samacharsecretary.com

पुष्पराजगढ़ में अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक संपन्न

पुष्पराजगढ़ में अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक संपन्न राजेन्द्रग्राम  अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति,के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशनुसार राजेंद्रग्राम के गेस्ट हाउस में पुष्पराजगढ़ ब्लॉक इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में पत्रकारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे संगठन की सक्रियता और एकजुटता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। सभी अतिथियों एवं सदस्यों का माल्यार्पण से स्वागत किया गया, साथ ही स्वल्पाहार समुचित व्यवस्था की गई। समिति की कार्यक्रम को वातावरण और गरिमामय बनाते हुए ।   जिला अध्यक्ष प्रवीण चंद्रवंशी के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित रहा। जिला अध्यक्ष नेे कहा की समिति के सभी सदस्यों हेतु  पत्रकार सुरक्षा कानून का शीघ्र कार्यान्वयन, निष्पक्ष पत्रकारिता और फेक खबरों से बचे रहने की सलाह दिया गया। और उपस्थित सदस्यों ने जिम्मेदार और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता के महत्व पर जोर दिया। और कहा गया कि पत्रकारिता समाज का आईना होती है, इसलिए इसकी विश्वसनीयता बनाएं रखना हर पत्रकार का कर्तव्य है। समिति के विस्तार को लेकर जिला अध्यक्ष प्रवीण चंद्रवंशी ने छबिलाल महरा को ब्लॉक अध्यक्ष मनोनीत किया गया। और उनके नेतृत्व में उम्मीद जताई गई कि ब्लॉक इकाई और अधिक सशक्त और सक्रिय होगी। बैठक के दौरान सदस्यता अभियान भी चलाया गया जिसमें समिति के नए सदस्य सामिल हुए और पत्रकारों को समिति से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। सदस्यों ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। आगामी योजनाओं पर चर्चा करते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिला स्तरीय बैठक अतिशीघ्र आयोजित की जाएगी। जिसमें संगठन के विस्तार,और नई रणनीतियों और पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। प्रमुख सदस्य प्रवीण चन्द्रवंशी, अनिल पांडे, अशोक गुप्ता, आर.पी. बघेल सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे। अंत में जिला अध्यक्ष संबोधित करते हुए कहा कि समिति आप सभी के साथ खडा है और कंधे से कंधे मिलाकर चलेगा ।  

पत्रकारों को रेल यात्रा की रियायतें पुनः बहाल हों: सांसद नीरज डांगी

आबूरोड/सिरोही. सांसद नीरज डांगी ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान देश के लोकतांत्रिक ढांचे के चौथे स्तंभ-पत्रकारिता से संबंधित, संवेदनशील एवं जनहित से सीधे जुड़े विषय की ओर ध्यान आकर्षित किया। सांसद डांगी ने बताया कि कोविड-19 महामारी से पूर्व भारतीय रेल की ओर से पत्रकारों को दी जा रही यात्रा रियायतें महामारी के दौरान स्थगित की गई थीं। सांसद डांगी ने बताया कि महामारी के दौरान स्थगित करना उस समय की परिस्थितियों में एक अस्थायी एवं व्यावहारिक निर्णय था, लेकिन खेद का विषय है कि देश में सामान्य स्थिति बहाल होने, सभी आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियां सुचारू रूप से प्रारंभ होने तथा अन्य श्रेणियों को दी गई रियायतें फिर लागू होने के बावजूद पत्रकारों की यह महत्वपूर्ण सुविधा आज तक बहाल नहीं की गई है। सांसद डांगी ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार संकलन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे देश के दूर-दराज़, दुर्गम एवं संवेदनशील क्षेत्रों में जाकर आम नागरिकों की समस्याओं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, आपदाओं, सामाजिक असमानताओं तथा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। कई बार उन्हें सीमित संसाधनों, जोखिमपूर्ण परिस्थितियों और समयबद्ध दबावों में कार्य करना पड़ता है। ऐसे में भारतीय रेल की ओर से दी जाने वाली यात्रा रियायतें किसी प्रकार का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि उनके कर्तव्यों के निर्वहन में सहायक एक आवश्यक सुविधा रही हैं। लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के अनुरूप नहीं सांसद डांगी ने कहा कि पत्रकारों को यात्रा रियायतों से वंचित रखना अप्रत्यक्ष रूप से उनकी कार्यक्षमता को सीमित करता है और यह स्थिति लोकतांत्रिक मूल्यों की भावना के अनुरूप नहीं कही जा सकती। विशेष रूप से छोटे एवं स्वतंत्र पत्रकार, ग्रामीण एवं क्षेत्रीय मीडिया से जुड़े संवाददाता इस निर्णय से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं। लोकतंत्र सशक्त, जीवंत और उत्तरदायी लोकतंत्र तब ही रह सकता है जब उसकी आवाज़ निर्भय, स्वतंत्र और निर्बाध हो। सांसद डांगी ने सरकार से मांग की है कि कोविड-19 महामारी से पूर्व भारतीय रेल की ओर से पत्रकारों को प्रदान की जा रही सभी यात्रा रियायतों को तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल किया जाए। मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी एवं स्थायी नीति का निर्माण किया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में उनके अधिकारों एवं सुविधाओं की अनावश्यक समाप्ति ना हो। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस नीति का लाभ वास्तविक एवं सक्रिय पत्रकारों तक सरल प्रक्रिया के माध्यम से पहुंचे।