samacharsecretary.com

Meta का बड़ा फैसला, Instagram से हटेगा एंड टू एंड एन्क्रिप्शन, प्राइवेसी खत्म होने का खतरा

नई दिल्ली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. कंपनी ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी है कि इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट फीचर 8 मई 2026 के बाद बंद कर दिया जाएगा. यानी इस तारीख के बाद इंस्टाग्राम के डायरेक्ट मैसेज (DM) में यह सुरक्षा फीचर उपलब्ध नहीं रहेगा। यह जानकारी खुद इंस्टाग्राम के आधिकारिक हेल्प पेज पर दी गई है, जहां साफ कहा गया है कि 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग सपोर्ट नहीं करेगा। अगर किसी यूजर की चैट इस फीचर के तहत है, तो उन्हें पहले से नोटिफिकेशन मिलेगा और वे अपने चैट डेटा को डाउनलोड भी कर सकेंगे। क्या होता है एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एंड टू एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी तकनीक होती है जिसमें मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई भी तीसरा व्यक्ति उसे पढ़ नहीं सकता। यहां तक कि प्लेटफॉर्म चलाने वाली कंपनी भी उन मैसेज को नहीं देख सकती. इस तकनीक में मैसेज भेजते समय वह एक कोड में बदल जाता है और केवल रिसीवर के डिवाइस पर ही डिक्रिप्ट होता है। इसी वजह से इसे डिजिटल दुनिया में सबसे मजबूत प्राइवेसी सुरक्षा माना जाता है. Signal और WhatsApp जैसे कई मैसेजिंग प्लेटफॉर्म इसी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं ताकि यूजर्स की बातचीत पूरी तरह निजी रह सके। इंस्टाग्राम में कब आया था यह फीचर? इंस्टाग्राम ने एंड टू एंड एन्क्रिप्शन फीचर को 2023 के आसपास अपने मैसेजिंग सिस्टम में जोड़ना शुरू किया था. शुरुआत में यह फीचर सभी के लिए डिफॉल्ट नहीं था बल्कि यूजर्स को इसे अलग से ऑन करना पड़ता था। इस फीचर को ऑन करने के बाद बातचीत एक अलग एन्क्रिप्टेड चैट में होती थी और उसमें अतिरिक्त सुरक्षा विकल्प भी मिलते थे.  लेकिन अब कंपनी ने इसे पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है। मेटा ने क्यों लिया यह फैसला? इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta का कहना है कि इस फीचर का इस्तेमाल बहुत कम लोग कर रहे थे. इसलिए कंपनी ने इसे बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी यूजर्स को पहले से नोटिफिकेशन भी भेज रही है ताकि वे चाहें तो अपने एन्क्रिप्टेड चैट्स और मीडिया फाइल्स डाउनलोड कर सकें। क्या इंस्टाग्राम यूज़र्स के मैसेज डेटा से Meta AI होगा ट्रेन? आधिकारिक तौर पर भले ही मेटा ने इस फैसले को कम इस्तेमाल से जोड़ा है. लेकिन टेक इंडस्ट्री में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म के लिए मैसेजिंग डेटा को प्रोसेस करना आसान हो सकता है।  एंड टू एंड एन्क्रिप्शन होने पर प्लेटफॉर्म खुद यूजर्स के मैसेज नहीं पढ़ सकता, इसलिए उस डेटा का इस्तेमाल किसी भी तरह के विश्लेषण या AI सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए करना संभव नहीं होता। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एन्क्रिप्शन हटने के बाद तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म के पास मैसेज स्कैन करने और डेटा को प्रोसेस करने की क्षमता बढ़ जाती है। इससे कंपनियां मैसेजिंग सिस्टम को बेहतर बनाने, कंटेंट मॉडरेशन करने या AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए डेटा का इस्तेमाल कर सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि एन्क्रिप्शन हटने से प्लेटफॉर्म को मैसेज स्कैन करने और संदिग्ध या अवैध कंटेंट का पता लगाने में आसानी होती है। प्राइवेसी को लेकर पहले भी घिर चुकी है Meta प्राइवेसी को लेकर मेटा पहले भी विवादों में घिर चुकी है. हाल ही में कंपनी के RayBan Meta AI Glasses को लेकर बड़ा विवाद सामने आया था। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन स्मार्ट ग्लासेस से रिकॉर्ड हुई वीडियो और फोटो का इस्तेमाल एआई सिस्टम को ट्रेन करने के लिए किया जा रहा था और इसके लिए ह्यूमन रिव्यूअर्स भी फुटेज देखते थे। एक जांच में सामने आया कि कुछ कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स उन वीडियो को देखते थे जिनमें बेहद निजी पल भी शामिल थे।  रिपोर्ट्स के अनुसार इन फुटेज में लोगों के घर के अंदर के फुटेज, बाथरूम में रिकॉर्ड हुए पल या अन्य सेंसिटिव मोमेंट्स भी शामिल थीं। इन डेटा का इस्तेमाल एआई सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा था, जिससे प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल उठे। इतना ही नहीं, इन स्मार्ट ग्लासेस में मौजूद कैमरों को लेकर यह भी चिंता जताई गई कि लोग अनजाने में रिकॉर्ड हो सकते हैं, क्योंकि यह सामान्य चश्मे की तरह दिखते हैं और आसानी से वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स ने इसे भविष्य के लिए एक बड़ा प्राइवेसी खतरा बताया है।  यूजर्स पर क्या पड़ेगा असर? 8 मई 2026 के बाद इंस्टाग्राम पर भेजे जाने वाले मैसेज एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड नहीं होंगे. यानी तकनीकी रूप से यह मैसेज प्लेटफॉर्म के सर्वर पर प्रोसेस होंगे. हालांकि कंपनियां आमतौर पर दावा करती हैं कि यूजर्स के डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी का ध्यान रखा जाता है। फिर भी साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि एंड टू एंड एन्क्रिप्शन हटने से प्राइवेसी को लेकर सवाल उठ सकते हैं, क्योंकि यह फीचर मैसेजिंग को सबसे ज्यादा सुरक्षित बनाता है। क्या WhatsApp पर भी खत्म होगा एन्क्रिप्शन? इंस्टाग्राम के इस फैसले के बाद कई यूजर्स के मन में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मेटा अपने दूसरे प्लेटफॉर्म पर भी ऐसा ही कदम उठाएगा. फिलहाल ऐसा नहीं है। मेटा के दूसरे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp में एंड टू एंड एन्क्रिप्शन पहले की तरह जारी रहेगा और यह वहां डिफॉल्ट रूप से लागू है। 8 मई से पहले क्या करें यूजर्स? अगर आप इंस्टाग्राम पर एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल करते हैं तो 8 मई 2026 से पहले अपने चैट का बैकअप डाउनलोड कर सकते हैं. इंस्टाग्राम इसके लिए यूजर्स को नोटिफिकेशन और डाउनलोड का विकल्प देगा। इंस्टाग्राम का यह फैसला सोशल मीडिया प्राइवेसी को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है. कई टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सुरक्षा और मॉडरेशन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे, जिसकी वजह से ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

दुनियाभर में Instagram सेवाएं प्रभावित, ऐप और पोर्टल ठप होने की यूजर्स ने दी जानकारी

नई दिल्ली Instagram की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं और बहुत से यूजर्स ने इसको लेकर रिपोर्ट्स भी किया. यूजर्स ने बताया है कि ऐप और पोर्टल दोनों प्रभावित हुए हैं. यूजर्स को फीड एक्सेस करने में प्रॉब्लम आ रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर पर सैकडों यूजर्स ने रिपोर्ट की और बताया कि उनको इंस्टाग्राम पर प्रॉब्लम हो रही है. बहुत से यूजर्स फीड को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं यानी वह नए पोस्ट आदि को चेक नहीं कर पा रहे है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, इस आउटेज की शुरुआत सुबह 9 बजे के आसपास हुई है. हालांकि अभी तक कंपनी ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। अमेरिका में दिखा सबसे ज्यादा असर  Instagram की सर्विस पर असर दुनियाभर में दिखाई दिया है. इसमें सबसे ज्यादा असर अमेरिका में दिखाई दिया. जहां करीब 12 हजार यूजर्स ने रिपोर्ट की है. हालांकि सवा दस के आसपास सर्विस दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं।  भारत में भी दिखा असर  Instagram की सर्विस भारत में भी प्रभावित दिखाई दीं, जहां करीब 1 हजार लोगों ने रिपोर्ट ने की है. यूके में भी इंस्टाग्राम की सर्विस प्रभावित हुई हैं।  एक पॉपुलर ऐप है Instagram  Instagram एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स फोटो और वीडियो को शेयर करते हैं. साथ ही इंस्टाग्राम पर रील्स आदि को भी पसंद किया जाता है. इस प्लेटफॉर्म सेलिब्रिटी आदि भी मौजूद हैं, जो रेगुलर पोस्ट करते हैं।

