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जाफर एक्सप्रेस बनी आतंकियों का निशाना, बम धमाके से उड़ा मुख्य रेलवे ट्रैक; बड़ा हादसा टला

पेशावर  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में आतंकियों ने एक बार फिर रेलवे ढांचे को निशाना बनाया है। नसीराबाद जिले के नोटल इलाके के पास मुख्य रेलवे ट्रैक पर लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) में विस्फोट हो गया, जिससे ट्रैक का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।पुलिस के अनुसार, यह विस्फोट जाफर एक्सप्रेस के मौके पर पहुंचने से पहले हो गया, जिससे एक बड़े रेल हादसे से बचाव हो सका। जाफर एक्सप्रेस पेशावर से क्वेटा जा रही थी, जिसे एहतियातन डेरा मुराद जमाली स्टेशन पर रोक दिया गया। विस्फोट के बाद क्वेटा और अन्य क्षेत्रों के बीच रेल सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं।घटना के तुरंत बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान एक अन्य विस्फोटक डिवाइस को भी समय रहते निष्क्रिय किया गया। गौरतलब है कि जाफर एक्सप्रेस पहले भी कई बार आतंकियों के निशाने पर रही है। नवंबर में बोलान पास इलाके में ट्रेन पर फायरिंग की गई थी।    अक्टूबर में सिंध के शिकारपुर जिले में ट्रैक ब्लास्ट में सात लोग घायल हुए थे। इस साल मार्च में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) की मजीद ब्रिगेड ने जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बना लिया था, जिसमें कई सुरक्षाकर्मियों की मौत का दावा किया गया था। लगातार हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान में रेल यात्रियों की सुरक्षा और राज्य की आतंरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

पाकिस्तान में रेल नेटवर्क पर बड़ा हमला: बलूचिस्तान में जाफर एक्सप्रेस निशाने पर, धमाकों से ट्रेन सेवाएं ठप

पेशावर  पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर रेलवे को निशाना बनाया गया है। संदिग्ध विद्रोहियों ने शुक्रवार को जाफर एक्सप्रेस और बोलान मेल ट्रेन को उड़ाने की कोशिश में रेलवे ट्रैक पर बम धमाके किए, जिससे ट्रैक को नुकसान पहुंचा और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। क्वेटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शाहिद नवाज़ ने बताया कि पहला धमाका मुश्काफ इलाके में हुआ, जिसमें करीब तीन फीट रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। दूसरा धमाका दश्त क्षेत्र में हुआ, जिससे ट्रैक को और नुकसान पहुंचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों ही मामलों में जाफर एक्सप्रेस और बोलान मेल यात्री ट्रेनें निशाने पर थीं। धमाकों के बाद मुख्य रेलवे लाइन क्षतिग्रस्त होने से क्वेटा से देश के अन्य हिस्सों के लिए ट्रेन सेवाएं बाधित हो गईं। SSP नवाज़ ने कहा कि “अब क्वेटा से चलने वाली किसी भी यात्री ट्रेन के समय की पुष्टि सुरक्षा एजेंसियों की मंजूरी के बाद ही की जाएगी।”उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी ट्रेनों के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। हालात को देखते हुए शनिवार को जाफर एक्सप्रेस की एक विशेष सेवा को पेशावर के लिए रवाना होने की अनुमति दी गई, ताकि यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य सेवाएं सुरक्षा क्लियरेंस का इंतजार कर रही हैं।   बार-बार निशाने पर जाफर एक्सप्रेस     यह पहली बार नहीं है जब जाफर एक्सप्रेस पर हमला हुआ हो।     पिछले दो महीनों में कम से कम तीन बार इस ट्रेन और बोलान मेल पर हमले हो चुके हैं।     हालांकि हालिया हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन ट्रैक को भारी नुकसान पहुंचा। इससे पहले 11 मार्च को जाफर एक्सप्रेस पर हुआ हमला बेहद भयावह था, जब आतंकियों ने ट्रेन पर गोलीबारी कर करीब 400 यात्रियों को बंधक बना लिया था। इस हमले में 20 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि सुरक्षा बलों ने अभियान में 33 आतंकियों को मार गिराया था। लगातार हो रहे इन हमलों ने बलूचिस्तान में पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।  

आतंकी खतरे की आशंका से जाफर एक्सप्रेस की सेवा स्थगित, बलूचिस्तान में बढ़ी सुरक्षा

इस्लामाबाद  पाकिस्तान रेलवे ने बलूचिस्तान में सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर क्वेटा और पेशावर के बीच जाफर एक्सप्रेस की सेवाओं को रविवार से चार दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। कुछ महीने पहले इस ट्रेन पर हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि 9 से 12 नवंबर तक इस रेलगाड़ी की सेवा निलंबत करने का अस्थायी फैसला सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की सलाह पर एहतियातन लिया गया, ताकि यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों, नागरिकों और महत्वपूर्ण रेल संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कदम से हजारों यात्री प्रभावित होंगे, जो दोनों शहरों के बीच परिवहन के सबसे किफायती साधन के रूप में जाफर एक्सप्रेस पर निर्भर हैं। हाल के महीनों में जाफर एक्सप्रेस को विद्रोहियों और उग्रवादियों द्वारा बार-बार निशाना बनाया गया है, जिसमें मार्च में हुआ सबसे भीषण हमला शामिल है। मार्च में, प्रतिबंधित बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने 380 यात्रियों से भरी जाफर एक्सप्रेस को हाईजैक कर लिया था। यह गतिरोध दो दिनों तक बना रहा और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में 26 यात्रियों की जान चली गई थी और 33 अन्य विद्रोही मारे गए थे।