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चेक गणराज्य में दम दिखाएंगे भारतीय बॉक्सर, ग्लासगो गेम्स से पहले होगा प्रदर्शन का आकलन

भिवानी. भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए जून का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। कामनवेल्थ गेम्स 2026 से पहले भारतीय मुक्केबाज अपनी तैयारियों को परखने के लिए चेक गणराज्य में होने वाली प्रतिष्ठित ग्रैंड प्रिक्स उस्ती नाद लाबेम मुक्केबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। यह टूर्नामेंट 16 से 21 जून तक आयोजित किया जाएगा और इसे पुरुष एवं महिला एलीट मुक्केबाजों के लिए गोल्ड-श्रेणी का अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट माना जा रहा है। भारतीय टीम में वे मुक्केबाज शामिल होंगे जिनका चयन कामनवेल्थ गेम्स की तैयारियों और संभावित टीम संयोजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। यह प्रतियोगिता केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस, रणनीति और मानसिक मजबूती की भी बड़ी परीक्षा होगी। महिला और पुरुषों की भारतीय टीम में नौ मुक्केबाज हरियाणा से हैं। टीम 13 या 14 जून को चेक गणराज्य के लिए दिल्ली से उड़ान भरेगी। वरिष्ठ कोच ने क्या बताया? द्रौणाचार्य अवार्डी और भारतीय खेल प्राधिकरण भिवानी से वरिष्ठ कोच महावीर सिंह बताते हैं उस्ती नाद लाबेम टूर्नामेंट का इतिहास काफी समृद्ध रहा है और दुनिया के कई शीर्ष मुक्केबाज यहां अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और कोचिंग स्टाफ इस प्रतियोगिता को कामनवेल्थ गेम्स से पहले सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय तैयारी मंच के रूप में देख रहे हैं। यहां खिलाड़ियों को यूरोप और अन्य महाद्वीपों के मजबूत मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी कमजोरियों और मजबूत पक्षों का आकलन किया जा सकेगा। द्रौणाचार्य अवार्डी कोच जगदीश सिंह कहते हैं इस वर्ष कामनवेल्थ गेम्स का आयोजन स्काटलैंड के शहर ग्लासगो में 23 जुलाई से दो अगस्त तक होगा। ऐसे में उस्ती नाद लाबेम में होने वाला प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजों के आत्मविश्वास, विश्व रैंकिंग और अंतिम टीम रणनीति तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से दमदार प्रदर्शन की उम्मीद भारतीय दल के कई पदक दावेदार खिलाड़ियों से इस प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। कोचिंग स्टाफ खिलाड़ियों की स्थिति का अंतिम आकलन इसी टूर्नामेंट के आधार पर करेगा, ताकि ग्लास्गो में भारत अधिक से अधिक पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतर सके। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले चेक गणराज्य में होने वाली प्रतियोगिता अहम है। इसमें खिलाड़ी खुद को साबित करेंगे। वे पूरी तैयारी के साथ रिंग में उतरेंगे। हमारे सभी मुक्केबाज ऊर्जा से सराबोर हैं और अपने बेस्ट परिणाम देते हुए खेल प्रेमियों की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे। ये मुक्केबाज खेलने जाएंगे चेक गणराज्य मुक्केबाज    गृह राज्य/ज़िला    भार वर्ग जादूमणी     मणिपुर     55 सचिन सिवाच जूनियर     भिवानी (हरियाणा)     60 आदित्य     उत्तर प्रदेश (UP)     65 सुमित कुंडू     जींद (हरियाणा)     70 अंकुश     हिसार (हरियाणा)     80 कपिल     उत्तराखंड     90 नरेंद्र बेड़वाल     हिसार (हरियाणा)     90+ (प्लस) कॉमनवेल्थ में ये महिला मुक्केबाज खेलेंगी मुक्केबाज     गृह राज्य/ज़िला    भार वर्ग साक्षी ढांडा     भिवानी (हरियाणा)     51 kg प्रीति पंवार     भिवानी (हरियाणा)     54 kg जैस्मीन लंबोरिया     भिवानी (हरियाणा)     57 kg प्रिया घणघस     भिवानी (हरियाणा)     60 kg प्रवीण हुड्डा     रोहतक (हरियाणा)     65 kg अरूंधती चौधरी     राजस्थान     70 kg लवलीना बोरोगोहेन     असम     75 kg

