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नक्सलियों को बड़ा झटका: सुरक्षा बलों ने हथियार और IED का डंप किया जब्त

कांकेर कांकेर जिले में सुरक्षा बल के जवानों को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सर्चिंग में निकले जवानों को कांकेर नारायण सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा डंप किया गया बड़ी मात्रा में हथियार और आईईडी बरामद हुआ है. सुरक्षा बलों की कार्यवाही से नक्सलियों द्वारा भविष्य में घटित की जा सकने वाली बड़ी नक्सली घटना टल गई है. बस्तर रेंज में नक्सलियों को समाप्त करने के लिए सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी है. आईजी पी सुन्दराज के निर्देशन और एसपी कांकेर निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में पुलिस बल के द्वारा नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है. अभियान में बीएसएफ डीआईजी ओम प्रकाश प्रभारी राघवेंद्र सिंह सेनानी 94 वीं वाहिनीं बीएसएफ का भी सहयोग मिल रहा है. नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी/ बीएसएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग में निकली थी. 13 फरवरी को कांकेर– नारायणपुर सीमावर्ती क्षेत्र में थाना छोटेबेठिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम बीनागुंडा के पास नक्सलियों के द्वारा डंप किया गया हथियार, विस्फोटक,नक्सल साहित्य और अन्य सामग्री मिली. सामग्रियों को जब्त करने के साथ थाना छोटेबेठिया में वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. जब्त सामग्री बीजीएल लांचर-2, 12 बोर- 2, एयरगन- 1, डायरेक्शन आईईडी-3, टिफिन आईईडी लगभग 5 किग्रा-1, बीजीएल बम-30, 12 बोर राउण्ड -26, बारुद प्लास्टिक पैकेट मे लगभग 2 किग्रा, मल्टी मीटर-1, पटाखा-12 पैकेट, बिजली वायर-2 बंडल, पोच-2, स्पिलंटर – 1 पैकेट

सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी: नक्सलियों का गुप्त हथियार डंप बरामद, 5KG IED सहित कई घातक हथियार जब्त

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ‘गढ़’ गोगुंडा में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार दूसरे दिन भी जारी है. आज गुरुवार को सीआरपीएफ 74वीं बटालियन और कोबरा 201 के जवानों ने एक संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों के हथियारों के डंप को बरामद कर उनकी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. एरिया डोमिनेशन के दौरान मिला हथियारों का डंप जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबल इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन  पर निकले थे. इसी दौरान गोगुंडा पहाड़ के दूसरे छोर पर जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाया गया हथियारों का एक बड़ा डंप मिला. तलाशी के दौरान वहां से 5 किलो वजनी एक शक्तिशाली बम (IED) भी बरामद किया गया. नक्सलियों ने यह बम जवानों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाया था, जिसे बम निरोधक दस्ते ने सूझबूझ दिखाते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. नक्सली कंमांडर रमन्ना के स्मारक को किया था जमींदोज बता दें, बीते दिन (बुधवार को) भी सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सली कमांडर रमन्ना का 20 फीट ऊंचा स्मारक ढहाया था. जिसके बाद आज भी इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन और डॉमिनेशन जारी है. इस कार्रवाई से नक्सलियों के बीच घबराहट साफ देखी जा रही है. वर्षों से माओवादियों के खौफ में जी रहे गोगुंडा के ग्रामीणों में अब सुरक्षाबलों की मौजूदगी से सुरक्षा का भाव लौट रहा है. इस सफलता पर सीआरपीएफ कमांडेंट हिमांशु पांडे ने कहा कि “हमारा प्राथमिक लक्ष्य पूरे इलाके को नक्सल भय से मुक्त बनाना है. गोगुंडा की पहाड़ियों में शांति और विकास की दस्तक शुरू हो चुकी है और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक शांति पूरी तरह बहाल न हो जाए.” 40 साल बाद इस इलाके में सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित होने के बाद अब यहां विकास कार्यों की राह आसान हो गई है. लगातार हो रही कार्रवाई से नक्सली बैकफुट पर हैं, जिससे क्षेत्र में सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के पहुंचने की उम्मीद जगी है.