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पानीपत में बुलडोजर एक्शन: अवैध कॉलोनियों पर चला प्रशासन का डंडा, 29 गलियां तोड़ी गईं

पानीपत. नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया। कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई। अब केस भी दर्ज होंगे हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया। कॉलोनियों में की गई कार्रवाई पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई। जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया। कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।

एचएसवीपी की सख्त,गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू

गुरुग्राम गुरुग्राम के 51 सेक्टरों में अवैध निर्माण पर सोमवार से बुलडोजर चलेगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की तरफ से यह कार्रवाई की जाएगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी एक और दो ने सेक्टर-तीन से लेकर सेक्टर-57 तक विकसित 49 सेक्टरों के अलावा सेक्टर-37सी और सेक्टर-110ए के निवासियों से आग्रह किया है कि वह खुद अतिक्रमण हटा लें। शुक्रवार को एचएसवीपी की संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा मलिक ने सेक्टर-34 स्थित अपने कार्यालय में एक वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल से लेकर आठ मई तक तोड़फोड़ की जाएगी। इसको लेकर पांच टीम का गठन किया है, जो अलग-अलग सेक्टरों में तोड़फोड़ करेगी। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल और 28 अप्रैल को सेक्टर-24, 25ए, 27, 43, 31-32ए और 30 में तोड़फोड़ होगी। 29 अप्रैल और 30 अप्रैल को सेक्टर-39, 45, 28, 42 और 51 में बुलडोजर चलेगा। डॉ. मलिक के मुताबिक चार मई और पांच मई को सेक्टर-57, 49, 50, 38, 46, 40 और 41 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। सेक्टर-52, 47, 55, 56, 52ए और 53 में छह मई और सात मई को बुलडोजर चलेगा। आठ मई को सेक्टर-54, 29, 32 और सेक्टर-44 में तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाएगी। चलेगा बुलडोजर उन्होंने बताया कि इस दौरान सड़कों पर अवैध रूप बनाए गए किचन गार्डन, निजी पार्क, गमलों, मकानों के ऊंचे रैंप, रेहड़ियों, क्योसक के अलावा अन्य अतिक्रमण और अवैध निर्माण को तोड़ा जाएगा। यह कार्रवाई 29 सेक्टरों में होगी। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी ने बताया कि उनके कार्यालय अधीन आ रहे 22 सेक्टरों में सोमवार से बुलडोजर चलाया जाएगा। यह कार्रवाई एक जुलाई तक चलेगी। सोमवार से शुरू होगा ऐक्शन सोमवार को सेक्टर-21 से कार्रवाई की शुरूआत की जाएगी। 28 अप्रैल को भी इस सेक्टर में अभियान चलाया जाएगा। 30 अप्रैल और एक मई को सेक्टर-चार, चार मई को सेक्टर-पांच, छह मई को सेक्टर-तीन, आठ मई को सेक्टर-छह, 11 मई और 14 मई को सेक्टर-सात, 15 और 18 मई को सेक्टर-सात एक्सटेंशन, 19 और 20 मई को सेक्टर-नौ, 21 और 22 मई को सेक्टर-नौए, 25 मई और 26 मई को सेक्टर-10, 28 मई और 29 मई को सेक्टर-10ए, एक जून और दो जून को सेक्टर-12ए, तीन जून और चार जून को सेक्टर-14, पांच जून और आठ जून को सेक्टर-15 के पार्ट एक, नौ जून और 10 जून को सेक्टर-15 के पार्ट दो समेत कई स्थानों पर तोड़फोड़ होगी। मकानों की सूची बनेगी संपदा अधिकारी-एक राकेश सैनी और संपदा अधिकारी-दो डॉ. अनुपमा मलिक ने बताया कि तोड़फोड़ कार्रवाई के दौरान कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन कर रहे मकानों की सूची बनेगी। स्टिल्ट पार्किंग में अवैध रूप से कमरों का निर्माण लोगों ने कर लिया है। कारों को घर के बाहर खड़ा किया जाता है। घरों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है, जिसकी वजह से भी लोग परेशान हैं। ऐसे में इन मकानों के खिलाफ एचएसवीपी की विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मलबा उठान को लेकर तकरार डीटीपीई अमित मधोलिया ने पांच दिन तक तोड़फोड़ अभियान चलाकर करीब साढ़े सात हजार मकानों के सामने से अवैध निर्माण और अतिक्रमण को तोड़ा है। मधोलिया ने गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त प्रदीप दहिया से आग्रह किया था कि तोड़फोड़ के बाद सड़कों पर फैले मलबे का उठान कराएं। दहिया ने जवाब देते हुए इसे उठाने से इनकार किया है।  

चंडीगढ़ में अवैध निर्माणों पर शिकंजा! Chandigarh Housing Board ने 32 हजार लोगों को भेजे नोटिस