भारतीय मुक्केबाजों की निगाह विश्व कप में दमदार प्रदर्शन पर

नई दिल्ली  भारतीय मुक्केबाज जब रविवार से यहां शुरू हो रहे विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल्स में उतरेंगे तो उनका लक्ष्य सत्र का शानदार अंत करने के साथ ही महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक हासिल करना भी होगा। मुक्केबाजी के संचालन का कार्य जब से वर्ल्ड बॉक्सिंग ने संभाला है तब से इस साल के शुरू में विश्व कप की शुरुआत की गई और अब उसका फाइनल्स होगा। मुक्केबाज सभी प्रमुख टूर्नामेंटों में रैंकिंग अंक अर्जित करते हैं, जो वरीयता निर्धारण में भूमिका निभाते हैं। अगले वर्ष एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल होने वाले हैं, इसलिए ये अंक महत्वपूर्ण हो जाते हैं। ⁠ प्रारूप के अनुसार इस वर्ष के शुरू में आयोजित किए गए तीन विश्व कप के पदक विजेता खिलाड़ियों ने शीर्ष रैंकिंग वाले मुक्केबाजों के साथ फाइनल्स में जगह बनाई है। भारत मेजबान होने के कारण पुरुष और महिला दोनों के सभी भार वर्गों में अपनी चुनौती पेश करेगा। दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन (51 किग्रा) महिला टीम की प्रमुख खिलाड़ी हैं। तेलंगाना की इस मुक्केबाज़ ने इस साल विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लाम्बोरिया (57 किग्रा) और मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा), विश्व पदक विजेता पूजा रानी (80 किग्रा) और नुपुर (80 किग्रा से अधिक) अपनी अच्छी फॉर्म को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे। प्रीति पवार (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और परवीन हुड्डा (60 किग्रा) राष्ट्रीय टीम में वापसी कर रही हैं और वह अपने खेल से प्रभाव छोड़ने की कोशिश करेंगे। पुरुष वर्ग में भारत का विश्व चैंपियनशिप अभियान निराशाजनक रहा और उम्मीदें प्रतिभाशाली अभिनाश जामवाल और हितेश गुलिया से होंगी, जो इस वर्ष के शुरू में दो विश्व कप फाइनल में पहुंचे थे। विश्व चैंपियनशिप का समापन सितम्बर में हुआ था और कई प्रमुख खिलाड़ी सत्र की इस अंतिम प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रहे हैं, जो क्वार्टर फाइनल चरण से शुरू होगी। शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम में होने वाले इस टूर्नामेंट में 18 देशों के लगभग 130 मुक्केबाज भाग लेंगे, जिनमें कुछ ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल हैं। भारतीय टीम इस प्रकार है: महिला: मीनाक्षी (48 किग्रा), निकहत ज़रीन (51 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), जैस्मीन लेम्बोरिया (57 किग्रा), परवीन हुडा (60 किग्रा), नीरज फोगाट (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), स्वीटी (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा), नूपुर श्योराण (80 किग्रा से अधिक) पुरुष: जदुमणि सिंह (50 किग्रा), पवन बर्तवाल (55 किग्रा), सचिन सिवाच (60 किग्रा), अभिनाश जामवाल (65 किग्रा), हितेश गुलिया (70 किग्रा), सुमित कुंडू (75 किग्रा), अंकुश फोगाट (80 किग्रा), जुगनू (85 किग्रा), नवीन कुमार (90 किग्रा), नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक)