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नाविकों से रंगदारी कैसे वसूली जाती है? पटना के IPS अफसर ने किया बड़ा खुलासा

पटना पटना सिटी में गंगा घाटों पर नाविकों से रंगदारी वसूली का मामला उस समय उजागर हुआ, जब कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या उर्फ ‘सूर्या डॉन’ पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि सूर्या डॉन लंबे समय से घाटों पर नाव चलाने वाले नाविकों से अवैध वसूली कर रहा था। बुधवार सुबह वह गाय घाट के पास कथित तौर पर रंगदारी वसूलने पहुंचा था। इसकी सूचना एसटीएफ को मिली। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख सूर्या ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। घायल सूर्या को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी गंगा घाटों पर नाविकों से नियमित रूप से रंगदारी वसूलता था। उसके खिलाफ पटना और आसपास के थानों में 15 से 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घाट क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश, MP के दो IPS अफसरों को IB में असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर पोस्टिंग

भोपाल   मध्य प्रदेश के दो IPS अफसरों को IB में पोस्टिंग मिली है। इसके बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश जारी हो गया है। दोनों अधिकारी भोपाल से रिलीव कर दिए गए हैं । मध्य प्रदेश के 2 IPS अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय गृह विभाग ने मध्यप्रदेश कैडर के दो भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अफसरों को प्रतिनियुक्ति गृह विभाग की एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरों में तैनात किया है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए दोनों ही अफसरों को राजधानी भोपाल से केंद्र के लिए रिलीव कर दिया है। 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक को बड़ी जिम्मेदारी आपको बता दें कि जिन दो IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनयुक्ति मिली है, उनमें 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक के नाम शामिल है।  अभिनव चौक राजधानी भोपाल के जोन-3 में पुलिस उपायुक्त के तौर पर सेवारत थे जबकि मृगांकी डेका के पास सहायक पुलिस निरीक्षक के रूप में पुलिस महानिदेशालय में तैनात थी। इससे पहले जारी हुई लिस्ट में 24 आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया था। इस आदेश में करीब दर्जन भर जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों का भी अन्यत्र जिलों में तबादला कर दिया गया था। लिहाजा ये इन हो IPS अफसरों के  लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।