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विधायक जी के दौड़ने के किस्से साझा करने वाले जतिन ने इंदौर सांसद से माफी मांगी

 इंदौर दौड़ते हुए 'विधायक जी संग युवा नेता के किस्से' सुनाने वाले जतिन शुक्ला के खिलाफ इंदौर में केस दर्ज होने के बाद उनका माफी मांगने का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर ने वीडियो में कहा- "मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।" दरअसल सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। मैंने भूलवश माननीय सांसद जी… नए वीडियो में उन्होंने सफाई देते हुए माफी मांगी है। वीडियो में कहा- “कुछ दिन पहले मैंने इंदौर की घटना पर वीडियो बनाया था। इसमें जानकारी के अभाव में मैंने भूलवश माननीय सांसद इंदौर जी के प्रति कुछ अपशब्दों का प्रयोग कर दिया था। मेरा मकसद माननीय सांसद जी की छवि धूमिल करने या उनका अपमान करने का नहीं था। मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।” इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ था केस एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक- सांसद के प्रतिनिधि ने क्राइम ब्रांच थाने में जतिन ऑफिशियल नामक इंस्टाग्राम से एक गलत और झूठा वीडियो वायरल करने की बात कही गई थी। वीडियो में अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने जतिन शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था। इसी मामले में अब जतिन ने नई वीडियो शेयर करते हुए माफी मांगी है। इंदौर में पानी से मौत पर की थी टिपप्णी शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा था- जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं हैं, जो पूरी तरह असत्य हैं। शिकायतकर्ता ने आगे कहा- सांसद कभी जतिन से नहीं मिले हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों पर भी सांसद पर कटाक्ष करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे थे।

दौड़ते विधायक जी के किस्सों पर बोले जतिन सांसद, बयान बना मुसीबत, MP में FIR

इंदौर दौड़ते हुए 'विधायक जी संग युवा नेता के किस्से' सुनाकर लाखों लोगों को अपना फैन बना चुके जतिन शुक्ला बुरी तरह घिर गए हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर जतिन शुक्ला के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में केस दर्ज किया गया है। सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच के बाद जतिन शुक्ला के खिलाफ आईटी ऐक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गदवानी ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत देकर बताया था कि 'जतिन ऑफिशियल' नामक इंस्टाग्राम से एक वीडियो वायरल किया गया है जिसमें सांसद का नाम लेकर अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें कहीं गईं हैं। जतिन शुक्ला के खिलाफ बीनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि एक पेन ड्राइव में वीडियो और लिंक शेयर किया गया है। किसी प्रकार की असत्य और अशोभनीय और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करना एक अपराध है। वहीं, शिकायतकर्ता विशाल गिदवानी ने कहा कि कुछ दिनों पहले उन्हें जानकारी मिली कि इंदौर शहर और जनप्रतिनिधियों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए वीडियो बनाया गया। शिकायतकर्ता ने क्या कहा? गिदवानी ने कहा कि जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं है जो पूरी तरह असत्य हैं। गिदवानी ने कहा कि सांसद कभी जतिन से मिले भी नहीं हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर कटाक्ष करते हुए सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल जतिन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ में केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद बोलेः एआई पैठ में शीर्ष पर भारत