AI से बदलेगा इंस्टाग्राम का गेम! फोटो और वीडियो में जुड़ सकेगा कोई भी चेहरा

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते चलन को देखते हुए मेटा के स्वामित्व वाला इंस्टाग्राम एक ऐसा फीचर लाने पर काम कर रहा है, जिसकी मदद से एआई से बनी फोटो और वीडियो में यूजर डिजिटली अपना चहरा जोड़ सकेंगे। कंपनी जल्द ही एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फीचर ला सकती है। इंस्टाग्राम का यह फीचर OpenAI के Sora प्लेटफॉर्म को टक्कर दे सकता है। एक टिप्सटर Alessandro Paluzzi ने अपने एक्स अकाउंट से ट्वीट करके इस अपकमिंग टूल के बारे में बताया है। उनके अनुसार, इंस्टाग्राम में आने वाला यह टूल, सिंपल इमेज फिल्टर के बजाय पर्सनलाइज्ड “लाइकनेस” बनाने पर फोकस करता है। अभी तक इंस्टाग्राम ने इस फीचर के लॉन्चिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि, टिप्सटर द्वारा शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि इस सुविधा पर काफी पहले से काम चल रहा है। फेस स्वैप टूल लाने की तैयारी Alessandro Paluzzi ने X पर इंस्टाग्राम के अपकमिंग फीचर की डिलेट शेयर की है। उन्होंने दावा किया है कि इंस्टाग्राम AI-पावर्ड फेस स्वैप सिस्टम पर काम कर रहा है। इसे फेस स्वैप टूल भी कहा जाता है। हालांकि, इंस्टाग्राम में इसे “मेरी लाइकनेस बनाएं” नाम से लाया जा सकता है। लीक हुई इमेज के अनुसार, यूजर्स AI विजुअल्स या छोटी क्लिप बना सकते हैं। एआई से बनाई गई इन क्लिप में उनका चहरा भी जोड़ सकते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हुआ है कि इंस्टाग्राम यह लाइकनेस डेटा कैसे इकट्ठा करेगा। उम्मीद है कि सिस्टम मौजूदा पोस्ट और हाइलाइट्स को एनालाइज करेगा या फिर ऑप्शन को एक्टिवेट करने के लिए यूजर्स को एक डेडिकेटेड सेल्फी अपलोड करने के लिए कहा जा सकता है। सेटअप हो जाने के बाद यूजर अलग-अलग सिनेरियो में खुद को दिखाते हुए कस्टमाइज्ड इमेज या वीडियो बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालना होगा। शेयरिंग और क्रिएटिव को मिलेगा बढ़ावा इस फीचर की मदद से एआई कंटेंट को और भी आकर्षक बनाया जा सकेगा। यूजर डायरेक्ट मैसेज के जरिए प्राइवेटली क्रिएशन भेज सकते हैं या उन्हें स्टोरीज और फीड पर पब्लिकली पोस्ट भी कर सकते हैं। हालांकि, ऐसी किसी भी डिटेल के लिए कोई कन्फर्मेशन नहीं है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो यह टूल मेटा के अपने ऐप्स में जेनरेटिव AI में बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के साथ अलाइन होगा। इससे यूजर्स को ज्यादा इंटरैक्टिव और पर्सनलाइज्ड कंटेंट क्रिएशन टूल मिलेंगे। लेनी होगी परमिशन रिपोर्ट की मानें तो यूजर्स डायरेक्ट मैसेज से इनवाइट या रिक्वेस्ट भेज पाएंगे। AI से बने मीडिया में उनके अपीयरेंस का इस्तेमाल करने से पहले दूसरे यूजर को मंजूरी देनी होगी। यह परमिशन बेस्ड तरीका गलत इस्तेमाल को रोकने और पर्सनल आइडेंटिटी को प्रोटेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। अभी इस अपकमिंग फीचर की इतनी जानकारी ही सामने आई है। आगे आने वाले समय कंपनी इसके बारे में अन्य डिटेल शेयर कर सकती है।

