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जालंधर अलर्ट मोड में: शहर की सुरक्षा के लिए 2500 पुलिसकर्मी सड़कों पर

जालंधर  ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विर्क ने सभी अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं और पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी किया गया है। चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 2500 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। 880 मतदान केंद्रों और 1126 मतदान बूथों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। चुनाव में सुरक्षा के मद्देनजर 65 स्थानों को अति संवेदनशील, 284 को संवेदनशील और 531 को गैर-संवेदनशील के रूप में वर्गीकृत किया गया है। चुनाव प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए 3 एस.पीज, 12 डी.एस.पीज और 15 एस.एच.ओज को फील्ड में तैनात किया गया है और वे अपने-अपने क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। प्रत्येक सब डिवीजन में 2 डी.एस.पी. रैंक के अधिकारी और 2 सब डिवीजनों के लिए 1 एस.पी. रैंक का अधिकारी तैनात किया गया है। उपमंडल अधिकारी और एस.एच.ओ. द्वारा रात में भी कड़ी निगरानी की जा रही है। एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि जिले में नदी तटों, सुनसान इलाकों, संदिग्ध स्थानों और बाजारों में व्यापक तलाशी अभियान चल रहा है। फ्लैग मार्च निकाले गए हैं। जालंधर ग्रामीण इलाके के गुरुद्वारों, धार्मिक स्थलों और डेरों को भी संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है और यहां अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष गश्ती दल लगातार इन स्थानों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त 30 गश्ती दल और ई.आर.वी. टीमें 24 घंटे सक्रिय हैं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने पिछले एक महीने में अवैध शराब और नशीले पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी अधिनियम के तहत कुल 16 मामले दर्ज किए गए हैं, जो चुनाव के दौरान अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस की कड़ी कार्रवाई को दर्शाता है। उन्होंने जनता से अनुरोध किया कि चुनाव के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद, कानून के उल्लंघन को देखने पर तुरंत लोग पुलिस को सूचित करें। लोग 112 हैल्पलाइन या जालंधर ग्रामीण पुलिस को कंट्रोल नंबर 78373-40100 पर कॉल कर सकते हैं। एस.एस.पी. हरविंदर सिंह विर्क ने आश्वासन दिया कि जालंधर ग्रामीण पुलिस पूरी निष्पक्षता और सुरक्षा के साथ चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से अपील की कि वह बिना किसी भय या दबाव के पूरी सुरक्षा के साथ अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करे।

1300 पुलिसकर्मी जालंधर में तैनात, बढ़ी सुरक्षा; वजह जानिए पूरी रिपोर्ट

जालंधर  महानगर में 2 अक्तूबर को शांतमयी ढंग से दशहरा उत्सव मनाने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने लगभग 1300 पुलिस कर्मचारियों की शहर में तैनातियां की हैं। पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने आज दशहरा उत्सव समारोह को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। पिछले दिनों डी.जी.पी. गौरव यादव स्वयं जालंधर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के लिए आए थे। पुलिस कमिश्नर ने महानगर में 10 प्रमुख दशहरा उत्सव स्थलों जिनमें साईंदास स्कूल, आदर्श नगर, बर्ल्टन पार्क, स्पोर्ट्स कालेज, 120 फुटी रोड, घास मंडी आदि में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों को तैनात किया है। डी.सी.पी. (आप्रेशन) नरेश डोगरा ने आज विशेष बातचीत करते हुए कहा कि महानगर में कुल 43 स्थानों छोटे व बड़े दशहरा उत्सव मनाया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डी.एस.पी. रैंक के अधिकारी के साथ एस.एच.ओ. स्तर के अधिकारी भी दशहरा उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। हालांकि पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने एक सप्ताह पहले सभी प्रमुख दशहरा स्थलों का दौरा किया था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाई थी। डी.सी.पी. ने कहा कि दशहरा को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि लोग हर्षोल्लास व शांतमय ढंग से दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।  उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख दशहरा स्थलों पर पुलिस की जिप्सियां भी मौजूद रहेंगी और सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए डी.सी.पी. रैंक के सभी पुलिस अधिकारी प्रत्येक दशहरा स्थल का चक्कर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर ने डी.सी.पी. रैंक के अधिकारियों को जो-जो जिम्मेदारियां सौंपी हैं उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि दशहरा उत्सव समारोह में शरारती तत्वों पर पूरी नजर रखी जाएगी और किसी को भी हुलड़़बाजी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरक्षा प्रबंधों की पूरी देख-रेख सी.पी. मैडम के हाथों में रहेगी। अनुशासन बनाकर रखें लोग डी.सी.पी. नरेश डोगरा ने कहा कि दशहरा स्थलों पर लोगों को भी अनुशासन बनाकर रखना होगा। जब रावण के पुतलों को अग्नि दहन किया जाता है तो उसके बाद भारी भीड़ जलते हुए रावण की लकड़ियों को उठाने के लिए दौड़ते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भीड़भाड़ को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस कर्मचारियों को विशेष रूप से आदेश दिए गए हैं।   वी.वी.आई.पीज. के आसपास रहेगी कड़ी सुरक्षा डी.सी.पी. ने कहा कि वी.वी.आई.पीज. के दशहरा उत्सव समारोह में भाग लेने को देखते हुए उनके इर्द-गिर्द सुरक्षा का घेरा कड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि वी.वी.आई.पीज. के आगमन को देखते हुए सुरक्षा को लेकर अलग से रणनीति बनाई गई है। उल्लेखनीय है कि दशहरा समारोह में अनेकों राजनीतिज्ञों, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेना होता है।