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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, सीनियर IPS पर FIR से हड़कंप

जयपुर राजस्थान पुलिस के एक सीनियर आईपीएस अफसर के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ है। जयपुर शहर के मालवीय नगर थाने 29 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई। यह एफआईआर एक महिला के पत्र के आधार पर दर्ज की गई है। महिला ने डाक के जरिए पुलिस थाने पत्र भेजा था। इस पत्र में आरोप लगाया कि आईपीएस किशन सहाय मीणा ने शादी का झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया। जयपुर आयुक्तालय की एडिशनल डीसीपी जिज्ञासा इस मामले की जांच कर रही है। मारपीट और धमकी का भी लगया आरोप पीड़िता महिला की उम्र करीब 53 वर्ष है। उसका आरोप है कि आईपीएस किशन सहाय मीणा ने शादी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया। कई दिनों तक शारीरिक संबंध बनाए। बाद में मिलना कम कर दिया। जब शादी के लिए कहा तो मारपीट करने लगा। साथ ही यह धमकी भी देता रहा कि अगर किसी से शिकायत की तो वे उसे जान से मरवा देंगे। मारपीट, धमकी और दुष्कर्म के गंभीर आरोपों के बाद मालवीय नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सफाई में यह कहा आईपीएस ने दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बाद सीनियर आईपीएस किशन सहाय मीणा का कहना है कि एक साजिश के तहत उन्हें फंसाने के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया है। मीणा का कहना है कि वे पिछले दस साल से विज्ञानवाद का प्रचार करते हैं। ऐसे में अंध विश्वास में डूबे लोग विज्ञानवाद को हजम नहीं कर पा रहे। उन्हें बदनाम करने के लिए षड़यंत्र पूर्वक एफआईआर दर्ज कराई है। मीणा ने यह भी कहा कि महिला ने उन्हें कई बार मैसेज किए। चैट से स्पष्ट है कि उसने ब्लैकमेल करने के लिहाज से मुकदमा दर्ज कराया है। कौन हैं आईपीएस किशन सहाय मीणा आईपीएस किशन सहाय मीणा अलवर जिले के रहने वाले हैं। वे राजस्थान पुलिस सेवा में अधिकारी के तौर पर भर्ती हुए थे। वर्ष 2013 में पदोन्नत होकर आईपीएस बन गए। आईपीएस बनने के बाद वे टोंक जिले के एसपी रहे। जीआरपी और क्राइम ब्रांच में भी एसपी के तौर पर कार्य किया। वर्तमान में वे पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी मानवाधिकार प्रकोष्ठ के पद पर पुलिस मुख्यालय में कार्यरत हैं। लोकसभा चुनाव में बिना सूचना के ड्यूटी छोड़ी, सस्पेंड हुए वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान झारखंड में उनकी ड्यूटी लगाई गई थी। वे झारखंड गए लेकिन बिना सूचना के वापस जयपुर लौट आए। बिना किसी सूचना के ड्यूटी छोड़ने पर चुनाव आयोग ने इसे बड़ी गंभीर लापरवाही माना। चुनाव आयोग की शिकायत के बाद राज्य सरकार ने आईपीएस किशन सहाय मीणा को सस्पेंड कर दिया था। भगवान और धर्म को लेकर उठाए थे सवाल आईपीएस किशन सहाय मीणा पिछले कई वर्षों से सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। अपने फेसबुक पेज पर वे आए दिन पोस्ट करते रहते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने धर्म और भगवान के अस्तित्व को लेकर पोस्ट किया जिससे काफी विवाद हो गया था। उन्होंने लिखा है कि 'धार्मिक अंधविश्वास' जैसे भगवान, अल्लाह, गॉड, वाहेगुरु, फरिश्ते, देवी-देवता, स्वर्ग-नरक, जन्नत-जहन्नुम आदि का सिर्फ एक प्रकार से नहीं बल्कि, बहुत प्रकार से खंडन किया जा सकता है, क्योंकि ये हैं ही नहीं। उनके मुताबिक, 'ये सिर्फ कल्पना मात्र और मनगढ़ंत हैं।' विज्ञान को बताया था तरक्की का रास्ता आईपीएस किशन सहाय मीणा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विज्ञानवाद का प्रचार करते रहे हैं। साथ ही ढोंगी बाबाओं के झांसों से दूर रहने की सलाह भी देते रहते हैं। उनका कहना है कि धर्म और भगवान के भरोसे तरक्की संभव नहीं है। विज्ञान ही तरक्की का सही रास्ता है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि लगभग सभी भारतीयों की प्रबल इच्छा है कि भारत सुपर पावर बने लेकिन यह केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण और विज्ञानवाद से ही संभव है। धार्मिक-महजबी अंधविश्वास भटकने का मार्ग है जिसे समाज और देश को त्यागना होगा।

नाविकों से रंगदारी कैसे वसूली जाती है? पटना के IPS अफसर ने किया बड़ा खुलासा

पटना पटना सिटी में गंगा घाटों पर नाविकों से रंगदारी वसूली का मामला उस समय उजागर हुआ, जब कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या उर्फ ‘सूर्या डॉन’ पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि सूर्या डॉन लंबे समय से घाटों पर नाव चलाने वाले नाविकों से अवैध वसूली कर रहा था। बुधवार सुबह वह गाय घाट के पास कथित तौर पर रंगदारी वसूलने पहुंचा था। इसकी सूचना एसटीएफ को मिली। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख सूर्या ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। घायल सूर्या को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी गंगा घाटों पर नाविकों से नियमित रूप से रंगदारी वसूलता था। उसके खिलाफ पटना और आसपास के थानों में 15 से 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घाट क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश, MP के दो IPS अफसरों को IB में असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर पोस्टिंग

भोपाल   मध्य प्रदेश के दो IPS अफसरों को IB में पोस्टिंग मिली है। इसके बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय का आदेश जारी हो गया है। दोनों अधिकारी भोपाल से रिलीव कर दिए गए हैं । मध्य प्रदेश के 2 IPS अधिकारियों के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। केंद्रीय गृह विभाग ने मध्यप्रदेश कैडर के दो भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अफसरों को प्रतिनियुक्ति गृह विभाग की एजेंसी, इंटेलिजेंस ब्यूरों में तैनात किया है। इस संबंध में आदेश जारी करते हुए दोनों ही अफसरों को राजधानी भोपाल से केंद्र के लिए रिलीव कर दिया है। 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक को बड़ी जिम्मेदारी आपको बता दें कि जिन दो IPS अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनयुक्ति मिली है, उनमें 2018 बैच के मृगांकी डेका और अभिनव चौक के नाम शामिल है।  अभिनव चौक राजधानी भोपाल के जोन-3 में पुलिस उपायुक्त के तौर पर सेवारत थे जबकि मृगांकी डेका के पास सहायक पुलिस निरीक्षक के रूप में पुलिस महानिदेशालय में तैनात थी। इससे पहले जारी हुई लिस्ट में 24 आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया था। इस आदेश में करीब दर्जन भर जिलों के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों का भी अन्यत्र जिलों में तबादला कर दिया गया था। लिहाजा ये इन हो IPS अफसरों के  लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।