रील बनाने वालों के लिए बड़ा अपडेट: Instagram हैशटैग्स को लेकर क्यों है सतर्क

नई दिल्ली  इंस्टाग्राम  पर रील बनाने वाले सावधान हो जाएं। दरअसल, हम लोग इंस्टाग्राम पर रील या फोटो शेयर करते वक्त काफी सारे हैशटैग्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब हम ज्यादा हैशटैग्स का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। यह अभी सिर्फ टेस्टिंग फेज में है बता दें कि एक पोस्ट में 30 हैशटैग लगाने की छूट थी, लेकिन DroidApp की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब आप अपनी पोस्ट में तीन से ज़्यादा हैशटैग लगाने की कोशिश करेंगे तो इंस्टाग्राम उन्हें रोक देगा और तय सीमा से ज़्यादा टैग न डालने का मैसेज स्क्रीन पर दिखाई देगा है। फिलहाल यह बदलाव हर किसी के लिए लागू नहीं हुआ है। यह अभी सिर्फ टेस्टिंग फेज में है। इसका मतलब है कि इंस्टाग्राम अभी चुपचाप कुछ चुनिंदा यूज़र्स के साथ यह प्रयोग कर रहा है। अगर यह फीचर सफल होता है तो… बता दें कि सोशल मीडिया कंपनियां अक्सर कोई बड़ा बदलाव करने से पहले इसी तरह टेस्टिंग करती हैं ताकि यूज़र्स का रिएक्शन समझा जा सके। अगर यह फीचर सफल होता है तो इसे सभी के लिए लॉन्च किया जा सकता है।  

सोशल मीडिया पर सोफिक की चर्चा, एक दिन में कई लाख नए फॉलोअर्स जुड़े

कोलकाता बंगाल के सोशल मीडिया स्टार सोफिक हाल ही में अपनी निजी वीडियो लीक होने की वजह से चर्चा में रहे। वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। लीक वीडियो से उनकी काफी आलोचना हुई, लेकिन अश्लील MMS ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया है। उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 5 लाख तक बढ़ गई। कई फॉलोअर्स ने उन्हें समर्थन दिया विवाद सामने आने के बाद Sofik SK के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। कुछ दिनों के भीतर ही यह आंकड़ा 4.96 लाख से भी अधिक पहुंच गया। वहीं, अब सोफिक ने नया डांस रील अपलोड किया है। डांस वीडियो में फैंस ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। कई फॉलोअर्स ने उन्हें समर्थन दिया और खुशी जताई कि वह फिर से कंटेंट क्रिएट कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग पुराने लीक वीडियो का जिक्र करते हुए उन्हें लगातार ट्रोल करते रहे। बता दें कि वीडियो के वायरल होने के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। माफी वीडियो में सोफिक ने स्पष्ट किया कि वीडियो एक साल पहले रिकॉर्ड हुआ था। उन्होंने दावा किया कि उनका एक करीबी दोस्त, जिसे उनके और उनकी गर्लफ्रेंड के फोन तक पहुंच थी, वीडियो निकालकर उन्हें ब्लैकमेल करता रहा। सोफिक के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने उस दोस्त से दूरी बनाई, उसने बदला लेने के लिए वीडियो ऑनलाइन अपलोड कर दिया। उन्होंने बंगाली में कहा, "मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिसे मैं भाई की तरह मानता था, वह मुझे इस तरह धोखा देगा।" कौन हैं सोफिक SK सोफिक पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और वह लोकप्रिय ग्रुप पल्लि ग्राम TV के मुख्य सदस्य हैं। यह ग्रुप अपनी कॉमेडी, लोक-थिएटर और बंगाली ड्रामा रील्स के लिए जाना जाता है। सोफिक लगातार पल्ली ग्राम टीवी प्रोडक्शंस में दिखाई देते हैं, जहां वे ग्रामीण जीवन पर आधारित हास्य किरदार निभाते हैं। वे कॉमेडी, लोक थिएटर और बंगाली ड्रामा वीडियो के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी गर्लफ्रेंड Sonali भी कंटेंट क्रिएटर हैं  

