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पंजाब में अवैध खनन के खिलाफ एक्शन: सतलुज दरिया में केस दर्ज

लुधियाना. थाना मेहरबान की पुलिस ने गांव जमालपुर लेली के सतलुज दरिया में रेत की अवैध माइनिंग करने वाले अज्ञात आरोपियों के खिलाफ फिर से माइनिंग विभाग की एसडीओ गगनदीप सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए माइनिंग एक्ट अधीन मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी थानेदार राधेश्याम ने बताया कि पुलिस को दी गई शिकायत में एसडीओ गगनदीप सिंह ने बताया कि उनकी टीम सतलुज दरिया में पेट्रोलिंग करने गई थी। इसी दौरान जमालपुर लेली में रेत की अवैध माइनिंग होने के निशान पाए गए। इसके बाद पुलिस ने उक्त शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है।

खनिज विभाग की सख्ती से मचा हड़कंप, अवैध खनन व परिवहन में 16 वाहन सीज

  जगदलपुर बस्तर जिले में अवैध उत्खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग के द्वारा अभियान चलाया गया. खनिज विभाग के जांच दल ने पिछले 9 दिनों के भीतर छापेमारी कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त 16 वाहनों को जब्त किया है. खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान रेत, चूना पत्थर और लाल ईंट का अवैध रूप से परिवहन कर रहे ट्रैक्टर, हाइवा और टिप्परों को जब्त किया गया. वाहन ग्राम कंगोली, परपा, बालेंगा, लालबाग और पल्लीनाका जैसे क्षेत्रों से गुजर रहे थे. इसके अलावा मूतनपाल क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन करते हुए एक चेन माउंटेड पोकलेन मशीन को भी जब्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया है. अवैध उत्खनन और परिवहन के सभी 16 प्रकरणों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की गई है.

अवैध उत्खनन में संलिप्त 2 ट्रैक्टर किए वन अमले ने जब्त

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के प्रबंध संचालक द्वारा वन की अवैध कटाई, अतिक्रमण और अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिए सभी परियोजना मंडलों में नियमित निरीक्षण और गश्त के निर्देश दिए गए हैं। इसी निर्देश के तहत विभिन्न परियोजना मंडलों में दिन और रात की संयुक्त गश्त लगातार की जा रही है, जिससे वन सुरक्षा में सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। इसी क्रम में कोटा परियोजना मंडल, बिलासपुर की टीम ने गश्त के दौरान दो महत्वपूर्ण कार्रवाई की । जिसके तहत अवैध लकड़ी जप्त परिक्षेत्र तेंदुआ के कक्ष क्रमांक P-128 में गश्ती टीम के पहुंचते ही आरोपी सागौन के 4 लठ्ठे (0.149 घन मीटर) छोड़कर मौके से फरार हो गए। लकड़ी को जप्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। इसी तरह कोटा परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक RF-172 में नाले से अवैध रेत और मिट्टी उत्खनन कर ट्रैक्टर से परिवहन किया जा रहा था। टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित जब्त किया। जप्त वाहन एवं आरोपी ट्रैक्टर क्र. CG-04DT-8490 (महिंद्रा लाल कलर), चालक/स्वामी – बुधराम सिंह मरकाम, निवासी सरईपाली जॉन डियर हरा ट्रैक्टर, चालक/स्वामी – ओमप्रकाश मरावी, निवासी सरईपाली दोनों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा (1) ख के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। वाहनों को जप्त कर राजसात की कार्रवाई के लिए प्राधिकृत अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्रीय महाप्रबंधक अभिषेक सिंह एवं मंडल प्रबंधक सत्यदेव शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी वैभव साहू द्वारा सफलतापूर्वक संचालित की गई। इसमें अरुण कुमार सिंह (सहायक परियोजना क्षेत्रपाल), चंद्रकांत साय (क्षेत्ररक्षक), बलदाऊ सिंह मरावी (चौकीदार), नैनसिंह (चौकीदार) तथा रोपण सुरक्षा श्रमिक शामिल थे। प्रबंध संचालक द्वारा की गई प्रशंसा वन अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने पर निगम के प्रबंध संचालक श्री प्रेम कुमार ने पूरी टीम की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया है। साथ ही, उन्होंने प्रदेश के सभी निगम अधिकारी-कर्मचारियों को इसी प्रकार सजग रहकर वन सुरक्षा कार्य करने के निर्देश दिए हैं। आगामी वर्ष की गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) में क्षेत्रीय कर्मचारियों के मूल्यांकन में वन सुरक्षा एवं संरक्षण में उनके योगदान को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा।

पन्ना में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, स्टोन क्रशर मालिक श्रीकांत दीक्षित पर ₹1.24 अरब का जुर्माना

पन्ना  अवैध खनन पर कलेक्टर न्यायालय ने एक अरब 24 करोड़ 55 लाख 85 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गुनौर तहसील के बिलघाड़ी में डायमंड स्टोन क्रशर के संचालक श्रीकांत दीक्षित ने पत्थर निकालने के लिए स्वीकृत क्षेत्र के बाहर खोदाई की, जिससे करोड़ों की रायल्टी की चोरी हुई। कलेक्टर सुरेश कुमार ने उप संचालक खनिज को जुर्माने की राशि वसूल कर शासकीय कोष में जमा कराने और बैंक चालान की मूल प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर न्यायालय ने उप संचालक खनिज और एसडीएम गुनौर से जांच प्रतिवेदन मांगा था। 20 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब के लिए एक सितंबर की तिथि तय की गई। दीक्षित के अधिवक्ता नवीन शर्मा ने जवाब के लिए मोहलत मांगी। 15 सितंबर और 18 सितंबर की सुनवाई में जवाब के लिए पुनः समय मांगा गया। इस दौरान लीज की बकाया राशि जमा करने का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। न्यायालय ने पाया कि क्रशर संचालक ने मात्र 99 हजार 300 घनमीटर की रायल्टी जमा कराई, जबकि खनन दो लाख 72 हजार 298 घन मीटर किया गया। जुर्माने की कुल राशि 62 करोड़ 27 लाख 92 हजार 800 रुपये आंकी और दोगुनी राशि जमा कराने का आदेश दिया। हाई कोर्ट से भी खारिज हो चुकी है याचिका क्रशर संचालक ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कलेक्टर न्यायालय के अभिलेख को तलब करने और कोई नई जांच प्रारंभ नहीं किए जाने का अनुरोध किया था। हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को यह याचिका खारिज कर दी थी।