी। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार पंजाब में बठिंडा सबसे ठंडा रहा। जहां न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 4.8 डिग्री सेल्सियस कम था। वहीं फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। वहीं, फिरोजपुर में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस कम था। अमृतसर में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस, होशियारपुर में 2.5 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 3.5 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 3.4 डिग्री सेल्सियस, मानसा में 3.9 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना में 4.0 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 4.4 डिग्री सेल्सियस, रूपनगर में 4.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं, अधिकतम तापमान भी ज्यादातर जिलों में सामान्य से कम रहा। अमृतसर, फिरोजपुर व होशियारपुर में अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस, लुधियाना, पठानकोट, बठिंडा, एसबीएस नगर व चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस और पटियाला व रूपनगर में अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को भी पंजाब में शीतलहर से अति शीतलहर चल सकती है। कुछ जिलों में सुबह घनी से अति घनी धुंध छाई रहने की संभावना है। अतिशीतलहर से दिन व रात के तापमान कम रहेंगे। 26 जनवरी को दोबारा से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। जिसका असर 28 जनवरी तक रहेगा। इस दौरान पंजाब में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है और कुछ जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा हो सकती है।

कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल, बर्फीली हवाओं व कोहरे ने बढ़ाई परेशानी

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर जिले में ठंड के ट्रिपल अटैक से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पछुआ हवाओं के साथ बढ़ी कनकनी ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। पारा लुढ़कते ही हालात और गंभीर हो गए हैं। जिले में न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिसके बाद आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले में हाड़ कंपाने वाली ठंड से फिलहाल कोई राहत नहीं मिलती दिख रही है। इसे देखते हुए राज्य मौसम विभाग ने शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। लगातार बढ़ती ठंड के कारण जिला प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है, ताकि इसका असर बच्चों और बुजुर्गों पर न पड़े। ठंडी पछुआ हवाओं के कारण लोग मॉर्निंग वॉक से भी परहेज कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहता है, इसके बाद दिनभर पछुआ और बर्फीली हवाएं चलने से पूरे जिले में शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहर तक ठंड का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। इस भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर आम लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ रहा है, खासकर शहर में फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले लोग इससे सबसे अधिक प्रभावित हैं। मौसम विभाग के अनुसार मुजफ्फरपुर में लगातार तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। फिलहाल जिले का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। ठंड के कारण सुबह से करीब 10 बजे तक और शाम 4 बजे के बाद से सुबह तक बर्फीली हवाओं के चलते लोगों की परेशानी बनी हुई है। अधिकांश लोग घरों में दुबके हुए हैं और अलाव का सहारा ले रहे हैं। ठंड से बचाव के लिए जिला प्रशासन की ओर से शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी ठंड का शिकार न हो। मौसम विभाग ने बताया है कि शीतलहर, बर्फीली हवाओं और कोहरे के कारण जिले में लोगों को एक साथ तीन तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले दो से तीन दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है।    

ठंड से ठिठुरा बिहार: 14 जिलों में Cold Day का अलर्ट जारी

पटना बिहार के अधिकांश जिलों में इन दिनों गंभीर शीत लहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार दिन और रात के तापमान में बेहद कम अंतर रह जाने से राज्यभर में कनकनी काफी बढ़ गई है। फिलहाल पटना, अरवल और औरंगाबाद समेत 14 जिलों में शीत दिवस (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है और अगले 3 से 4 दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है। कई इलाकों में छाया रहेगा घना कोहरा मौसम विभाग ने बताया है कि बिहार के अलग-अलग हिस्सों में Dense Fog बने रहने के आसार हैं। सुबह और रात के समय कोहरे का असर ज्यादा रहेगा, जिससे सामान्य जनजीवन के साथ-साथ यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। 7–8°C के साथ सबसे ठंडा रहा गयाजी बीते 24 घंटों के दौरान गयाजी राज्य का सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान 7 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे ठंड का प्रकोप और ज्यादा महसूस किया गया। रेल, सड़क और हवाई सेवाएं प्रभावित घने कोहरे के कारण कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई है। इसका सीधा असर रेल, सड़क और हवाई यातायात पर पड़ा है। पटना, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट से आज भी कई नियमित उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि कुछ फ्लाइट्स देरी से संचालित हो रही हैं। वहीं कोहरे की वजह से लंबी दूरी की कई ट्रेनें अपने तय समय से काफी देरी से चल रही हैं। ठंड के चलते स्कूलों में छुट्टी तेज ठंड और शीतलहर से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों को लेकर अहम फैसले लिए हैं—     पटना जिला: कक्षा 8 तक के सभी स्कूल 27 दिसंबर तक बंद     लखीसराय: कक्षा 8 तक शैक्षणिक गतिविधियां 4 जनवरी 2026 तक स्थगित     कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाएं सावधानी के साथ जारी     शेखपुरा: कक्षा 8 तक के स्कूलों में 26 दिसंबर तक पठन-पाठन पर रोक     प्रशासन ने अभिभावकों से बच्चों को ठंड से बचाने की अपील की है।

