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ग्वालियर की SP हिना खान का अंदाज़ चर्चा में, ‘जय श्री राम’ नारे और सख्त एक्शन से बनाई अलग पहचान

ग्वालियर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर काफी दिनों से विवाद चल रहा है। इस मामले में डॉ. भीमराव अंबेडकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसका विरोध करते हुए वकीलों का एक ग्रुप मंदिर में सुंदरकांड का पाठ करने जा रहा था। इस दौरान प्रशासन का आदेश होने के कारण लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति नहीं थी। इस दौरान कुछ वकील सुंदर कांड पाठ करने के लिए जा रहे थे, तो प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान प्रशासन नहीं जाने दिया तो वकीलों ने 'जय श्री राम' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान वहां कानून व्यवस्था संभाल रहीं सिटी एसपी हिना खान ने भी 'जय श्री राम' के नारे लगाने शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद काफी वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद हर कोई एसपी हिना खान के बारे में जानना चाह रहा है। कौन हैं 'जय श्री राम' का नारा लगाने वाली SP हिना खान वर्तमान में ग्वालियर की सिटी एसपी हिना खान का जन्म मध्य प्रदेश के ही गुना जिले में हुआ था। यहीं उनका पालन-पोषण भी हुआ। हिना खान बहुत ही आम परिवार से आती हैं। उनके पिता रिटायर्ड सरकारी टीचर हैं और उनकी मां होममेकर हैं। हिना ने अपना ग्रेजुएशन फिजियोथेरेपी में किया हुआ है। इसके बाद उन्होंने असिस्टेंट कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी और साल 2016 में उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की और 2018 में पुलिस फोर्स में शामिल हुईं। उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में हुई थी। बाद में उनका ट्रांसफर ग्वालियर के सिटी एसपी के रूप में हुआ। तब से हिना खान यहीं काम कर रही हैं। स मामले पर बात करते हुए हिनाथा ने कहा कि जब उन्होंने 'जय श्री राम' का नारा लगाया तो, उन्होंने इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचा। एसपी हिना ने कहा कि यह मेरे दिल की भावना थी और हम दोनों की भावना एक जैसी थी। हिना ने कहा कि उन्होंने अपनी भावना दिखाने का फैसला किया और 'जय श्री राम' का नारा लगाया। एसपी हिना का कहना था कि उनका मकसद स्थिति को पूरी तरह शांत करना था, और इसके लिए उनसे बात करना जरूरी थी। हिना ने कहा कि उन्होंने जो कुछ वहां किया, वो शांति और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए किया।

जालंधर शहर में धार्मिक पहचान को लेकर बहस तेज, नारों ने बढ़ाई लड़ाई

जालंधर पंजाब के जालंधर शहर में ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘जय श्री राम’ के नारे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बढ़ता जा रहा है। बीएमसी चौक पर हिंदू संगठनों के धरने के दौरान भाजपा नेता शीतल अंगुराल ने मुस्लिम नेता अयूब खान को ‘नकली आदमी’ बताते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। कभी यह अयूब खान बनता है, तो कभी अयूब दुग्गल। वहीं शीतल ने कहा कि अयूब खान कभी अपने नाम बदलते हैं और बांग्लादेशियों का मुद्दा उठाकर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान इन दोनों नेताओं में जुबानी जंग छिड़ गई। शीतल ने कहा, “अगर अयूब खान खुद को सरेंडर नहीं करेंगे तो उन्हें पुलिस घर से उठाकर लाएगी। उन्होंने कहा कि अयूब खान एक यूट्यूबर है वे खुद को हीरो बनाना चाहते हैं और प्रधानमंत्री समेत कई नेताओं के खिलाफ अपशब्द बोल रहे हैं।” इस बयान के जवाब में अयूब खान ने कहा कि उनका जन्म जालंधर में हुआ है, न कि बांग्लादेश में। उन्होंने भाजपा नेता पर आरोप लगाया कि वे खुद आम आदमी पार्टी में थे और अब भाजपा में चले गए हैं। उन्होंने शीतल के ईद के दौरान मुस्लिम समुदाय के साथ गले मिलने और त्योहार मनाने के फोटो भी सार्वजनिक किए। अयूब ने कहा, “मैं इनके खिलाफ सबूत केंद्रीय नेताओं तक भेजूंगा।” अयूब ने शीतल को जवाब देते हुए कहा जो नेता उस पर टिप्पणियां कर रहा है वह उनके बारे में बता देना चाहता है कि कभी यही नेता उनके साथ मुर्गे खाता रहा है। नमाज पढ़ता रहा है। उनके पास सब फोटो-वीडियो हैं। अभी जो ईद गई है, तब आप मीठे चावल मांग रहे थे। अयूब खान, जो कि बस्ती एरिया के रहने वाले हैं, वर्तमान में आम आदमी पार्टी से जुड़े हैं। इससे पहले वे भाजपा के मुस्लिम विंग के स्टेट इंचार्ज भी रह चुके हैं। उनका यह विवाद सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर गर्माता जा रहा है। बता दें कि  वह बस्ती एरिया से आप पार्षद के पति हैं। जालंधर में धार्मिक और राजनीतिक मतभेद पहले भी कई बार गर्माए हैं। इस बार का विवाद ‘आई लव मोहम्मद’ और ‘जय श्री राम’ के नारे के बाद शुरू हुआ, जो शहर में सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले पर नजर बनाए रखी है और शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।