चंडीगढ़. चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अवैध निर्माण और अतिक्रमण स्वयं हटाकर दंडात्मक कार्रवाई से बचें। बोर्ड अब तक करीब 32,000 नोटिस जारी कर चुका है, जिनमें भवन नियमों के उल्लंघन और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को चिन्हित किया गया है। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत इस महीने की शुरुआत में सीएचबी ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस उन मकान मालिकों को दिए गए हैं जिन्होंने स्वीकृत नक्शे से हटकर अतिरिक्त कमरे, स्टोर, छतों पर बालकनी या अन्य निर्माण किए हैं। कई मामलों में अतिरिक्त खंभे खड़े कर मूल संरचना में बदलाव किया गया है, जो सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बताया गया है। यूटी प्रशासन का कहना है कि यह अभियान भवन नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा है। सेक्टर-41 और सेक्टर-45 में कुछ अवैध ढांचे पहले ही गिराए जा चुके हैं। इसके बाद सेक्टर 29 और 30 के मकानों को भी नोटिस जारी किया गया है जिसको लेकर इस समय यहां के निवासियों में हाहाकार मचा हुआ है। सीएचबी ने अलाटियों को सलाह दी है कि वे जल्द से जल्द उल्लंघन हटाएं और भवन की मूल संरचना—जैसे खंभे, दीवारें और नींव—को अपने खर्च पर बहाल करें, साथ ही स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा कराएं। उच्च न्यायालय ने 28 नवंबर 2019 के आदेश में असुरक्षित इमारतों की जांच के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 21 अप्रैल 2022 के फैसले में अदालत ने एक महीने के भीतर जरूरी संरचनात्मक सुधार करने और इसकी लागत संबंधित अलॉटियों से वसूलने को कहा था। इस बीच, 8 अप्रैल को सेक्टर-45 में तोड़फोड़ अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच झड़प हुई। मेयर सौरभ जोशी समेत कई पार्षद मौके पर पहुंचे और विरोध जताया, जिसके बाद अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया गया। वहीं, सांसद मनीष तिवारी ने इस मुद्दे पर कहा है कि लोगों के घर तोड़ना समाधान नहीं है। उन्होंने जरूरत के मुताबिक किए गए बदलावों को नियमित करने के लिए व्यावहारिक नीति बनाने की मांग की है। वही हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले लोग भी वन टाइम रहता की मांग कर रहे हैं। कब रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल दत्त का कहना है कि जब दूसरे राज्यों में वन टाइम राहत मिल सकती है तो चंडीगढ़ में क्यों नहीं। इस साल के अंत में नगर निगम चुनाव भी होने हैं ऐसे में जहां लोगों के मकान पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है वहीं राजनीति भी गरमाई हुई है।

बिना अनुमति खड़ी हो रहीं इमारतें: अमृतसर में निगम की भूमिका पर उठे सवाल

अमृतसर. शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र आईडीएच मार्केट में अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बस स्टैंड के साथ लगते इस मार्केट में दुकान नंबर 14-15 के ऊपर बिना नक्शा पास कराए लगातार निर्माण कार्य जारी है, लेकिन संबंधित विभाग कार्रवाई करने की बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, नगर निगम द्वारा नीचे की दुकानें किराए पर दी गई हैं, जबकि इनके ऊपर अवैध रूप से दो से चार मंजिल तक निर्माण कर दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि पिछले डेढ़ महीने से निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन निगम का एस्टेट और एमटीपी विभाग अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया। इस मामले को लेकर समाजसेवी जय गोपाल लाली ने बताया कि कार्रवाई का अधिकार होने के बावजूद एस्टेट और एमटीपी विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जिसके चलते अवैध निर्माण पर रोक नहीं लग पा रही। उन्होंने यह भी बताया कि इन दुकानों से जुड़े दस्तावेज वर्ष 2004 के हैं, जिनमें कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है। स्थानीय व्यापारियों और आसपास के लोगों में इस मुद्दे को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध निर्माण को नहीं रोका गया, तो भविष्य में यह किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। मौके की स्थिति के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर की दुकानों के बीच से ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं, जो ऊपरी मंजिल तक जाती हैं। ऊपर का निर्माण होटलनुमा ढंग से किया जा रहा है, जिससे कई तरह के सुरक्षा और वैधता संबंधी सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि नगर निगम का एस्टेट विभाग रोजाना शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करता है, लेकिन इस मामले में विभाग की चुप्पी लोगों के गले नहीं उतर रही। वहीं, एमटीपी विभाग के अधिकारी नरेंद्र शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा। इस संबंध में नगर निगम कमिश्नर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि उनके पास अभी तक इस मामले को लेकर कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है, लेकिन वे इसकी जांच करवाएंगे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अवैध निर्माण को तुरंत रोका जाए।