दिसंबर की दस्तक के साथ झारखंड में ठंड तेज, तीन दिन बाद चलेगी शीतलहर

रांची झारखंड में दिसंबर की शुरुआत होते ही कड़ाके की ठंड ने लोगों की रफ्तार पकड़ ली है। रांची, पलामू, लोहरदगा, खूंटी और लातेहार जैसे जिलों में बर्फीली हवाएं हड्डियां जमा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज न्यूनतम तापमान 10-13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जबकि अधिकतम 24-27 डिग्री तक पहुंचा। इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में न्यूनतम पारा 16 डिग्री तक दर्ज हुआ, लेकिन ठंडी हवाओं ने सुबह-शाम कंपकंपी बढ़ा दी। रांची के मैक्लुस्कीगंज और कांके में पारा 5 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से रातें और ज्यादा ठंडी होंगी। पिछले 24 घंटे में चाईबासा का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री रहा, जबकि गुमला का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया। दिन में हल्की गर्माहट महसूस हुई, लेकिन हवा की ठंडक ने स्वेटर पहनना लोगों की मजबूर कर दिया है। रांची, कोडरमा, गढ़वा, लातेहार, गुमला और पलामू में न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री पर अटका रहा, जिससे इन इलाकों में ठंड का असर सबसे ज्यादा पड़ा। हिमालयी प्रभाव से राज्य में शुष्क मौसम बना हुआ है, कोई बारिश की संभावना नहीं। सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 और 5 दिसंबर को कई जिलों में शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। जिन जगहों पर पारा 4 से 5 डिग्री तक पहुंचेगा, वहां पाला पड़ने की आशंका भी है। सुबह घना कोहरा और धुंध छाएगी, द्दश्यता बेहद कम हो जाएगी। न्यूनतम तापमान 4-8 डिग्री तक गिर सकता है, तेज बर्फीली हवाएं चलेंगी। रांची सहित कई जिलों में अगले चार दिनों तक ठंड और कोहरे का दौर रहेगा। किसानों को फसलों को पाला और ठंड से बचाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा कि मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन ठंड बढ़ने से नुकसान हो सकता है। आम लोगों से अपील है कि सुबह-शाम गर्म कपड़े, ग्लव्स और मफलर पहनें। वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी बरतने को कहा गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए गर्म भोजन करने की आवश्यकता बताया है।  

नवंबर में ही बढ़ी सर्दी की सिहरन, राजस्थान के कई इलाके कांपे

जयपुर उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में भी दिखने लगा है। इस बार ठंड ने सामान्य से पहले दस्तक दे दी है। कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। मौसम केंद्र जयपुर की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह की सर्दी बनी रहेगी। विभाग ने सीकर में चार दिन और टोंक में एक दिन के लिए शीतलहर (कोल्ड वेव) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा ठंड फतेहपुर (सीकर) में रही, जहां न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं, सीकर में 7.5 और नागौर में 8.3 डिग्री तापमान रहा। मंगलवार सुबह और शाम के समय इन इलाकों में हल्की शीतलहर का असर महसूस किया गया। राजस्थान के सीकर, फतेहपुर और नागौर जैसे शहरों में तापमान हिमाचल के शिमला (8.4°C), मंडी (8.8°C), उत्तराखंड के मसूरी (8°C) और देहरादून (11.8°C) के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के जम्मू (11.4°C) और कटरा (10.4°C) से भी कम रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर राजस्थान में ऐसी ठंड 20 नवंबर के बाद महसूस होती है, लेकिन इस बार यह पहले ही शुरू हो गई है। जयपुर, अजमेर, कोटा, पिलानी, सीकर और टोंक समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 से 6 डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया है। दिन में सुहानी धूप ने दी राहत सुबह और शाम की ठंड के बावजूद दोपहर में धूप लोगों को राहत दे रही है। मंगलवार को दिन का सबसे अधिक तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। आने वाले दिनों का मौसम मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक आसमान साफ रहेगा और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की और गिरावट संभव है। 12 नवंबर को टोंक और सीकर जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सीकर में भी अगले 5 दिनों तक शीतलहर की चेतावनी दी गई है।