अगला ब्रेक-थ्रू अमेरिका की सिलिकॉन वैली में नहीं, बल्कि यूपी के टियर-2 व टियर-3 शहरों में होगाः जितिन प्रसाद ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ में केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद बोलेः एआई पैठ में शीर्ष पर भारत    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बोलेः 2017 के बाद यूपी के हेल्थ सेक्टर में आया ऐतिहासिक बदलाव नीति आयोग सदस्य विनोद कुमार पॉल के अनुसार, वर्ष 2035 तक भारत वैश्विक एआई परिदृश्य में देगा 10 से 15 प्रतिशत का योगदान लखनऊ उत्तर प्रदेश अब केवल निवेश का ही नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश डिजिटलाइजेशन, एआई और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह बातें केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को ‘यूपी एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ के उद्घाटन सत्र में कहीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत जहां दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, वहीं एआई पेनिट्रेशन के मामले में भी वैश्विक स्तर पर शीर्ष पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि व स्वास्थ्य क्षेत्र का अगला बड़ा ब्रेक-थ्रू अमेरिका की सिलिकॉन वैली में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में देखने को मिलेगा। सम्मेलन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल और आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने भी एआई, स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन पर अपने विचार रखे। यूपी अब निवेश के साथ टेक डेस्टिनेशन भीः जितिन प्रसाद केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश निवेश का डेस्टिनेशन तो बन ही चुका है, अब वह तेजी से टेक डेस्टिनेशन की ओर बढ़ रहा है। एआई, डिजिटलाइजेशन और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में देश में बड़े स्तर पर काम हो रहा है, जो किसी भी लिहाज से मामूली नहीं है। स्टैनफोर्ड सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की रिपोर्ट बताती हैं कि एआई पेनिट्रेशन में भारत पहले पायदान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इस तेज बढ़त के साथ चुनौतियां भी हैं। साइबर लिट्रेसी को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग करने वाले आम लोग बेसिक साइबर हाइजीन, एआई और नई तकनीकों को समझ सकें। डीपफेक और मिस-इन्फॉर्मेशन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकारें समन्वय के साथ काम कर रही हैं और किसी को नुकसान पहुंचाने वाले प्रयास बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत आज एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभरा है। देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी को जनता का पूरा समर्थन प्राप्त है। जब जनभावना साथ होती है, तो सरकार के लिए बड़े और दूरगामी फैसले लेना आसान हो जाता है। पूरी दुनिया की नजर दिल्ली में होने वाले एआई इंपैक्ट समिट पर जितिन प्नसाद ने नई दिल्ली में होने वाले एआई इंपैक्ट समिट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन आमतौर पर विकसित देशों में होता रहा है, लेकिन पहली बार भारत इसकी मेजबानी कर रहा है। पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि भारत में होने वाले इस समिट से क्या परिणाम निकलते हैं। आने वाले समय में यह समिट भारत की एआई नीति के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। केन्द्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि भारत ‘एआई सर्विस प्रोवाइडर ऑफ द वर्ल्ड’ बनने जा रहा है। इसमें स्टार्टअप्स और युवाओं की बड़ी भूमिका होगी। उत्तर प्रदेश इस यात्रा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सरकार ने रिसर्चर्स को कम दरों पर जीपीयू उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि वे नए मॉडल विकसित कर सकें और समाज के लिए उपयोगी समाधान निकाल सकें। उन्होंने यूपी में एआई प्रज्ञा, यूपी एग्रीस और एआई आधारित मार्केटप्लेस जैसे प्रयासों की सराहना की। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘रोशनी मॉडल’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह फोटो के माध्यम से आंखों में मोतियाबिंद की पहचान करने में सक्षम है।  2017 के बाद हेल्थ सेक्टर में आमूलचूल परिवर्तनः ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारत एक ऐसे महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है, जहां वह वैश्विक चुनौतियों को स्वीकार कर रहा है। उत्तर प्रदेश की भूमिका इसलिए भी अहम है क्योंकि जनसंख्या के लिहाज से यह दुनिया के छठे हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि यूपी में कोई योजना सफल होती है, तो उसे पूरे देश के बड़े हिस्से की सफलता माना जाता है। उन्होंने 2017 से पहले और बाद की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि 2017 के बाद प्रदेश के हेल्थ सेक्टर में आमूलचूल परिवर्तन आया है। वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज की परिकल्पना को जमीन पर उतारा गया है। वर्ष 2017 में जहां प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे, वहीं आज 81 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता से कार्य कर रहे हैं। एमबीबीएस सीटों की संख्या 5000 से बढ़कर लगभग तीन गुना हो चुकी है और 12 से साढ़े 12 हजार छात्र अध्ययनरत हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन सीटों और सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। टर्शरी केयर में लोहिया, पीजीआई और केजीएमयू ने बेहतर प्रदर्शन किया है। क्वार्टनरी केयर की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अनुपूरक बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। ब्रजेश पाठक ने भरोसा जताया कि यूपी पीजीआई के माध्यम से देश में सबसे पहले इस दिशा में सफलता हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि एआई को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों को आपस में जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में बड़े स्तर पर निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अभिनव प्रयोग के तहत स्टेट बैंक के सहयोग से विकसित एप के माध्यम से महिलाओं को अल्ट्रासाउंड की सुविधा आसानी से मिल रही है। भारत के एआई परिदृश्य में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिकाः विनोद कुमार पॉल नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पॉल ने कहा कि नीति आयोग लंबे समय से एआई पॉलिसी पर कार्य कर रहा है। 2018-19 में एआई स्ट्रैटेजी विकसित की गई और पिछले दो वर्षों में फ्रंटियर हब के जरिए एआई, क्वांटम इकॉनमी, कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और जॉब क्रिएशन जैसे क्षेत्रों में काम हुआ है। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक 2035 तक भारत वैश्विक एआई … Read more