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बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट

दिग्गज बोलेः जेवर बना यूपी का गहना, वैश्विक हब बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण के लोकार्पण और एमआरओ सुविधा के शिलान्यास कार्यक्रम में दिग्गजों ने रखी राय बॉब ची व बोनी कपूर समेत दिग्गजों ने माना- उद्योग, निर्यात और रोजगार के लिए गेमचेंजर साबित होगा यह प्रोजेक्ट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस कदम से दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव घटेगा, नए अवसरों के द्वार खुलेंगे फिल्म सिटी, लॉजिस्टिक्स और एविएशन के बड़े केंद्र के तौर पर उभरेगा जेवर क्षेत्र जेवर  नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का लोकार्पण और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल) सुविधा का शिलान्यास कई मायनों में खास बन गया। शनिवार को इस आयोजन में शामिल देश-विदेश के उद्योगपतियों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों ने इसे ऐतिहासिक परियोजना बताया है। सिंगापुर की कंपनी सैट्स लिमिटेड के सीईओ बॉब ची और फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने इसे भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना केवल एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि व्यापक विकास का मॉडल है जो देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाएगा। वैश्विक पहचान की ओर बढ़ता भारत: बॉब ची सैट्स लिमिटेड के गेटवे सर्विसेज के सीईओ बॉब ची ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना नोएडा व उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का माध्यम बनेगी। सिंगापुर की कंपनी होने के नाते इस ऐतिहासिक परियोजना का हिस्सा बनना हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय निवेश और वैश्विक उत्साह का केंद्र बन रहा है। फिल्म सिटी से जुड़ेगा विकास का नया आयाम: बोनी कपूर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने कहा कि मैं केवल विकास में सहयोग नहीं कर रहा, बल्कि उसका हिस्सा बन रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को साकार करने की दिशा में हम सभी प्रयास कर रहे हैं। मैं यहां इंटरनेशनल फिल्म सिटी विकसित कर रहा हूं। एयरपोर्ट और फिल्म सिटी मिलकर इस क्षेत्र को नए आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे। हाईटेक ईंधन सुविधा से तैयार एयरपोर्ट: टीएस दुपारे इंडियन ऑयल स्काईटैंकिंग प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ टीएस दुपारे ने बताया कि उनकी कंपनी को 2022 में ईंधन फार्म और इन प्लेन फ्यूलिंग सेवाएं विकसित करने का ठेका मिला था। कड़ी प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के बाद यह जिम्मेदारी मिली और अब देश का सबसे आधुनिक ईंधन फार्म तैयार है। कंपनी पूरी तरह से विमानों को ईंधन देने के लिए तैयार है। निर्यात व उद्योग को मिलेगा बड़ा फायदा: ललित ठुकराल नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन नोएडा और पूरे देश के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। यह एयरपोर्ट बड़े कार्गो हब के रूप में विकसित होगा और विमान मरम्मत केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। इससे निर्यात उद्योग को नई गति मिलेगी और वैश्विक व्यापार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। 24 घंटे बैंकिंग और फॉरेक्स सुविधा: देबाशीष मेश्राम स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सीजीएम देबाशीष मेश्राम ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर में दो शाखाएं स्थापित की गई हैं। एक एयरपोर्ट ऑफिस में और दूसरी कार्गो सेंटर में। यहां एटीएम, कैश डिपॉजिट मशीन, ई लॉबी और योनो ऐप की सुविधा उपलब्ध होगी। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 24 घंटे फॉरेक्स काउंटर और 18 से अधिक मुद्राओं को सपोर्ट करने वाला ट्रैवल कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। तेजी से हुआ भूमि अधिग्रहण: बृजेश नारायण सिंह गौतम बुद्ध नगर के पूर्व जिलाधिकारी बृजेश नारायण सिंह ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण देश में सबसे तेज और किफायती रहा। किसानों की सहमति से यह प्रक्रिया पूरी हुई है जो अपने आप में एक अनूठी उपलब्धि है। शुरुआती मतभेदों के बावजूद संवाद और समन्वय से किसानों ने इस परियोजना का समर्थन किया और वे इसके प्रमुख भागीदार हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव होगा कम: सुभाष गोयल एविएशन और टूरिज्म कमेटी के चेयरमैन सुभाष गोयल ने कहा कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्लॉट की कमी के कारण नई एयरलाइन्स को परेशानी हो रही है। जेवर एयरपोर्ट इस समस्या का समाधान करेगा और दिल्ली के साथ-साथ आगरा और उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचाएगा। दिल्ली और जेवर के बीच तेज मेट्रो या एक्सप्रेस लाइन, बेहतर कनेक्टिविटी और आसपास होटल सुविधाओं का विकास जरूरी है। रोजगार और निवेश के नए अवसरः मैमुल्लाह अंसारी परियोजना से जुड़े सुरक्षा अधिकारी मैमुल्लाह अंसारी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने इस परियोजना में बड़ा बदलाव देखा है और इसका हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह एयरपोर्ट बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगा और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में निवेश करने की अपील की, खासकर फिल्म सिटी जैसी आगामी परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए। समग्र विकास का नया केंद्र बनेगा जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं बल्कि बहुआयामी विकास परियोजना के रूप में उभर रहा है। उद्योग, निर्यात, पर्यटन, फिल्म, बैंकिंग और रोजगार हर क्षेत्र के विशेषज्ञ इसे भविष्य की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ मान रहे हैं। ऐसे में, दिग्गजों की राय यह स्पष्ट संकेत देती है कि जेवर आने वाले समय में भारत के सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक हब में से एक बनने की ओर सशक्त कदम बढ़ा चुका है।

इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने दिल्ली नहीं, अब जेवर आएंगे उत्तर भारत के लोग

कनेक्टिविटी का रिकॉर्ड स्थापित करेगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने दिल्ली नहीं, अब जेवर आएंगे उत्तर भारत के लोग मेट्रो, हाई-स्पीड रेल और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ेगा जेवर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के जुड़ने से दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से सीधी और तेज पहुंच होगी सुनिश्चित लखनऊ देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने की ओर अग्रसर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब देश के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी नेटवर्क से जुड़ने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाने के बजाय, उत्तर भारत के लोग अब जेवर एयरपोर्ट का रुख करेंगे।  एयरपोर्ट को यमुना एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ा गया है, जहां समर्पित इंटरचेंज तैयार है। इसके अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (बल्लभगढ़ लिंक) के जुड़ने से दक्षिण हरियाणा और पश्चिमी भारत से भी सीधी और तेज पहुंच सुनिश्चित हो गई है। आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का इंटरचेंज निर्माणाधीन है, जिसके पूरा होने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, पलवल और सोनीपत से सीधा मार्ग उपलब्ध होगा। वहीं, औद्योगिक और एयर कार्गो यातायात के लिए बनाए जा रहे उत्तर और पूर्व एक्सेस रोड लगभग तैयार हैं। सेक्टर-28 में 60 मीटर चौड़ी सेवा सड़क को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़कर स्थानीय ट्रैफिक का दबाव भी कम करने की तैयारी है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान रेल और रैपिड रेल कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा काम हो रहा है। दिल्ली से जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना का डीपीआर केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। साथ ही, चोला-रुंधी रेल लाइन से कनेक्टिविटी के लिए भी योजना तैयार की जा रही है। भविष्य की दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल लाइन में जेवर टर्मिनल पर स्टेशन का प्रावधान इस एयरपोर्ट को और खास बनाएगा। यूपी सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू होंगी सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटी) के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से अंतरराज्यीय बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण उत्तर प्रदेश (यीडा) मिलकर 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाएंगे, जो एयरपोर्ट तक पर्यावरण अनुकूल अंतिम माइल कनेक्टिविटी देंगी। ब्रांडेड कैब सेवा भी शुरू होगी यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक कैब सेवाओं की भी व्यवस्था की जा रही है। महिंद्रा लॉजिस्टिक्स द्वारा संचालित एनआईए ब्रांडेड कैब सेवा शुरू होगी, जिसमें सुरक्षा, समयबद्धता और डिजिटल भुगतान की सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा उबर, रैपिडो, ओला और मेक माईट्रिप जैसी कंपनियां ऑन-डिमांड कैब सेवा देंगी। यात्रियों को सेल्फ ड्राइव और ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा कार रेंटल सेवाओं के तहत यात्रियों को सेल्फ ड्राइव और ड्राइवर के साथ वाहन किराए पर लेने का विकल्प भी मिलेगा, जिससे यात्रा और अधिक सुविधाजनक होगी। इन सभी योजनाओं के साथ जेवर एयरपोर्ट केवल उत्तर भारत ही नहीं, बल्कि पूरे देश का प्रमुख एविएशन हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहां हर प्रकार की कनेक्टिविटी एकीकृत रूप में उपलब्ध होगी। दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव घटेगा सड़क, रेल, मेट्रो और हाईस्पीड रेल के जरिए जेवर एयरपोर्ट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इससे अब इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए सिर्फ दिल्ली पर निर्भरता नहीं रह जाएगी। उत्तर भारत और आसपास के राज्यों के लोग अब जेवर एयरपोर्ट से भी इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे। इससे दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़ने वाला दबाव भी घटेगा, क्योंकि इससे पहले इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए लोगों को दिल्ली जाना पड़ता था। अब यह सुविधा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिलने के बाद कई राज्यों के लोगों की सहूलियत बढ़ जाएगी।