OpenAI का नया कदम – Sora ऐप से प्रतिस्पर्धा में आएगा Instagram और TikTok

नई दिल्ली ChatGPT मेकर OpenAI ने हाल ही में Sora ऐप लॉन्च किया है. आपको बता दें कि Sora कंपनी के जेनेरेशन मॉडल का नाम है. कंपनी ने अब इसे स्टैंडअलोन ऐप के तौर पर पेश कर दिया है जिसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक का राइवल माना जा रहा है.  Sora ऐप लॉन्च होने के कुछ समय के बाद ही ऐपल ऐप स्टोर पर तीन नंबर का ऐप बन गया है. हाल ही में कंपनी ने Sora 2 मॉडल भी लॉन्च किया है. ये कंपनी का अब तक का सबसे पावरफुल वीडियो जेनेरेट करने वाला मॉडल है.  TikTok जैसा शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म है Sora App  OpenAI ने Sora ऐप को शॉर्ट वीडियो के लिए ख़ास तौर पर डिज़ाइन किया है. यहां यूजर्स AI जेनेरेटेड वीडियोज शेयर कर पाएंगे. यानी यहां सिर्फ AI जेनेरेटेड कॉन्टेंट देखने को मिलेंगे. इसे डीपफेक वीडियोज भी कहा जा सकता है.  Sora App पर यूजर्स नैचुरल लैंग्वेज में प्रॉम्प्ट डाल कर शॉर्ट वीडियोज तैयार कर पाएंगे. इसके लिए यूजर्स को कैमरा या एडिटिंग स्किल्स की भी ज़रूरत नहीं है.  अमेरिकी ऐपल ऐप स्टोर पर TikTok और Instagram के बाद Sora ऐप आ चुका है. इस ऐप मे Cameos फीचर दिया गया है जो सबसे ज्यादा पॉपुलर हो रहा है. इसके ज़रिए यूजर्स Sora 2 यूज़ करते हुए AI वीडियोज जेनेरेट करा पाएंगे. यूजर्स अपनी वीडियो डाल कर भी उसे AI वीडियोज में ट्रांसफॉर्म कर पाएंगे.  Deepfake वीडियोज को किया जा रहा नॉर्मलाइज  कुछ साल पहले तक Deepfake वीडियोज जुर्म माने जाते थे, लेकिन AI वीडियो जेनेरेटर आ जाने के बाद से ये नॉर्मल हो गए हैं. यानी किसी की फोटो या वीडियो को लेकर आप कुछ भी करा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है और कई बार लोग धोखा खा जाते हैं.  जेनेरेटिव AI आने के बाद से सोशल मीडिया पर AI जेनेरेटेड वीडियोज की भरमार है. AI वीडियोज पर व्यूज भी काफी आ रहे हैं और लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं. शायद इसलिए ही OpenAI को लग रहा है कि AI जेनेरेटेड वीडियो प्लेटफॉर्म को सोशल मीडिया की शक्ल दे दी जाए. ठीक ऐसा ही कंपनी ने Sora App लॉन्च करके किया है.  मिसयूज़ का खतरा  Sora App पर आप किसी की भी तस्वीर या वीडियो लेकर जैसे चाहें वैसा बनवा सकते हैं. देखने में ये असली जैसा ही लगता है. क्योंकि इसमें Open AI का वीडियो जेनेरेशन मॉडल Sora 2 यूज़ हो रहा है जो असली जैसे दिखने वाले AI वीडियोज बना रहा है. यानी लोगों की तस्वीरें यहां मिसयूज़ भी की जा सकती हैं.  हालांकि कंपनी ने दावा किया है कि Sora App में सेफ्टी मेजर्स पर काम किया गया है. जैसे यहां सेक्सुअल कॉन्टेंट नहीं बनाए जा सकते हैं. वॉयलेंस से जुड़े प्रॉम्प्ट को भी ब्लॉक किया जाएगा. हालांकि रेस्ट्रिक्शन को भी लोग अलग तरह से प्रॉम्प्ट दे कर बाइपास कर ले रहे हैं.  Meta ने हाल ही में लॉन्च किया है Vibe  दरअसल Meta ने हाल ही में AI ऑनली फ़ीड लॉन्च किया है. इसे कंपनी ने Vibe का नाम दिया है. यहां भी यूजर्स को सिर्फ AI जेनेरेटेड शॉर्ट वीडियोज दिखेंगे. OpenAI का नया Sora ऐप Meta के Vibe को भी टक्कर देगा.  फ़िलहाल Sora App अमेरिका में इन्वाइट ऑनली है. यानी इसे इन्वाइट के ज़रिए ही यूज़ किया जा सकता है. भारत में फ़िलहाल ये ऐप लॉन्च नहीं हुआ है. मुमकिन है कंपनी इसकी टेस्टिंग कुछ समय तक अमेरिकी मार्केट में ही करेगी. इसके बाद इसे दूसरे देशों में लॉन्च किया जा सकता है.

