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सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन, जोधपुर में शख्स हिरासत में

जोधपुर लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन के दो दिन बाद पुलिस ने जलवायु कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी नेता सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया है। इसी बीच शनिवार (27 सितंबर) सुबह जेल के बाहर एक व्यक्ति तिरंगा लेकर पहुंचा और भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। यह व्यक्ति सोनम वांगचुक का समर्थन कर रहा था और कह रहा था कि सोनम वांगचुक देशभक्त हैं। उसने यह भी कहा कि लेह और लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त हैं, जिन्होंने कारगिल की घुसपैठ के बारे में भारतीय सेना को जानकारी दी थी। प्रदर्शनकारी ने अपना नाम और पता सुजानगढ़ निवासी विजयपाल बताया। पुलिस ने उसे डिटेन कर लिया है और मामले की जांच जारी है। इस घटना के दौरान जेल परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने बताया कि फिलहाल किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। बता दें कि सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद लेह में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं। यहां चौथे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा और स्कूल व शैक्षणिक संस्थान बंद हैं। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और अर्द्धसैनिक बल तैनात किए हैं। हालांकि शुक्रवार को किसी भी जगह हिंसक घटनाओं की खबर नहीं आई और प्रशासन ने हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की जानकारी दी।

जोधपुर जेल: लॉरेंस बिश्नोई से सलमान तक, अब वांगचुक का नया पड़ाव

जोधपुर लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आने के साथ जोधपुर सेंट्रल जेल दुनिया भर में सुर्खियों में है। सोनम वांगचुक को शुक्रवार की शाम को जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया। इसके बाद शनिवार को जेल के बाहर वांगचुक के समर्थन में लोग जुटने शुरू हो गए। इसे देखते हुए जेल के भीतर और बाहर सुरक्षा को कड़ा कर दिया गया है। जेल के बाहर करीब 100 मीटर पर बैरिकेडिंग की गई है। जोधपुर सेंट्रल जेल पहले भी कई बार हाई प्रोफाइल कैदियों को लेकर सुर्खियों में रही है। पूरे देश में तिहाड़ जेल के बाद सबसे सुरक्षित जेल जोधपुर को माना जाता है। जोधपुर सेंट्रल जेल रातानाडा इलाके में स्थित है और 20 फीट ऊंची दीवारों से घिरी है। जेल में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा है, दीवारों के ऊपर कंटीले तार लगे हैं जिनमें करंट रहता है जिसके चलते इसे अभेद माना  जाता है। जेल के बाहर मुख्य द्वार पर सुरक्षा जांच होती है। इसके बाद जेल में प्रवेश करने के दौरान आरएसी के जवानों के द्वारा सुरक्षा जांच की जाती है। वहीं सामान की जांच स्कैनर की मदद से की जाती है। उसके बाद मुख्य जेल के दोनों गेट खोलकर कैदी को अंदर लिया जाता है। जेल के भीतर की सुरक्षा भी सख्त है, जेल में जगह-जगह वॉच टावर भी लगाए गए हैं। लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। आज (शनिवार) सुबह सवा दस बजे उनके समर्थन में एक युवक तिरंगा लिए जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गया। भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। युवक ने अपना नाम विजयपाल बताया। वह चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। उसे पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। जोधपुर की सेंट्रल जेल में जम्मू कश्मीर के अलगाववादियों के अलावा बब्बर खालसा से जुड़े आतंकियों को भी रखा गया था। जोधपुर में पकड़ी गई आतंकियों की स्लीपर सेल के आरोपियों को भी इसी जेल में रखा गया। वहीं, इस जेल में भंवरी देवी अपहरण और हत्या के मामले में तत्कालीन कांग्रेस के मंत्री महिपाल मदेरणा सहित बड़े राजनेता भी रह चुके हैं। साल 2017 में लॉरेंस बिश्नोई को जोधपुर के सेंट्रल जेल में ही कैद किया गया था। हालांकि फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई साबरमती जेल में कैद है। वहीं, बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान भी काला हिरण शिकार मामले में 2018 में जोधपुर सेंट्रल जेल में कैदी रह चुके हैं। सलमान को यहां कैदी नंबर 106 का बिल्ला दिया गया था। अभी इसी जेल में आसाराम बापू कैद है, वह दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। आसाराम फिलहाल जमानत पर बाहर है।