OpenAI का Sora 2 लॉन्च: टेक्स्ट से अब वीडियो और ऑडियो बनाना हुआ आसान, Instagram और YouTube को मिलेगी टक्कर

नई दिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. चाहे दफ्तर का काम हो, पढ़ाई हो या फिर कंटेंट क्रिएशन, AI ने हर जगह अपनी पकड़ मज़बूत की है. अब इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए OpenAI ने अपना सबसे एडवांस्ड वीडियो जेनरेशन मॉडल Sora 2 पेश किया है. इसके साथ ही कंपनी ने एक नया सोशल मीडिया ऐप भी लॉन्च किया है, जिसे सीधा-सीधा Instagram और YouTube का मुकाबला करने वाला माना जा रहा है. क्या है OpenAI Sora 2? Sora 2 एक ऐसा AI मॉडल है, जो सिर्फ टेक्स्ट प्रॉम्प्ट से वीडियो ही नहीं बल्कि ऑडियो के साथ पूरा सीन तैयार कर सकता है. मतलब, आप बस लिखेंगे और AI आपके लिए हाई-क्वालिटी वीडियो बना देगा. इस बार OpenAI ने इसमें एक नया फीचर Cameos भी जोड़ा है. इसकी मदद से यूज़र खुद को किसी भी AI जनरेटेड वीडियो का हिस्सा बना सकते हैं. यानी बिना कैमरा, शूटिंग या एडिटिंग के भी आप किसी भी वीडियो में नज़र आ सकते हैं. Sora 2 की खासियतें     Sora 2 अपने पुराने वर्जन से काफी एडवांस्ड है.     यह मॉडल वीडियो को ज्यादा रियलिस्टिक और नैचुरल बनाता है.     इसमें फिजिकली-एक्युरेट मोशन (यानी असली जैसी हरकतें) और सिंक्ड डायलॉग्स की सुविधा है.     बैकग्राउंड साउंड और म्यूज़िक भी काफी नेचुरल और इमर्सिव लगते हैं.     इससे बने वीडियो पहले की तुलना में कहीं ज्यादा लाइफ-लाइक और आकर्षक होते हैं. Sora 2 ऐप भी हुआ लॉन्च OpenAI ने इस मॉडल के साथ Sora 2 App भी पेश किया है. इस ऐप का इंटरफेस TikTok और Instagram Reels जैसा है, जिसमें Swipe-and-Scroll लेआउट दिया गया है.     यूजर्स केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट डालकर वीडियो बना सकेंगे.     Cameos फीचर से खुद को भी वीडियो में शामिल करना संभव होगा.     ऐप पर पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन के आधार पर ही कंटेंट दिखाई देगा, ठीक इंस्टाग्राम की तरह. फिलहाल यह ऐप सिर्फ Apple App Store पर अमेरिका और कनाडा में उपलब्ध कराया गया है, वह भी इनवाइट-ओनली सिस्टम के जरिए. यानी अभी हर कोई इसे तुरंत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. सोशल मीडिया को मिल सकती है टक्कर टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि Sora 2 का यह कदम आने वाले समय में YouTube, Instagram और TikTok जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौती बन सकता है. क्योंकि अब कंटेंट क्रिएशन और भी आसान हो जाएगा और कोई भी व्यक्ति केवल कुछ शब्द लिखकर प्रोफेशनल लेवल का वीडियो बना पाएगा.